Category: goverment
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गुरुग्राम से हजारों कार्यकर्ता जाएंगे कुरूक्षेत्र
सतबीर शर्मा। पहल टुडे। ।गुरुग्राम, 9 जनवरी। स्वामी विवेकानंद जी की जयंती को भाजपा हरियाणा का युवा मोर्चा युवा दिवस के रूप में मना रहा है। 12 जनवरी को पूरे प्रदेश से लाखों की संख्या में कार्यकर्ता नवमतदाता महासम्मेलन में कुरूक्षेत्र पहुंचेंगे। प्रदेश अध्यक्ष नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में होने वाले इस नवमतदाता महासम्मेलन को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के अलावा अनेक भाजपा वरिष्ठ नेता संबोधित करगे। नवमतदाता महासम्मेलन को लेकर गुरुग्राम में जिला अध्यक्ष कमल यादव की अध्यक्षता में गुरुकमल में मंगलवार को एक विशेष बैठक हुई। बैठक में संगठन मंत्री फणीन्द्रनाथ शर्मा, हिसार से प्रदेश सचिव कैप्टन भूपेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे। संगठन मंत्री ने ज्यादा से कार्यकर्ताओं को कुरूक्षेत्र पहुंचने का आह्वान किया। जिला अध्यक्ष कमल यादव ने कहा कि गुरुग्राम से हजारों की संख्या में कार्यकर्ता कुरूक्षेत्र में होने वाले नवमदाता महासम्मेलन में पहुंचेगे।जिला अध्यक्ष कमल यादव ने बताया कि बैठक में संगठनमंत्री ने युवा मोर्चा के पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों व अन्य पदाधिकारियों को 12 जनवरी को कुरूक्षेत्र जाने की जिम्मेदारियां तय की। इसके अलावा श्री शर्मा ने सभी कार्यकर्ताओं से 2024 में होने वाले चुनावों को लेकर भी चर्चा की। श्री यादव ने बताया कि संगठन मंत्री ने कार्यकर्ताओं से नमो एप को लेकर भी दिशा निर्देश दिए और कहा कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं व अन्य लोगों को जोड़कर पार्टी और संगठन को और अधिक मजबूत करने का काम भी करें। उन्होंने कहा कि आज की बैठक में यह भी तय किया गया कि कार्यकर्ता मोदी और मनोहर सरकार की योजनाओं को लेकर जनता के बीच और अधिक सक्रिय रहेंगे और कोई भी पात्र व्यक्ति सरकार की योजनाओं से ना छूटे इस पर फोकस रखेंगे।कमल यादव ने कहा कि आगामी चुनावों में युवाओं की सबसे ज्यादा भूमिका रहने वाली है। स्वामी विवेकानंद जी युवाओं के प्रेरणा के स्रोत हैं। ऐसे में गुरुग्राम की चारों विधानसभाओं से हजारों की संख्या में युवा व अन्य कार्यकर्ता 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के उपलक्ष्य में कुरूक्षेत्र में होने वाले नवमतदाता महासम्मेल में शामिल होंगे। श्री यादव ने कहा कि कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों पर जनता अब विश्वास नहीं करती, इसलिए उनका जनाधार लगातार खिसकता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता अब मोदी की गारंटी पर विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम की टीम ज्यादा से ज्यादा युवाओं को पार्टी से जोड़ने के लिए अभियान की शुरूआत करेगी। पार्टी के कार्यकर्ता पूरी निष्ठा से युवा मोर्चा के साथ मिलकर पार्टी को और मजबूत करने के साथ-साथ युवाओं को जोड़ेगा।बैठक में नवनियुक्त प्रदेश सचिव कैप्टन भूपेंद्र सिंह ने विकसित भारत संकल्प यात्रा को सफल बनाने और केंद्र की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि मोदी-मनोहर सरकार ने पक्ष-विपक्ष से उपर उठकर प्रत्येक वर्ग और क्षेत्र का कल्याण किया हैं। श्री सिंह ने कहा कि चुनाव में उतरकर जनता के बीच कहने के लिए कांग्रेस का हाथ खाली है , जबकि भाजपा के पास मोदी-मनोहर सरकार की ढेरों उपलब्धियां हैं। उन्होंनें कहा कि इन्हीं उपलब्धियों को लेकर हमें जनता का आशीर्वाद प्राप्त करना है। बैठक में जिला महामंत्री मनीष गाडौली, महामंत्री महेश यादव, युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी, जिला उपाध्यक्ष मनोज शर्मा, राकेश यादव, जिला मीडिया प्रमुख अजीत यादव, सह मीडिया प्रमुख जयवीर यादव, सुरेंद्र गहलोत, ज्योति डेमला, युवा मोर्चा के महामंत्री नीरज यादव, युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष मनीष सैदपुर, हितेष भारद्वाज, मनीष चौधरी, राजन सिंह, सचिव सोनिया यादव, यादराम जोया, मंडल व मोर्चों के अध्यक्ष व पदाधिकारी उपस्थित रहे। -

सनातन धर्म विवाद में सीएम योगी की एंट्री, बोले- जिसने भी चुनौती दी वो मिट गया
सनातन धर्म विवाद में सीएम योगी की एंट्री, बोले- जिसने भी चुनौती दी वो मिट गया
लखनऊ कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर रिजर्व पुलिस लाइन्स लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा आज का समय जब पूरा देश सकारात्मक दिशा में बढ़ने का काम कर रहा तब कुछ लोगों को ये अच्छा नहीं लगता।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म पर ओछी टिप्पणी कर चर्चा में आए तमिलनाडु सरकार में मंत्री उदयनिधि स्टालिन और I.N.D.I.A. गठबंधन को एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में बिना नाम लिए आड़े हाथ लिया। सीएम योगी ने गुरुवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर पुलिस लाइन में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन धर्म सत्ता परजीवियों से नहीं मिटने वाला है। उन्होंने कहा कि जो सनातन नहीं मिटा था रावण के अहंकार से, जो सनातन नहीं डिगा था कंस की हुंकार से, जो सनातन नहीं मिटा था बाबर और औरंगजेब के अत्याचार से, उस सनातन धर्म को कोई क्या मिटा पाएगा।
सीएम योगी ने कहा कि सनातन धर्म पर उंगली उठाने का मतलब है मानवता को संकट में डालने का कुत्सित प्रयास करना। सीएम योगी यही नहीं रुके उन्होंने सनातन धर्म को सूर्य की तरह ऊर्जा देने वाला बताते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति मूर्खतावश सूर्य की तरफ थूकने का प्रयास कर रहा है तो उसे समझना चाहिए कि सूर्य तक उसका थूक नहीं पहुंचेगा, बल्कि पलटकर थूक उसके सिर पर ही गिरेगा। साथ ही उसकी आने वाली पीढ़ियों को लज्जित होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हमें भारत की परंपरा पर गौरव की अनुभूति करनी चाहिए।
सीएम योगी ने कहा कि ईश्वर को मिटाने वाला मिट गया। 500 साल पहले सनातन का अपमान हुआ। आज अयोध्या में राम मंदिर बन रहा है। विपक्ष तुच्छ राजनीति करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष भारत की प्रगति में व्यवधान पैदा करने की कोशिश कर रहा है। सीएम योगी ने कहा कि हर काल में सत्य को झुठलाने का प्रयास हुआ है। क्या रावण ने झुठलाने का प्रयास नहीं किया था? उससे पहले हिरण्यकश्यप ईश्वर की और सनातन धर्म की अवमानना करने का प्रयास नहीं किया था? क्या कंस ने ईश्वरीय सत्ता को चुनौती नहीं दी थी? ईश्वरीय सत्ता को चुनौती देने वाले आज क्या कर रहे हैं, उनकी स्थिति क्या है? सब कुछ मिट गया। कुछ नहीं बचा। जैसे सत्य है, शाश्वत है। वैसे ही सनातन धर्म भी सत्य और शाश्वत है।
सीएम योगी ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि भगवान विष्णु के पूर्ण अवतार के रूप में श्रीकृष्ण का जन्म धर्म, सत्य और न्याय की स्थापना के लिए हुए था। पांच हजार वर्षों से लगातार भगवान श्रीकृष्ण की आदर्श प्रेरणा भारत समेत पूरी दुनिया के मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर रही है। भारत के अंदर जब भी अत्याचार और अन्याय हुआ तो हमारे ईश्वरीय अवतारों ने एक विशिष्ट प्रकाश पुंज के रूप में समाज का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने शांति काल में सामान्य नागरिकों को कर्म की प्रेरणा प्रदान करने वाला ‘कर्मण्ये वाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’ का मंत्र दिया। वहीं संकट काल में समाज को परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम् के मंत्र को आत्मसात करने की प्रेरणा दी। इस दौरान सीएम योगी ने संस्कृतिक कार्यक्रम का अवलोकन किया। कार्यक्रम में उनके साथ उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे। -

शिक्षक दिवस: सीएम योगी ने शिक्षकों को किया सम्मानित, बोले खुद को तकनीकी रूप से अपडेट रखें
शिक्षक दिवस: सीएम योगी ने शिक्षकों को किया सम्मानित, बोले खुद को तकनीकी रूप से अपडेट रखें
लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस के मौके पर 200 शिक्षकों को टैबलेट देने के साथ ही 94 शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार से भी सम्मानित किया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता होता है। उनकी भूमिका काफी उल्लेखनीय है। यही वजह है कि समाज में शिक्षकों को विशिष्ट स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का एक पक्ष हर क्षेत्र में वर्तमान पीढ़ी के निर्माण और विद्यार्थियों के मार्ग दर्शन कर राष्ट्र निर्माता बनाने का है तो दूसरा पक्ष भी है। ट्रेड यूनियन की तरह जो शिक्षक, शिक्षण कार्य से विरत होकर अधिकारियों के ही चक्कर काटते रहते हैं। उससे भावी पीढ़ी का भविष्य बर्बाद होता है। ट्रेड यूनियन की पद्धति ने काफी नुकसान किया है।
उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षकों को समाज भी संदेह की निगाह से देखता है। उनका तिरस्कार करता है। हमें इन दोनों पक्षों को ध्यान में रखकर काम करना होगा। सीएम ने कहा कि दो साल पहले मैंने शिक्षक सम्मान समारोह स्थगित कर दिया था क्योंकि जब सूची सामने आई तो उसमें ऐसे शिक्षकों के नाम थे जो दिन भर भ्रमण करते दिखते थे। वह कभी पढ़ाते नहीं थे। नींव को खोखला करने का काम कर रहे थे। आज उन शिक्षकों को सम्मानित किया जा रहा है, जिन्होंने पठन पाठन के क्षेत्र में कुछ नया किया है। उन्हें सम्मान करके मुझे भी खुशी मिल रही है। सीएम ने कहा कि शिक्षकों के ऊपर एक बड़ी जिम्मेदारी राष्ट्र निर्माण की है। आप भी समय के अनुरूप खुद को तैयार करें। यह दौर तकनीकी का है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिक्षक दिवस के मौके पर लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्य शिक्षक पुरस्कार हेतु चयनित 94 शिक्षकों को सम्मानित करने और शिक्षकों के लिए 2.09 लाख टैबलेट वितरण का शुभारंभ करने के बाद संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने 18,381 स्मार्ट क्लास व 880 आईसीटी लैब का भी उद्धाटन किया।
मुख्यमंत्री योगी ने पीएम जनधन, पीएम मुद्रा, पीएम स्टैंडअप आदि योजनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि दूर की सोचकर आगे बढ़ें। जब पीएम मोदी ने जनधन खाते खोलने शुरू किए तो लोग इसका महत्व नहीं समझते थे लेकिन कोविड काल में और उसके बाद भी हर सरकारी योजना का लाभ सीधे खाते में जा रहा है। आज वृद्धा पेंशन आदि योजनाओं में बीच के दलाल खत्म हो गए। पूरा का पूरा पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में जा रहा है। उन्होंने कहा कि टैबलेट, स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब की सुविधा से अब तकनीकी में कोई आपका मुकाबला नहीं कर पाएगा। हर नई जानकारी से खुद को अपडेट रखें।
उन्होंने लखनऊ के ही एक स्कूल का उदाहरण देते हुए कहा कि उस स्कूल में विद्यालय भवन में बड़ा पेड़ उगा था। वह तीन बार वहां गए और मुख्य सचिव को भी साथ ले गए। उनके निर्देश के बाद वह पेड़ हटा। बोले, क्या स्कूल का पेड़ हटाने के लिए सीएम और मुख्य सचिव को आना पड़ेगा। शिक्षक खुद इसके लिए संवेदनशील हों। उन्होंने बच्चों से 15 मिनट पहले स्कूल पहुंचने और प्रधानाचार्य से 30 मिनट पहले स्कूल पहुंचने का आह्वान किया ताकि अन्य व्यवस्था बेहतर कर सकें।
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दिल्ली में प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी व विकास कार्यों की समीक्षा आज, मुख्यमंत्री योगी भी होंगे शामिल
दिल्ली में प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी व विकास कार्यों की समीक्षा आज, मुख्यमंत्री योगी भी होंगे शामिल
लखनऊ
अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी और विकास कार्यों की समीक्षा को लेकर आज दिल्ली में बैठक होगी जिसके लिए अयोध्या के डीएम व कमिश्नर भी पहुंच चुके हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि प्राण प्रतिष्ठा की तारीख भी तय हो सकती है।श्रीराम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां तेज हो गई हैं। मंगलवार को दिल्ली में प्राण प्रतिष्ठा के लिए की गईं तैयारियों और विकास परियोजनाओं को लेकर समीक्षा होगी। इसमें शामिल होने के लिए अयोध्या के कमिश्नर गौरव दयाल व डीएम नितीश कुमार दिल्ली रवाना हो गए हैं। कमिश्नर ने सोमवार को अफसरों के साथ बैठक की।
श्रीराम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर दिल्ली की बैठक अहम मानी जा रही है। बैठक में शामिल होने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ भी पहुंच रहे हैं। इसके अलावा श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों के भी बैठक में शामिल होने की संभावना है। संभावना है कि सीएम योगी की मौजूदगी में ही पीएम के समक्ष प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी और विकास कार्यों का खाका प्रस्तुत किया जाएगा।
समीक्षा को लेकर सोमवार को देर शाम कमिश्नर ने एडीए में डीएम नितीश कुमार, वीसी विशाल सिंह समेत अन्य अफसरों के साथ आपात बैठक की। अयोध्या की बड़ी परियोजनाओं के साथ प्राण प्रतिष्ठा में आने वाले श्रद्धालुओं को सहेजने को लेकर बनाए गए प्लान पर एक बार फिर चर्चा की गई। इसके पूर्व अफसरों ने पार्किंग सहित अन्य सुविधाओं को लेकर भ्रमण किया। कमिश्नर गौरव दयाल ने बताया कि दिल्ली में प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारी और विकास परियोजनाओं की समीक्षा होगी। इसके लिए वह और डीएम दिल्ली जा रहे हैं।
तय हो सकती प्राण प्रतिष्ठा की तिथि
श्रीराम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा 15 से 24 जनवरी 2024 के बीच प्रस्तावित है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहेंगे। सूत्रों की माने तो श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इसकी जानकारी पीएमओ को पहले ही दे दी है। बैठक में प्रधानमंत्री को हाथों-हाथ निमंत्रण देने की भी योजना है। ऐसी भी संभावना है कि मंगलवार की समीक्षा के बाद प्राण प्रतिष्ठा की तारीख सामने आ सकती है। साथ ही अफसरों को नए निर्देश मिल सकते हैं।
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एनएचएआई, बिजली परियोजना और खनन को ठहराया तबाही का जिम्मेदार, राष्ट्रपति को भेजा पत्र
कुल्लू
जिला कुल्लू में आठ से 11 जुलाई तक हुई भारी बारिश और बाढ़ से मची तबाही के जख्म एक माह भी हरे हैं। इसके लिए हिमालय नीति अभियान ने राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू का पत्र लिख इस तबाही के लिए एनएचएआई, राज्य सरकार और पनबिजली परियोजनाओं के अवैज्ञानिक निर्माण को जिम्मेदार ठहयाया है। कहा कि एनएचएआई ने किरतपुर से मनाली तक अवैध रूप से जगह-जगह मलबा डंप किया।
वहीं पहाड़ियों को काटने के साथ-साथ नदियों में इतनी अधिक मात्रा में मलबा निस्तारण डंपिंग साइट के उचित प्रबंधन के बगैर किया जा रहा है। परियोजना निर्माण की गति में तेजी उचित भौगोलिक संज्ञान के बगैर अवैज्ञानिक रूप से लाई जा रही है। हिमालय नीति अभियान के अध्यक्ष कुलभूषण उपमन्यु और संयोजक गुमान सिंह ने राष्ट्रपति काे भेजे गए पत्र में कहा कि सड़क के चौड़ीकरण के दौरान कई हिस्सों में खड़ी पहाड़ी काटने से भूस्खलन में वृद्धि की है।
इसके अलावा बिजली प्रोजेक्टों के बांधों से बिना किसी सूचना के बड़ी मात्रा में पानी को छोड़ा जाना भी तबाही का कारण है। वहीं विकास के लिए सरकार, कारोबारियों और आम लोगों द्वारा नदी के किनारे बड़े पैमाने पर अतिक्रमण किए गए हैं। साथ ही ब्यास किनारे में खनन भी नदी के प्रवाह में बदलाव का कारण बना है। इसने भी बाढ़ के प्रभाव को बढ़ाने में योगदान दिया है।
गुमान सिंह ने कहा कि 1992 में योजना आयोग द्वारा डॉ. एसजे कासिम की अध्यक्षता में गठित विशेष विशेषज्ञ समूह की रिपोर्ट में हिमालय में विकास के लिए दिशा-निर्देश प्रस्तुत किए गए थे। यहां तक कि हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त 2009 की अवय शुक्ल समिति की सिफारिशों को भी प्रभावी ढंग से कार्यान्वित नहीं किया गया है। इस तरह की घटनाओं के कारणों का आकलन और सत्यापन करने तथा संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए एक जांच आयोग बनाया जाए।
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20 रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किया जाएगा, प्रधानमंत्री मोदी ने रखी आधारशिला
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार सुबह झारखंड में 20 रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की आधारशिला रखी। ये स्टेशन 27 राज्य के उन 508 रेलवे स्टेशन में शामिल हैं, जिनके पुनर्विकास की आधारशिला प्रधानमंत्री मोदी ने ऑनलाइन माध्यम से रखी है। ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत झारखंड में जिन 20 स्टेशन को 886.7 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित किया जाएगा उनमें हटिया, पिस्का, डाल्टनगंज, गढ़वा रोड, लातेहार, पारसनाथ, कोडरमा, बोकारो स्टील सिटी, कुमारधुबी, साहिबगंज और घाटशिला शामिल हैं। वरिष्ठ मंडलीय वाणिज्यिक प्रबंधक (रांची) निशांत कुमार ने बताया कि हटिया स्टेशन को 355 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित किया जाएगा, जबकि पिस्का स्टेशन के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 27 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
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तबादला होने पर अब अनुबंध कर्मियों को मिलेगा यात्रा भत्ता, अधिसूचना जारी
शिमला
हिमाचल प्रदेश में अब अनुबंध कर्मचारियों को भी तबादले होने पर पदग्रहण करने का समय और यात्रा भत्ता मिलेगा। सरकार ने पुरानी व्यवस्था में बदलाव कर दिया है। कार्मिक विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को इस बाबत अधिसूचना जारी कर दी है। आमतौर पर अनुबंध अवधि में तबादले नहीं किए जाते हैं।
सरकार अगर जनहित में चाहे तो स्थानांतरित कर सकती है। नई व्यवस्था में 30 किलोमीटर से कम दूरी पर तबादले पर एक दिन और इससे अधिक दूरी पर पद ग्रहण करने के लिए पांच दिन मिलेंगे। पुराने स्थान से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थानांतरण पर यात्रा भत्ता नहीं मिलेगा। पद ग्रहण करने के लिए निर्धारित दिनों के बीच में अगर सरकारी अवकाश आता है तो उसकी गिनती नहीं होगी।
पद ग्रहण करने के लिए एक दिन आगे हो जाएगा। 30 किलोमीटर से कम दूरी होने पर अगर स्थानांतरण होता है तो यात्रा भत्ता पथ परिवहन निगम की सामान्य बस के किराये के बराबर मिलेगा। यह प्रस्ताव लंबे समय से सरकार के विचाराधीन था। वित्त विभाग से चर्चा के बाद अब कार्मिक विभाग ने अनुबंध कर्मियों के पक्ष में फैसला लिया है।
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ट्रेन में चोरी हो गया है सामान, क्या मिल सकता है आपको मुआवजा? जानिए क्या है भारतीय रेलवे के नियम
नई दिल्ली । ट्रेन में हम में से सभी ने कभी ना कभी सफर तो किया होगा। एक राज्य से दूसरे राज्य तक जाने का सबसे सस्ता और सुगम साधन में से एक ट्रेन को माना जाता है। ट्रेन में सफर करना भले ही अच्छा लगता हो पर कई बार सामान के चोरी हो जाने का खतरा भी बना रहता है। अगर आपके साथ भी कभी ऐसी कोई घटना घट जाए तो आपको क्या करना चाहिए, आइए इसके बारे में जानते हैं।
सामान चोरी होने पर करें ये काम
आपको ट्रेन में सफर के दौरान हमें हमेशा सतर्क रहना चाहिए। कभी आपके सामने ऐसी कोई दुर्घटना घट जाए तो आपको सबसे पहले उसकी शिकायत दर्ज करवानी चाहिए। आप जैसे ही शिकायत दर्ज करते हैं,लेकिन उसके बाद भी आपको सामान नहीं मिलता है तो भारतीय रेलवे यात्री को मुआवजा देता है।
भारतीय रेलवे के मुताबिक व्यक्ति के सामान चोरी हो जाने के बाद सामान की कीमत की गणना के अनुसार ही रेलवे मुआवजा देती है। मुआवजा पाने के लिए आपको कुछ प्रोसेस को फॉलो करना होगा। आइए, जानते हैं कि आपको क्या प्रोसेस फॉलो करना होगा।
कैसे मिलेगा मुआवजा
अगर सफर के दौरान किसा यात्री का सामान चोरी हो जाता है तो उसे सबसे पहले ट्रेन कंडक्टर कोच अटेंडेंट, गार्ड या जीआरपी एस्कॉर्ट से संपर्क करना होगा। ये व्यक्ति आपको एक फॉर्म देंगे, आपको वो फॉर्म भरना होगा। आप जैसे ही ये फॉर्म भरते हैं तो उसके बाद कार्रवाई करने के लिए इस फॉर्म को थाने भेज दिया जाता है।
अगर आपको अपना ट्रेन का सफर पूरा करना है तो आप किसी भी रेलवे के आरपीएफ सहायता चौकियों पर शिकायत पत्र को जमा करवा सकते हैं।
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खनन सामग्री नहीं मिली तो लटक जाएगा ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल का काम, परियोजना की राह में चुनौती
देहरादून
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर्याप्त मात्रा में खनन सामग्री उपलब्ध न होने की वजह से लटक सकती है। अगले चार महीनों में परियोजना के तहत सुरंग खोदने का काम पूरा होने की संभावना है। इसके बाद के कार्य के लिए रेलवे विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) को दो करोड़ मीट्रिक टन से अधिक अच्छी गुणवत्ता वाली खनन सामग्री की आवश्यकता होगी।
चिंता की वजह है प्रदेश की नदियों में मशीनों की सहायता से खनन करने पर न्यायालय की रोक लगी होना। निगम प्रबंधन को प्रोजेक्ट समय पर पूरा करने के लिए भारी मात्रा में लगातार अच्छी गुणवत्ता की आरबीएम की जरूरत है। इसके लिए निगम ने शासन से प्रोजेक्ट के आसपास की कुछ नदी क्षेत्रों में खनन की अनुमति मांगी है।
इस मामले में आरवीएनएल के मुख्य परियोजना प्रबंधक ने सचिव परिवहन अरविंद सिंह ह्यांकी को पत्र लिखकर प्रकरण में सहयोग की अपील की है। पत्र में कहा गया है कि बड़ी मात्रा में खनन सामग्री मशीनों के बगैर जुटाना संभव नहीं हो पाएगा। ऐसे में परियोजना को समय पर पूरा करने में मुश्किल हो सकती है। साथ ही प्रोजेक्ट की लागत में भी बढ़ोतरी हो जाएगी। रास्ता निकालने के लिए संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों की एक बैठक कराने का अनुरोध भी किया है।
2024-25 में प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य
आरवीएनएल के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग परियोजना को 2024-25 तक बनाने का लक्ष्य है। लेकिन परियोजना की राह में आ रही चुनौतियों के देखते हुए इसमें देरी होने की संभावना है। परियोजना निर्माण में जरूरी आरबीएम न मिलने से यह दिक्कत और गंभीर हो सकती है।
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रेल की पटरियों को अवैध रूप से पार किया तो होगी जेल, सेल्फी लेने पर भी कैद, जुर्माना वसूलने का आदेश
नई दिल्ली
रेल की पटरियों को अगर अवैध रूप से पार किया तो खैर नहीं। पटरियों पर अगर सेल्फी लेते भी दिखे तो जेल की हवा खानी पड़ सकती है। रेलवे ने पटरियों को पार करने के मामलों पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। स्पष्ट रूप से अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि रेल पटरियों को अवैध रूप से पार करने वाले लोगों को रेलवे अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत पकड़कर जुर्माना वसूला जाए, आवश्यक हो तो उन्हें जेल भी भेजें।
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक शोभन चौधरी ने पांचों रेल मंडल प्रबंधकों व अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में रेलपथों के निकट अतिक्रमण के साथ ही पटरियों को पार करने के मुद्दे पर चर्चा हुई। इसे लेकर चौधरी ने सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए। कहा कि अधिनियम के तहत उन्हें जेल भेजा जाए। उन्होंने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलपथों के निकट हुए अतिक्रमण को हटाने का परामर्श दिया, ताकि ट्रेनों के संचालन में किसी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं हो।
दरअसल अतिक्रमण की वजह से रेलवे फाटकों पर भी व्यवधान होता है और ट्रेनों का संचालन बाधित होता है। इसके अलावा उच्च गति वाले रेल सेक्शन के किनारों पर बाउंड्री वॉल का निर्माण होना है, लिहाजा अतिक्रमण हटाने पर बल दिया गया है।
बैठक में कहा गया कि रेलवे के लिए सुरक्षा सर्वोपरि है। बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने के विषय पर महाप्रबंधक ने ट्रैक दोहरीकरण, सिगनलिंग और यात्री सुविधाओं में वृद्धि को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया। भारी बारिश से पटरियों पर अनेक जगह जलभराव हो जाने से कई जगह रेल परिचालन में कठिनाई का सामना करना पड़ा है।इसके अलावा बरसाती नदियों और नालों के उफान के कारण रेल लाइनों के तटबंधों में पानी भर गया है। इससे ट्रेनों के परिचालन में समस्या हुई है। बैठक में रेल पटरियों में जमा पानी को निकालने के लिए अतिरिक्त पंप का इस्तेमाल करने को कहा। महाप्रबंधक ने कहा कि हर तरह के ग्राहकों, छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े एफएमसीजी और ई-कॉमर्स के दिग्गजों को मालभाड़ा सेवाएं प्रदान करने के हरसंभव प्रयास किए जाने चाहिए।