Category: Natural Disaster

  • कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, बदरीनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे बंद

    कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, बदरीनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे बंद

    देहरादून

    उत्तराखंड में आज भी मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के कई इलाकों में दिन की शुरुआत बारिश के साथ हुई। वहीं, मौसम विभाग ने आज कुछ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

    मौसम विभाग के अनुसार आज चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चंपावत और नैनीताल जिले के कई इलाकों में बिजली चमकने के साथ ही भारी बारिश हो सकती है। केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि अगले कुछ दिन पूरे राज्य में तेज बारिश और बिजली चमकने के आसार हैं। बारिश से होने वाले भूस्खलन से संवेदनशील इलाकों में सड़क मार्ग और राजमार्ग अवरुद्ध हो सकते हैं। ऐसे में मौसम की सटीक जानकारी लेने के बाद ही यात्रा की योजना बनाए।

    उफान पर बह रही नदियां

    यमुनोत्री धाम सहित यमुना घाटी में रात से हो रही बारिश से यमुना नदी, हनुमान गंगा, बडियार नदी उफान पर चल रही है। उधर, पिथौरागढ़ जिले के धारचूला में काली नदी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही है।

    बदरीनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे समेत 296 सड़कें बंद

    प्रदेश में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 296 सड़कें बंद हैं, जिन्हें खोलने के लिए 240 जेशीबी मशीनों को लगाया गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग 94 बड़कोट में डाबराकोट, खराड़ी और किशाला में तीन जगह बंद है। इसके अलावा 12 स्टेट हाईवे, आठ मुख्य जिला मार्ग, तीन जिला मार्ग, 139 ग्रामीण सड़कें और 133 पीएमजीएसवाई की सड़कें बंद हैं।

    प्रदेशभर में कुल 277 सड़कें एक दिन पहले से बंद थीं। मंगलवार को 91 सड़कें और बंद हुईं। कुल 368 बंद सड़कों में से मंगलवार शाम तक 72 सड़कों को ही खोला जा सका था। लोनिवि के प्रमुख अभियंता दीपक यादव ने बताया कि बंद सड़कों को खोलने के लिए प्राथमिकता के तहत कार्यवाही की जा रही है।

    यमुनोत्री हाईवे पर रानाचट्टी में कई भवनों को खतरा

    भारी बारिश के चलते यमुनोत्री हाईवे से लगे गीठ पट्टी के राना गांव, बाडिया गांव में कई आवासीय भवनों को खतरा पैदा हो गया है। बाडिया गांव में दो परिवारों ने घर छोड दिए। वहीं, राना गांव के मुकेश चौहान ने बताया कि गांव के बीचों-बीच आने वाले गदेरे व निर्माणाधीन राना निषणी सड़क के मलबे ने गांव साथ ही यमुनोत्री हाईवे व राना चट्टी के होटल व्यवसायियों की नींद उड़ा दी है। मलबा होटल, घरों, हाईवे पर पसरा हुआ है।

    गंगोत्री हाईवे का पांच मीटर हिस्सा धंसा

    मनेरी-सिलकुरा के समीप गंगोत्री हाईवे पर भू- कटाव शुरू हो गया है। हाईवे का करीब पांच से सात मीटर हिस्सा धंस गया है। वहीं सड़क के अंदर से पानी रिस रहा है।

    बदरीनाथ हाईवे कई जगह बंद

    मंगलवार रात भारी बारिश से कर्णप्रयाग सहित पिंडर घाटी में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। कर्णप्रयाग में उमा महेश्वर आश्रम के पास बदरीनाथ हाईवे पर रात नौ बजे पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा आने के कारण सड़क बंद है। यहां पर करीब 30 से 40 वाहन फंसे हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी सड़कों पर मलबा आने से वाहनों की आवाजाही में दिक्कत हो रही है।

    बदरीनाथ हाईवे पर कमेड़ा में सड़क खोलने का काम जारी है। कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे नलगांच, नारायणबगड़ में परखाल तिराहा, हरमनी, मल्यापौड़ व बैनोली बैंड में मलबा आने से बंद है। उधर, नादायणबगड़ में अस्पताल के सामने मलबा भर गया है । साथ ही चार दुकानों के अंदर मलबा व पानी चला गया है।

  • शिमला के रामपुर में 2 बार फटा बादल, कई मकान बहे, बगीचों को नुकसान, भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

    शिमला के रामपुर में 2 बार फटा बादल, कई मकान बहे, बगीचों को नुकसान, भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

    रामपुर बुशहर

    शिमला जिले के रामपुर उपमंडल की सरपारा पंचायत के कंधार गांव में देर रात दो बार बादल फटने से सेब के बगीचों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। कई मकान बह गए हैं। मकानों में पानी घुस गया है। जिससे लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    जानकारी के अनुसार, रामपुर उपमंडल की सरपारा पंचायत के कंधार गांव में देर रात दो बार बादल फटने से सेब के बगीचों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ आने से प्राथमिक पाठशाला का भवन, युवक मंडल का भवन और अन्य लोगों के मकान बह गए हैं।

    इसके अलावा बाढ़ में गाय, बैल, भेड़-बकरियां भी बह गईं। वहीं कई सेब के बगीचों में पानी भर गया है। जानकारी के अनुसार, देर रात अचानक 11 बजे बादल फटा और लोगों ने भाग कर अपनी जान बचाई लेकिन मकानों और बगीचों को काफी नुकसान हुआ है।

    इसके बाद फिर तीन बजे बादल फटने से आई बाढ़ ने तबाही मचा कर रख दी। सरपारा पंचायत के प्रधान मोहन कपाटिया ने बताया कि सरपारा पंचायत के कंधार गांव में बादल फटा है। उन्होंने कहा कि सरपारा गांव का सपंर्क देश-दुनिया से कट गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर जाकर स्थिति की जायजा लेने के बाद प्रभावितों को तुरंत राहत दी जाए।

    कुल्लू की गड़सा घाटी में फटा बादल

    इससे पहले, हिमाचल प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में सोमवार रात से जारी भारी बारिश ने तबाही मचाई है। कुल्लू जिले की गड़सा घाटी में मंगलवार तड़के 4:00 बजे बादल फटने से पंचा नाले और हुरला नाले में बाढ़ आ गई। इससे तीन मकान बह गए, जबकि दो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

    17 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। तीन पैदल और एक वाहन योग्य पुल भी बह गए हैं। एक गाड़ी भी गड़सा खड्ड में बह गई। कुछ मवेशी लापता हैं। भुंतर-गड़सा मनियार मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है।

    आज और कल भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

    मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने बुधवार और वीरवार के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को येलो अलर्ट है। प्रदेश में 31 जुलाई तक मौसम खराब बने रहने के आसार हैं। मंगलवार को राजधानी शिमला में मौसम साफ रहा।

    वहीं, सोमवार रात को धर्मशाला में 80.2, पालमपुर 50.6 और जोगिंद्रनगर में 26.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। राज्य में अभी भी 500 से अधिक सड़कें ठप पड़ी हैं। सैकड़ों जलापूर्ति योजनाएं व बिजली ट्रांसफार्मर भी बाधित हैं। कुल्लू में अभी भी एचआरटीसी की 28 बसें फंसी हैं 200 से अधिक रूट प्रभावित चल रहे हैं।

  • दिल्ली-NCR में बाढ़ के हालात, शिमला में बादल फटा, कई राज्यों में भारी बारिश

    दिल्ली-NCR में बाढ़ के हालात, शिमला में बादल फटा, कई राज्यों में भारी बारिश

    मौसम ने पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों तक में कहर बरपाया हुआ है। पहाड़ों पर बादल फट रहे हैं तो मैदानी इलाके बाढ़ में डूब रहे हैं। राजधानी दिल्ली से लेकर यूपी, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़, राजस्थान तक के लोग भारी बारिश या फिर बाढ़ से परेशान हैं। ऐसे में हम आपको बताएंगे कि मौसम विभाग ने अभी क्या चेतावनी दी है?

    किस राज्य में कैसे हैं हालात

    1. दिल्ली एनसीआर : हिंडन नदी के बढ़ते जलस्तर ने मचाई तबाही
    दिल्ली एनसीआर बाढ़ में चपेट में है। यमुना के बाद अब हिंडन नदी में भी जलस्तर बढ़ने लगा है। इससे नोएडा, गाजियाबाद में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। नोएडा के ईको टेक इलाके की पार्किंग में खड़ी सैकड़ों गाड़ियां डूब गईं। हिंडन नदी के खतरे का निशान 205.8 मिमी है। अधिकारियों के अनुसार, यह फिलहाल 201.8 मिमी है और नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे बाढ़ जैसे हालात बन चुके हैं। पानी लगातार मकानों में घुस रहा है।
    अब तक 10 हजार से अधिक मकानों को खाली कराया जा चुका है। हजारों लोग प्रशासन के आश्रय स्थलों में हैं। जबकि कई लोग अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। वहीं, सेक्टर-143 के पास पुराना सुथ्याना के डूब क्षेत्र में बने एक अवैध पार्किंग स्थल में खड़ी गाड़ियां भी डूब गई हैं।

    दिल्ली में भी हालात कुछ ठीक नहीं हैं। एक बार फिर से यमुना किनारे बसे गांवों में बाढ़ का पानी आने लगा है। पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के चलते हथनीकुंड से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते दिल्ली के कई इलाकों में पानी घुस गया है। लोग घरों की छतों पर रहने को मजबूर हैं।

    1. उत्तरप्रदेश : 21 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट 
      यूपी में भी बारिश ने कई जिलों में बाढ़ के हालात बना दिए हैं। बुधवार सुबह से गाजियाबाद और नोएडा में तेज बारिश हो रही है। हिंडन नदी के जलस्तर बढ़ने से कई रिहायशी कॉलोनियों में पानी घुस गया है। नोएडा में 12वीं तक के स्कूलों को बंद कर दिया गया। वहीं, गाजियाबाद में बारिश में भीगते हुए बच्चे स्कूल पहुंचे। उसके बाद प्रशासन ने 12वीं तक के स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया।

      मंगलवार देर शाम मथुरा, आगरा, मुरादाबाद, मेरठ में बारिश हुई। हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गए ढाई लाख क्यूसेक पानी का असर अब यमुना पर दिखने लगा है। मथुरा में यमुना खतरे के निशान से 21 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। पानी वृंदावन में परिक्रमा मार्ग तक आ गया है। कालीदह, चीरघाट, केशीघाट, जगन्नाथ घाट पर यमुना का पानी आ गया है।

      मुरादाबाद में एक युवक रामगंगा नदी के तेज बहाव में बह गया। घटना के वक्त वो अपने दोस्त के साथ नदी पार करके अपने खेतों पर जा रहा था। युवक घर से पशुओं के लिए चारा लाने की बात कहकर निकला था। हादसे की सूचना पर पूरा गांव नदी किनारे उमड़ पड़ा। स्थानीय अधिकारियों की डिमांड पर SDRF की टीम ने रामगंगा नदी में बहे युवक की तलाश शुरू कर दी है।

    2. हिमाचलउत्तराखंडमें हालात भयावह
      हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और शिमला में बादल फटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कुल्लू की गड़सा घाटी में मंगलवार तड़के चार बजे बादल फटने से पंचानाला और हुरला नाले में भयंकर बाढ़ आ गई। इसमें पांच मकान बह गए और 15 को नुकसान पहुंचा। छोटे-बड़े चार पुल भी बह गए और कुछ मवेशी लापता हैं। भुंतर-गड़सा मनियार रोड को नुकसान पहुंचा है।
      पार्वती घाटी के मणिकर्ण के ब्रह्मगंगा नाले में आई बाढ़ में एक कैंपिंग साइट को नुकसान हुआ है। मलाणा प्रोजेक्ट के बांध से ऊपर से पानी बहने का सिलसिला जारी है। पंडोह डैम से पानी छोड़े जाने से ब्यास का जलस्तर बढ़ गया है। 500 से अधिक सड़कें बंद हैं।

      इसी तरह शिमला जिले के रामपुर उपमंडल की सरपारा पंचायत के कंधार गांव में देर रात दो बार बादल फटने से सेब के बगीचों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। कई मकान बह गए हैं। मकानों में पानी घुस गया है। इससे लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
      जानकारी के अनुसार, रामपुर उपमंडल की सरपारा पंचायत के कंधार गांव में देर रात दो बार बादल फटने से सेब के बगीचों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ आने से प्राथमिक पाठशाला का भवन, युवक मंडल का भवन और अन्य लोगों के मकान बह गए हैं। इसके अलावा बाढ़ में गाय, बैल, भेड़-बकरियां भी बह गईं।

      उत्तराखंड की बात करें तो यहां नंदप्रयाग में मलबा गिरने से बदरीनाथ मार्ग पर यातायात बाधित हुआ। भूस्खलन के चलते यमुनोत्री मार्ग मंगलवार को भी बंद रहा। हालांकि, केदारनाथ यात्रा जारी है। राज्य में अभी 50 सड़कें बंद हैं, करीब 40 गांवों को बिजली आपूर्ति बाधित है। 400 छोटी-बड़ी नहरें बह गई हैं। हरिद्वार में गंगा अभी भी खतरे के निशाना (293 मीटर) से कुछ ऊपर 293.45 मीटर पर बह रही है।

    3. पंजाबमें क्या हुआ?
      पहाड़ों पर लगातार बारिश के चलते पंजाब के कई इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। सतलुज में उफान से फाजिल्का और फिरोजपुर जिलों में काफी नुकसान हुआ है। फाजिल्का में भारत-पाक सीमा पर बसे गांव ढाणी नत्था सिंह वाला में पुल जलमग्न हो गया। फिरोजपुर के सीमांत गांव कालू वाला में बाढ़ से कई मकान ढह गए हैं। यहां ग्रामीणों को अपने मकानों की छत पर सामान लेकर बैठना पड़ा। हुसैनीवाला से सटे गांवों की कई सड़कें डूब गई हैं। फिरोजपुर के आठ और फाजिल्का के 10 स्कूल 29 तक बंद कर दिए गए हैं।
    4. कर्नाटक,ओडिशामहाराष्ट्रराजस्थानगुजरात में भी बारिश 
      दक्षिण और तटीय ओडिशा के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। मछुआरों को 27 जुलाई तक समुद्र में न जाने का निर्देश दिया गया है। महाराष्ट्र के राजगढ़ में भारी बारिश की आशंका के चलते रेड अलर्ट जारी किया गया है। 26 जुलाई को सभी स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी कर दी गई है।
      वहीं, कर्नाटक के तटीय इलाकों में बाढ़ की चेतावनी के कारण अधिकारियों ने स्कूलों, कॉलेजों में आज छुट्टी की घोषणा कर दी है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी यही हालात है। मंगलवार शाम को तेलंगाना के महबूबनगर में दो लड़कियां नहर में बह गईं।

      वहीं, राजस्थान के उदयपुर में मोरवानिया में दो युवक ब्रिज पर भारी पानी के बीच फंस गए। वे मोटरसाइकिल की मदद से ब्रिज पार करने की कोशिश कर रहे थे। उन्हें क्रेन की मदद से बचाया गया। मौसम विभाग ने आज महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के तटवर्ती इलाकों में भारी बारिश और आंधी-तूफान को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है।

    अगले तीन दिन क्या होगा
    मौसम विभाग ने उत्तर से लेकर दक्षिण और पश्चिमी राज्यों तक में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, अरुणाचल प्रदेश में तेज बारिश के आसार हैं। वहीं, झारखंड और मेघालय में बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश हो सकती है। अगले तीन दिनों तक इन राज्यों में ऐसा ही मौसम रहेगा।

  • उफान पर नदियां, मलबा गिरने से खतरे में आए कई घर, पहाड़ों में रास्ते बंद

    उफान पर नदियां, मलबा गिरने से खतरे में आए कई घर, पहाड़ों में रास्ते बंद

    उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश के बाद कुदरत का कहर बरप रहा है। पहाड़ी इलाकों में नदी नाले उफान पर हैं। वहीं, बारिश के बाद सड़कों पर मलबा फैल गया है। उधर टिहरी और रुद्रप्रयाग में कई घरों में मलबा गिरने से हालत बुरे हैं। गंगोत्री, यमुनोत्री और बदरी नाथ हाईवे भी भूस्खलन से कई जगहों पर बंद है।

    वहीं, मौसम विभाग ने आज कुछ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार आज चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चंपावत और नैनीताल जिले के कई इलाकों में बिजली चमकने के साथ ही भारी बारिश हो सकती है। केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि अगले कुछ दिन पूरे राज्य में तेज बारिश और बिजली चमकने के आसार हैं।

    यमुनोत्री धाम सहित यमुना घाटी में रात से हो रही बारिश से यमुना नदी, हनुमान गंगा, बडियार नदी उफान पर चल रही है। उधर, पिथौरागढ़ जिले के धारचूला में काली नदी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही है।

    घनसाली के भिलंगना ब्लॉक के ग्राम कोट में घरों पर पहाड़ी से मलबा गिर गया। इस दौरान लोगों ने भागकर जान बचाई। मलबा गिरने से पांच आवासीय भवनों को खतरा पैदा हो गया है। कई घरों में भी मलबा भर गया है। वहीं, तीन मकान मलबा गिरने से आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।

    लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश में 296 सड़कें बंद हैं, जिन्हें खोलने के लिए 240 जेशीबी मशीनों को लगाया गया है। इसके अलावा 12 स्टेट हाईवे, आठ मुख्य जिला मार्ग, तीन जिला मार्ग, 139 ग्रामीण सड़कें और 133 पीएमजीएसवाई की सड़कें बंद हैं।

    भारी बारिश के चलते यमुनोत्री हाईवे से लगे गीठ पट्टी के राना गांव, बाडिया गांव में कई आवासीय भवनों को खतरा पैदा हो गया है। बाडिया गांव में दो परिवारों ने घर छोड दिए।

  • एक दिन राहत, अगले चार दिन फिर येलो अलर्ट,  – 696 सड़कें बंद, 1052 बिजली ट्रांसफार्मर ठप

    एक दिन राहत, अगले चार दिन फिर येलो अलर्ट, – 696 सड़कें बंद, 1052 बिजली ट्रांसफार्मर ठप

    शिमला

    हिमाचल प्रदेश में रविवार को बारिश थमने से राहत तो मिली, लेकिन अगले चार दिन बादल बरसने का दौर जारी रहेगा। 27 जुलाई तक का येलो अलर्ट जारी हुआ है। 29 तक पूरे प्रदेश में मौसम खराब रहेगा। इससे दुश्वारियां फिर बढ़ेंगी। उधर, पिछले दिनों खराब रहे मौसम के चलते जिला कुल्लू समेत प्रदेश के कई क्षेत्रों में अभी भी जनजीवन पटरी पर नहीं लौटा है। बिजली और पानी की आपूर्ति कई क्षेत्रों में बाधित है।

    प्रदेश में 696 सड़कें, 1,052 बिजली के ट्रांसफार्मर और 370 पेयजल योजनाएं अभी ठप हैं। मनाली-कुल्लू नेशनल हाईवे क्लाथ तक बहाल हो गया है। अब कुल्लू से मनाली तक सिर्फ आठ किमी में हाईवे की बहाली का कार्य शेष है। हालांकि, शिमला से किन्नौर और डलहौजी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग बहाल हो गए हैं। रविवार को शिमला जिला के अलावा मंडी, सुंदरनगर, बल्ह, नाचन, सराज और धर्मपुर में हल्की हुई। कुल्लू में धूप खिलने से लोगों ने राहत की सांस ली। शनिवार रात को भूतनाथ पुल के समीप एक पेट्रोल पंप को भूस्खलन से क्षति पहुंची है।

    दारचा-शिंकुला मार्ग, नेशनल हाईवे-505 ग्रांफू से काजा वाहनों के लिए अभी बंद हैं। कुल्लू में ब्यास नदी में बही पंजाब रोडवेज की बस को दूसरे दिन भी नहीं निकाला जा सका है। आईएमडी के उपनिदेशक ने बताया कि कई इलाकों में पिछले 24 घंटों में भारी बारिश हुई। रविवार को न्यूनतम तापमान भरमौर में 10 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया तो अधिकतम तापमान धौलाकुआं में 29.9 डिग्री सेल्सियस रहा।

    रविवार को भी सुक्खू सक्रियओकओवर बुलाए तीन मंत्री

    मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रविवार को मंत्रियों के साथ राहत कार्यों पर चर्चा की और अपडेट लेते रहे। सीएम ने अपने सरकारी आवास ओकओवर में मंत्री बुलाए। सीएम सुक्खू ने मंत्रियों से कहा कि सेब की फसल को मंडियों तक पहुंचाने में किसी तरह की समस्या न हो। उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों को भी निर्देश जारी करने को कहा। संपर्क सड़कों की शीघ्र बहाली के आदेश भी दिए।

    इस दौरान शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी और उद्योग मंत्री हर्षवर्धन मौजूद रहे। मंत्रियों ने अपने-अपने महकमों के कार्यों पर भी सीएम ने चर्चा की। मुख्यमंत्री में फल मंडियों में उपजे विवाद पर भी चर्चा की। कैबिनेट बैठक में अपने महकमों से संबंधित महत्वपूर्ण एजेंडे लाने को कहा सीएम ने मंत्रियों से कैबिनेट बैठक में अपने महकमों से संबंधित महत्वपूर्ण एजेंडे लाने को कहा है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक 25 जुलाई को बुलाई गई है।

    5115 करोड़ के नुकसान का प्रारंभिक अनुमान निरीक्षणकर दिल्ली लौट गई केंद्र से आई टीम

    हिमाचल में नुकसान का जायजा लेने आई केंद्रीय टीम लौट गई है। प्रारंभिक आकलन में अब तक 5115.83 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। हालांकि, जिलों से नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट आने का सिलसिला जारी है। इसे देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि यह नुकसान का आंकड़ा आठ हजार करोड़ से ऊपर जाएगा।

    सोमवार को टीम केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। बताया जा रहा है कि प्रदेश में आपदा से हुए नुकसान के मामले में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी गृह मंत्री अमित शाह से मिलेंगे। हिमाचल में आपदा से भारी नुकसान हुआ है। सरकार चाहती है कि जल्द ही आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए राहत राशि की पहली किस्त जारी हो जाए।

    जल प्रलय से सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग को हुआ है। अब तक विभाग ने 1666.58 करोड़ रुपये नुकसान का आकलन कर लिया है। वहीं, जल शक्ति विभाग को भी अब तक 1475.69 करोड़ रुपये नुकसान का आकलन कर लिया गया है। इसके अलावा अन्य विभागों को भी भारी नुकसान हुआ है। बाढ़ से 158 लोगों की मौत हुई है। 606 घर ढह गए जबकि, 5363 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। 1648 गोशलाएं भी ढहने से सैकड़ों पशुओं की मौत हुई है।

    आपदा राहत कोष में अंशदान 16.50 करोड़ रुपये के पार

    हिमाचल प्रदेश आपदा राहत कोष-2023 में 16 जुलाई से 22 जुलाई तक प्रदेशवासियों, विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं ने 16.50 करोड़ रुपये से अधिक का अंशदान किया है। यह जानकारी राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने दी है। उन्होंने कहा कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी उपायुक्तों को राहत कार्यों के लिए 188.50 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।

    शुरुआती आकलन के अनुसार आपदा के कारण प्रदेश को लगभग 8,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने उदाहरण प्रस्तुत करते हुए प्रभावित लोगों को सम्मानजनक राशि प्रदान करने का ऐतिहासिक फैसला लेते हुए वित्तीय सहायता राशि में कई गुणा वृद्धि की है। तत्काल सहायता के तौर पर एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा की है।

  • पुरोला में बादल फटा, सैलाब में बहीं गाड़ियां, जान बचाने के लिए घरों से भागे लोग, उफानाए नदी-नाले

    पुरोला में बादल फटा, सैलाब में बहीं गाड़ियां, जान बचाने के लिए घरों से भागे लोग, उफानाए नदी-नाले

    देहरादून

    बीते रात पुरोला क्षेत्र के अकरु जंगल में बादल फटने के कारण छाड़ा खड्ड, कमल नदी, माल गाड़ सहित अन्य गदेरे अचानक उफान पर आ गए। इसके चलते खेतों, सेब के बगीचों को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं नगर क्षेत्र में कई घरों पानी और मलबा घुस गया। कई लोगों ने घरों से भाग कर अपनी जान बचाई। नहरें, सड़क और पुल क्षतिग्रस्त हो गए। गाड़ियां व मोटर साइकिल बह गए। प्रदेशभर में बारिश से नुकसान हुआ है।

    धनारी क्षेत्र में धनपति नदी के उफान पर आने के कारण देवीधार में मोक्ष घाट बह गया। तो वहीं बड़कोट के गंगनानी में भारी मलबा आने के कारण 19 घरों और दुकानों सहित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में घुसा। उधर, टिहरी के घनसाली में भी मलबा आने से बारिश के कारण 14 मकानों को खतरा पैदा हो गया है। थौलधार ब्लाक के चापड़ा गांव में एक आवासीय मकान ढह गया। गनीमत यह रही कि उस वक्त घर में कोई नहीं था। पीड़ित के घर का अधिकतर सामान मलबे में दब गया।

    यमुनोत्री हाईवे सहित 299 सड़कें बंद

    प्रदेश में यमुनोत्री हाईवे समेत 299 सड़कें बंद हैं। बदरीनाथ हाईवे पीपलकोटी, पागलनाला, छिनका, नंदप्रयाग में अवरुद्ध हुआ था, जिसे दोपहर एक बजे खोल दिया गया। हाईवे में करीब आठ घंटे तक पांच हजार से अधिक यात्री फंसे रहे। शाम छह बजे नंदप्रयाग के पास बंद हुआ था, जिसे करीब आठ बजे खोल दिया गया। केदारनाथ हाईवे पर भी कई जगह मलबा आया है, लेकिन भूस्खलन क्षेत्रों में तैनात जेसीबी ने मलबा हटाकर हाईवे खोल दिया। यमुनोत्री हाईवे कई जगह अवरुद्ध हुआ है। कुछ स्थानों में तो खोल दिया, लेकिन गंगनानी में भारी मात्रा में मलबा आने के कारण मशीनें अब तक काम कर रही है। ओजरी डाबरकोट में लगातार पत्थर गिरने के कारण हाईवे खोलने का काम भी नहीं शुरू हो पाया है।

    प्रदेशभर में भारी बारिश का अलर्ट

    प्रदेश भर में 23 जुलाई को भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने रविवार को पूरे प्रदेश में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

  • बदरीनाथ हाईवे कमेड़ा में 20 मीटर ध्वस्त, 1000 तीर्थयात्री फंसे, यमुनोत्री हाईवे तीसरे दिन भी बंद

    बदरीनाथ हाईवे कमेड़ा में 20 मीटर ध्वस्त, 1000 तीर्थयात्री फंसे, यमुनोत्री हाईवे तीसरे दिन भी बंद

    बीती रात हुई भारी बारिश के बाद बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग कई जगहों पर बाधित हो गया है। गोचर के कमेड़ा में हाईवे करीब 20 मीटर तक ध्वस्त हो गया है। यहां भारी मात्रा में हाईवे पर मलबा आ गया है। इसके अलावा छिनका में भी पहाड़ी से मलबा और पत्थर आने से हाईवे बाधित है।

    हाईवे बंद होने पर जगह-जगह 1000 से अधिक तीर्थयात्री फंसे हुए हैं। स्थानीय लोगों को भी आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ यमुनोत्री हाईवे पर ओजरी डाबरकोट पर लगातार बोल्डर और मलबा आने के कारण पिछले तीन दिनों से बंद है।

    यमुनोत्री धाम सहित गीठ पट्टी के कई गांव का सम्पर्क कट गया है। हाईवे बंद होने के कारण करीब 300 यात्री स्यानाचट्टी से लेकर जानकीचट्टी के बीच में फंसे हैं। प्रशासन का कहना सबको सुरक्षित स्थानों पर रुकवाया गया है।

    रविवार रात हुई भारी बारिश से चमोली जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे कमेड़ा के पास करीब 200 मीटर से अधिक भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गया है। वहां पर 2011 में बनाई गई लाहे की पुलिया भी बह गई है। वहीं, कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे सिमलसैंण, बैनोलीबैंड, हरमनी, मल्यापौड़ में मलबा आने से बंद है।

    ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे मलबा आने से उमट्टा के पास बंद हो गया है। उमट्टा में सड़क बंद होने से कर्णप्रयाग, गौचर व सिमली क्षेत्र से आने वाले स्कूली बच्चे एसजीआरआर जयकंडी नहीं जा सके।

    इन दोनों राजमार्गों पर कई वाहन फंसे हैं। साथ ही बारिश से गौचर में हवाई पट्टी के आसपास के घरों में पानी भर गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश सड़कें बंद हो गई है।

    कर्णप्रयाग बाजार में मलबा व कीचड़ आने से वाहनों और पैदल आवाजाही करने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, गैरसैंण के पास कालीमाटी में कर्णप्रयाग-रानीखेत हाईवे अभी तक नहीं खुल पाया है।

    धारचूला (पिथौरागढ़): पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से जीप चालक घायल
    रविवार देर शाम बूंदी से धारचूला को लौट रहा एक जीप चालक कैलाश खंपा धारचूला तवाघाट मोटर मार्ग में  पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से घायल हो गया। सूचना मिलने पर धारचूला से पुलिस एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम घायल की मदद के लिए रवाना हुई लेकिन रास्ता बंद होने के कारण समय से मौके पर नहीं पहुंच पाई। इसके बाद पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य दान सिंह और प्रेम सिंह ने घायल को अपने कमरे में रखा। घायल को धारचूला लाया जा रहा है और उसकी हालत खतरे से बाहर है।

  • Mumbai के कई हिस्सों में भारी बारिश, आईएमडी ने ‘येलो’ अलर्ट जारी किया

    Mumbai के कई हिस्सों में भारी बारिश, आईएमडी ने ‘येलो’ अलर्ट जारी किया

    मुंबई। मुंबई में पिछले 24 घंटे में कई जगहों पर भारी बारिश हुई और मौसम विभाग ने सोमवार को मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताते हुए शहर के लिए ‘येलो’ अलर्ट जारी किया है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के एक अधिकारी ने कहा कि सोमवार सुबह आठ बजे समाप्त हुई 24 घंटे की अवधि में मुंबई और पूर्वी एवं पश्चिमी उपनगरों में क्रमश: औसतन 58.42 मिलीमीटर, 69.15 मिलीमीटर और 70.41 मिलीमीटर बारिश हुई। सुबह मुंबई में कुछ जगहों पर हल्की वर्षा या रुक-रुककर भारी वर्षा हुई, जबकि कुछ जगहों पर बारिश नहीं हुई।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुंबई केंद्र ने सोमवार के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है और मुंबई में मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। बीएमसी के अधिकारियों ने कहा कि आईएमडी मुंबई ने सोमवार सुबह के अपने दैनिक मौसम पूर्वानुमान में अगले 24 घंटे में मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। नगर निगम के एक अधिकारी ने कहा कि मुंबई में कहीं भी जलजमाव की सूचना नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, मध्य रेलवे एवं पश्चिम रेलवे और बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं यातायात (बेस्ट) उपक्रम की बस सेवाएं सामान्य रहीं।

  • खोज एवं बचाव अभियान चौथे दिन फिर शुरू, 81 लोग अब भी लापता

    खोज एवं बचाव अभियान चौथे दिन फिर शुरू, 81 लोग अब भी लापता

    मुंबई। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और अन्य एजेंसियों ने महाराष्ट्र में रायगढ़ जिले के इरशालवाड़ी गांव में हुए भूस्खलन के बाद रविवार को चौथे दिन खोज एवं बचाव अभियान फिर से शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि इस भूस्खलन में कम से कम 27 लोगों की मौत हो चुकी है। एनडीआरएफ के एक अधिकारी के अनुसार, रविवार सुबह खोज एवं बचाव अभियान बहाल होने के बाद अभी तक कोई शव बरामद नहीं किया गया है। मुंबई से लगभग 80 किलोमीटर दूर तटीय रायगढ़ जिले की खालापुर तहसील में एक पहाड़ी पर स्थित आदिवासी गांव में बुधवार रात भूस्खलन हुआ था।

    अधिकारियों ने बताया कि गांव के 48 में से कम से कम 17 मकान पूरी तरह से या आंशिक रूप से मलबे में दब गए। इससे पहले, अधिकारियों ने कहा था कि शनिवार को भूस्खलन में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 27 हो गई, जबकि 81 लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। अंधेरे और खराब मौसम के कारण शनिवार रात को खोज एवं बचाव अभियान बंद कर दिया गया था। रविवार सुबह इसे फिर से शुरू किया गया। बचाव अभियान में मशीनों का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है, क्योंकि गांव तक जाने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं होने के कारण वहां मिट्टी की खुदाई करने वाले यंत्रों को ले जाना आसान नहीं है।

    अधिकारियों ने बताया कि अभी तक बरामद हुए 27 शवों में से 12 शव महिलाओं, 10 पुरुषों और चार बच्चों के हैं, जबकि एक व्यक्ति की शिनाख्त अभी नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि इस हादसे में एक ही परिवार के नौ सदस्यों की मौत हो गई। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता उद्धव ठाकरे ने शनिवार को इरशालवाड़ी के निवासियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बसाया जाना चाहिए।

  • जम्मू-श्रीनगर National Highway पर भूस्खलन के बाद यातायात निलंबित

    जम्मू-श्रीनगर National Highway पर भूस्खलन के बाद यातायात निलंबित

    बनिहाल/जम्मू। जम्मू स्थित आधार शिविर से 3,000 से अधिक अमरनाथ यात्रियों का एक जत्था शनिवार सुबह कश्मीर के लिए रवाना हुआ, लेकिन भारी बारिश और भूस्खलन के कारण अधिकारियों ने जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद करते हुए उसे रामबन में रोक दिया। अधिकारियों ने बताया कि 270 किलोमीटर लंबे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मेहर और दलवास इलाकों में बारिश के कारण भूस्खलन होने की सूचना मिली है। यह कश्मीर को हर मौसम में देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली एकमात्र सड़क है।

    अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार तड़के 3,472 तीर्थयात्रियों का 20वां जत्था 132 वाहनों के जरिये जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से कश्मीर के लिए रवाना हुआ, लेकिन राजमार्ग बंद होने के कारण उसे चंद्रकोट में रोक दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, इनमें से 2,515 तीर्थयात्रियों ने अनंतनाग जिले के पहलगाम मार्ग से अमरनाथ गुफा की यात्रा करने के लिए पंजीकरण कराया है, जबकि 957 तीर्थयात्री गांदरबल जिले के बालटाल मार्ग से अमरनाथ गुफा पहुंचेंगे। दक्षिण कश्मीर हिमालय में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा के लिए एक जुलाई को तीर्थयात्रा शुरू होने के बाद से तीन लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं।

    यातायात विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राजमार्ग पर यातायात जल्द बहाल करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में सड़क से मलबा हटाने का अभियान जारी है। वहीं, मौसम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में गरज के साथ हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होने की सूचना मिली है। अधिकारियों के मुताबिक, कठुआ जिले जैसे कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश के पूर्वानुमान के साथ पूरे दिन पानी बरसने के आसार हैं। उन्होंने कहा कि इसके बाद रविवार को छिटपुट स्थानों पर रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश होगी। अधिकारियों के अनुसार, चिनाब नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण जम्मू के बाहरी इलाके अखनूर सेक्टर के घड़खल स्थित गुज्जरों की एक बस्ती शनिवार सुबह जलमग्न हो गई। अधिकारियों ने बताया कि अखनूर में चिनाब नदी का वर्तमान जलस्तर 29.6 फुट है, जबकि बाढ़ चेतावनी स्तर 32 फुट है।