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  • नोएडा बनने के 47 साल बाद प्रदेश को मिला एक और औद्योगिक शहर, नाम होगा ‘बीडा’, जानिए क्या होगी लोकेशन

    नोएडा बनने के 47 साल बाद प्रदेश को मिला एक और औद्योगिक शहर, नाम होगा ‘बीडा’, जानिए क्या होगी लोकेशन

    नोएडा बनने के 47 साल बाद प्रदेश को मिला एक और औद्योगिक शहर, नाम होगा ‘बीडा’, जानिए क्या होगी लोकेशन

    लखनऊ
    नोएडा के गठन के 47 वर्ष बाद प्रदेश को एक और नए औद्योगिक शहर की सौगात प्रदेश सरकार ने दी है। बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के नाम से नया औद्योगिक शहर झांसी-ग्वालियर मार्ग पर बसाया जाएगा।

    नोएडा के गठन के 47 वर्ष बाद प्रदेश को एक और नए औद्योगिक शहर की सौगात प्रदेश सरकार ने दी है। बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के नाम से नया औद्योगिक शहर झांसी-ग्वालियर मार्ग बसाया जाएगा। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी दे दी गई। खास बात ये है कि बीडा का आकार नोएडा से भी बड़ा होगा। नोएडा का गठन 13 हजार हेक्टेयर जमीन से किया गया था। बीडा का गठन करीब 14 हजार हेक्टेयर जमीन से किया जा रहा है। बीडा के लिए सरकार पहले चरण में 5000 करोड़ रुपये की राशि देगी।

     

    लोकभवन में सीएम योगी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने नोएडा की तर्ज पर बुंदेलखंड में नया औद्योगिक शहर बसाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की। इस फैसले से बुंदेलखंड के जिलों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ा जा सकेगा और बुनियादी विकास के साथ ही रोजगार सृजन होगा। उत्तर प्रदेश में इससे पहले वर्ष 1976 में नोएडा के गठन का निर्णय लिया गया था और अब 47 वर्षों के बाद एक नया औद्योगिक शहर बसाया जा रहा है। इस संबंध में वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि बुंदेलखंड के विकास को लेकर सरकार की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 11 फीसदी प्रस्ताव केवल इसी क्षेत्र के लिए पास किए गए हैं।

    सुरेश खन्ना ने बताया कि मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण व नए औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत बसाये जाने वाले बीडा को नोएडा की तर्ज पर ही विकसित किया जाएगा। पहले चरण में झांसी के 33 राजस्व ग्रामों की 35 हजार एकड़ जमीन को अधिग्रहीत किया जाएगा। इस जमीन की कीमत 6312 करोड़ रुपये है। बीडा के गठन के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 में सरकार की ओर से 5 हजार करोड़ की व्यवस्था की गई थी। इस वर्ष 2023-24 में मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण व नए औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना मद के तहत ऋण के रूप में 5000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जो जमीन अधिग्रहीत की जाएगी, उसमें 8 हजार एकड़ जमीन ग्राम समाज की है।

    पहले चरण में 35 हजार एकड़ जमीन का अधिग्रहण

    कैबिनेट की बैठक के बाद वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने पारित हुए प्रस्तावों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैठक में मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण व नए औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत झांसी में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) द्वारा नोएडा की तर्ज पर एक नए इंडस्ट्रियल टाउनशिप को विकसित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई है। परियोजना के पहले चरण में झांसी के 33 राजस्व ग्रामों की 35 हजार एकड़ जमीन को अधिग्रहीत कर औद्योगिक शहर की स्थापना की जाएगी। इस जमीन की कीमत 6312 करोड़ रुपये है।

    अतिरिक्त 5 हजार करोड़ रुपये का किया गया प्रावधान

    सुरेश खन्ना ने बताया कि बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण के गठन के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 में सरकार की ओर से 5 हजार करोड़ की व्यवस्था की गई थी और इस वर्ष (2023-24) में मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण व नए औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना मद के तहत ऋण के रूप में 5000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जो जमीन अधिग्रहीत की जाएगी, उसमें 8 हजार एकड़ जमीन ग्राम समाज की है।

    प्रमुख शहरों से होगी बेहतरीन कनेक्टिविटी

    वित्त मंत्री ने बताया कि यह योगी सरकार का बहुत बड़ा कदम है। इस ऐतिहासिक निर्णय से बुंदेलखंड के बहुआयामी विकास को तेज गति मिलेगी। झांसी के आसपास का एरिया बड़े पैमाने पर विकसित हो जाएगा। इसके माध्यम से कुल 14 हजार हेक्टेयर जमीन पर औद्योगिक शहर विकसित करने की योजना है। यह औद्योगिक शहर झांसी-ग्वालियर मार्ग पर प्रस्तावित है जो राष्ट्रीय राजमार्ग के माध्यम से देश के प्रमुख शहरों से भी जुड़ा होगा। यही नहीं, यह राष्ट्रीय राजमार्ग 27 से जालौन जनपद से गुजरने वाले बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से जुड़कर प्रदेश के अन्य शहरों से अच्छी तरह जुडे़गा।

    क्षेत्र के विकास के साथ ही मिलेंगे रोजगार के अवसर
    उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अंतर्गत टाउनशिप समेत औद्योगिक स्थापना के लिए आवश्यक सभी आवश्यक सुविधाओं का यहां समावेश होगा। इसके गठन से क्षेत्र का सर्वांगीण विकास होगा तथा बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन होगा। जन सामान्य को क्षेत्रीय विकास के साथ ही रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, जिसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। यह कदम प्रदेश के विकास में भी बहुत बड़ा योगदान देगा। सरकार ने जो वन ट्रिलियन इकॉनमी बनने का संकल्प लिया है, वो इसके माध्यम से पूरा हो सकेगा।

    100 सबसे पिछड़े नगरीय निकायों में लागू होगी आकांक्षी नगर योजना
    योगी कैबिनेट ने 20 हजार से एक लाख जनसंख्या वाले सबसे पिछड़े 100 नगरीय निकायों में आकांक्षी नगर योजना को लागू किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की है। इसके अंतर्गत इन नगरीय निकायों में वर्तमान में चल रही सरकारी योजनाओं के साथ ही केंद्र व राज्य सरकार, सांसद व विधायक निधि समेत अन्य संस्थाओं से सहयोग प्राप्त कर कन्वर्जन के माध्यम से परियोजनाओं को क्रियान्वित किया जाएगा। योजना के तहत 762 नगरीय निकायों में से 100 आकांक्षी नगरीय निकायों का चयन नीति आयोग द्वारा 16 पैरामीटर्स के आधार पर किया जाएगा। इनमें यह योजना 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगी, लेकिन इसकी मॉनीटरिंग डैशबोर्ड के माध्यम से 31 मार्च 2028 तक चलेगी। इस योजना के जरिए संसाधनों का आदर्श प्रयोग और आर्थिक विकास के अवसरों को बढ़ाकर पलायन रोकने में मदद मिलेगी।

    सहारनपुर, अयोध्या और फिरोजाबाद में भी चलेंगी एसी इलेक्ट्रिक बसें
    कैबिनेट में सहारनपुर, अयोध्या और फिरोजाबाद में एसी इलेक्ट्रिक बसों से संचालन से संबंधित प्रस्ताव को भी ग्रीन सिग्नल मिल गया। इन शहरों में इलेक्ट्रिक बसों से संचालन, प्रबंधन एवं अनुरक्षण के लिए कंपनी अधिनियम 2013 के अंतर्गत संबंधित मंडल के आयुक्त की अध्यक्षता में नए एसपीवी के गठन का निर्णय लिया गया है। एसपीवी को नगरों में बसें चलाने के लिए मार्ग निर्धारित करने का अधिकार होगा। साथ ही मार्गों पर किराए के निर्धारण के साथ ही यात्रियों को दी जाने वाली सुविधाओं के संबंध में विचार विमर्श करने का भी अधिकार होगा। उल्लेखनीय है कि अभी प्रदेश के 14 शहरों में कुल 740 एसी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन 13 एसपीवी क माध्यम से कराया जा रहा है।

  •  पुलिस कर्मियों को मिलेगा 500 रुपये मोटरसाइकिल भत्ता, बुंदेलखंड में बनेगा औद्योगिक विकास प्राधिकरण

     पुलिस कर्मियों को मिलेगा 500 रुपये मोटरसाइकिल भत्ता, बुंदेलखंड में बनेगा औद्योगिक विकास प्राधिकरण

     पुलिस कर्मियों को मिलेगा 500 रुपये मोटरसाइकिल भत्ता, बुंदेलखंड में बनेगा औद्योगिक विकास प्राधिकरण

    यूपी कैबिनेट की मंगलवार को हुई बैठक में 19 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में आरक्षी एवं मुख्य आरक्षी को 500 रुपये मोटरसाइकिल भत्ता देने के निर्णय को मंजूरी दी गई है।

    उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात आरक्षी एवं मुख्य आरक्षी को 500 रुपये मोटरसाइकिल भत्ता दिया जाएगा। मंगलवार को कैबिनेट ने इसके प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी। बता दें कि पहले आरक्षी एवं मुख्य आरक्षी को 200 रुपये साइकिल भत्ता दिया जाता था, जिसे मोटरसाइकिल भत्ते में परिवर्तित करने के साथ 500 रुपये प्रतिमाह की धनराशि देने की मंजूरी प्रदान की गई है। इससे राज्य सरकार पर 6.78 करोड़ रुपये अतिरिक्त वार्षिक व्ययभार आने का अनुमान है। बैठक में बुंदेलखंड में औद्योगिक विकास प्राधिकरण के गठन का निर्णय भी लिया गया।

    वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कैबिनेट में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वित्त विभाग के वर्ष 2018 के शासनादेश के मुताबिक प्रदेश के समस्त विभागों के साइकिल भत्ता के लिए पात्र कर्मियों के लिए 200 रुपये की धनराशि का प्राविधान किया गया था। अन्य राजकीय विभागों के समकक्ष कर्मियों, जिन्हें साइकिल भत्ता अनुमन्य है, से पुलिस विभाग के आरक्षी एवं मुख्य आरक्षी के पृथक कार्यदायित्व के दृष्टिगत अल्प समय में घटनास्थल, विभिन्न प्रकार की अति महत्वपूर्ण ड्यूटी पर पहुंचना होता है, जो वर्तमान हालात में साइकिल से संभव नहीं है। लिहाजा, कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए साइकिल के स्थान पर मोटरसाइकिल के प्रयोग व इसके लिए उन्हें साइकिल भत्ते के स्थान पर मोटरसाइकिल भत्ता देने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है। 

     

    बैठक में इन प्रस्तावों को मिली मंजूरी:
    – 
    बैठक में बुंदेलखंड में औद्योगिक विकास प्राधिकरण के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके लिए 33 राजस्व गांवों की जमीन खरीदी जाएगी। इसका निर्माण 14 हजार एकड़ भूमि पर किया जाएगा जिसमें से 8 हजार एकड़ भूमि ग्राम समाज की है। प्राधिकरण का निर्माण झांसी ग्वालियर मार्ग पर किया जाएगा।
    – अयोध्या में टूरिस्ट फैसिलेशन सेंटर के लिए मंजूरी दी गईं है।
    – धान खरीद नीति को मंजूरी दी गई।
    – आकांक्षी विकास खण्ड की तर्ज पर 100 नगर निकाय में आकांक्षी नगर निकाय योजना लागू होगी। इन नगर निकायों को 2026 तक विकसित किया जाएगा। इसके बाद फिर 100 निकायों का चयन होगा। इसके तहत 32 मानकों पर कार्य किया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन के लिए 100 सीएम फैलो नियुक्त किए जाएंगे।
    – योजना के तहत 20 हजार से एक लाख आबादी वाले निकाय का चयन किया गया है।
    – पुलिस के आरक्षी और हेड कांस्टेबल का साइकिल भत्ता 200 से बढ़ाकर 500 रुपये किया गया।
    – संभल, औरैया में पुलिस लाइन बनाई जाएगी।
    – पुलिस लाइन में शहीद स्मारक, म्यूजियम, ट्रैफिक पार्क भी बनवाया जाएगा।
    – वीरांगना उधादेवी बटालियन का गठन होगा। 351 करोड़ का बजट की व्यवस्था की गई है। 

  • अखिलेश यादव बोले, भवन निर्माण सामग्री पर जीएसटी थोपकर घर बनाना भी महंगा कर रही सरकार

    अखिलेश यादव बोले, भवन निर्माण सामग्री पर जीएसटी थोपकर घर बनाना भी महंगा कर रही सरकार

    अखिलेश यादव बोले, भवन निर्माण सामग्री पर जीएसटी थोपकर घर बनाना भी महंगा कर रही सरकार

    सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का कहना है कि भाजपा की गलत नीतियों के कारण महंगाई बढ़ रही है और अब सरकार भवन निर्माण सामग्री पर भी जीएसटी बढ़ाकर घर बनाना महंगा कर रही है।

    उन्होंने कहा कि दवाओं की महंगाई और महंगे इलाज ने लाखों परिवारों की कमर तोड़ रखी है। अब सरकार भवन निर्माण सामग्री पर नए सिरे से जीएसटी थोपकर घर बनाना भी महंगा करने की तैयारी में है। ईंट, मौरंग, बालू और गिट्टी पर 18 फीसदी जीएसटी लगाने से गरीबों पर और मध्यम वर्ग पर बड़ा बोझ पड़ेगा। कहा कि लोकसभा चुनाव में जनता भाजपा को उसके झूठे वादों की सजा देगी। घोसी उपचुनाव के परिणाम से जनता ने साफ संदेश दे दिया है कि अब वह भाजपा सरकार को और बर्दाश्त नहीं करेगी।

    दूसरी ओर, सपा अध्यक्ष ने भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 136 वीं जयंती पर उन्हें याद करते हुए नमन किया। कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उनकी सेवाओं को हमेशा याद किया जाएगा।

    चमन आरा बनीं महिला सभा की राष्ट्रीय महासचिव
    सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह ने सिद्धार्थनगर निवासी चमन आरा को समाजवादी महिला सभा का राष्ट्रीय महासचिव मनोनीत किया है। मालूम रहे कि चमन आरा नगर पालिका परिषद बांसी की अध्यक्ष हैं। 

  • सेवा पखवाड़े के जरिये मोदी सरकार की उपलब्धियां जनता तक पहुंचाएगी भाजपा

    सेवा पखवाड़े के जरिये मोदी सरकार की उपलब्धियां जनता तक पहुंचाएगी भाजपा

    सेवा पखवाड़े के जरिये मोदी सरकार की उपलब्धियां जनता तक पहुंचाएगी भाजपा

    मोदी सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए भाजपा सेवा पखवाड़ा चलाएगी। इस दौरान विविध आयोजन किए जाएंगे। सेवा पखवाड़ा 17 सितंबर से 2 अक्तूबर तक चलेगा।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से गांधी जयंती 2 अक्तूबर तक भाजपा सेवा पखवाड़ा मनाएगी। इस पखवाड़े के जरिये भाजपा केंद्र सरकार की उपलब्धियां लेकर जनता के बीच पहुंचेगी और बूथ स्तर तक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

    सेवा पखवाड़े में रक्तदान व स्वास्थ्य शिविर के आयोजन के साथ मोदी सरकार की योजनाओं से वंचित पात्र लोगों को योजना का लाभ भी दिलाया जाएगा। इसी दौरान मेरी माटी मेरा देश के कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा। 17 सितंबर को विश्वकर्मा जयंती के दिन ही पीएम मोदी का जन्मदिन है। उस दिन पीएम वृहद विश्वकर्मा योजना भी लागू करेंगे।

    भाजपा ओबीसी मोर्चा की ओर से भी प्रदेश भर में इस दिन कार्यक्रमों का होगा। ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कश्यप की अध्यक्षता में सोमवार को इस संबंध में बैठक बुलाई गई है। बैठक में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी शामिल होंगे। मोर्चे की ओर से बाईक रैली निकालने सहित अन्य कार्यक्रमों पर मंथन होगा।

    सेवा पखवाड़े में सभी मोर्चों के कार्यकर्ता और पदाधिकारी उनसे जुड़े क्षेत्रों में सेवा कार्य के साथ मोदी सरकार की उपलब्धियां बताएंगे। पीएम मोदी के नेतृत्व में जी-20 के सफल आयोजन को भी बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश किया जाएगा। जानकारों का मानना है कि लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी लगातार 15 दिन तक विभिन्न कार्यक्रमों के जरिये समाज के हर तबके के बीच पहुंचेगी। इससे न केवल चुनाव से पहले मतदाताओं की थाह जानी जाएगी, बल्कि चुनावी माहौल भी तैयार किया जाएगा। 

  • योगी बोले, नई बनने वाली हर सड़क की 5 साल हो गारंटी, खराब होने पर निर्माता एजेंसी ही करे पुनर्निर्माण

    योगी बोले, नई बनने वाली हर सड़क की 5 साल हो गारंटी, खराब होने पर निर्माता एजेंसी ही करे पुनर्निर्माण

    योगी बोले, नई बनने वाली हर सड़क की 5 साल हो गारंटी, खराब होने पर निर्माता एजेंसी ही करे पुनर्निर्माण

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर सड़कों को गड्ढामुक्त किए जाने के संबंध में समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि दीपावली से पहले अभियान चलाकर सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाए।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी नवंबर में दीपावली से पहले प्रदेश की सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को विभिन्न विभागों के साथ बैठक करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष मानसून की स्थिति असामान्य है। आने वाले दिनों में कई जिलों में लगातार बारिश की संभावना है। इसका ध्यान रखते हुए नवंबर में दीपावली से पूर्व प्रदेश व्यापी सड़क गड्ढामुक्ति का अभियान चलाया जाए। जहां बरसात की स्थिति हो वहां, बोल्डर डालकर रोलर चलाकर आवागमन सुगम किया जाए।

    उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई, मंडी परिषद, सिंचाई, ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज, चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास, आवास, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आदि विभागों की करीब 04 लाख किलोमीटर सड़कें प्रदेश में हैं। हर एक सड़क पर चलना आम आदमी के लिए सुखद अनुभव वाला हो, यह हम सभी की जिम्मेदारी है। मेट्रो/एक्सप्रेस-वे जैसी बड़ी परियोजनाओं के कारण यदि पूर्व से संचालित सड़कें खराब होती हैं तो खराब होने के कारक विभाग को उत्तरदायी बनाया जाएगा। गड्ढा मुक्ति अभियान के लिए विभागीय कार्ययोजना से अवगत होते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सड़कों के लिए बजट का कोई अभाव नहीं है, आवश्यकता है कि सभी विभाग बेहतर नियोजन करें। उन्होंने सभी विभागों को यह निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए सड़क बनाने वाली एजेंसी/ठेकेदार सड़क बनने के अगले 05 वर्ष तक उसके अनुरक्षण की जिम्मेदारी भी उठाएगा। इस बारे में नियम-शर्ते स्पष्ट रूप से उल्लिखित की जाएं।

    अभियंता निर्माण कार्य के ‘बैकबोन’
    अभियंताओं को निर्माण कार्य का ‘बैकबोन’ की संज्ञा देते हुए उन्होंने कहा कि कहीं भी अभियंताओं की कमी न हो, आवश्यकता पड़े तो आउटसोर्सिंग से भी तैनाती की जानी चाहिए। विभागीय मंत्रियों व अधिकारियों को फील्ड में रैंडम दौरा निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए जवाबदेही तय करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कार्य को मैनुअल के स्थान पर मैकेनाइज़्ड किये जाने पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि अभियंताओं की तैनाती केवल मेरिट के आधार पर ही किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक विभाग यह सुनिश्चित करे कि कहीं भी लोकहित से जुड़ी किसी परियोजना में माफिया/अपराधी प्रवृत्ति के लोगों को स्थान न मिले। उनके करीबी रिश्तेदारों और गैंग के गुर्गों को भी ठेके-पट्टे से दूर रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गड्ढामुक्ति और नवनिर्माण के अभियान की जियो टैगिंग कराई जाए। इसे पीएम गतिशक्ति पोर्टल से जोड़ा जाना चाहिए, साथ ही इसी तर्ज पर अपना पोर्टल भी विकसित किया जाना चाहिए ताकि कार्य की गुणवत्ता की अनवरत मॉनीटरिंग की जा सके।

    जलभराव हो तो तत्काल कराएं निकासी
    नगर विकास व ग्राम्य विकास विभाग को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात के कारण यदि कहीं जलभराव होता है तो तत्काल उसकी निकासी सुनिश्चित की जाए। विभागीय अधिकारी सड़कों पर मौजूद रहें। वहीं नगरों में आवारा श्वान की समस्या की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित एनिमल बर्थ कंट्रोल इकाइयों के शीघ्र क्रियान्वयन के अलावा अन्य उपयोगी प्रबंध करने के निर्देश भी दिए। 

  • घोसी उपचुनाव: हार के बाद दारा सिंह चौहान ने तोड़ी चुप्पी, कहा जल्द ही मीडिया के सामने रखेंगे अपनी पूरी बात

    घोसी उपचुनाव: हार के बाद दारा सिंह चौहान ने तोड़ी चुप्पी, कहा जल्द ही मीडिया के सामने रखेंगे अपनी पूरी बात

    घोसी उपचुनाव: हार के बाद दारा सिंह चौहान ने तोड़ी चुप्पी, कहा जल्द ही मीडिया के सामने रखेंगे अपनी पूरी बात

    लखनऊ
    घोसी उपचुनाव में करारी हार झेलने वाले बीजेपी प्रत्याशी दारा सिंह चौहान ने चुनाव परिणाम आने के एक दिन के बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही विस्तार से मीडिया में अपनी बात रखेंगे।

    घोसी उपचुनाव में करारी हार झेलने वाले बीजेपी प्रत्याशी दारा सिंह चौहान ने चुनाव परिणाम आने के एक दिन के बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। दारा सिंह चौहान ने कहा कि हार का कोई एक कारण नहीं, बल्कि कई कारण होते हैं। विपरीत परिणाम पर उन्होंने, गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में… शेर के जरिये कहा कि हार के कारणों की समीक्षा के बाद ही वे कुछ कह पाएंगे।

    उन्होंने कहा कि हम बूथवार हार के कारणों की समीक्षा कर रहे हैं। उन्हें चुनाव में पार्टी के सभी लोगों का साथ मिला, फिर भी अपेक्षित परिणाम न मिलने की वजह तलाश रहे हैं। जो भी रिपोर्ट होगी, उसे पार्टी में आगे बढ़ाएंगे। शीघ्र ही मीडिया के सामने भी बात रखेंगे। उन्होंने कहा कि वे परिणाम से निराश नहीं हैं, बल्कि सबक लेते हुए आगे बढ़ेंगे।

    दारा सिंह को मिली थी बड़ी हार

    घोसी उपचुनाव में सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह ने अब तक की सबसे बड़ी जीत हासिल की है। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी धारा सिंह को 42 हजार 759 मतों से मात दी। बीते वर्ष विधानसभा चुनाव में एक लाख आठ हजार 430 वोट पाने वाले दारा सिंह चौहान इस बार 81 हजार 668 पर सिमट कर रह गए है।

    यह सीट दारा सिंह चौहान के इस्तीफे देने के कारण खाली हुई थी। इस उपचुनाव में वैसे तो मुकाबला भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच था, लेकिन प्रतिष्ठा एनडीए और इंडिया गठबंधन की दांव पर लगी थी। लोकसभा चुनाव 2024 के लिए बने इंडिया गठबंधन की सियासी पकड़ का भी यह नतीजा माना जा रहा है।

    एनडीए को पिछड़ों का वोट न मिलने की बात गलत : संजय

    घोसी उपचुनाव में पिछड़ों का वोट न मिलने से एनडीए प्रत्याशी की हार की बात से निषाद पार्टी के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री संजय निषाद सहमत नहीं है। उनका कहना है कि यह गलत है। उन्होंने कहा कि एनडीए उम्मीदवार की हार के कारणों की समीक्षा की जाएगी। जहां पर कमी होगी उसे ठीक किया जाएगा। इस चुनाव परिणाम का लोकसभा चुनाव पर कोई असर नहीं दिखेगा।

    उन्होंने कहा कि अगर पिछड़ी जातियों ने वोट नहीं दिया तो एनडीए प्रत्याशी को फिर किसका वोट मिला है। छल से चुनाव जीतने वाले विपक्षी जनता के बीच यह भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं कि पिछड़ों ने वोट नहीं दिया है। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ वोट जरूर सपा को मिले होंगे, लेकिन पिछड़ों का सर्वाधिक वोट एनडीए को मिला। संजय ने परिणाम को जनता का फैसला बताते हुए कहा कि हम जनता के बीच जाएंगे और उनसे बात करेंगे और नाराजगी की वजह जानेंगे। जो कमी होगी, उसे दूर करके लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटेंगे।

     

  • शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने मंत्री को सुनाई पीड़ा, एक नंबर से नियुक्ति से कर दिए गए वंचित

    शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने मंत्री को सुनाई पीड़ा, एक नंबर से नियुक्ति से कर दिए गए वंचित

    शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने मंत्री को सुनाई पीड़ा, एक नंबर से नियुक्ति से कर दिए गए वंचित

    लखनऊ
    ईको गार्डन में एक नंबर से नियुक्ति से वंचित अभ्यर्थी धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी क्रम में कुछ अभ्यर्थियों ने आगरा में महिला कल्याण बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य से उनके आवास पर मुलाकात की।

    शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने महिला कल्याण बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य से
    69000 शिक्षक भर्ती में एक नंबर से नियुक्ति से वंचित अभ्यर्थी जहां 33 दिन से ईको गार्डन में लगातार धरना दे रहे हैं, वहीं जनप्रतिनिधियों से मिलकर न्याय मांग रहे हैं। इस क्रम में शनिवार को आगरा में अभ्यर्थियों ने महिला कल्याण बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य से उनके आवास पर मुलाकात की।

     

    अभ्यर्थियों ने उन्हें बताया कि उनके मामले को अनावश्यक लंबित किया जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग उनके मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी मौन है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से इससे संबंधित सूची बनाकर बेसिक शिक्षा परिषद को भेजी गई है। उसके बाद भी विभाग कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है।

    मंत्री ने अभ्यर्थियों को बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह से वार्ता कर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उधर, राजधानी में ईको गार्डेन में 33वें दिन शनिवार को बरसात के बीच अभ्यर्थी डटे रहे। अभ्यर्थियों ने कहा कि चयन आदेश जारी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

  • अखिलेश यादव से खास बातचीत; उपचुनाव के नतीजे से लेकर ‘INDIA’ की रणनीति तक, जानें क्या-क्या बोले

    अखिलेश यादव से खास बातचीत; उपचुनाव के नतीजे से लेकर ‘INDIA’ की रणनीति तक, जानें क्या-क्या बोले

    • अखिलेश यादव से खास बातचीत; उपचुनाव के नतीजे से लेकर ‘INDIA’ की रणनीति तक, जानें क्या-क्या बोले
    • लखनऊ
      पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने घोसी रिजल्ट के बाद अमर उजाला के साथ खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने उपचुनाव के नतीजे से लेकर ‘INDIA’ की रणनीति तक कई मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि भाजपा और उनकी सरकारों का अन्याय चरम पर है। यह सबसे ज्यादा जातिवादी पार्टी है।
    • अखिलेश यादव से खास बातचीत
    • घोसी उपचुनाव में सपा की जीत को राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भविष्य का संकेत मान रहे हैं। वे इसे सिर्फ सपा प्रत्याशी की नहीं, बल्कि इंडिया गठबंधन की विजय मानते हैं। उनका कहना है कि सत्ताधारी भाजपा ने यह उपचुनाव जीतने के लिए हर हथकंडा अपनाया।
    • मीडिया ने इंडिया के पक्ष को आवाज नहीं दी, फिर भी जनता ने अपना काम किया। उन्होंने कहा कि भाजपा और उनकी सरकारों का अन्याय चरम पर है। यह सबसे ज्यादा जातिवादी पार्टी है। यहां पेश है उनसे अजित बिसारिया की बातचीत के प्रमुख अंश-
      सवाल-सपा प्रत्याशी की जीत के समीकरण क्या मानते हैं?
      जवाब-जनता भाजपा से जबरदस्त नाराज है। उसके नेता सिर्फ कोरे वादे करना जानते हैं। अस्पतालों में सामान्य रोगियों तक को दी जाने वाली दवाएं नहीं हैं। बड़ी संख्या में बच्चे बीच में ही पढ़ाई छोड़ रहे हैं। रोजगार और निवेश के केवल झूठे वादे हैं। हर तरफ बेरोजगारी पसरी हुई है। दूसरी ओर, समाजवादी सरकार ने अनेक कल्याणकारी काम किए, जिन्हें जनता भूली नहीं है और यही हमारी जीत का कारण है।
      सवाल-कहा जा रहा है कि एक उपचुनाव में जीत को भविष्य का संकेत कैसे मान सकते हैं?
      जवाब-लोकसभा चुनाव से पहले का यह उपचुनाव जनता के मूड का स्पष्ट संकेत है। भाजपा के अहंकार और घमंड के खिलाफ यह जनादेश है। पूरी सरकार घोसी में लग गई। जातियों के ठेकेदार बनने वाले नेताओं को भी मतदाताओं ने जता दिया है कि उन्हें जेबी न समझा जाए। यकीन मानिए इस चुनाव के जरिये मतदाताओं ने इंडिया गठबंधन में भरोसा जता दिया है। लोकसभा चुनाव में भी इसी नतीजे का व्यापक दोहराव आपको देखने को मिलेगा।
      सवाल-भविष्य की रणनीति क्या है?
      जवाब-हम अपना फॉर्मूला छिपाने में यकीन नहीं रखते। पहले ही कह चुके हैं कि इंडिया हमारी टीम है और पीडीए रणनीति। मतलब, हम पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे। सामाजिक न्याय के लिए जातीय जनगणना कराएंगे और उसी के अनुरूप सभी की हिस्सेदारी तय करेंगे। घोसी की जीत से हमने यह साबित करके दिखा दिया कि अच्छी सोच वाला सर्वसमाज और पीडीए एक साथ आ जाए तो नतीजा कैसा हो सकता है। हमारा यह प्रयोग सफल हो चुका है, इसलिए इस पर और अधिक शिद्दत के साथ आगे बढ़ेंगे।

      सवाल-घोसी उपचुनाव से भविष्य के लिए क्या सबक लिए हैं?
      जवाब-देखिए, चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री स्वयं एक दरोगा से बात करें तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि सिस्टम कहां बचेगा। वह दरोगा आम लोगों की कहां सुनेगा। घोसी के उपचुनाव में भाजपा ने पैसे बांटे। मीडिया ने इसकी अनदेखी की। लेकिन, हमें पता है कि हर समस्या का समाधान जनता के बीच से ही मिलता है।
      हमने लगातार अपनी बात जनता के बीच रखी। महिलाएं चुनाव में इंडिया प्रत्याशी को जिताने की लिए लोकगीत गाते हुए दिखीं। यही इंडिया गठबंधन और समाजवादियों की असली ताकत बन रहा है। ये भाजपा सरकार में लगातार बढ़ती महंगाई और घटती कमाई दी दोहरी मार झेल रहे परिवारों का आक्रोश है, जिसने वोट बनकर भाजपा को हराने की शुरुआत कर दी है।

  • लोकसभा चुनाव से पहले जीत से इंडिया को ताकत, सहयोगी दलों को मिलेगी ऊर्जा; एनडीए के लिए बड़ा झटका

    लोकसभा चुनाव से पहले जीत से इंडिया को ताकत, सहयोगी दलों को मिलेगी ऊर्जा; एनडीए के लिए बड़ा झटका

    लोकसभा चुनाव से पहले जीत से इंडिया को ताकत, सहयोगी दलों को मिलेगी ऊर्जा; एनडीए के लिए बड़ा झटका

    लखनऊ
    घोसी उपचुनाव की जीत ने इंडिया गठबंधन को आत्मविश्वास से भर दिया है। वहीं, भाजपा के सहयोगी दलों का दावा कमजोर होगा। वहीं, जीत के बाद अखिलेश यादव के बयान से साफ है कि लोकसभा चुनाव में इंडिया फिर एनडीए को हराने के लिए पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगा।

    घोसी सीट के उपचुनाव के नतीजे ने विपक्षी गठबंधन इंडिया को बड़ी ताकत दी है। वहीं, भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को आत्ममंथन के लिए विवश किया है। भले ही नतीजा सिर्फ एक सीट का हो, लेकिन इसकी चर्चा लोकसभा चुनाव तक रहेगी।

    इंडिया के गठन के बाद यूपी में हुए पहले चुनाव में विपक्षी दलों ने पूरी ताकत लगाई। सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह को कांग्रेस, रालोद, आप और अपना दल कमेरावादी ने भी समर्थन दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुधाकर सिंह की बड़े अंतर से जीत ने न सिर्फ सपा को ऊर्जा दी है, बल्कि विपक्षी गठबंधन को मजबूती दे सकता है।

    लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अब इंडिया के घटक दल अपने गठबंधन को मजबूत करने के लिए सीटों के बंटवारे में अड़ियल रुख के बजाय समझौतावादी रास्ता अपनाएंगे। इतना ही नहीं जो छोटे विपक्षी दल अब तक इंडिया में शामिल होने से बच रहे थे, वह भी गठबंधन का हिस्सा बन सकते हैं।

    अखिलेश बोले- सिर्फ सपा का नहीं, इंडिया का प्रत्याशी जीता
    घोसी उपचुनाव से भविष्य की राजनीति का अंदाजा सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक्स (पूर्व नाम ट्विटर) पर दिए बयान से लगाया जा सकता है। अखिलेश ने कहा कि घोसी ने सिर्फ सपा का नहीं, बल्कि इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी को जिताया है। अब यही आने वाले कल का भी परिणाम होगा। यूपी एक बार फिर देश में सत्ता के परिवर्तन का अगुआ बनेगा। उन्होंने कहा कि भारत ने इंडिया को जिताने की शुरुआत कर दी है और यह देश के भविष्य की जीत है। अखिलेश के बयान से साफ है कि लोकसभा चुनाव में इंडिया फिर एनडीए को हराने के लिए पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगा।

    सीटों के बंटवारे पर पड़ेगा असर
    जानकारों का मानना है कि उपचुनाव के नतीजों से लोकसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे में अपना दल, सुभासपा और निषाद पार्टी की भागीदारी पर भी असर पड़ेगा। यदि उपचुनाव भाजपा जीतती तो राजभर और निषाद मजबूती से मोलभाव कर पाते।

    भाजपा के वोटबैंक में लगी सेंध, सपा का मजबूत हुआ
    घोसी के नतीजे बताते हैं कि सपा ने भाजपा के परंपरागत ठाकुर, भूमिहार, वैश्य के साथ राजभर, निषाद और कुर्मी मतदाताओं में अच्छी खासी सेंध लगाई है। वहीं सपा का परंपरागत यादव और मुस्लिम वोटबैंक तो उसके साथ मजबूती से खड़ा रहा। स्वार उपचुनाव में मिली हार के बाद माना जा रहा था कि मुस्लिम वोट सपा से खिसक रहा है, लेकिन घोसी में मिली जीत ने सपा के साथ मजबूती से होने की बात फिर साबित की है।

    भाजपा को सोचना पड़ेगा
    राजनीतिक विश्लेषक जेपी शुक्ला का मानना है कि घोसी उपचुनाव के नतीजे पूरे लोकसभा चुनाव की नतीजों पर असर डालेंगे यह कहना उचित नहीं हैं। लेकिन यूपी में इसका असर होगा। खासतौर पर पूर्वांचल की सीटों पर भाजपा को सोचना पड़ेगा। भाजपा के लिए यह संदेश भी है कि वह इतना ताकतवर न माने कि राजनीति में वैसा ही होगा, जैसा वह चाहेगी।

    भाजपा की हार के कारण
    – दलित वोट उम्मीद के हिसाब से न मिलना। बड़ी तादाद में क्षत्रिय सजातीय उम्मीदवार के साथ चले गए।
    – साढ़े छह साल में चौथे विधानसभा चुनाव से राजनीतिक अस्थिरता का माहौल।
    – एनडीए के सहयोगी दलों का सजातीय वोट बैंक में पकड़ साबित न कर पाना।
    – रामपुर और आजमगढ़ उपचुनाव जैसा माहौल का न बन पाना।

    सपा की जीत के कारण
    – सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का खुद उप चुनाव के मैदान में उतरना और सुधाकर सिंह का स्थानीय होना।
    – मुस्लिम-यादव फैक्टर का मजबूत होना।
    – बसपा के मैदान में न होने से दलित मतदाताओं के बीच पैठ बढ़ाने में कामयाबी
    – स्थानीय मुद्दों का सपा के पक्ष में होना।
    काम नहीं आए जातीय समीकरण
    घोसी में करीब 55 हजार राजभर, 19 हजार निषाद और 14 हजार कुर्मी मतदाता हैं। भाजपा ने सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद की सभाएं, रैलियां और बैठकें कराईं। लेकिन चुनाव आंकड़े बता रहे हैं कि कुर्मी, राजभर और निषाद मतदाताओं ने स्थानीय उम्मीदवार को महत्व देते हुए मतदान किया है। यही नहीं करीब 8 हजार ब्राह्मण और तकरीबन 15 हजार क्षत्रिय भी सपा की ओर चले गए।

    अवसरवादी और बाहरी का मुद्दा दारा की हार की बड़ी वजह
    उपचुनाव में सपा ने भाजपा प्रत्याशी दारा सिंह चौहान के खिलाफ अवसरवादी और बाहरी होने का मुद्दा उठाया था। सपा ने मतदाताओं को बताया कि 16 महीने पहले चुनाव जीतने के लिए दारा सिंह भाजपा छोड़कर सपा में आए थे। चुनाव जीतने के बाद अब मंत्री बनने के लिए फिर भाजपा में चले गए हैं। इसे दारा की हार की बड़ी वजह मानी जा रही है। आजमगढ़ के मूल निवासी दारा सिंह 2017 में मऊ की मधुबन सीट से चुनाव लड़े थे। तब वे बसपा छोड़कर भाजपा में आए थे। जब 2022 का चुनाव आया तो वे भाजपा छोड़ सपा में चले गए और मऊ की घोसी सीट से चुनाव लड़े और जीते। उपचुनाव में दारा फिर घोसी से चुनाव लड़े, लेकिन इस बार वे सपा की जगह भाजपा से थे।

  • G20 Summit से पहले PM Modi ने सोशल मीडिया प्रोफाइल ‘एक्स’ पर किया बड़ा बदलाव, लगाई नटराज की फोटो

    G20 Summit से पहले PM Modi ने सोशल मीडिया प्रोफाइल ‘एक्स’ पर किया बड़ा बदलाव, लगाई नटराज की फोटो

    G20 Summit से पहले PM Modi ने सोशल मीडिया प्रोफाइल ‘एक्स’ पर किया बड़ा बदलाव, लगाई नटराज की फोटो

    दिल्ली में आयोजित होने जा रहे जी20 शिखर सम्मेलन से पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खास बदलाव कर लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रोफाइल में करवर फोटो में बदलाव किया है। पीएम मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कवर फोटो को बदलकर इस पर को नटराज की मूर्ति की तस्वीर लगाई है।
    नई दिल्ली जो की जी20 शिखर सम्मेलन का सफल व ऐतिहासिक आयोजन करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इस आयोजन को लेकर पूरी दिल्ली को खासतौर से सजाया गया है। सड़कों पर गमलों, फव्वारों के साथ सजावट की गई है। इस शिखर सम्मेलन के आयोजन को लेकर पूरा देश बेहद उत्साहित है।

    वहीं दिल्ली में आयोजित होने जा रहे जी20 शिखर सम्मेलन से पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खास बदलाव कर लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रोफाइल में करवर फोटो में बदलाव किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपने आधिकारिक हैंडल के कवर फोटो को बदलकर इस पर को नटराज की मूर्ति की तस्वीर लगाई है। बता दें कि ये नटराज की वही मूर्ति है जो जी20 के वेन्यू स्थल भारत मंडपम में स्थापित की गई है। भारत इस साल दिल्ली में शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है जो आधिकारिक तौर पर 9 सितंबर को शुरू होगा।

    इस सम्मेलन में आ रहे दुनिया के कई राष्ट्राध्यक्षों की मेजबानी के लिए भारत ने विस्तृत व्यवस्था की है। भारत ने पिछले साल 1 दिसंबर को जी20 की अध्यक्षता संभाली थी। इसके बाद देश भर के 60 शहरों में जी20 से संबंधित लगभग 200 बैठकें आयोजित की गईं थीं।

    जानें नटराज की मूर्ति के बारे में
    पीएम मोदी के एक्स हैंडल की कवर फोटो जी20 नेताओं के लिए केंद्र सरकार द्वारा की गई कई पहलों में से एक को दर्शाती है। वहीं जिस नटराज की मूर्ति को भारत मंडपम में लगाया गया है और जिसकी फोटो पीएम मोदी ने कवर पोटो के तौर पर लगाई है वो 18 टन वजन की है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के मुताबिक नटराज की ये मूर्ति अष्टधातु यानी आठ धातुओं से निर्मित नटराज ीक सबसे ऊंची मूर्ति है। जानकारी के मुताबिक इस विशाल मूर्ति के निर्माण में आठ धातुओं का उपयोग हुआ है जिसमें तांबा, जस्ता, सीसा, टिन, चांदी, सोना, पारा और लोहा शामिल है।

    गौरतलब है कि नटराज भगवान शिव को ‘नृत्य के देवता’ के प्रतीक के रूप में प्रदर्शित करने वाली तस्वीर है। भारत मंडपम के सामने ही इसे लगाया गया है। बता दें कि रात के समय में भारत मंडपम में लगी नटराज की मूर्ति बैंगनी रोशनी की पृष्ठभूमि में चमकती हुई दिखती है। इस मूर्ति को तमिलनाडु के स्वामी मलाई के मूर्तिकार राधाकृष्णन स्टापति और उनकी टीम ने बनाया है। खास बात है कि ये मूर्ति रिकॉर्ड सात महीने में तैयार हुई है। जानकारी के मुताबिक नटराज की इस प्रतिमा को खास ग्रीन कॉरिडोर से तमिलनाडु से दिल्ली लाया गया है।

    इसका निर्माण खोई-मोम कास्टिंग प्रक्रिया से हुआ है। इसमें बारीक विस्तृत एकल टुकड़ा मूर्तियां बनाने के लिए किया गया है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि नटराज प्रतिमा में कोई वेल्डेड भाग नहीं हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के सदस्य सचिव सच्चिदानंद जोशी ने कहा, जी20 शिखर सम्मेलन से पहले यह प्रतिमा लगभग 10-12 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुई थी।