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  • मण्डी परिसर स्थित धान क्रय केन्द्र का डीएम ने किया निरीक्षण

    मण्डी परिसर स्थित धान क्रय केन्द्र का डीएम ने किया निरीक्षण

    मण्डी परिसर स्थित धान क्रय केन्द्र का डीएम ने किया निरीक्षण

    बहराइच। खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 अन्तर्गत मूल्य समर्थन योजना के तहत 01 नवम्बर 2023 से प्रारम्भ होने वाली धान खरीद जिलाधिकारी मोनिका रानी ने शुभारम्भ किया। डीएम ने कृषि उत्पादन मण्डी समिति परिसर सलारपुर पहुंचकर विधिवत् पूजा-अर्चना के उपरान्त फीता काटकर क्रय एजेन्सी खाद्य एवं रसद विभाग के धान क्रय केन्द्र का उदघाटन करते हुए विकास खण्ड चित्तौरा के ग्राम पंचायत जोहरा से आये कृषक हेमन्त वर्मा व कमोलिया निवासी कृषक मंशाराम का स्वागत कर अपने सम्मुख उनके उपज की तौल करायी। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी गौरव रंजन श्रीवास्तव, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी संजीव कुमार सिंह, सचिव मण्डी समिति बहराइच धनन्जय सिंह, केन्द्र प्रभारी देवेन द्विवेदी व अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।
    इस अवसर पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि किसी भी केन्द्र पर किसानों को कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। शासन की मंशानुरूप किसानों को सभी सुविधाएं उपलब्ध करायी जायें। आवश्यकतानुसार क्रय केन्द्रों पर संसाधनों की बढ़ोत्तरी भी की जाय ताकि किसानों के उपज की आसानी के साथ खरीदा जा सके। डीएम मोानिका रानी ने किसानों से अपील की है कि अपनी उपज धान को सूखा कर क्रय केन्द्र पर लाये तथा बिक्री हेतु शासन द्वारा निर्धारित पोर्टल एफसीएस डाट यूपी डाट जीओवी डाट इन पर अपना पंजीकरण अवश्य करा लें ताकि तहसीलों द्वारा समय से सत्यापन की कार्यवाही की जा सके। डीएम ने बताया कि शासन की मंशानुरूप जनपद में धान की खरीद सुनिश्चित कराने के लिए सभी क्रय केन्द्रों के लिए नोडल अधिकारी भी नामित किये गये हैं।

  • जिले में यातायात माह का डीएम व एसपी ने किया शुभारम्भ

    जिले में यातायात माह का डीएम व एसपी ने किया शुभारम्भ

    जिले में यातायात माह का डीएम व एसपी ने किया शुभारम्भ

    बहराइच। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों व गम्भीर रूप से घायल लोगों की संख्या में कमी लाये जाने, यातायात नियमों के पालन के साथ वाहनों का संचालन तथा वाहन का संचालन करते समय शत-प्रतिशत हेमलेट व सीट बेल्ट का प्रयोग करने के प्रति आमजन में जनजागरूकता पैदा करने के उद्देश्य 01 से 30 नवम्बर 2023 तक आयोजित होने वाले यातायात माह के शुभारम्भ अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर से मुख्य अतिथि जिलाधिकारी मोनिका रानी ने पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा व मुख्य विकास अधिकारी रम्या आर. ने यातायात जागरूकता रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी गौरव रंजन श्रीवास्तव, पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर राजीव सिसोदिया, ए.आर.टी.ओ. राजीव कुमार व ओ.पी. सिंह, ए.आर.एम. प्रेम प्रकाश, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी संजीव कुमार सिंह, जिला आबकारी अधिकारी सुधांशु सिंह व अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे। जिलाधिकारी मोनिका रानी ने यातायात जागरूकता कार्यक्रम में सहयोग प्रदान करने वाले सभी स्टेक होल्डर्स को बधाई देते हुए कहा कि यातायात नियमों के पालन के लिए मात्र जिला प्रशासन का सहयोग काफी नहीं होगा। डीएम ने कहा कि इसके लिए लोगों की सोच में परिवर्तन लाये जाने की आवश्यकता है जिसके लिए समाज के सभी वर्गों विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों, मीडिया प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवी संगठनों, अधिवक्ता, शिक्षकों व व्यापारिक प्रतिनिधियों को आगे आना होगा। डीएम ने कहा कि सभी माता-पिता व परिवार के बड़े बुज़ुगों का कर्तव्य है कि बच्चों को अच्छे संस्कार के साथ-साथ यातायात नियमों का पालन करने की सीख दें। उन्होंने कहा कि प्रायः मार्ग दुर्घटनाओं में घायल या मरने वाले व्यक्तियों में अधिकतर संख्या युवाओं की होती है। जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों में तमाम तरह के सुधारात्मक उपाय किये जा रहें हैं। व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को सुरक्षित ड्राईव करने तथा यातायात नियमों का पालन करने के प्रेरित भी किया जा रहा है। डीएम ने कहा कि मा. सर्वोच्च न्यायालय भी सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को त्वरित इलाज मुहैया कराये जाने के प्रति गम्भीर है। इस बात के दृष्टिगत मा. न्यायालय द्वारा नेक आदमी के सम्बन्ध में दिशा निर्देश जारी किये गये हैं जिसका उल्लेख सभी चिकित्सालयों में प्रमुखता के साथ किया गया। नेक आदमी के सम्बन्ध में जारी निर्देशों के कारण अब लोगों को सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने में तनिक भी संकोच नहीं करना चाहिए।
    पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार मार्ग दुर्घटनाओं में कमी लाये जाने के प्रति कटिबद्ध है। इसके लिए यातायात नियमों में तमाम तरह के बदलाव किये गये हैं। श्री वर्मा ने कहा कि ऐसे आयोजनों का मुख्य उद्देश्य यही है कि लोगों को यातायात नियमों की जानकारी हो जाये और लोग स्वयं से यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित हों। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मार्ग दुर्घटनाओं में मृत्यु व गम्भीर रूप से घायल होने के पीछे का मुख्य कारण लोगों का सीट बेल्ट व हेलमेट का प्रयोग न करना है। उन्होंने जिले के सभी जिम्मेदार नागरिकों, मीडिया प्रतिनिधियों व वरिष्ठ नागरिकों का आहवान किया कि लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करें।

  • कृषि विज्ञान केन्द्र मंगुराही का नाम ठाकुर शंकठा प्रसाद सिंह के नाम से किया गया

    कृषि विज्ञान केन्द्र मंगुराही का नाम ठाकुर शंकठा प्रसाद सिंह के नाम से किया गया

    कृषि विज्ञान केन्द्र मंगुराही का नाम ठाकुर शंकठा प्रसाद सिंह के नाम से किया गया
    सोनभद्र। मंत्री कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान विभाग उ0 प्र0 सुर्य प्रताप शाही बुधवार को कृषि विज्ञान केन्द्र मंगुराही राबर्ट्सगंज में स्व0 श्री संकठा प्रसाद सिंह जी के जन्म शताब्दी समारोह व किसान मेला के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। इस दौरान मा0 कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही जी ने दीप प्रज्जवलन व भगवान बलराम व स्व0 संकठा प्रसाद सिंह जी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री समाज कल्याण विभाग संजीव कुमार गौंड़, सांसद पकौड़ी लाल कोल, सांसद राज्य सभा रामसकल, विधायक सदर भूपेश चैबे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती राधिका पटेल, प्रोफेसर  बीजेन्द्र सिंह, कुलपति नरेन्द्र देव विश्वविद्यालय फैजाबाद, मुख्य विकास अधिकारी सौरभ गंगवार, मोहनी मोहन मिश्रा, भारतीय किसान महासंघ के महामंत्री, अम्बरीश जी विश्व हिन्दू परिषद के मंत्री, अंगराज जी सह प्रान्त प्रचारक संघ सहित सम्मानित जनप्रतिनिधिगण व अधिकारीगण उपस्थित रहें। इस दौरान उपस्थित जनसभा को प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही जी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि, कृषि विज्ञान केन्द्र का नाम स्व0 संकठा प्रसाद सिंह के नाम से किया जा रहा है कि लोग उनके द्वारा किसान बन्धुओं के लिए किये गये संघर्ष को याद रखें और आज स्व0 संकठा प्रसाद सिंह के जन्म शताब्दी को 100 वर्ष पूर्ण होने पर यह शताब्दी समारोह मनाया जा रहा है। देश के मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी के नेतृत्व में यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि, किसान बन्धुओं की समस्याओं के निराकरण हेतु प्रदेश सरकार उनके हित के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही हैं। उन्होंने कहा कि, किसान सम्मान निधि के माध्यम से प्रदेश में 2 करोड 60 लाख किसानों के खाते में 62 करोड़ रूपये की धनराशि स्थानान्तरित की जा रही है, जिसमें जनपद सोनभद्र के किसानों के खाते में 11 करोड़ रूपये की धनराशि स्थानान्तरित की जा रही है, सस्ते ब्याज दर पर के0सी0सी0 के माध्यम से किसान बन्धुओं को सस्ते ऋण की सुविधा भी उपलब्ध करायी जा रही है, किसानों के फसलों के उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो रहा है, सोनभद्र के किसानों को वैज्ञानिक/तकनीकी विधि से खेती करने के लिए जागरूक करने हेतु कृषि विज्ञान केन्द्र की स्थापना की गयी है, जिसके माध्यम से वह उच्चकोटि के बीज को प्राप्त करेंगें और अपने खेती के उत्पादन में वृद्धि करेंगे। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी व मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्य नाथ जी के नेतृत्व में किसान बन्धुओं की मोटे अनाज की खेती करने हेतु जागरूक किया जा रहा है और मोटे अनाज के उत्पादन के उचित दाम उन्हें प्राप्त हो, इसके लिए प्रदेश के जनपदों में इस बार मोटे अनाज की खरीद हेतु क्रय केन्द्र की स्थापना भी की गयी है। कृषक बन्धुओं को खेती करने हेतु सरकार की किफायत दरों पर बीज भी उपलब्ध करा रही है जिससे कि, वह खेती कर अपने उत्पादन में वृद्धि कर सके। इस दौरान मा0 मंत्री जी ने कृषि विज्ञान केन्द्र परिसर में पौध रोपण भी किया तथा  विभिन्न विभागों के द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया और योजनाओं के सम्बन्ध में जानकारी भी प्राप्त की।
  • दीपावली से पहले यूपी के राज्यकर्मियों को मिल सकता है बोनस, महंगाई भत्ता भी बढ़ा सकती है सरकार

    दीपावली से पहले यूपी के राज्यकर्मियों को मिल सकता है बोनस, महंगाई भत्ता भी बढ़ा सकती है सरकार

    दीपावली से पहले यूपी के राज्यकर्मियों को मिल सकता है बोनस, महंगाई भत्ता भी बढ़ा सकती है सरकार

    लखनऊ
    गौरतलब है कि हाल ही में केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को बोनस देने के साथ ही बढ़ी दर से महंगाई भत्ता देने की घोषणा की है। इसी आधार पर राज्य सरकार भी बोनस दे सकती है।

    केंद्र के बाद अब राज्य सरकार भी अपने कर्मचारियों को दीपावली पर बोनस दे सकती है। सरकार के स्तर पर इसको लेकर तैयारी की जा रही है। सरकार महंगाई भत्ता बढ़ाने की भी घोषणा कर सकती है।

    सूत्रों का कहना है कि दशहरा के बाद बोनस देने और महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा की जा सकती है। इससे संबंधित फाइल मंजूरी के लिए जल्द ही मुख्यमंत्री के सामने रखी जाएगी। मंजूरी मिलने के बाद दीपावली से पहले अराजपत्रित कर्मचारियों को बोनस दिया जा सकता है। इससे लगभग 14 लाख कर्मचारियों को लाभ होगा। सूत्रों का यह भी कहना है कि बोनस के अलावा सभी राज्यकर्मियों व शिक्षकों को भी महंगाई भत्ता भत्ता बढ़ाकर देने की घोषणा की जा सकती है। इस संबंध जल्द ही आदेश जारी किए जाएंगे।

    गौरतलब है कि हाल ही में केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को बोनस देने के साथ ही बढ़ी दर से महंगाई भत्ता देने की घोषणा की है। इसी आधार पर राज्य सरकार भी बोनस दे सकती है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि सरकार अगर महंगाई भत्ता और महंगाई राहत भत्ता में चार फीसदी तक की बढ़ोतरी करती है तो सरकारी खजाने पर हर महीने 300 करोड़ रुपये अधिक का व्ययभार बढ़ेगा।

    सूत्रों का कहना है कि नियमानुसार केन्द्र द्वारा तय दर के आधार पर ही राज्य में भी अराजपत्रित कर्मचारियों को बोनस दिया जाता है। इस नियम के आधार पर प्रति कर्मचारी को अधिकतम 7000 रुपये तक बोनस मिल सकता है।

  • निपुण लक्ष्य हासिल करने में मदद करेंगे एनजीओ और उत्कृष्ट शिक्षक, 25 से 10 दिसंबर तक चलेगा अभियान

    निपुण लक्ष्य हासिल करने में मदद करेंगे एनजीओ और उत्कृष्ट शिक्षक, 25 से 10 दिसंबर तक चलेगा अभियान

    निपुण लक्ष्य हासिल करने में मदद करेंगे एनजीओ और उत्कृष्ट शिक्षक, 25 से 10 दिसंबर तक चलेगा अभियान

    लखनऊ
    बच्चों में बुनियादी भाषायी व गणित विषयों में दक्षता के विकास के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने 25 अक्टूबर से 10 दिसंबर तक प्रदेश भर के शिक्षकों व शिक्षामित्रों को प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया है।

    बच्चों में बुनियादी भाषायी व गणित विषयों में दक्षता के विकास के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने 25 अक्टूबर से 10 दिसंबर तक प्रदेश भर के शिक्षकों व शिक्षामित्रों को प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत ब्लॉक स्तरीय संदर्भदाताओं का प्रशिक्षण डायट स्तर पर 25 अक्तूबर से चार नवंबर के बीच होगा। वहीं, प्राथमिक विद्यालय के सभी शिक्षकों व शिक्षामित्रों का प्रशिक्षण ब्लॉक संसाधन केंद्र पर छह नवंबर से 10 दिसंबर के बीच होगा। खास बात ये है कि प्रशिक्षण में फाउंडेशनल लिटरेसी एवं न्यूमरेसी (एफएलएन) के क्षेत्र में कार्य करने वाली स्वयंसेवी संस्थाओं को भी आमंत्रित किया जाएगा, जबकि ऐसे प्रधानाचार्यों और शिक्षको को भी अपने अनुभव साझा करने का अवसर दिया जाएगा जिन्होंने अपने विद्यालयों में 80 प्रतिशत तक निपुण लक्ष्य को हासिल कर लिया है।

     

    अभियान को मिलेगी गति
    महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने बताया कि निपुण लक्ष्य पाने के लिए शिक्षकों व ब्लॉक स्तरीय संदर्भदाताओं का प्रशिक्षित किया जाना आवश्यक है। इसके लिए डीआईओएस, बीएसए व बीईओ आदि का प्रशिक्षण पूरा किया जा चुका है। इसी क्रम में अब प्राथमिक विद्यालय के सभी शिक्षकों व शिक्षामित्रों के प्रशिक्षण का कार्यक्रम तय किया गया है, जिससे वे विद्यार्थियों को निपुण बनाने के अभियान को गति दे सकें। इसके लिए ब्लॉक स्तरीय संदर्भदाताओं का प्रशिक्षण डायट स्तर पर 25 अक्तूबर से चार नवंबर के बीच होगा। वहीं, प्राथमिक विद्यालय के सभी शिक्षकों व शिक्षामित्रों का प्रशिक्षण ब्लॉक संसाधन केंद्र पर छह नवंबर से 10 दिसंबर के बीच होगा। हर ब्लॉक में पांच एआरपी व सभी डायट मेंटर शामिल होंगे। इनको सीमैट प्रयागराज के संदर्भदाता प्रशिक्षण देंगे। महानिदेशक ने कहा है कि शिक्षकों का बैच 50-50 का होगा। अगर शिक्षक अनुपस्थित मिलते हैं तो इसके लिए बीईओ जिम्मेदार होंगे।

    बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों का हो सम्मान
    जारी निर्देशों में कहा गया है की प्रशिक्षण में फाउंडेशनल लिटरेसी एवं न्यूमरेसी (एफएलएन) के क्षेत्र में कार्य करने वाली स्वयंसेवी संस्थाओं को भी जनपद और विकास खंड स्तरीय प्रशिक्षण में आमंत्रित किया जाए, जिससे कि उनके अनुभव एवं विशेषज्ञता का लाभ प्राप्त हो सके। इसी तरह, प्रत्येक बैच में एक ऐसे प्रधानाध्यपक / शिक्षक की पहचान की जाए, जिन्होंने अपने विद्यालय में सक्रिय पुस्तकालय, बच्चों की अधिगम दक्षता, कक्षा शिक्षण, ऑपरेशन कायाकल्प, एसएमसी/समुदाय से सहयोग, सीएसआर फंड, प्रार्थना सभा, प्रिन्टरिच/ टीएलएम इत्यादि क्षेत्रों में आमूलचूल परिवर्तन/नवाचार किया हो अथवा विद्यालय के 80 प्रतिशत से अधिक बच्चे निपुण हो। शिक्षकों के उत्साहवर्द्धन के लिए ऐसे प्रधानाध्यापक व शिक्षक को 10 मिनट का समय प्रदान किया जाए जिससे कि वे सफलता की कहानी सभी शिक्षकों के साथ साझा कर सकें। प्रशिक्षण में ऐसे शिक्षकों को सम्मानित भी किया जाए। शिक्षण प्रशिक्षण की राज्य और जनपद दोनों स्तर पर निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।

    डीबीटी के माध्यम से शिक्षकों को होगा भुगतान
    निपुण भारत मिशन के तहत प्रत्येक वर्ष आयोजित किए जाने वाले शिक्षक प्रशिक्षण से संबंधित भुगतान अब डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांस्फर के जरिए सभी शिक्षकों के खाते में दिया जाएगा। इस पूरे प्रशिक्षण अभियान के लिए सभी मद में 2941 लाख रुपए जारी किए गए हैं।डायट स्तर पर समस्त संदर्भदाताओं (एआरपी, केआरपी) को जलपान/लंच के लिए 200 रुपए एवं प्रशिक्षण संचालन के लिए प्रति प्रतिभागी 50 रुपए की दर से धनराशि हस्तांतरित की जाएगी। ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण में प्रतिभाग करने वाले समस्त शिक्षक, शिक्षामित्र, संदर्भदाताओं को 170 रुपए प्रति दिवस की दर से देय होगा। यह धनराशि जिला परियोजना कार्यालय द्वारा बैचवार प्रशिक्षण समाप्ति के 2 दिन के अंदर शिक्षकों के खाते में भेजी जाएगी।

  • मूर्ति विसर्जन और दशहरा पर बदली रहेगी शहर की ट्रैफिक व्यवस्था, जानिए किन रूटों से ना निकलें आज

    मूर्ति विसर्जन और दशहरा पर बदली रहेगी शहर की ट्रैफिक व्यवस्था, जानिए किन रूटों से ना निकलें आज

    मूर्ति विसर्जन और दशहरा पर बदली रहेगी शहर की ट्रैफिक व्यवस्था, जानिए किन रूटों से ना निकलें आज

    लखनऊ
    अयोध्या से आने वाली रोडवेज बसें जो कैसरबाग जाती हैं उनको कमता तिराहे से गोमतीनगर की तरफ मोड़ दिया जाएगा। यहां से बसें समतामूलक, गांधी सेतु, पीएनटी, संकल्प वाटिका, चिरैयाझील, क्लार्क अवध के पीछे से सीडीआरआई होते हुए कैसरबाग आ-जा सकेंगी।

    दुर्गा प्रतिमा शोभा यात्रा और मूर्ति विसर्जन को लेकर बुधवार को शहर में यातायात व्यवस्था बदली रहेगी। बदलाव मंगलवार सुबह 10 बजे से शुरू हो जाएगा। वैकल्पिक मार्ग के अभाव में प्रतिबंधित मार्ग पर भी एंबुलेंस, शव वाहन, फायर सर्विस व स्कूली वाहन इत्यादि को ट्रैफिक पुलिस निकलवाएगी। इसके लिए ट्रैफिक कंट्रोल नंबर 9454405155 पर संपर्क किया जा सकता है।

    कैसरबाग : इधर से जाएं
    – अयोध्या से आने वाली रोडवेज बसें जो कैसरबाग जाती हैं उनको कमता तिराहे से गोमतीनगर की तरफ मोड़ दिया जाएगा। यहां से बसें समतामूलक, गांधी सेतु, पीएनटी, संकल्प वाटिका, चिरैयाझील, क्लार्क अवध के पीछे से सीडीआरआई होते हुए कैसरबाग आ-जा सकेंगी।

    – सीतापुर रोड से कैसरबाग आने वाली रोडवेज सिटी बसें मड़ियांव, पुरनिया, डालीगंज रेलवे क्राॅसिंग, पक्का पुल, शाहमीना, डालीगंज पुल, सीडीआरआई होते हुए कैसरबाग जाएंगी। वापसी में बलरामपुर ढाल, शहीद स्मारक होकर लौटेंगी।

    इधर से नहीं जा सकेंगे
    – चौक, शाहमीना तिराहा, डालीगंज पुल, कैसरबाग की ओर से आने वाले वाहन क्लार्क अवध तिराहे से सीधे सुभाष चौराहा होकर नहीं जा सकेंगे। ये वाहन क्लार्क अवध तिराहे से चिरैयाझील, सहारागंज या संकल्प वाटिका होकर जा सकेंगे।

    डालीगंज पुल : ऐसी रहेगी व्यवस्था
    – गोमती नदी पुल पार कर वाहन डालीगंज पुल या आईटी चौराहे की ओर जा सकेंगे।
    – डालीगंज पुल इक्का तांगा स्टैंड से वाहन गोमती नदी बंधा होकर झूलेलाल पार्क की ओर नहीं जा सकेंगे।

    परिवर्तन चौक
    – टेलीफोन एक्सचेंज चौराहा से मकबरा रोड की ओर से वाहन परिवर्तन चौक की ओर नहीं नहीं जा सकेंगे। यह यातायात कैसरबाग बस अड्डा या सीडीआरआई तिराहा, क्लार्क अवध, चिरैयाझील होकर अपने गंतव्य को जा सकेगा।

    निरालानगर-सुभाष चौराहा
    – निरालानगर की ओर से आने वाला यातायात आईटी चौराहा से विश्वविद्यालय मार्ग, हनुमान सेतु होते हुए सुभाष चौराहा की ओर नहीं जा सकेगा। यह यातायात आईटी चौराहा से बाएं या दाएं मुड़़कर समथर पेट्रोल पंप होते हुए निशातगंज, डालीगंज पुल से अपने गंतव्य को जा सकेगा।

    हजरतगंज-आईटी चौराहा
    – हजरतगंज चौराहा एवं परिवर्तन चौक की ओर से आने वाला यातायात सुभाष चौराहा से हनुमान सेतु होकर आईटी चौराहा की ओर नहीं जा सकेगा।यह यातायात मकबरा रोड, टेलीफोन एक्सचेंज, सीडीआरआई, डालीगंज पुल या क्लार्क अवध, चिरैयाझील से होकर जा सकेगा।

    हनुमान सेतु-झूलेलाल पार्क
    – हनुमान सेतु नदवा बंधा तिराहे से नदवा बंधा रोड झूलेलाल पार्क की ओर सामान्य यातायात नहीं जा सकेगा।
    – यह यातायात आईटी चौराहा होकर अपने गंतव्य को जा सकेगा।

    हीवेट रोड
    – महाराणा प्रताप चौराहे से हीवेट रोड़ बंगाली क्लब की ओर कोई भी यातायात नहीं जा सकेगा। यह यातायात बर्लिंग्टन चौराहा या बांसमंडी चौराहा होकर जा सकेगा।

     

  • रावण के जलते ही एतिहासिक रामलीला मैदान में गूंजा जय श्रीराम, लखनऊ में कई इलाकों में रावण दहन

    रावण के जलते ही एतिहासिक रामलीला मैदान में गूंजा जय श्रीराम, लखनऊ में कई इलाकों में रावण दहन

    रावण के जलते ही एतिहासिक रामलीला मैदान में गूंजा जय श्रीराम, लखनऊ में कई इलाकों में रावण दहन
    लखनऊ
    लखनऊ
    लखनऊ की प्राचीन रामलीला समिति की ओर से रामलीला मैदान में दशहरे के दिन विजय दशमी पर्व मनाया गया। मैदान के आसपास एशबाग रोड, वाटरवर्क्स रोड से पीली कालोनी तक चारों तरफ दशहरे मेले की धूम रही। हर तरह की
    लखनऊ की प्राचीन रामलीला समिति की ओर से रामलीला मैदान में दशहरे के दिन विजय दशमी पर्व मनाया गया। मैदान के आसपास एशबाग रोड, वाटरवर्क्स रोड से पीली कालोनी तक चारों तरफ दशहरे मेले की धूम रही। हर तरह की दुकानें सजी थीं। मैदान में बने तुलसी रंगमंच पर लीला की राम स्तुति से शुरुआत हुई। इस दौरान प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और पूर्व उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा मौके पर मौजूद रहे। सभी को विजय दशमी की बधाई दी। कहा कि इस राम लीला में जो आता है, वो राम को हो जाता है। रामलीला समाप्त होने के बाद रावण का पुतला जलाया गया। रामलीला मैदान के अतिरिक्त कानपुर रोड पर भी रावण दहन हुआ। महानगर रामलीला, मौसमगंज रामलीला कमेटी की ओर से भी रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

     

     

    रामलीला के मंच पर मेघनाद का वध हुआ और उसके बाद रावण वध के प्रसंग का मंचन किया गया। इस दौरान पूरा परिसर जय श्री राम के उद्घोष से गूंजता रहा। फिर मुख्य अतिथि ब्रजेश पाठक और पूर्व मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा, रामलीला समिति के अध्यक्ष हरिश्चन्द्र अग्रवाल समेत समस्त पदाधिकारियों की मौजूदगी में 80 फीट का रावण का पुतला फूंका गया। रावण के पुतले पर लिखा गया है कि सनातन धर्म के विरोध का अंत हो। इसी के साथ जय श्री राम के उद्घोष से लखननगरी गूंज उठी और शुरु हो गया आतिशबाजी का दौर।

    प्रमुख सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि रामायण में निहित राम जी का जीवन, उनका चरित्र, उनका आचरण, उनका व्यवहार सभी चीजों को व्यक्ति को अपने जीवन उतारना चाहिए, उससे सीखना चाहिये। गोस्वामी तुलसी दास जी के पग चिन्हों से पल्लवित ऐशबाग की राम लीला बहुत खास है। दशहरे पर रावण के पुतले को जलाकर हम सभी यह स्मरण करते हैं कि असत्य पर सत्य की विजय होती है। डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि ऐशबाग की राम लीला एक ऐतिहासिक रामलीला है। यहां पर गोस्वामी तुलसीदास का पदार्पण हुआ था। इस रामलीला का स्वरूप दिन – प्रतिदिन निखर रहा है। हर व्यक्ति को राम जी के जीवन से सीखना चाहिए और उनके चरित्र का अनुशरण करना चाहिए। सर्वेश अस्थाना, मयंक रंजन सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों के अलावा हजारों की संख्या में दर्शक उपस्थित थे।

  • आवास विकास भूखंड फर्जीवाड़े में रिटायर्ड आईएएस अफसर समेत चार पर केस, दो आरोपियों की हो चुकी है मौत

    आवास विकास भूखंड फर्जीवाड़े में रिटायर्ड आईएएस अफसर समेत चार पर केस, दो आरोपियों की हो चुकी है मौत

    आवास विकास भूखंड फर्जीवाड़े में रिटायर्ड आईएएस अफसर समेत चार पर केस, दो आरोपियों की हो चुकी है मौत

    लखनऊ
    आवास विकास परिषद की इंदिरानगर आवासीय योजना के एक भूखंड आवंटन में हुए फर्जीवाड़ा पर सीबीसीआईडी ने रिटायर्ड आईएएस अफसर सत्येंद्र सिंह (तत्कालीन संयुक्त आवास आयुक्त) समेत चार के खिलाफ गाजीपुर थाने में

    आवास विकास परिषद की इंदिरानगर आवासीय योजना के एक भूखंड आवंटन में हुए फर्जीवाड़ा पर सीबीसीआईडी ने रिटायर्ड आईएएस अफसर सत्येंद्र सिंह (तत्कालीन संयुक्त आवास आयुक्त) समेत चार के खिलाफ गाजीपुर थाने में केस दर्ज कराया है। 1991 में इस योजना में सविता गर्ग को भूखंड आवंटित हुआ था। पर, बाद में सविता की फाइल गायब कर उस भूखंड को एक कांस्ट्रक्शन कंपनी को आवंटित कर दिया गया था।

    एफआईआर के मुताबिक इंदिरानगर बी-13 निवासी सविता गर्ग को 23 सितंबर 1991 को परिषद की इंदिरानगर योजना में नीलामी के जरिये भूखंड आवंटित हुआ था। यह भूखंड जब कांस्ट्रक्शन कंपनी को आवंटित हो गया, तो सविता ने शिकायत की। तब नेहरू एन्क्लेव निवासी कृष्णकांत मिश्रा ने आरोप लगाया था कि सविता ने प्रीमियम कांस्ट्रक्शंस के प्रतिनिधि के तौर पर नीलामी में भाग लिया।

    उधर, सविता ने आरोपों को खारिज कर दावा किया था कि वह एकल नीलामी में शामिल हुई थीं। आरोपों के संबंध में कोई पुख्ता दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके थे। सविता ने 2020 में तत्कालीन गृह सचिव मणि प्रसाद मिश्रा से शिकायत की। गृह सचिव के आदेश पर प्रकरण की सीबीसीआईडी ने जांच की। जांच के आधार पर सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर आशीष कुमार ने केस दर्ज कराया है। इसमें सत्येंद्र के अलावा तत्कालीन संपत्ति प्रबंध अधिकारी कृपाशंकर मिश्रा, विजय कुमार मेहरोत्रा और तत्कालीन लेखाधिकारी सुरेश को भी आरोपी बनाया गया है।

    दो आरोपियों की हो चुकी है मौत
    विजय कुमार 30 जून 2014 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सत्येंद्र सिंह भी 31 दिसंबर 2018 को शासन से सचिव पद से रिटायर हो चुके हैँ । वहीं, आरोपी सुरेश की वर्ष 2017 और कृपाशंकर की वर्ष 2018 में मौत हो चुकी है। पुरानी जांच के आधार पर सविता को भी आरोपी बनाया गया है।

    खूब किया खेल, सुबूत नष्ट करने का प्रयास
    सविता की शिकायत के बाद जब जांच शुरू हुई तो पता चला था कि आवंटन संबंधी मूल पत्रावली गायब हो गई है। इंदिरानगर कार्यालय में जो भी अफसर 1999-2004 तक तैनात रहे, उन्होंने फाइल गायब होने का दावा किया। दूसरी तरफ सविता ने हाईकोर्ट के आदेश पर भूखंड की रजिस्ट्री कराई। हैरानी की बात है कि परिषद की तरफ से जब कंपनी को भूखंड आवंटित किया गया था, तो रिकवरी का नोटिस सविता को क्यों भेजा गया। इससे साफ है कि मामले में जमकर खेल किया गया।

    रिटायर्ड आईएएस अफसर पर बड़ा आरोप
    सीबीसीआईडी की जांच से पहले हुई विभागीय जांच के दौरान कर्मचारी सुरेश चंद्र ने बताया था कि मूल फाइल समेत दस फाइलें तत्कालीन संयुक्त आवास आयुक्त सत्येंद्र सिंह लेकर गए थे। उन्होंने नौ फाइलें ही वापस की थीं। चूंकि सीबीसीआईडी की जांच से पहले ही सुरेश की मौत हो चुकी है, इसलिए उसके बयान को न तो झुठलाया जा सकता है और न ही सच माना जा सकता है। इसलिए विवेचना में इस आरोप की जांच की जाएगी।

  • दोनों पार्टियों के नेतृत्व के तेवर नरम, एमपी में साथ लड़ सकते हैं सपा-कांग्रेस, अखिलेश ने किया मंथन

    दोनों पार्टियों के नेतृत्व के तेवर नरम, एमपी में साथ लड़ सकते हैं सपा-कांग्रेस, अखिलेश ने किया मंथन

    दोनों पार्टियों के नेतृत्व के तेवर नरम, एमपी में साथ लड़ सकते हैं सपा-कांग्रेस, अखिलेश ने किया मंथन

    लखनऊ
    सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी रविवार को मध्य प्रदेश के अपने पार्टी पदाधिकारियों के साथ सीटवार तैयारियों का जायजा लिया। माना जा रहा है कि कांग्रेस और सपा के मिलकर चुनाव लड़ने के बाबत आधिकारिक घोषणा अगले एक-दो दिन में हो सकती है।

    मध्य प्रदेश में सीटों के मुद्दे पर पैदा हुई कांग्रेस और सपा के बीच रार खत्म होने के आसार बन रहे हैं। दोनों पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व के आपस में बातचीत के बाद इसके स्पष्ट संकेत मिले हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी रविवार को मध्य प्रदेश के अपने पार्टी पदाधिकारियों के साथ सीटवार तैयारियों का जायजा लिया। माना जा रहा है कि कांग्रेस और सपा के मिलकर चुनाव लड़ने के बाबत आधिकारिक घोषणा अगले एक-दो दिन में हो सकती है।

    मध्य प्रदेश में सपा और कांग्रेस के बीच सीटों को लेकर काफी समय से वार्ता चल रही थी। शुरुआती बातचीत इंडिया गठबंधन में सपा के प्रतिनिधि जावेद अली खान ने की। इसके बाद साझेदारी पर बातचीत की कमान सपा की ओर से प्रो. रामगोपाल यादव और कांग्रेस की ओर से रणदीप सुरजेवाला ने संभाली। दोनों के बीच कई राउंड बातचीत हुई। सपा नेतृत्व को बताया गया कि नवरात्र में कांग्रेस की ओर से आने वाली पहली सूची में ही सपा प्रत्याशियों के नाम भी होंगे। सपा का कहना है कि गठबंधन के तहत छह सीटें उसे देने की बात हुई थी। हालांकि, सपा ने दो सीटें और मांगी थीं।

    लेकिन, पहली सूची में सपा प्रत्याशियों के नाम घोषित न किए जाने पर दोनों ओर से तल्खियां बढ़ती गईं। एक-दूसरे के नेताओं के खिलाफ स्तरहीन आपत्तिजनक बयान तक दिए गए। इसी दौरान बताते हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अखिलेश यादव एक-दूसरे के संपर्क में आए। इसके बाद अखिलेश ने भी कहा कि कांग्रेस नेतृत्व कोई बात कहेगा, तो उन्हें माननी ही पड़ेगी। सूत्र बताते हैं कि इस संपर्क के दौरान ही तय हो गया था कि सीटों को लेकर सपा के साथ जो बात हुई थी, उसका पालन होगा। लेकिन, पहले डैमेज कंट्रोल कर लिया जाए।

    सपा मुख्यालय पर रविवार को हुई मध्य प्रदेश के पदाधिकारियों के साथ बैठक में भी कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के संकेत दिए गए। अखिलेश यादव ने यह समीक्षा भी की कि कौन प्रत्याशी जिताऊ स्तिथि में है और कहां ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है। सपा मध्य प्रदेश में कुल 33 प्रत्याशियों की सूची जारी कर चुकी है। गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने के बारे में सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी से संपर्क किए जाने पर उन्होंने कहा कि सपा की लड़ने वाली सीटें घट-बढ़ सकती हैं, लेकिन पूरी स्थिति वह सोमवार को ही स्पष्ट करने की स्थिति में होंगे।

  • उम्र छिपाकर पहले बना सिपाही, फिर दरोगा बना, जांच में इस तरह से हुआ खुलासा, एफआईआर दर्ज

    उम्र छिपाकर पहले बना सिपाही, फिर दरोगा बना, जांच में इस तरह से हुआ खुलासा, एफआईआर दर्ज

    उम्र छिपाकर पहले बना सिपाही, फिर दरोगा बना, जांच में इस तरह से हुआ खुलासा, एफआईआर दर्ज

    लखनऊ
    एफआईआर के मुताबिक आगरा निवासी देवेंद्र सिंह यूपी पुलिस व पीएसी सीधी भर्ती-2018 में सिपाही के पद पर चयनित हुआ था। उसको फतेहगढ़ जिले में तैनाती मिली थी।

    यूपी पुलिस के एक सिपाही ने उम्र कम दर्शाने के लिए दोबारा हाईस्कूल-इंटरमीडिएट परीक्षा पास की। फिर वह दरोगा के पद पर भर्ती हो गया। चुनार पुलिस प्रशिक्षण मिर्जापुर में ट्रेनिंग भी करने लगा। लेकिन एक गोपनीय शिकायत पर हुई विभागीय जांच में उसका फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। विभागीय जांच पूरी होने के बाद भर्ती बोर्ड की ओर से हुसैनगंज थाने में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।

     

    एफआईआर के मुताबिक आगरा निवासी देवेंद्र सिंह यूपी पुलिस व पीएसी सीधी भर्ती-2018 में सिपाही के पद पर चयनित हुआ था। उसको फतेहगढ़ जिले में तैनाती मिली थी। इस बीच उसने 2020-21 में दरोगा भर्ती परीक्षा में आवेदन किया, उसमें वह चयनित हो गया। जिसके बाद उसे ट्रेनिंग पर भेजा गया। 23 मई को आगरा निवासी रंजीत सिंह नाम के एक शख्स ने भर्ती बोर्ड में दरोगा देवेंद्र सिंह के खिलाफ शिकायत की। शिकायत में दावा किया कि उम्र छिपाने के लिए उसने दो बार बोर्ड परीक्षाएं पास की हैं। शिकायत पर जांच हुई।

    जांच में पता चला कि देवेंद्र ने पहली बार जब बोर्ड परीक्षा पास की तो उसमें उसकी जन्मतिथि 30 जुलाई 1995 दर्ज थी। बाद में जब दूसरी बार परीक्षा दी तो दस्तावेजों पर 15 नवंबर 1996 जन्मतिथि दर्ज कराई। इससे पहले मध्य प्रदेश पुलिस में भी वो सिपाही पद पर चयनित हो चुका है। जांच में उसके खिलाफ फर्जीवाड़ा के पुख्ता साक्ष्य मिले। उसी आधार पर धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार कर इस्तेमाल करने आदि धाराओं में उस पर केस दर्ज कराया गया है।