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  • 15 करोड़ का बैंकिंग घोटाला : सीबीआई ने दर्ज की FIR

    15 करोड़ का बैंकिंग घोटाला : सीबीआई ने दर्ज की FIR

    मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल (Capital bhopal) में बहुचर्चित 15 करोड़ के बैंकिंग घोटाले मामले (Famous banking scam case) में सीबीआई (CBI) ने एफआईआर (FIR) दर्ज की है। मामले में सीबीआई ने केनरा बैंक (Canara bank) के मैनेजर (Bank manager) अमरेंद्र कुमार तिवारी (Amrendra kumar tiwari) सहित सात लोगों को आरोपी (Accused) बनाया है।

    जानकारी के अनुसार केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं में 150 लोगों को लोन बांटा गया था। लोन लेने वालों ने तीन साल के भीतर लगभग 15 करोड़ का चूना बैंक को लगाया है। जिन लोगों को योजना के तहत लोन बांटा गया था उन्होंने बैंक को रकम नहीं लौटाई। ज्यादातर ऐसे लोगों को लोन बांटा गया था जो बैंक मैनेजर के सगे संबंधी थे। लोन बांटने में भेदभाव के भी आरोप लगे हैं। ज्यादा योजना के तहत जरूरतमंद लोगों को लोन नहीं मिला था।

    बता दें कि साल 2017 से 2022 तक के बीच घोटाला हुआ है। इसके बाद केनरा बैंक ने अपने स्तर पर जांच की और ऑडिट भी कराया। उसके बाद इस घोटाले का खुलासा हुआ और मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया। मामले में सीबीआई मैं आज एफ आई आर दर्ज की गई है

    अजय शर्मा

  • लूट का नया तरीका : फर्जी एसडीएम बनकर तय की शादी, कार्ड छपवाए..वेन्यू भी बुक, सच्चाई सामने आने पर उड़े सबके होश

    लूट का नया तरीका : फर्जी एसडीएम बनकर तय की शादी, कार्ड छपवाए..वेन्यू भी बुक, सच्चाई सामने आने पर उड़े सबके होश

    वाराणसी में भेलूपुर थाना क्षेत्र के संकुलधारा इलाके में रहने वाली स्नेहधीर नामक महिला ने अपनी बेटी की शादी कुचौरा सिकंदरपुर गाजीपुर के रहने वाले शुभेंदु दुबे नामक व्यक्ति के साथ तय कीथी

    शुभेंदु दुबे ने खुद को झारखंड में एसडीएम पद पर कार्यरत बताया था। शादी तय होने के बाद दहेज में मिली ₹450000 को आरोपी ने अपने ताऊ राजेंद्र दुबे के खाते में चार लाख पचास हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए।

    14दिसंबर 2022 को शादी तिथि तय हुआ। गुरूबाग स्थिति लॉन में बरात आने की तैयारी होने लगी। सारी तैयारी पूरा होने के बाद भी नियत समय पर बरात नहीं पहुंची। जिसके बाद फोन करने पर आरोपी ने होंडा सिटी गाड़ी की मांग की।

    बीते ग्यारह मार्च2023को महिला ने शुभेंदु को फोनकर पैसे-सामान वापस करने के लिए बोला तो उसने दिए पैसे भूल जाने की बात कहकर धमकी दी। महिला ने मामले की शिकायत पुलिस अपराध व मुख्यालय से की। उनकी तहरीर पर पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच में जुट गई है।

  • Crime : फर्जी चेक देकर कैमरा कंपनी को लगाया था चूना, 25 साल बाद मुंबई से गिरफ्तार हुआ शख्स

    Crime : फर्जी चेक देकर कैमरा कंपनी को लगाया था चूना, 25 साल बाद मुंबई से गिरफ्तार हुआ शख्स

    मुंबई पुलिस ने फर्जी चेक मामले में पिछले 25 साल से लापता 62 वर्षीय एक शख्स को गिरफ्तार किया है. एक अधिकारी ने बताया कि मध्य मुंबई के रफी ​​अहमद किदवई मार्ग पर मामला दर्ज किया गया था. आरोपी ने 40 कैमरे खरीदने के लिए 50,000 रुपये का फर्जी चेक देकर एक कैमरा कंपनी को धोखा देने की कोशिश की थी.

    अधिकारी ने कहा कि उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया था, लेकिन बाद में उसने अदालत में पेश होना बंद कर दिया और लापता हो गया. मामले के मुख्य आरोपी, जिसके इशारे पर उसने चेक दिया था, मुंबई पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. हाल ही में, पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली कि लापता व्यक्ति गुजरात के भरूच जिले के अछोड़ गांव में रह रहा है. अधिकारी ने कहा कि मुंबई पुलिस की एक टीम ने भरूच का दौरा किया और गुजरात पुलिस की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया.

    7  लाख रुपये ठगे

    मुंबई से इस तरह का एक और मामला सामने आया है, जहां एक महिला से कथित तौर पर कूरियर कंपनी के कर्मचारी बनकर एक जालसाज द्वारा लगभग 7 लाख रुपये की ठगी की गई. पीड़िता प्राची ढोके ने अपनी शिकायत में कहा कि उसे एक कूरियर कंपनी के कस्टमर केयर अधिकारी के रूप में एक व्यक्ति का फोन आया. पुलिस ने शिकायत का हवाला देते हुए कहा कि उसने उसे बताया कि उसके नाम पर एक अंतरराष्ट्रीय पार्सल, जिसमें दो पासपोर्ट, पांच एटीएम कार्ड, 300 ग्राम चरस और एक लैपटॉप शामिल है, उसे अस्वीकार कर दिया गया है.

    आईडी का किया जा रहा दुरुपयोग 

    जब प्राची ढोके ने उस व्यक्ति को बताया कि पार्सल उसने नहीं भेजा है, तो कॉलर ने उससे पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का आग्रह किया क्योंकि उसके आधार कार्ड का दुरुपयोग किया गया है. प्राची ढोके ने अपनी शिकायत में कहा कि इसके बाद, कॉल करने वाले ने मुंबई पुलिस के एक अधिकारी के रूप में एक व्यक्ति को कॉल ट्रांसफर कर दिया, जिसने उसे बताया कि उसकी आईडी का अंतरराष्ट्रीय तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए दुरुपयोग किया जा रहा है.”उन्होंने मुझे यह कहते हुए जांच में मदद करने के लिए कहा कि वे मुझे एक प्रमाण पत्र देंगे कि मैं इस मामले में शामिल नहीं हूं.”

    पुलिस ने कहा कि जालसाजों ने आरबीआई से जांच के बहाने महिला से 95,499 रुपये ट्रांसफर करने को कहा. उन्होंने प्राची ढोके की शिकायत का हवाला देते हुए कहा कि आरोपी द्वारा सुरक्षा जमा और जांच के नाम पर और पैसे मांगे जाने के बाद पीड़िता ने चार लेनदेन में कुल 6,93,437.50 रुपये ट्रांसफर किए. जांच अधिकारी इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC)की धारा 419 (प्रतिरूपण द्वारा धोखा), 420 (धोखाधड़ी) के तहत शुक्रवार को साइबर अपराध, पूर्वी पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई है.

  • पंडित प्रदीप मिश्रा और बागेश्वर सरकार बनेंगे सरकार में मंत्री?, सीएम शिवराज से कांग्रेस नेता की बड़ी मांग

    पंडित प्रदीप मिश्रा और बागेश्वर सरकार बनेंगे सरकार में मंत्री?, सीएम शिवराज से कांग्रेस नेता की बड़ी मांग

    मध्यप्रदेश में इसी साल विधानसभा के चुनाव होने है। विधानसभा चुनाव से पहले राज्य का सियासी पारा चढ़ने लगा है। बीजेपी और कांग्रेस एक दूसरे पर बयानों के बाण छोड़ने लगे है। वही प्रदेश में साधु संतो को लेकर भी सियासत लगातार जारी है। खास तौर पर सिहोरा वाले पंडित प्रदीप मिश्रा और बागेश्वर सरकार इन दिनों सुर्खियों में है।

    विधानसा चुनाव की सरगर्मियों के बीच मुख्यमंत्री शिवराज से एक अनोखी मांग की गई है। दरअसल, कांग्रेस नेता राकेश सिंह यादव ने सीएम शिवराज को एक पत्र लिखा हैं। जिसमें उन्होंने दो चर्चित बाबाओं को कैबिनेट मंत्री बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि पंडित धीरेन्द्र शास्त्री और प्रदीप मिश्रा को सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया जाए।

    कांग्रेस नेता राकेश सिंह यादव ने लिखा है कि सीएम शिवराज सिंह चौहान को विशेष प्रावधानों का उपयोग करके समस्या निवारण मंत्रालय बनाकर पंडित प्रदीप मिश्रा और पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को कैबिनेट मंत्री का दर्जा देना चाहिए। ताकि प्रदेश की जनता का कल्याण हो सके।

  • मुस्लिम फंड बनाकर लोगों से ठगे करोडों रूपये, तीन गिरफ्तार

    मुस्लिम फंड बनाकर लोगों से ठगे करोडों रूपये, तीन गिरफ्तार

    हरिद्वार। मुस्लिम फंड बनाकर लोगों से काला धन सफेद करने, पुराने नोटों को बदलने सहित विभिन्न प्रकार का लालच देकर करोडों रूपये ठगने के मामले में पुलिस ने मुस्लिम फंड के संस्थापक सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके 23 बैंक खाते फ्रीज कर दिये है।
    प्राप्त जानकारी के अनुसार वसीम पुत्र समीम रावत निवासी ग्राम इब्राहिमपुर थाना पथरी जिला हरिद्वार द्वारा थाना ज्वालापुर पर कबीर म्युचल बैनिफिट लिमिटेड (मुस्लिम फण्ड) के संस्थापक अब्दुल रज्जाक पुत्र सरफू निवासी ग्राम सराय थाना ज्वालापुर जिला हरिद्वार के द्वारा बैंक में उसके द्वारा जमा किये गये 2 लाख 81 हजार धनराशि व हजारों अन्य लोगों की जमा राशि लेकर फरार हो जाने के सम्बन्ध में मुकदमा दर्ज कराया। हजारों लोगों के बैंक खातों की प्रभावित धनराशि को देखते हुए एसएसपी अजय सिंह के द्वारा प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुए जांच तेज करने के निर्देश दिये गये। जिसके लिए छह टीमें गठित की गयी। उक्त मुस्लिम फण्ड वर्ष 1998 से संचालित किया जा रहा था जिसे वर्ष 2020 में कबीर म्युचल बैनिफिट लि. के रुप में कार्पाेरेट मंत्रालय से मान्यता प्राप्त कराया गया। तथाकथित बैंक में 13382 एक्टिव खाते पाये गये, जिनमें 8716 खातों में 500 रुपये से कम धनराशि होना पाया गया। उक्त खाताधारकों की कुल करीब 7 करोड 5 लाख धनराशि उक्त बैंक में निहित होना पाया गया जिसमें से करीब डेढ करोड रुपये धनराशि अब्दुल रज्जाक के द्वारा लोगों का सोना गिरवी रखकर उन्हें 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर देना पाया गया। जांच के दौरान अब्दुल रज्जाक उसके परिवार व उसके संदिग्ध सहयोगियों के 23 बैंक खाते फ्रीज किये जा चुके हैं इसके अलावा इनके द्वारा अर्जित चल अचल सम्पत्ति का विवरण जुटाया जा रहा है। जांच के दौरान पाया गया कि मुस्लिम फण्ड में जमा धनराशि जो कि लोग बगैर ब्याज लिये जमा करा रहे थे को अब्दुल रज्जाक व उसके साथी प्रोपर्टी की खरीद फरोख्त कर उससे अपने निजी हित में लाभ अर्जित कर रहे थे। मुकदमा उपरोक्त में फरार अब्दुल रज्जाक को पुलिस टीम द्वारा हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया । गिरफ्तारी के पश्चात रज्जाक द्वारा बताया गया कि वह वर्ष 2013 से मुस्लिम फण्ड में जमा कराये गयी रकम को अपने साथियों नसीम उर्फ मुन्ना पुत्र जिन्दे हसन निवासी ग्राम सराय थाना ज्वालापुर हरिद्वार व मशरूर पुत्र इरसाद अली निवासी ग्राम सराय थाना ज्वालापुर हरिद्वार के सहयोग से ज्वालापुर के आसपास प्रोपर्टी की खरीद फरोख्त कर खासा लाभ अर्जित कर रहा था। इसके साथ ही उसने लोगों को पुराने नोट बदलने व जमीनों की खरीद फरोख्त कर करोडों रूपये ठगने के मामले को भी स्वीकार किया। पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश किया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

  • नवी मुंबई में मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के नाम पर ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़… 5 गिरफ्तार

    नवी मुंबई में मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के नाम पर ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़… 5 गिरफ्तार

    नवी मुंबई पुलिस ने मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के नाम पर छात्रों से 3.30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। नवी मुंबई के पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे ने बताया कि आरोपियों ने ठाणे जिले के नवी मुंबई के अलावा मुंबई, गुजरात और अन्य स्थानों के छात्रों के साथ भी धोखाधड़ी की थी।

    नवी मुंबई : नवी मुंबई पुलिस ने मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के नाम पर छात्रों से 3.30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। नवी मुंबई के पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे ने बताया कि आरोपियों ने ठाणे जिले के नवी मुंबई के अलावा मुंबई, गुजरात और अन्य स्थानों के छात्रों के साथ भी धोखाधड़ी की थी।

    पिछले पांच-सात साल से सक्रिय गिरोह के सदस्य प्री-मेडिकल, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कम अंक पाने वाले छात्रों से संपर्क करते थे और मोटी रकम के एवज में उन्हें मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की पेशकश करते थे। आरोपी मुंबई और नवी मुंबई के सात प्रमुख मेडिकल कॉलेज के प्रबंधन में अपना प्रभाव होने का दावा कर पीड़ित छात्रों का विश्वास हासिल करते थे और उन्हें जाली प्रवेश पत्र उपलब्ध करवाकर उससे नकद या डिजिटल माध्यम से पैसे लेते थे।

    अधिकारी ने बताया कि आरोपी उन वेबसाइटों से छात्रों का विवरण प्राप्त करते थे, जहां उन्होंने प्रवेश के लिए आवेदन किया था। अधिकारी के मुताबिक, आरोपी अपना प्रभाव दिखाने के लिए छात्रों को मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय (डीएमईआर) के कार्यालय ले जाते थे और फिर उन्हें फर्जी प्रवेश पत्र देते थे।