Category: Politician

  • वाराणसी में पीएम के जीवन पर केंद्रित चित्र प्रदर्शनी का सीएम ने किया उद्घाटन।

    वाराणसी में पीएम के जीवन पर केंद्रित चित्र प्रदर्शनी का सीएम ने किया उद्घाटन।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार की सुबह वाराणसी पहुंचे। वह यहां विविध आयोजनों में इस दौरान सम्मिलित होंगे। वाराणसी आने के बाद सुबह उन्‍होंने रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन पर आधारित आठ दिवसीय चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।इसके बाद वह जल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए गंगा में जेटी का शिलान्यास करने पहुंचे।

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी दौरे के दौरान शुक्रवार को रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित काशी के सांसद व प्रधानमंत्री मोदी के जीवन पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर उदघाट्न किया।

    उद्घाटन करने के पश्चात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके बाद प्रदर्शनी जनसामान्य के अवलोकनार्थ खोल दिया गया। जो प्रतिदिन जनसामान्य के अवलोकनार्थ खुला रहेगा।

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    इन चित्रो में नरेन्द्र मोदी के सामने आने वाली चुनौतियों और उनकी उपलब्धियों को भी बखूबी दर्शाया गया है।

    आयल और एक्रिलिक रंगों से बनी इन पेंटिंग में गुजरात के एक छोटे से शहर में चाय बेचने वाले एक युवा लड़के से लेकर दुनियां के सबसे बडे लोकतंत्र के प्रधानमंत्री बनने की साहसी यात्रा का एक दस्तावेज है। इन पेंटिंग में 12 पेंटिंग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जीवन से सम्बन्धित, 32 पेंटिंग “मन की बात एवं 11 स्केच मन की बात पुस्तक से शामिल की गयी है। संकल्प से सिद्धि, काले धन को ना करो, नशीली दवाओं से सावधान रहे, हमारे किसानों को बचाओ, पानी एक आशीर्वाद है, खादी, लक्ष्य, मेरा भारत, स्वच्छ भारत, जीवन का आदर करो, मुद्रा योजना, राष्ट्रीय एकता, और मदद करने वाले हाथ जैसी उत्कृष्ट रचनाए है। जो खूबसूरत ही नहीं बल्कि एक संदेश प्रतीत होती है।

    प्रदर्शनी के उदघाट्न अवसर पर केंद्रीय कैबिनेट मंत्री सर्बानंद सोनोवाल,

    उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही,

    श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर,

    स्टांप एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल,

    आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’,

    प्रदेश सह प्रभारी सुनील ओझा,

    काशी क्षेत्र के अध्यक्ष महेश चंद श्रीवास्तव,

    पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉक्टर नीलकंठ तिवारी, विधायक गण सौरभ श्रीवास्तव, डॉ. अवधेश सिंह, सुनील पटेल, महानगर अध्यक्ष विद्या सागर राय, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, महापौर मृदुला जायसवाल, अशोक चौरसिया, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी नवरतन राठी, सह-मीडिया प्रभारी संतोष सोलापुरकर, नवीन कपूर, जगदीश त्रिपाठी, अशोक पटेल, संजय सोनकर, सुरेश सिंह, रौनी वर्मा, साधना वेदांती, गीता शास्त्री, आलोक श्रीवास्तव, इं अशोक यादव, अशोक कुमार एडवोकेट आदि हजारों भाजपा कार्यकर्ता प्रमुख रूप से  उपस्थित रहे।

    काशी के सांसद व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन पर आधारित इस चित्र प्रदर्शनी में 55 चित्रों के माध्यम से उनके व्यक्तित्व व कृतित्व को उकेरा गया है। बताते चलें कि इन चिंत्रो में गुजरात से लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विश्व नेता बनने तक के सफर को कैनवास पर खुबसुरती से उकेरा गया है। इन पेंटिंग की खास बात ये है कि इनमें जीएसटी, विमुद्रीकरण और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे प्रमुख नीतिगत फैसलो को भी जगह दी गयी है।

  • मुफ्तखोरी की पराकाष्ठा और आज के राजनेता

    मुफ्तखोरी की पराकाष्ठा और आज के राजनेता

    *भारतवासी क्या अपनी आने वाली पीढ़ी को नक्सली, उग्रवादी या कमजोर बनाना चाहते हैं ?…… मुफ़्तख़ोरी की पराकाष्ठा!*

    आज भारत देश में अपना राजनीतिक वर्चस्व कायम करने के लिए सभी राजनीतिक दलों द्वारा मुफ़्त दवा, मुफ़्त जाँच, मुफ्त बस यात्रा, मुफ्त मैट्रो रेल यात्रा, मुफ़्त राशन, मुफ़्त शिक्षा, मुफ्त विवाह, मुफ्त जमीन के पट्टे, मुफ्त मकान बनाने के पैसे, बच्चा पैदा करने पर पैसे, बच्चा पैदा नहीं (नसबंदी) करने पर पैसे, स्कूल में खाना मुफ़्त, बिजली मुफ्त, मुफ्त तीर्थ यात्रा आदि के प्रलोभन देकर सत्ता पर अपना कब्जा बनाने में लगी है।

    *”जन्म से मृत्यु तक सब मुफ्त”* मुफ़्त बाँटने की होड़ सिर्फ और सिर्फ सत्ता हथियाने के लिए । ऐसे में देश का विकास कैसे होगा जब राजनेता और राजनीतिक दल देश की जनता का हित भुलकर अपना हित पूरा करने में लगे है ।

    *यह तो वहीं बात हुई – अंधी पीसे, कुत्ते खायें।*

    पिछले दस सालों से लेकर आगे आने वाले बीस सालों में एक ऐसी पीढ़ी तैयार हो रही है जो कुर्सी के पिस्सू, अस्थिर दिमाग वाले और निखथू के अलावा कुछ नहीं होंगे और इस कार्य को सम्पन्न करने में लगे हैं हमारे वह नेता और दल जो राजसत्ता पाने के लालच में घोषणा कर रहे हैं फ्री और सभी जो इनको सत्ता में काबिज करवाने में लगे हैं वह सब बनेंगे और कहलाएंगे पूर्णतया मुफ़्तखोर !

    जब मां – बाप, बड़े बुजुर्ग या कोई और पारिवारिक सदस्य उनको काम करने को कहेंगे तो वो गाली दे कर कहेंगे कि सरकार क्या कर रही है?

    आप सभी जानते हैं कि यह मुफ़्तखोरी की ख़ैरात कोई भी नेता / राजनीतिक दल अपनी जेब या पार्टी फ़ंड से नही देती बल्कि टैक्स दाताओं के पैसो से जो राष्ट्रहित में खर्च होने चाहिए से लुभावने वादों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल करती है!

    हम अपने बच्चो और आने वाली पीढ़ी को मेहनतकश सभ्य नागरिक नहीं बल्कि “परजीवी” बनाने में लगे हैं वह भी उस लालच में जो पैसा वैसे भी हमारी प्रगति के लिए ही खर्च होना है!

    *देश का हाडतोड़ मेहनत और अक्ल लगाकर ईमानदारी से कमाने और टैक्स भरने वाला टैक्सदाता बहुसंख्यक मुफ़्तखोर समाज को कब तक और क्यों पालेगा* ?

    बीस – तीस सालों बाद आर्थिक समीकरण फ़ेल हो जाएगा उस समय मुफ़्तखोर पीढ़ी का क्या होगा ? जिस ने जीवन में कभी मेहनत की रोटी नही खाई होगी, हमेशा मुफ़्तखोरी में समय बिताया होगा और उन्हे फ्री नहीं मिलने पर हम सबकी पीढ़ी नक्सली बन जाऐगी, उग्रवादी बन जाएगी या आत्महत्या कर लेगी, परन्तु काम नही कर पायेगी!

    सोचने की बात है कि यह राजनीतिक दल और ऐसे नेता कैसे समाज का और देश का निर्माण कर रही हैं?

    *झूठा फ्री का लोभ मोह छोड़ कर गम्भीरता से चिंतन करिये, क्या हम सही रास्ते पर हैं?*

    जनहित में जारी
    *संजय बाटला*

  • महापौर /विधायक बनने का सब्जबाग दिखा रहे एवं स्वयं भी पाल रहे दुर्ग के ये नेता

    महापौर /विधायक बनने का सब्जबाग दिखा रहे एवं स्वयं भी पाल रहे दुर्ग के ये नेता

    दुर्ग । पिछलग्गू टीवी चैनल में पैसे के दम पर डिबेट में भाग लेकर अपनी राजनीतिक रोटी सेक कर तथ्यहीन आंकड़ों को पेश कर पार्टी संगठन में आगे बढ़ने की जुगत लगा रहे दुर्ग के एक नेता इन दिनों निजी चैनल का सहारा ले रहे है । चर्चा यहां तक है कि यह नेता छोटे-छोटे चैनलों में बड़ी-बड़ी ज्ञान की बातें कर चंद निजी चैनलों यूट्यूब चैनल के सहारे सोशल मीडिया में खुद प्रचार कर संगठन में अपने पैर जमाने की कोशिश में लगा हुआ है नेता के इस कदम से विपक्षी पार्टी तो दूर कई समर्थक भी दबी जुबान में व्यंग करते हुए नजर आते हैं ।

    बता दे कि दुर्ग से जुड़े हुए नेता डिबेट में बैठकर बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं जो कि कुछ चैनलों के पिछलग्गू बन गए हैं और सीधे तौर पर अपनी अपने मन की भड़ास टीवी चैनलों के माध्यम से जो कि प्रायोजित उन्हीं के नेताओं द्वारा की जाती है बैठकर मन की भड़ास निकालते नजर आ रहे हैं जिनका सपना था कि वह महापौर या विधायक तक पहुंच जाएंगे । हालांकि संगठन में पद तो मिल गया किंतु अभी फिलहाल पार्टी संगठन से जुड़ कर काम करने पर कुछ खास उपलब्धि दिख नहीं रहा है जिससे नेताजी काफी हताश बताए जा रहे हैं और तथाकथित दीदी से जुड़कर अपनी राजनीतिक रोटी सेकने में लगे हुए हैं जो कि दुर्ग छत्तीसगढ़ से बाहर रहकर बिल्डिंग बनाते हैं वह अपने सपनों का महल दुर्ग महापौर और विधायक बनने का सपना लेकर चल रहे हैं जो खुद खास लोकल चैनलों के पिछले बनकर ही डिबेट किंग बन गए हैं । अब देखना यह है कि आने वाले समय में उनका यह डिबेट उन्हें खास मुकाम तक पहुंचाता है या कोशिश नाकाम होती है ।

  • सहरसा के महिषी में आज से मनाया जा रहा उग्रतारा महोत्सव

    सहरसा के महिषी में आज से मनाया जा रहा उग्रतारा महोत्सव

    सहरसा जिले के महिषी में आज से उग्रतारा महोत्सव का आयोजन प्रारंभ हुआ। 4 नवंबर से 6 नवंबर तक तीन दिवसीय इस आयोजन में स्थानीय कलाकार से लेकर बाहरी एवं राज्य स्तरीय कलाकार जमकर अपना प्रदर्शन कर रहे हैं। आज के इस कार्यक्रम मैं बिहार के उपमुख्यमंत्री के साथ-साथ अन्य मंत्री व कलाकार सभी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।

    कला संस्कृति मंत्रालय बिहार सरकार द्वारा मनाया जाने वाला यह कार्यक्रम स्थानीय लोगों कि मनोबल को बढ़ाता है। महिषी के सर्वोदय मंडल प्रांगण में चल रहे या कार्यक्रम में आसपास के काफी लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

    इस कार्यक्रम का असर बगल के कोशी सेवा सदन प्रांगण मैं भी खूब दिखा। जिले के कई पदाधिकारियों के साथ साथ संस्था के डायरेक्टर राजेंद्र झा द्वारा वृक्षारोपण का अभियान चलाया गया। चाइल्ड लाइन सब सेंटर महिषी के टीम लीडर नीरज सादा के साथ-साथ टीम के सदस्य सुमन जी विनीता कुमारी पुष्पा कुमारी प्रमोद कुमारथाना प्रभारी स्थानीय मुखिया विधायक स्वतंत्रता सेनानी आदि ने मिलकर इस कार्यक्रम में अपना सहयोग किया।

     

  • बदरीनाथ में रात्रि विश्राम के बाद दिल्ली रवाना हुए पीएम मोदी

    बदरीनाथ में रात्रि विश्राम के बाद दिल्ली रवाना हुए पीएम मोदी

    चमोली। उत्तराखंड का दो दिवसीय दौरा संपन्न कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली लौट गए हैं। पीएम मोदी के विमान ने आज सुबह 7.30 बजे बदरीनाथ से दिल्ली के लिए उड़ान भरी। पीएम मोदी ने रात्रि विश्राम बदरीनाथ में ही किया। पीएम के साथ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी बदरीनाथ धाम में ही रुके थे। शुक्रवार को बदरीनाथ दौरे के दौरान पीएम मोदी ने मंदिर में पूजा अर्चना की।
    इस बार के दौरे में पीएम मोदी केदारनाथ धाम के बाद बदरीनाथ पहुंचे। बदरीनाथ में बदरी विशाल की पूजा अर्चना करने के बाद वह देश के अंतिम गांव माणा पहुंचे। माणा से उत्तराखंड के साथ पूरे देश को संबोधित किया। अब तक जो लोग उत्तराखंड में बदरीनाथ धाम आते थे, उनमें से बेहद कम लोग इस गांव का रुख करते थे। जबकि बदरीनाथ धाम से चंद मिनटों की दूरी पर यह गांव उत्तराखंड का या यह कहें देश का ऐसा अंतिम गांव है जो चीन की सीमा से लगा हुआ है। माणा गांव की खूबसूरत वादियां, पर्वतों से निकलने वाली नदियां किसी का भी मन मोह सकती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि पांडव इसी गांव से होते हुए स्वर्ग की तरफ गए थे। इसलिए इस गांव इस जगह का महत्व और भी बढ़ जाता है

    माणा गांव से प्रधानमंत्री जब देश को संबोधित कर रहे थे, तब उन्होंने इस गांव का किस्सा भी सुनाया। उन्होंने कहा माणा गांव से उनका नाता लगभग 25 साल पुराना है। जब वह भारतीय जनता पार्टी के एक साधारण से कार्यकर्ता हुआ करते थे। तब बीजेपी नेताओं की एक बैठक इसी गांव में बुलाई गई थी। उस वक्त बीजेपी के तमाम नेता इस बात का विरोध और नाराजगी जाहिर कर रहे थे कि आखिरकार इतने ऊंचे गांव में बैठक बुलाने का क्या औचित्य है। तब उन नेताओं को मैंने यह जवाब दिया था कि जब आप इस गांव में आकर यहां समय बिताएंगे, तभी उत्तराखंड के लोगों के दिलों में आपको स्थान मिलेगा। लिहाजा आज मुझे इस गांव में आकर बेहद अच्छा लग रहा है। मोदी ने यहां पर रहने वाले भोटिया जनजाति के लोगों से मुलाकात भी की और यहां पर बनने वाले गर्म कपड़े और अन्य पदार्थों के बारे में भी बारीकी से जानकारी ली।