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  • जेल से रिहा होने के बाद मीडिया से रूबरू हुई नलिनी श्रीहरन, कही ये बड़ी बात

    जेल से रिहा होने के बाद मीडिया से रूबरू हुई नलिनी श्रीहरन, कही ये बड़ी बात

    जब इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या हुई, तो हमारा परिवार दुखी था

    नलिनी ने मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि कुछ लोग हमारी रिहाई का विरोध करते हैं। हम एक कांग्रेसी परिवार हैं। जब इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या हुई, तो हमारा परिवार दुखी था और खाना नहीं खाया। मैं यह स्वीकार नहीं कर सकता कि राजीव गांधी की हत्या में मेरा नाम लिया गया था। मुझे उस दोष से मुक्त होना चाहिए। हमें नहीं पता कि उनकी हत्या किसने की।

    अपने पति समेत चार श्रीलंकाई नागरिकों को शिविर से रिहा करने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि मैं राज्य और केंद्र सरकार से अपील करती हूं कि वे 4 श्रीलंकाई नागरिकों को रिहा करें, जो त्रिची विशेष शिविर में बंद हैं-जिसमें मेरे पति भी शामिल हैं। यह विशेष कैंप जेल से छूटने के बाद भी फिर से जेल जैसा है।

    सुप्रीम कोर्ट ने दिया था रिहाई का आदेश

    देश की सर्वश्रेष्ठ अदालत सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री के 6 आरोपियों को रिहा करने का आदेश दिया। राजीव गांधी हत्याकांड में उम्रकैद की सज़ा काट रही नलिनी श्रीहरन और आर. पी. रविचंद्रन को समय से पहले रिहा करने की मांग की गयी थी। संविधान के अनुच्छेद-142 के तहत प्रदत्त शक्ति का इस्तेमाल करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने 18 मई को पेरारिवलन को रिहा करने का आदेश दिया था, जिसने 30 साल से अधिक जेल की सज़ा पूरी कर ली थी।

  • गोरखपुर में सामूहिक आत्महत्या! पिता ने दो पुत्रियों के साथ किया सुसाइड, आर्थिक तंगी से जूझ रहा था परिवार।

    गोरखपुर में सामूहिक आत्महत्या! पिता ने दो पुत्रियों के साथ किया सुसाइड, आर्थिक तंगी से जूझ रहा था परिवार।

    गोरखपुर से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक पिता और दो पुत्रियों का शव फंदे से लटका मिला है. कमरे में पंखे पर दोनों बेटियों का दुपट्टे से शव लटका मिला है.वहीं दूसरे पंखे पर पिता का शव लटका मिला है. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई है. साथ ही तीनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुसाइड का कारण आर्थिक तंगी बताया जा रहा है.

    बुजुर्ग पिता ने देखा तीनों का शव

    दरअसल, ये घटना शाहपुर थाना क्षेत्र के गीता वाटिका स्थित घोसीपुरवा की है. यहां एक घर के अंदर पिता और दो बेटियों का शव बरामद हुआ है. मृतक युवक के पिता सुबह जब एक प्राइवेट अस्पताल में सिक्योरिटी की नौकरी करने के बाद वापस लौटे तो घर के अंदर का दृश्य देख उनके होश उड़ गए. आनन-फानन में पुलिस को घटना की जानकारी दी. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. फिलहाल, मामले की जांच जारी है।

    ओम प्रकाश श्रीवास्तव को फंदे से लटके मिले शव,,,,,

    दरअसल, आज मंगलवार की सुबह जब ओम प्रकाश श्रीवास्तव अपनी गार्ड की ड्यूटी पूरी करके घर पहुंचे, तो घर का दरवाजा खुला हुआ था. जब घर में दाखिल हुए तो घर के अंदर उनकी दोनों पोतियां एक कमरे में पंखे पर फंदे से लटकी हुई थीं, और दूसरे कमरे में उनका बेटा जितेंद्र श्रीवास्तव पंखे पर फंदे से लटका हुआ था. जिसकी सूचना उन्होंने बगल में रहने वाले अपने दूसरे बेटे को दी. मृतक के परिवार वालों ने बताया कि, रोज घर का दरवाजा बंद रहता था, लेकिन आज जब ओम प्रकाश श्रीवास्तव ड्यूटी करके घर पर आए तो दरवाजा खुला हुआ था.

    सुसाइड नोट में तोते को छोड़ने का जिक्र,,,,,

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई. जब घर की छानबीन की तो वहां एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें मृतक ने सुसाइड नोट में तोता छोड़ने का जिक्र किया है. बताते चलें मृतक जितेंद्र और उनकी दोनों बेटियां ने घर में 4 साल पहले दो तोतों (पक्षी) को पाली था. घर में दोनों तोते कपड़े से ढके मिले, परिवार वालों ने जब तोते को बाहर निकालकर उड़ाने की कोशिश की तो तोते उड़े नहीं. दोनों तोतों का नाम पैबलों और लिली है।

    मृतक कृत्रिम पैर के सहारे चला रहा था घर,,,,,

    मृतक जितेंद्र अपने घर में ही सिलाई का काम करते थे, एक हादसे के दौरान जितेंद्र का सन 1999 में एक पैर कट गया था. उसके बाद से कृत्रिम पैर के सहारे वह घर पर ही काम करते थे. उनकी दो बेटियां मान्या और मानवी कक्षा नौ और सात की छात्र थीं और पास में ही आवास विकास कॉलोनी में स्थित सेंट्रल एकेडमी स्कूल में पढ़ती थीं.

    परिवार वालों ने बताया कि, सोमवार को बाल दिवस पर दोनों ने संस्कृत कार्यक्रम में हिस्सा भी लिया था. बताया जा रहा है की कुछ साल पहले जितेंद्र और उसकी भाई ने बंटवारा हो गया था. जितेंद्र के पिता गार्ड की नौकरी करते हैं और वह अपने बड़े बेटे जितेंद्र के साथ रहते थे.

    आर्थिक तंगी से जूझ रहा था परिवार,,,,,

    शुरुआती जांच में यह भी बात सामने आई है कि, जितेंद्र करीब 12 लाख रुपए से अधिक के कर्ज में डूबा हुआ था. वहीं इस मामले में गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने बताया कि, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की है. घटना वाली जगह से कुछ चीजें मिली हैं. जिसकी जांच के बाद पता चल सकेगा कि घटना सुसाइड की है या हत्या की? उन्होंने बताया की परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की बात सामने आ रही है. फिलहाल पुलिस पहलुओं पर जांच जारी है.

  • सांप को लेकर अस्पताल पहुंचा युवक तो मची अफरा-तफरी, डॉक्टर से बोला- ‘मुझे इसी सांप ने काटा है…’।

    सांप को लेकर अस्पताल पहुंचा युवक तो मची अफरा-तफरी, डॉक्टर से बोला- ‘मुझे इसी सांप ने काटा है…’।

    मऊ संवाददाता, (सोहन लाल पटेल),यूपी के मऊ के जिला अस्पताल में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक युवक सांप के काटे जाने के बाद सांप को ही लेकर अस्‍पताल पहुंच गया। चिकित्सक के पूछने पर युवक ने बोरे से निकालकर सांप को दिखाया तो एक बारगी सभी घबरा ही गए।युवक ने डाक्‍टर को बताया कि ‘सांप को ले आया हूं, देख लो इसी ने काटा है, अब इसका जो इंजेक्‍शन हो मुझे लगा दो’।

    मामला मऊ जिले में रामपुर बेलौली के धर्मपुर विशुनपुर गांव में कुड़िया का है। यहां के निवासी 22 वर्षीय युवक धर्मेंद्र यादव ने मछली पकड़ने के लिए जाल लगाया था। रविवार की सुबह जैसे ही जाल में मछलियों को निकालने के लिए युवक ने जाल में हाथ डाला कि वहां पर फंसे एक सांप ने उसे डस लिया। इस पर युवक ने सांप को मारकर बोरे में रख लिया। इसके बाद इलाज कराने सीएचसी फतहपुर मंडाव पहुंच गया। यहां चिकित्सक ने पूछा कि किस सांप ने डंसा है। इस पर युवक बोरे से सांप निकलने लगा। यह देख एक बारगी स्वास्थ्य कर्मियों में अफरा-तफरी मच गई।

    युवक ने बताया कि सांप मरा पड़ा है। तब सभी ने राहत की सांस ली। धर्मपुर विशुनपुर के कुड़िया निवासी धर्मेंद्र यादव पुत्र जगदीश यादव सिवान में मछली मारने के लिए जाल लगाया था। रविवार की सुबह वह जाल में फंसी मछलियों को निकाल रहा था। जाल में फंसे जहरीले सांप ने उसे डंस लिया। सीएचसी के चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल भेज दिया।