Category: Political

  • तीन हज़ार की रिश्वत ले रहा था राजस्व अधिकारी,ACB को देखते बाइक ले हुआ रफ़ू चक्कर। आखिर कहा और क्या है मामला ?

    तीन हज़ार की रिश्वत ले रहा था राजस्व अधिकारी,ACB को देखते बाइक ले हुआ रफ़ू चक्कर। आखिर कहा और क्या है मामला ?

    ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के एक गांव में रिश्वतखोर राजस्व अधिकारी, एसीबी अधिकारी को देखते ही बाइक से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि राजस्व अधिकारी ने जमीन मामले को सुलझाने के लिए रिश्वत की मांग की थी जिसकी शिकायत एसीबी के पास पहुंची थी। जिसके बाद से भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने दबिश डालनी शुरू कर दी थी।

     जमीन ट्रांसफर के लिए 13 हजार रुपये की मांग की थी

    अधिकारियों के अनुसार घटना बुधवार को जिले के शाहपुर तालुका के खुटघर शाहपुर गांव की है। आरोपी ने शिकायतकर्ता से एक हाउसिंग सोसाइटी के नाम पर भूमि के हस्तांतरण के लिए 13,000 रुपये की मांग की थी। बातचीत के बाद, राशि को 5,000 रुपये पर अंतिम रूप दिया गया था। आरोपी ने शिकायतकर्ता से 3,000 रुपये स्वीकार भी किए। इसके बाद शिकायतकर्ता ने इस मुद्दे को उठाने के लिए एसीबी की ठाणे इकाई से संपर्क किया। इसके बाद राजस्व अधिकारी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया।

    ऐसे फरार हुआ आरोपी

    फिर शिकायतकर्ता और पांच गवाह के साथ एसीबी की टीम आरोपी राजस्व अधिकारी के दफ्तर पहुंची। वहां शिकायतकर्ता को राजस्व अधिकारी को तीन हजार रुपये देने के लिए कहा गया लेकिन इसकी भनक राजस्व अधिकारी को लग गई थी और वह सभी को धक्का देकर फरार हो गया। एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है और बाद में शाहपुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था।

    बहु को प्रताड़ित करने के आरोप में  परिवार के सात सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज  

    वहीं एक अन्य मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने एक लड़की को जन्म देने के लिए अपनी पत्नी को प्रताड़ित करने के आरोप में नवी मुंबई के तलोजा में एक व्यक्ति और उसके परिवार के सात सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारी ने कहा कि आरोपी इस बात से भी नाखुश थे कि बच्ची का रंग सांवला है। फरवरी 2019 में मुख्य आरोपी से शादी करने वाली 29 वर्षीय महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर तलोजा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था।

    जानें क्या है पूरा मामला

    दंपति अपने ससुराल वालों के साथ कामोठे इलाके में रहता था। नवंबर 2019 में, पीड़िता ने एक बच्ची को जन्म दिया, जिसके बाद उसके ससुराल वालों ने उसे ताना मारना और परेशान करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि वे एक लड़का चाहते हैं, लेकिन उसने एक लड़की को जन्म दिया, जो कि काले रंग की है। वे उसे मानसिक रूप और शारीरिक रूप से से परेशान करते रहे।  उन्होंने कार खरीदने के लिए 10 लाख रुपये की भी मांग की और जब उसने असमर्थता जताई तो उसे नवजात के साथ घर से निकाल दिया गया। उसके बाद, वह अपने माता-पिता के साथ रहती थी।
    शिकायत में कहा गया है कि उसके ससुराल वाले भी चाहते थे कि उसका पति दूसरी महिला से शादी करे और उसने उनकी बेटी को जान से मारने की धमकी भी दी। दहेज प्रताड़ना और धमकी देने के आरोप में उस व्यक्ति के भाई और बहन सहित आठ आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

  • दिल्ली परिवहन विभाग 16 सितंबर 2022 को जारी गैजेट नोटिफिकेशन को पूर्ण रूप से लागू करने में क्यों कर रहा आनाकानी,

    दिल्ली परिवहन विभाग 16 सितंबर 2022 को जारी गैजेट नोटिफिकेशन को पूर्ण रूप से लागू करने में क्यों कर रहा आनाकानी,

    सड़क एवम् राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 16 सितम्बर 2022 को जारी गैजेट नोटिफिकेशन के एक हिस्से को दिल्ली परिवहन विभाग के आला अधिकारियों द्वारा दरकिनार करना क्या न्याय संगत ? (गैजेट नोटिफिकेशन की फोटो कॉपी स्लगन)

    यह सच है कि दिल्ली भारत देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने गैजेट नोटिफिकेशन जारी होने से पूर्व ही दिल्ली में अपनी हठधर्मी से सभी सेवाएं ऑनलाईन फेस फ्री कार्यशैली से लागु कर रखी थी, लेकिन विधि विधान से आए गैजेट नोटिफिकेशन के जारी होने के बाद उस हिस्से को लागू नहीं करना जिसे परिवहन विभाग के आला अधिकारी लागू करना पसन्द नहीं करते क्या न्यायिक प्रक्रिया मानी जा सकती हैं।

    यहां इसका एक सरल सा तरीका है जिससे परिवहन विभाग के आला अधिकारियों की बात भी रह जाएगी और गैजेट नोटिफिकेशन में जारी प्रक्रिया में कार्यशैली भी शुरु हो जाएगी
    ऐसे व्यक्ति जो सीएमवीआर 1989 के अनुसार प्राधिकरण के कार्यालय में अपने सभी दस्तावेज़ लेकर उपस्थित हो कर कार्य करवाना चाहते हैं उन्हें उसी ब्रांच के अधिकारी द्वारा पूरे कागजातो की जांच पड़ताल के बाद अगर उचित लगता हैं तब ऑनलाईन फीस भरने के लिए ब्रांच द्वारा लिंक जारी कर दिया जाए जिससे सभी कार्य विधि विधान से संपन्न हो जाएंगे और परिवहन विभाग के आला अधिकारियों की बात भी पूरी हो जाएगी और गैजेट नोटिफिकेशन पर भी अमल हो जाएगा।

    संजय बाटला

     

  • आम आदमी पार्टी संयोजक की कथनी और करनी, कितना अंतर स्वयं परखे

    आम आदमी पार्टी संयोजक की कथनी और करनी, कितना अंतर स्वयं परखे

    दिल्ली में पूर्ण बहुमत की सरकार बनने के बाद अस्थाई कर्मचारियों को नियमित नही करने वाले अन्य राज्यों में करेंगे सभी कर्मचारियों को नियमित

    आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा दिल्ली की सता में आने के लिए अस्थाई कर्मचारियों के लिए किए ऐलान/ वायदों के बाद अन्य राज्यो में ऐलान : जहां सत्ता में आएंगे, अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करेंगे

    आम आदमी पार्टी के संयोजक एंव दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को 8,736 स्कूल शिक्षकों को नियमित करने के लिए पंजाब सरकार की सराहना की और सभी राज्य सरकारों और केंद्र को भी ऐसा करना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने स्वयं यह माना की संविदात्मक रोजगार प्रणाली ‘अत्यधिक शोषक’ हैं और सवाल किया कि अगर अर्थव्यवस्था बढ़ रही है तो राज्यों और केंद्र द्वारा सरकारी नौकरियों में कटौती क्यों की जा रही है?

    आम आदमी पार्टी संयोजक स्वयं दिल्ली में सरकार के साथ मुख्यमंत्री है और सबसे पहले दिल्ली के सभी सरकारी कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया को शुरु करे तभी कथनी और करनी देखने में समान दिखेंगी।

    जनहित में जारी
    संजय बाटला

  • मुद्दा शराब नीति या विधायकों को ऑफर? Delhi में शराब नीति पर सियासत जारी | Hunkaar

    मुद्दा शराब नीति या विधायकों को ऑफर? Delhi में शराब नीति पर सियासत जारी | Hunkaar

    लेकिन आज की तारीख़ में बिना किसी सबूत के आरोपों में कोई दम नहीं होता क्योंकि अब वो दौर ख़त्म हो गया है जब इसी पार्टी के नेता बार-बार आरोप लगाते थे और कोर्ट में मामला जाने पर माफ़ी मांग लेते थे…सवाल ये भी है कि आम आदमी पार्टी शराब नीति के नाम पर घोटाले के आरोपों का सीधा जवाब क्यों नहीं देती…इस बात का जवाब क्यों नहीं देती कि शराब नीति को वापस क्यों लिया…शराब नीति में ऐसा क्या हो गया कि दिल्ली सरकार को घाटे का सामना करना पड़ा..

  • Delhi Politics: AAP का BJP पर बड़ा आरोप, कहा- दिल्ली में 53 मंदिरों को गिराने की रच रही साजिश

    Delhi Politics: AAP का BJP पर बड़ा आरोप, कहा- दिल्ली में 53 मंदिरों को गिराने की रच रही साजिश

    AAP accuses BJP of temple demolition plan in Delhi: आम आदमी पार्टी (AAP) ने बीजेपी पर हिंदुओं के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया है. पार्टी का कहना है कि बीजेपी दिल्ली में 53 मंदिरों को तोड़ने की साजिश रच रही है.

    AAP accuses BJP of temple demolition plan in Delhi: आम आदमी पार्टी (AAP) ने बुधवार को बीजेपी पर दिल्ली में कई मंदिरों के ध्वस्तीकरण की योजना बनाने का आरोप लगाया है. पार्टी ने कहा कि केंद्र सरकार दिल्ली के 53 मंदिरों को गिराना चाहती है. इसके लिए उसके निर्देश पर संबंधित एजेंसियों ने मंदिरों को चिह्नित कर लिया है. AAP ने आरोप लगाया कि बीजेपी की इस योजना से उसका ‘हिन्दू-विरोधी’ चेहरा सामने आ गया है.

    ‘दिल्ली में 53 मंदिर गिराने की साजिश’

    पार्टी के राज्यसभा सदस्य और राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय सिंह (Sanjay Singh) ने दिल्ली में हुए संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केन्द्र ने दिल्ली सरकार को मंदिरों की सूची भेजकर उन्हें गिराने के लिए धार्मिक समिति की मंजूरी मांगी है. संजय सिंह ने कहा, ‘पूरे देश में वे (भाजपा) धर्म रक्षा के नाम पर नाटक करते हैं. खुद को धर्म रक्षक बताते हैं. हिंसा करवाकर घृणा फैलाते हैं. लेकिन यहां दिल्ली में नरेंद्र मोदी-नीत सरकार 53 मंदिरों को गिराने वाली है.’

    AAP नेता ने आरोप लगाया कि केन्द्र ने गिराए जाने वाले मंदिरों की लिस्ट तैयार कर ली है. इस लिस्ट में दिल्ली के कई प्राचीन और नामी मंदिर शामिल हैं. केंद्र ने दिल्ली सरकार को पत्र भेजकर कहा है कि उसे इन 53 मंदिरों को गिराने के लिए धार्मिक समिति की अनुमति चाहिए.

    ‘बीजेपी का हिंदू विरोधी चेहरा सामने आया’

    संजय सिंह (Sanjay Singh) ने कहा, ‘यह बीजेपी का असली चेहरा है. यह दस्तावेज सबूत है कि वे कितने हिन्दू-विरोधी हैं.’ उन्होंने कहा कि मंदिरों को गिराने की यह सूची केन्द्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत आने वाले भूमि एवं विकास विभाग ने तैयार की है. उसी ने अनुमति मांगने के लिए पत्र दिल्ली सरकार को भेजा है.

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  • BJP vs AAP is a battle of two political imaginaries — one of identity and the other, politics of infrastructure

    BJP vs AAP is a battle of two political imaginaries — one of identity and the other, politics of infrastructure

    The AAP is a relatively new political force. It is not clear if the AAP actually conforms to the structure of a traditional political party and can therefore be seen as a formation equivalent to a BJP or a Congress.

    The 2020 Delhi elections consist of two political imaginaries locked in battle. One, spearheaded by the BJP, is a political imaginary driven by ideology. The other, spearheaded by the AAP, is decidedly post-ideological. The former grounds itself in identity — Hindu, Muslim, Indian, Pakistani. The latter simply side steps the identity question. The former talks of citizenship, nationalism, terror, sacrifice. The latter talks of water, electricity and parent-teachers’ meetings!