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  • सीएम योगी बोले: यूपी में गुंडों के डर से स्कूल जाने से डरती थीं लड़कियां, अब वही गुंडे-माफिया बिलों में छिपे

    सीएम योगी बोले: यूपी में गुंडों के डर से स्कूल जाने से डरती थीं लड़कियां, अब वही गुंडे-माफिया बिलों में छिपे

    सीएम योगी बोले: यूपी में गुंडों के डर से स्कूल जाने से डरती थीं लड़कियां, अब वही गुंडे-माफिया बिलों में छिपे

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली पर उज्ज्वला के लाभार्थियों को मुफ्त गैस सिलिंडर देने का किया एलान। एशियन गेम्स में मेडल जीतने वाली लड़कियां बनेंगी डिप्टी एसपी।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली बेटियों को डिप्टी एसपी बनाया जाएगा। बेटियों के साथ अन्य गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को तीन-तीन करोड़ रुपये, सिल्वर मेडल जीतने वालों को डेढ़-डेढ़ करोड़ और कांस्य पदक जीतने वालों को 75-75 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले प्रदेश की बेटियां स्कूल जाने में डरती थीं, क्योंकि गुंडे और अपराधी उन्हें परेशान करते थे। अब प्रदेश की बेटियां नए कीर्तिमान भी गढ़ रही हैं। 2017 के बाद से प्रदेश में न केवल गुंडे और माफिया बिल में छिप गए हैं, बल्कि बेटियों में अब पढ़ने के लिए भी उत्साह देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

    मुख्यमंत्री मंगलवार को यहां टीपीनगर में नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम के तहत आयोजित महिला सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को दीपावली पर मुफ्त में सिलिंडर देने का भी एलान किया। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले प्रदेश में गुंडा टैक्स की वसूली होती थी। अब लगातार नए निवेश हो रहे हैं, उद्योग-धंधे लग रहे हैं और लोगों को रोजगार मिल रहा है। महिलाएं भी लगातार आगे बढ़ रहीं हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली पश्चिमी यूपी की अन्नू और पारुल न केवल प्रदेश बल्कि देश का भी मान बढ़ाया है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार, प्रधानमंत्री आवास योजना समेत अन्य योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया।

    मुख्यमंत्री ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की ओर से लाए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम से अब लोकसभा और विधानसभा में भी पंचायतों की तरह महिलाओं को आरक्षण दिया जाएगा। इससे महिलाओं की लोकसभा और विधानसभा में भागीदारी बढ़ेगी।

  • मप्र चुनाव 2023 :कुछ और प्रत्याशी उतारेगी सपा, कमलनाथ बोले- हमारे प्रत्याशी सपा का सिंबल लेने को तैयार नहीं

    मप्र चुनाव 2023 :कुछ और प्रत्याशी उतारेगी सपा, कमलनाथ बोले- हमारे प्रत्याशी सपा का सिंबल लेने को तैयार नहीं

    मप्र चुनाव 2023 :कुछ और प्रत्याशी उतारेगी सपा, कमलनाथ बोले- हमारे प्रत्याशी सपा का सिंबल लेने को तैयार नहीं

    लखनऊ
    कांग्रेस ने रविवार को उन सीटों पर भी प्रत्याशी घोषित कर दिए, जो सपा गठबंधन के तहत मांग रही थी। इस पर सपा ने भी नौ प्रत्याशियों की अपनी सूची जारी कर दी।

    मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में सपा शीघ्र ही कुछ और प्रत्याशी उतारेगी। कांग्रेस के साथ गठबंधन की बात न बनने पर पार्टी नेतृत्व इस पर गंभीरता से विचार कर रहा है। वहीं, कांग्रेस के मध्य प्रदेश के अध्यक्ष कमलनाथ का कहना है कि वह सपा का साथ लेने के इच्छुक हैं, पर हमारे प्रत्याशी उसके सिंबल पर लड़ने के लिए तैयार नहीं है। इससे दिक्कतें आ रही हैं।
    कांग्रेस ने रविवार को उन सीटों पर भी प्रत्याशी घोषित कर दिए, जो सपा गठबंधन के तहत मांग रही थी। इस पर सपा ने भी नौ प्रत्याशियों की अपनी सूची जारी कर दी। इस तरह से कई सीटों पर कांग्रेस और सपा आमने-सामने आ गए।

    सपा सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस से गठबंधन की कई राउंड बात हुई। उसका रुख भी सकारात्मक था, पर अचानक उन सीटों पर भी कांग्रेस ने उम्मीदवार दे दिए, जिन पर सपा दावा कर रही थी। अगर गठबंधन नहीं करना था तो पहले ही स्थिति स्पष्ट कर देनी चाहिए थी। अब सपा यादव बहुल कुछ अन्य सीटों पर भी उम्मीदवार उतारेगी।

  • पीरियाडिक लेबर फोर्स सर्वे में खुलासा: यूपी की महिलाओं ने किया कमाल, 18 फीसदी बढ़ी शहरी महिलाओं की आय

    पीरियाडिक लेबर फोर्स सर्वे में खुलासा: यूपी की महिलाओं ने किया कमाल, 18 फीसदी बढ़ी शहरी महिलाओं की आय

    पीरियाडिक लेबर फोर्स सर्वे में खुलासा: यूपी की महिलाओं ने किया कमाल, 18 फीसदी बढ़ी शहरी महिलाओं की आय

    लखनऊ
    शहरों में पुरुषों की आय में कोई खास अंतर नहीं आया लेकिन शहरी महिलाओं की आय 19 हजार से 22 हजार रुपये हो गई। केंद्र सरकार के राष्ट्रीय पीरियाडिक लेबर फोर्स सर्वे में ये तस्वीर सामने आई है।

    उत्तर प्रदेश में एक साल में महिलाओं की आर्थिक सेहत में अप्रत्याशित बदलाव आया है। पिछले साल जुलाई से सितंबर के बीच ग्रामीण महिलाओं की आय 8,936 रुपये थी जो अप्रैल से जून-23 के बीच 20 हजार से ज्यादा हो गई। इसी अवधि में ग्रामीण पुरुषों की आय 15 हजार से बढ़कर 19 हजार हो गई। वहीं, शहरों में पुरुषों की आय में कोई खास अंतर नहीं आया लेकिन शहरी महिलाओं की आय 19 हजार से 22 हजार रुपये हो गई। केंद्र सरकार के राष्ट्रीय पीरियाडिक लेबर फोर्स सर्वे में ये तस्वीर सामने आई है।

    उत्तर प्रदेश में महिलाओं की आय में लगातार इजाफा हो रहा है। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं की औसत आय आश्चर्यजनक रूप से ज्यादा हुई है। वहां महिलाओं के लिए रोजगार में इजाफा हुआ है। ग्रामीण महिला श्रम बल भागीदारी दर के मुताबिक वर्ष 2018-19 में यह दर लगभग 20 प्रतिशत थी, जो 2020-21 में बढ़कर 28 प्रतिशत हो गई। वर्ष 2022-23 में ये दर 53 फीसदी तक पहुंच गई। स्वयं सहायता समूहों में 88 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं।

    एक जिला एक उत्पाद की मांग में आई तेजी का असर गांव में भी दिख रहा है। परंपरागत उत्पादों के बढ़ते आर्डर घर की दहलीज न लांघने वाली महिलाओं के पास पहुंच गए हैं। छोटे कारखानों की तुलना में 100 से ज्यादा श्रमिकों को रोजगार देने वाले कारखानों में रोजगार तेजी से बढ़ रहा है, जो विनिर्माण इकाइयों के विस्तार का संकेत है।

    इन बदलाव का असर ग्रामीण पुरुषों की आय पर भी पड़ा है। उनकी आय में भी करीब 27 फीसदी यानी 4000 रुपये की वृद्धि हुई है। हालांकि शहरों में कामकाजी पुरुषों की स्थिति में खास बदलाव नहीं आया है। पिछले साल जुलाई से सितंबर के बीच शहरी पुरुषों की आय लगभग 20 हजार रुपये थी, जिसमें एक साल बाद केवल 800 रुपये की वृद्धि हुई। वहीं शहरी महिलाओं की आय पुरुषों के मुकाबले बढ़ी है। उनकी आय में इसी अवधि में लगभग 2700 रुपये की वृद्धि हुई है। इसकी वजह रोजगार के लिए पुरुषों में बढ़ी प्रतिस्पर्धा और उनके लिए महिलाओं की चुनौती है।

  • ममता का कत्ल: जिस दादी ने लुटाया प्यार… उन्हीं पर क्रूरता की सारी हदें पार; जरा भी न कांपे मानस के हाथ

    ममता का कत्ल: जिस दादी ने लुटाया प्यार… उन्हीं पर क्रूरता की सारी हदें पार; जरा भी न कांपे मानस के हाथ

    ममता का कत्ल: जिस दादी ने लुटाया प्यार… उन्हीं पर क्रूरता की सारी हदें पार; जरा भी न कांपे मानस के हाथ

    लखनऊ
    बुजुर्ग महिला पौत्र मानस के आने से वह खुश थीं। रविवार को सुबह उसको खाना बनाकर खिलाया। फिर जब उसने रुद्रपुर जाने की बात कही तो दादी ने दोबारा खाना बनाया। टिफिन पैक करके मानस को दे दिया, लेकिन निर्दयी मानस ने कुछ ही देर बाद दादी पर क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। सिर से लेकर पेट तक करीब एक दर्जन बार बांका से वार कर प्यार लुटाने वाली दादी का खून बहा दिया।

    लखनऊ के अलीगंज इलाके में त्रिवेणीनगर-2 के योगीनगर में 90 वर्षीय वृद्धा स्नेहलता शर्मा की हत्या के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। बुजुर्ग की हत्या उनके ही पोते मानस ने की थी। रविवार देर रात पुलिस ने उसको जब हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने पूरी वारदात कुबूल कर ली।

    परिवार से अलग अकेली रहने वाली बूढ़ी स्नेहलता खुद ही अपना सारा काम करती थीं। पौत्र मानस के आने से वह खुश थीं। रविवार को सुबह उसको खाना बनाकर खिलाया। फिर जब उसने रुद्रपुर जाने की बात कही तो दादी ने दोबारा खाना बनाया। टिफिन पैक करके मानस को दे दिया, लेकिन निर्दयी मानस ने कुछ ही देर बाद दादी पर क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं।

    सिर से लेकर पेट तक करीब एक दर्जन बार बांका से वार कर प्यार लुटाने वाली दादी का खून बहा दिया। एसीपी अलीगंज आशुतोष कुमार ने बताया कि जब आरोपी मानस को गिरफ्तार गया तो उसके पास से एक बैग बरामद हुआ। इसमें एक टिफिन में खाना रखा हुआ था।

    इस बारे में मानस से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि ये खाना उसकी दादी ने ही पैक करके दिया था। मानस का कहना था कि उसने बोला था कि खाना न पैक करें, तब भी उन्होंने कहा था कि भूखे रहोगे, बाहर का खाने से अच्छा है यहीं से लेते जाओ। हैरानी की बात ये है कि उनकी ममता का कत्ल करने में मानस के जरा भी हाथ नहीं कांपे।

    संपन्न परिवार, तब भी एकाकी जीवन बिता रही थीं स्नेहलता
    स्नेहलता के चार बेटे और एक बेटी है। बेटी मधु अपनी बेटी के पास लंदन में रह रही हैं। बड़े बेटे रमेश हरदोई से नगर पालिका से अधिशासी अभियंता के पद से रिटायर्ड हैं। दूसरे नंबर के आलोक स्टेट फूड कॉरपोरेशन से रिटायर्ड हुए हैं। वह सिधौली में रहते हैं।

    तीसरे नंबर के मुकेश फोरेंसिक विभाग से डिप्टी डायरेक्टर के पद से रिटायर्ड हैं। वहीं चौथे बेटे महेश सिधौली में अपना काम करते हैं। आरोपी मानस, महेश का ही बेटा है। इतना संपन्न परिवार होने के बाद भी 90 साल की स्नेहलता एकाकी जीवन बिताने को मजबूर थीं। मुकेश एक तरह से कुछ हद तक फर्ज निभा रहे थे। लगभग हर दिन वह मां का हालचाल जानने चले आते थे।
    पति की बीमारी के बाद बदले हालत
    स्नेहलता के पति कैलाश का करीब छह साल पहले कैंसर की वजह से निधन हो गया था। एसीपी अलीगंज ने बताया कि जांच के दौरान जब संबंधित लोगों से पूछताछ की गई तो सामने आया कि कैलाश को कैंसर होने के बाद से बड़े दो बेटों ने उनसे दूरी बना ली थी। बेटी बाहर रहती थी। तीसरे नंबर वाले बेटे ही थोड़ी बहुत देखरेख करते थे। एक तरह से कैलाश की बीमारी के बाद से पूरे परिवार के हालात बदले और स्नेहलता अकेली पड़ गईं।
    पड़ोसी बोली, घर से तेज आवाज आई थी
    वारदात के बाद से मोहल्ले वाले स्तब्ध हैं। एक पड़ोसी ने बताया कि इतनी उम्र में भी स्नेहलता हर दिन सुबह मंदिर जाती थीं। खुद ही घर की साफ-सफाई करने के साथ खाना बनाती थीं। कपड़े भी खुद ही धुलती थीं।
    उन्होंने बताया कि दोपहर को उनके घर से कुछ तेज आवाजें आ रही थीं तो पहले कुछ शक हुआ, लेकिन बाद में सब शांत हो गए तो लगा कि कोई मामूली बात हुई होगी। रात में पता चला कि हत्या कर दी गई है।
    सिर पर चोट लगने से हुई मौत
    सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसकी रिपोर्ट से पता चला कि सिर पर जो वार किया गया, उसकी वजह से स्नेहलता की मौत हुई। इसके अलावा गले, चेहरे, पेट पर करीब एक दर्जन बार बांका से आरोपी ने वार किए थे।

  • मौसम ने ली करवट: पूरे यूपी में आंधी-पानी और ओलावृष्टि, मौसम विभाग ने की आने वाले दिनों के लिए भविष्यवाणी

    मौसम ने ली करवट: पूरे यूपी में आंधी-पानी और ओलावृष्टि, मौसम विभाग ने की आने वाले दिनों के लिए भविष्यवाणी

    मौसम ने ली करवट: पूरे यूपी में आंधी-पानी और ओलावृष्टि, मौसम विभाग ने की आने वाले दिनों के लिए भविष्यवाणी

    लखनऊ

    मानसून के विदा होने के बाद सोमवार को पूरे प्रदेश में बारिश हुई। यह बारिश कहीं पर कम तो कहीं पर ज्यादा हुई। यूपी के कुछ जिलों में ओले भी गिरे हैं। लखनऊ के इकाना स्टेडियम में चल रहा क्रिकेट वर्ल्ड कप का मैच भी बारिश की वजह से प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भविष्यवाणी जारी की है।

    पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तर प्रदेश के मौसम पर दिखा। सोमवार का दिन आंधी-पानी और ओलावृष्टि के नाम रहा। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मंगलवार की सुबह तक मौसम ऐसा ही रहेगा। लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही मौसम खुलने लगेगा। शाम तक हालात सुधरने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार तक मौसम सामान्य हो जाएगा और धूप निकलने लगेगी।

    आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, लखनऊ के मलिहाबाद के साथ ही बिजनौर, रामपुर सहारनपुर में ओले गिरे जाने की सूचना है। इस दौरान सर्वाधिक बरसात नजीबाबाद (34.6 मिमी) में रिकॉर्ड हुई। प्रदेश में हवा की रफ्तार भी काफी तेज रही। शाहजहांपुर में हवा की गति 81किमी प्रति घंटे थी, यह प्रदेश में सबसे अधिक है। दूसरे नंबर पर तेज हवा लखनऊ की रही, यहां 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली।

    पश्चिमी विक्षोभ के साथ चलीं पछुआ हवाओं ने चक्रवातीय दबाब पैदा किया है, इसके कारण प्रदेश का मौसम बदल गया है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में आंधी-पानी और गरज-चमक के साथ वज्रपात के आसार बने हुए। सोमवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से शुरू हुआ बरसात का दौर दोपहर बाद लखनऊ में भी रंग दिखाने लगा और कड़कते बादलों के साथ बारिश शुरू हो गई।

    आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह व मो. दानिश के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता का असर उत्तर प्रदेश में मंगलवार तक दिखेगा। इस दौरान कुछ इलाकों के लिए अलर्ट भी जारी किया गया है।

    इन इलाकों के लोग रहें सावधान
    गोरखपुर, संत कबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बंदायूं।
    हिमाचल और उत्तराखंड में हुई बर्फबारी

    किस जिले में हुई कितनी बारिश (मिमी में)

    नजीबाबाद 34.6
    मुजफ्फरनगर 23.8
    चुर्क 22.4
    शाहजहांपुर 16.5
    मुरादाबाद 14.8
    बहराइच 10.6
    आगरा 6.0
    बरेली 1.8

    हिमाचल और उत्तराखंड में हुई बर्फबारी
    हिमाचल में लाहौल, कुल्लू, किन्नौर, धर्मशाला और चंबा की ऊंची चोटियां सफेद चादर से ढक गईं। शिमला के नारकंडा के पास हाटू पीक, सिरमौर के चूढ़धार और मंडी के शिकारी देवी में भी हिमपात हुआ। वहीं, उत्तराखंड में केदारनाथ मंदिर समेत केदारपुरी और बदरीनाथ धाम की चोटियों पर हिमपात हुआ, जबकि निचले क्षेत्रों जोशीमठ, गोपेश्वर, पोखरी, नंदानगर, पीपलकोटी में तेज हवा के साथ बारिश और कुछ जगह ओलावृष्टि भी हुई।

     

  • कुर्मी वोट बैंक को साधने में जुटेंगे भाजपा के नेता, अपना दल के बढ़ते जनाधार से चिंतित

    कुर्मी वोट बैंक को साधने में जुटेंगे भाजपा के नेता, अपना दल के बढ़ते जनाधार से चिंतित

    कुर्मी वोट बैंक को साधने में जुटेंगे भाजपा के नेता, अपना दल के बढ़ते जनाधार से चिंतित

    लखनऊ
    भाजपा ने कुर्मी मंत्रियों, विधायकों और पदाधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी सौंप दी है। भाजपा अपना दल के बढ़ते जनाधार और सपा द्वारा इस वर्ग में सेंधमारी करने को लेकर भी चिंतित है।

    लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा ने पिछड़े वर्ग के दूसरे सबसे बड़े वोट बैंक कुर्मी समाज को साधने की तैयारी शुरू की है। पार्टी ने योगी सरकार के कुर्मी मंत्रियों, विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है।

    प्रदेश में पिछड़े वर्ग में यादव समाज के बाद कुर्मी सबसे बड़ा वोट बैंक हैं। कुर्मी समाज का 2014 के बाद से अब तक रुझान भाजपा के साथ रहा है। भाजपा के सहयोगी अपना दल (एस) का मूल आधार कुर्मी समाज ही है। लेकिन अपना दल के बढ़ते विस्तार ने भी पार्टी के नेताओं को चिंतित किया है। सपा की ओर से भी प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, विधायक लालजी वर्मा, डॉ. आशुतोष वर्मा जैसे कुर्मी नेताओं के जरिए समाज में सेंधमारी का प्रयास किया जा रहा है।

     

    ऐसे में पार्टी ने अपने कुर्मी नेताओं की समाज में पकड़ मजबूत करने के लिए उन्हें सक्रिय किया है। भाजपा के कुर्मी नेता सरदार पटेल बौद्धिक विचार मंच के बैनर तले इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मंच की ओर से आगामी दिनों में कुर्मी समाज के बुद्धिजीवियों का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें कुर्मी समाज के जनप्रतिनिधि, सेवानिवृत्त अधिकारी, चिकित्सक, वकील, शिक्षाविद्, समाजसेवी, पूंजीपति, व्यापारी और उद्यमी शामिल होंगे।

    सम्मेलन के जरिए समाज के नेताओं की राजनीतिक ताकत बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। लोकसभा चुनाव में समाज की भागीदारी बढ़ाने के साथ वोट बैंक को भाजपा की ओर खींचने का प्रयास भी किया जाएगा। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, एमएसएमई मंत्री राकेश सचान, राज्यमंत्री संजय गंगवार, एमएलसी अवनीश सिंह पटेल, विधायक प्रभात वर्मा सहित अन्य नेता इस काम में जुटे हैं।

  • इंडो-नेपाल बॉर्डर पर विद्यालयों को अपग्रेड करेगी सरकार, 16 विद्यालयों को मंजूरी

    इंडो-नेपाल बॉर्डर पर विद्यालयों को अपग्रेड करेगी सरकार, 16 विद्यालयों को मंजूरी

    इंडो-नेपाल बॉर्डर पर विद्यालयों को अपग्रेड करेगी सरकार, 16 विद्यालयों को मंजूरी

    लखनऊ
    प्रदेश सरकार अंतर्राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय मार्गों व बहुउद्देशीय हब के पास स्थित विद्यालयों को अपग्रेड करेगी। इसके तहत बहुउद्देशीय हब के पास स्थित विद्यालयों के साथ ही इंडो-नेपाल बॉर्डर के मुख्य मार्गों पर स्थित विद्यालयों को भी अपग्रेड किया जाएगा।

    प्रदेश सरकार अंतर्राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय मार्गों व बहुउद्देशीय हब के पास स्थित विद्यालयों को अपग्रेड करेगी। इसके तहत बहुउद्देशीय हब के पास स्थित विद्यालयों के साथ ही इंडो-नेपाल बॉर्डर के मुख्य मार्गों पर स्थित विद्यालयों को भी अपग्रेड किया जाएगा। पहले चरण में इस तरह के 16 विद्यालयों को अपग्रेड करने को हरी झंडी दी गई है।

    इस पर बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से लगभग 8.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। हाल में विभाग की ओर से मुख्यमंत्री के सामने इसका प्रस्ताव रखा गया। इसके तहत अंतर्राज्यीय मार्ग पर कुल नौ विद्यालयों को अपग्रेड किए जाने का प्रस्ताव है। इस पर 3.71 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसी तरह अंतर्राष्ट्रीय मार्ग (इंडो-नेपाल बॉर्डर) पर स्थित सात विद्यालयों को भी अपग्रेड किया जाएगा। इस पर 4.73 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

    इन विद्यालयों में लैंग्वेज लैब के साथ कंप्यूटर लैब, स्मार्ट क्लास, मॉड्यूलर साइंस लैब, रोबोटिक्स एवं मशीन लर्निंग लैब्स, वाईफाई इनेबल्ड कैंपस जैसी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। साथ ही 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था के लिए सुरक्षा कर्मी व सफाई कर्मी भी तैनात किए जाएंगे। इस पूरे प्रोजेक्ट क्रियान्वयन जिलाधिकारी की निगरानी में होगा।

    निर्माण कार्यों के लिए डीएम शासकीय संस्थाओं का चयन करेंगे। उनकी अध्यक्षता की कमेटी जेम पोर्टल से कंप्यूटर, फर्नीचर आदि उपकरणों की खरीद करेगी। इसी के साथ 57 जिलों में अत्याधुनिक सुविधायुक्त मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय की शुरुआत की भी तैयारी सीएम के निर्देश के बाद तेज हो गई है।

  • घर में घुसकर 90 वर्षीय महिला की गला रेतकर हत्या, लूट के नहीं मिले साक्ष्य, वारदात में करीबी पर शक

    घर में घुसकर 90 वर्षीय महिला की गला रेतकर हत्या, लूट के नहीं मिले साक्ष्य, वारदात में करीबी पर शक

    घर में घुसकर 90 वर्षीय महिला की गला रेतकर हत्या, लूट के नहीं मिले साक्ष्य, वारदात में करीबी पर शक

    लखनऊ
    वह घर पर अकेली रहती थीं। घटनास्थल से लूट के कोई साक्ष्य पुलिस को नहीं मिले। पुलिस का मानना है कि वारदात करने वाले का इरादा स्नेहलता को मारना था।

    त्रिवेणीनगर के योगीनगर इलाके में रविवार को घर में घुसकर फोरेंसिक लैब के रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर मुकेश चंद्र शर्मा की 90 वर्षीय मां स्नेहलता की गला रेतकर हत्या कर दी गई। वह घर पर अकेली रहती थीं। घटनास्थल से लूट के कोई साक्ष्य पुलिस को नहीं मिले। पुलिस का मानना है कि वारदात करने वाले का इरादा स्नेहलता को मारना था। अब तक की तफ्तीश में जो कुछ सामने आया है उससे पुलिस का मानना है कि वारदात में कोई करीबी शामिल है।

    मुकेश चंद्र शर्मा स्नेहलता के तीसरे नंबर के बेटे हैं। वह जानकीपुरम में रहते हैं। वही उनकी देखरेख करने आते-जाते रहते थे। नवरात्र के पहले दिन रविवार को भी मुकेश सुबह करीब 11 बजे मां को फल आदि देने गए थे। करीब एक घंटे तक वहां रुकने के बाद वह वापस चले गए थे। रात करीब पौने आठ बजे स्नेहलता की लुधियाना निवासी पोती ने उनके पड़ोसी देवेंद्र को फोन किया। उसने बताया कि वह काफी वक्त से दादी को कॉल कर रही हैं, लेकिन रिसीव नहीं हो रही है। इस पर देवेंद्र अपनी छत से कूदकर स्नेहलता के मकान की छत पर गए। जाल से जब नीचे झांक कर देखा तो स्नेहलता आंगन में खून से लथपथ पड़ी दिखीं। पड़ोसियों की सूचना पर उनके बेटे व अन्य परिजन पहुंचे। इसके बाद पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है।

    घर का सारा सामान व्यवस्थित मिला
    जब पुलिस व परिजन पहुंचे तो घर का दरवाजा खुला था। फोरेंसिक टीम ने भी जांच पड़ताल की। डीसीपी नॉर्थ एसएम कासिम ने बताया कि अब तक की जांच में एक बात तो साफ है कि लूट नहीं हुई है। पूरा सामान व्यवस्थित रखा है। बेटे मुकेश ने भी बताया है कि कुछ भी गायब नहीं है। मतलब वारदात करने वाले का मकसद सिर्फ स्नेहलता को मारना था।

    बिना तस्दीक नहीं खोलती थीं दरवाजा
    मकान के मुख्य गेट पर एक तरह से दो दरवाजे लगे हैं। पहला सामान्य, दूसरा लोहे का जाली वाला दरवाजा लगा है। सुरक्षा की नजरिये से ये दरवाजे लगाए गए हैं। मुकेश ने बताया कि उनकी मां कभी भी किसी के आवाज लगाने पर दरवाजा नहीं खोलती थीं। पहले उनको कॉल करना पड़ता था। तब वह बाहर आती थीं। तस्दीक कर लेती थीं कि आने वाला रिश्तेदार या परिचित है, तभी दरवाजा खोलती थीं। पर दरवाजा जबरन खुलवाए जाने के साक्ष्य नहीं मिले हैं। इसलिए भी बेहद करीबी पर शक है।

    पोते पर शक, वारदात के बाद हो गया था लापता, आधी रात को मिला
    स्नेहलता का एक पोता दो-तीन दिनों से उनके घर पर रुका था। वारदात के बाद वह लापता हो गया। मोबाइल भी बंद कर लिया था। परिजन को फोन कर आखिरी बार उसने बताया था कि नौकरी के सिलसिले में रुद्रपुर जा रहा है। आधी रात को वह नशे में धुत नाका इलाके में घूमता मिला। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। अब तक की जांच में उस पर शक गहरा रहा है।

    स्नेहलता के पति कैलाश का निधन हो चुका है। उनके चार बेटे हैं। सबसे बड़े बेटे रमेश चंद्र लंदन में परिवार के साथ रहते हैं। दूसरे नंबर के बेटे आलोक और सबसे छोटे बेटे महेश चंद्र शर्मा सिधौली में परिवार समेत रहते हैं। तीसरे नंबर वाले मुकेश चंद्र जानकीपुरम में रहते हैं। पुलिस के मुताबिक महेश का लड़का मानस पिछले दो दिनों से दादी के पास रहा था। जब रविवार सुबह करीब 11 बजे मुकेश वहां गए थे तो भी वह वहीं पर था। पर, जब रात में वारदात की जानकारी पर परिजन पहुंचे तो मानस गायब था। फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो वह बंद मिला। डीसीपी नॉर्थ एसएम कासिम ने बताया कि दोपहर करीब तीन बजे मानस के वहां से जाने की बात सामने आई। रात में वह जब मिला तो शराब के नशे में धुत था। पूछताछ की जा रही है।

    क्यों मारा… इस सवाल का जवाब तलाश रही पुलिस
    पुलिस सूत्रों के मुताबिक कुछ ऐसे सुबूत सामने आए हैं, उससे अंदेशा है कि मानस ने वारदात को अंजाम दिया है। लेकिन, पूछताछ में वह बातों को घुमाता रहा। यहां तक कि उसका व्यवहार ऐसा था जैसे वह साइको टाइप हो। डीसीपी ने बताया कि गहनता से तफ्तीश की जा रही है। पुलिस पता कर रही है कि हत्या की वजह क्या है। इसका जवाब मिलने के बाद पुलिस वारदात का खुलासा करेगी। आशंका है कि अचानक हुए विवाद की वजह से घटना की। या फिर संपत्ति आदि का कोई विवाद है। इन पहलुओ पर जांच जारी है।

    गर्दन दो जगह से रेती
    स्नेहलता की गर्दन दो जगह से रेती गई थी। बाएं व दायीं तरफ। मौके से चाकू आदि कोई भी आलाकत्ल बरामद नहीं हुआ। आशंका है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ही आलाकत्ल लेकर फरार हो गया।

  • एमपी विधानसभा चुनाव : कई सीटों पर आमने-सामने हुई सपा-कांग्रेस, सपा की दबाव बनाने की रणनीति फेल

    एमपी विधानसभा चुनाव : कई सीटों पर आमने-सामने हुई सपा-कांग्रेस, सपा की दबाव बनाने की रणनीति फेल

    एमपी विधानसभा चुनाव : कई सीटों पर आमने-सामने हुई सपा-कांग्रेस, सपा की दबाव बनाने की रणनीति फेल

    लखनऊ
    मध्य प्रदेश में अब तक जारी उम्मीदवारों की सूची में पांच सीटों पर दोनों पाार्टियां एक -दूसरे के खिलाफ संघर्ष करती नजर आएंगी। यह सीटें दलित, अल्पसंख्यक और यादव बहुल मानी जाती हैं।

    इंडिया गठबंधन में सपा- कांग्रेस भले गलबहियां करते नजर आ रही हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव में आमने- सामने हैं। मध्य प्रदेश में अब तक जारी उम्मीदवारों की सूची में पांच सीटों पर दोनों पाार्टियां एक -दूसरे के खिलाफ संघर्ष करती नजर आएंगी। यह सीटें दलित, अल्पसंख्यक और यादव बहुल मानी जाती हैं।

    इंडिया गठबंधन में शामिल होने के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि वह सीट बांटने वाले होंगे। इसी रणनीति के तहत उन्होंने मध्य प्रदेश में उम्मीदवार उतारने की घोषणा की। इसे उनकी दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा गया। उम्मीद थी कि लोकसभा चुनाव के समीकरण को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस मध्य प्रदेश में कुछ सीटें सपा को दे देगी, लेकिन अभी तक स्थितियां एकदम विपरीत हैं। कांग्रेस ने रविवार सुबह नौ बजे प्रदेश की 230 में 144 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी।

    करीब 10 घंटे बाद शाम पांच बजे सपा ने भी नौ उम्मीदवारों की घोषणा की। इसमें पांच सीटें ऐसी हैं, जहां कांग्रेस और सपा दोनों के उम्मीदवार आमने- सामने हैं। सपा की ओर से घोषित चार अन्य सीटों पर अभी कांग्रेस ने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि इन सीटों पर कांग्रेस के दो से तीन उम्मीदवारों के बीच जोर आजमाइश चल रही है। अगली सूची में इन पर उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए जाएंगे। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि इंडिया गठबंधन को लेकर भले बातचीत चल ही है, लेकिन विधान सभा चुनाव में कांग्रेस सपा को सीटें देने के मूड में नहीं है।

    यहां होंगे आमने सामने
    सीट कांग्रेस सपा
    भांडेर सुरक्षित फूल सिंह बरिया डीआर राहुल
    राजनगर विक्रम सिंह बृजगोपाल पटेल
    बिजावर चरन सिंह यादव डा.मनोज यादव
    चितरंगी (सुरक्षित) मानिक सिंह श्रवण कुमार गोंड
    कटंगी बोध सिंह भगत महेश सहारे

  • यूपी में आई विंड्स योजना: गांव-गांव में मिलेगी मौसम की सटीक जानकारी, 56 हजार गांवों में बनेंगे वेदर स्टेशन

    यूपी में आई विंड्स योजना: गांव-गांव में मिलेगी मौसम की सटीक जानकारी, 56 हजार गांवों में बनेंगे वेदर स्टेशन

    यूपी में आई विंड्स योजना: गांव-गांव में मिलेगी मौसम की सटीक जानकारी, 56 हजार गांवों में बनेंगे वेदर स्टेशन

    लखनऊ
    प्रदेश में 826 ब्लॉक व 57,702 ग्राम पंचायतें हैं। राजस्व विभाग 450 एडब्ल्यूएस व 2000 एआरजी स्थापित कर रहा है। हाल में ही इसके लिए कार्यदायी संस्था का चयन कर कार्यादेश जारी कर दिया गया है।

    गांव-गांव तक मौसम की सटीक जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए नई पहल शुरू हुई है। मौसम व राजस्व विभाग से छूटे 55,570 ग्राम पंचायतों व 308 ब्लॉकों में ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन (एडब्ल्यूएस) व ऑटोमेटिक रेनगेज (एआरजी) स्थापित होंगे। केंद्र सरकार की विंड्स (वेदर इन्फॉर्मेशन नेटवर्क डाटा सिस्टम) योजना के अंतर्गत यह काम होगा। इस काम पर होने वाले खर्च का फॉर्मूला तय हो गया है। यह काम केंद्र सरकार की मदद से राज्य का कृषि विभाग करेगा।

    प्रदेश में 826 ब्लॉक व 57,702 ग्राम पंचायतें हैं। राजस्व विभाग 450 एडब्ल्यूएस व 2000 एआरजी स्थापित कर रहा है। हाल में ही इसके लिए कार्यदायी संस्था का चयन कर कार्यादेश जारी कर दिया गया है। इसके अलावा भारतीय मौसम विभाग ने 68 एडब्ल्यूएस व 132 एआरजी स्थापित कराए हैं। केंद्र सरकार के विंड्स कार्यक्रम के तहत प्रत्येक ब्लॉक में एक एडब्ल्यूएस व प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक एआरजी स्थापित करने का लक्ष्य है।

    राजस्व व मौसम विभाग से छूटी 55,570 ग्राम पंचायतों व 308 ब्लॉकों में इनकी स्थापना के लिए स्थान चयन सबसे बड़ी चुनौती थी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में सिद्धांत रूप में स्थान पर मुहर लगा दी है। राज्य सरकार ने विंड्स को नई योजना के रूप में लागू करने का फैसला किया है। इसके लिए धन की व्यवस्था बजट से की जाएगी।

    ग्राम पंचायत भवनों के छत पर एआरजी लगेंगे
    शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एडब्ल्यूएस स्थापित करने के लिए सामान्यतया 5×7 वर्गमीटर व एआरजी के लिए 4×3 वर्गमीटर भूमि चाहिए। तय हुआ कि एडब्ल्यूएस ब्लॉक कार्यालय में और एआरजी की स्थापना ग्राम पंचायत भवनों के छत पर कराई जाए। एडब्ल्यूएस व एआरजी की देखभाल की जिम्मेदारी पंचायत स्तर पर नियुक्त पंचायत सेवक अथवा पंचायत मित्र को दी जाएगी। योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए पंचायत, राजस्व, ग्राम्य विकास व कृषि आदि विभागों के राज्य मुख्यालय पर कंट्रोल रूम भी बनाए जाएंगे।

    विंड्स के अंतर्गत मिलने वाले डाटा के भुगतान का फार्मूला तय
    2023-24 90 प्रतिशत 10 प्रतिशत
    2024-25 80 प्रतिशत 20 प्रतिशत
    2025-26 60 प्रतिशत 40 प्रतिशत
    चतुर्थ वर्ष व आगे 50 प्रतिशत 50 प्रतिशत