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  • सैंज घाटी के 15 में से 11 ट्रांसफार्मर बहाल

    सैंज घाटी के 15 में से 11 ट्रांसफार्मर बहाल

    सैंज (कुल्लू)

    हिमाचल बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद सैंज में बंद पड़े 15 में से 11 ट्रांसफार्मर बहाल कर दिए हैं। इससे लोगों को अंधेरे से राहत मिली है। गाड़ापारली और शांघड़ पंचायत के चार ट्रांसफार्मर अभी बहाल नहीं हो सके हैं। भारी बारिश और पिन पार्वती नदी में आई बाढ़ से सैंज घाटी में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई थी। इससे बिजली बोर्ड को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। लाइन दुरुस्त करने के लिए बोर्ड के सामने कड़ी चुनौती थी। 15 ट्रांसफार्मर और 45 खंभे बाढ़ की भेंट चढ़ने के साथ ही कई जगह तार भी बह गए थे। अधिकतर सड़कों का बाढ़ ने नामोनिशान मिटा दिया था। बावजूद बिजली बोर्ड के मजदूरों ने कड़ी मशक्कत कर बिजली आपूर्ति बहाल की।घाटी के न्यूली क्षेत्र में अभी भी सड़क बहाल नहीं हो पाई है।

  • चौहान बोले- फोरलेन निर्माण के लिए पहाड़ों की कटिंग और डंपिंग सही नहीं

    चौहान बोले- फोरलेन निर्माण के लिए पहाड़ों की कटिंग और डंपिंग सही नहीं

    शिमला उद्योग मंत्री हर्षवर्धन सिंह ने कहा है कि प्रदेश में फोरलेन निर्माण के लिए गलत तरीके से की जा रही कटिंग और डंपिंग आपदा का कारण बन रही है। उद्योग मंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य पर सवाल उठाए हैं। मंगलवार को सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि फोरलेन निर्माण के लिए डंपिंग नदी-नालों में की जा रही। आपदा के बाद अब यह बड़ा सवाल है कि हिमाचल के लिए फोरलेन सही भी हैं या नहीं।

    हर्षवर्धन ने कहा कि चंडीगढ़-सोलन, सोलन-शिमला, मनाली-चंडीगढ़ और उनके विधानसभा क्षेत्र का पांवटा-हाटकोटी ग्रीन कॉरिडोर तहस-नहस हो गया है। नेशनल हाईवे का निर्माण कार्य संतोषजनक नही है। एनएच पर ढाई तीन मीटर से ऊपर डंगे नहीं लगाए जाते। हैवी जेसीबी मशीनों से कटिंग कर 150 मीटर तक पहाड़ काट कर गिर रहे हैं। डंपिंग का कोई सिस्टम नहीं है। नदियों में रेत पत्थर बहुत ज्यादा आ रहा है।

    उद्याेगों को आपदा से 300 करोड़ का नुकसान
    उन्होंने कहा कि उद्योगों को आपदा से करीब 300 करोड़ का नुकसान हुआ बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़, कालाअंब, पांवटा में सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं, पावर लाइनों और ट्रांसफार्मरों को नुकसान पहुंचा, बीबीएन में एनएच के पुल बह गए हैं। लेकिन अब स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है। उद्योगों के लिए कच्चा माल पहुंचना शुरू हो गया है। तैयार माल भी बाहर जा रहा है। आपदा से निपटने के लिए मुख्यमंत्री की अगुवाई में सरकार युद्धस्तर पर काम कर रही है। आपदा राहत के पिछले कुछ सालों के करीब 1500 करोड़ रुपये केंद्र के पास फंसे हैं। उम्मीद है कि केंद्र सरकार विशेषकर प्रधानमंत्री उदार मदद करेंगे।

  • यूपी में सबसे बेहतर होगा जिले का सरकारी अस्पताल-उप मुख्यमंत्री

    यूपी में सबसे बेहतर होगा जिले का सरकारी अस्पताल-उप मुख्यमंत्री

    नोएडा। जिले के सरकारी अस्पताल को उत्तर प्रदेश के सबसे बेहतर अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा। मॉडल अस्पताल बनाने के लिए पैथोलॉजी जांच की सुविधा बढ़ाने से लेकर नए डॉक्टरों और स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी। वहीं, सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई को दिल्ली-एनसीआर का सर्वश्रेष्ठ अस्पताल बनाया जाएगा। रविवार को सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में आधुनिक टीकाकरण केंद्र व नियोनेटल इंटेसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) और सेक्टर-30 चाइल्ड पीजीआई में बीएसएल-3 लैब का उद्घाटन करने पहुंचे उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने यह घोषणा की।

    उन्होंने कहा कि गौतमबुद्ध नगर जनपद सरकार के लिए महत्वपूर्ण है। राजधानी दिल्ली से सटा होने के कारण यहां दिल्ली-एनसीआर से मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। किसी भी बीमारी का मरीज उपचार और दवाओं के बिना अस्पताल से मायूस होकर नहीं लौटना पड़े और निजी अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़े, इसके लिए सरकार सुविधाएं विकसित करने पर जोर दे रही हैं। जिला अस्पताल में जांच और उपचार के लिए चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने चाइल्ड पीजीआई के लिए बेहतर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही। पीजीआई प्रशासन को इस संबंध में प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही भंगेल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 50 बेड का महिला अस्पताल जल्द शुरू करने की बात भी कही। इस मौके पर सांसद डॉ. महेश शर्मा, विधायक पंकज सिंह, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी जर्नादन सिंह, स्वास्थ्य विभाग मेरठ संभाव की अतिरिक्त निदेशक डॉ. अर्चना त्यागी मौजूद रहे।

  • 20 रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किया जाएगा, प्रधानमंत्री मोदी ने रखी आधारशिला

    20 रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किया जाएगा, प्रधानमंत्री मोदी ने रखी आधारशिला

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार सुबह झारखंड में 20 रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की आधारशिला रखी। ये स्टेशन 27 राज्य के उन 508 रेलवे स्टेशन में शामिल हैं, जिनके पुनर्विकास की आधारशिला प्रधानमंत्री मोदी ने ऑनलाइन माध्यम से रखी है। ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत झारखंड में जिन 20 स्टेशन को 886.7 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित किया जाएगा उनमें हटिया, पिस्का, डाल्टनगंज, गढ़वा रोड, लातेहार, पारसनाथ, कोडरमा, बोकारो स्टील सिटी, कुमारधुबी, साहिबगंज और घाटशिला शामिल हैं। वरिष्ठ मंडलीय वाणिज्यिक प्रबंधक (रांची) निशांत कुमार ने बताया कि हटिया स्टेशन को 355 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित किया जाएगा, जबकि पिस्का स्टेशन के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 27 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

  • 112 छोटे निवेशकों के खातों में 10-10 हजार रुपये भेजे गए, अमित शाह ने कही ये बात

    112 छोटे निवेशकों के खातों में 10-10 हजार रुपये भेजे गए, अमित शाह ने कही ये बात

    नई दिल्ली

    सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहारा समूह की चार सहकारी समितियों के करोड़ों जमाकर्ताओं की करोड़ों रुपये की गाढ़ी कमाई लौटाने की प्रक्रिया शुक्रवार को शुरू कर दी। इस दौरान 112 छोटे निवेशकों को 10 हजार रुपये की पहली किस्त हस्तांतरित की गई। शाह ने कहा कि अब तक 18  लाख जमाकर्ताओं ने 18 जुलाई को लॉन्च किए गए ‘सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल’ पर पंजीकरण कराया है।

    उन्होंने कहा, “अब तक 18 लाख निवेशकों ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। … आज 112 निवेशकों के बैंक खाते में करीब 10000 रुपये हस्तांतरित किए गए हैं।” शाह ने कहा कि ऑडिट पूरा होने के बाद धन की अगली किस्त जल्द ही हस्तांतरित की जाएगी। उन्होंने जमाकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा, ‘मैं आश्वस्त करना चाहता हूं और मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले दिनों में सभी जमाकर्ताओं को उनका धन मिल जाएगा। शाह ने कहा कि कई बार ऐसी घटनाएं होती हैं जो सहकारिता पर विश्वास को हिला देती हैं। हालांकि, यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है कि निवेशकों का पैसा सुरक्षित रहे और उन्हें वापस मिले।

    उन्होंने कहा कि सहारा के जमाकर्ताओं को प्रबंधन की गलती और अदालती मुकदमों में देरी के कारण पिछले 12-15 साल से उनका पैसा वापस नहीं मिल रहा था। शाह ने सेबी-सहारा कोष से 5,000 करोड़ रुपये हासिल करने के लिए सहकारिता मंत्रालय की ओर से किए गए प्रयासों को रेखांकित करते हुए कहा कि मंत्रालय ने इस मुद्दे पर सीबीआई और आयकर विभाग सहित सभी संबंधित सरकारी निकायों को लाने की पहल की और उच्चतम न्यायालय के समक्ष एक साझा अपील की कि छोटे निवेशकों को धन पर पहला अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर हमें देश में सहकारी आंदोलन को मजबूत करना है, तो हमें सहकारी समितियों में विश्वास को मजबूत करना होगा।”

  • बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर दोपहिया वाहनों को देना होगा टोल – न्यूनतम 5 तो अधिकतम 310 रुपये

    बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर दोपहिया वाहनों को देना होगा टोल – न्यूनतम 5 तो अधिकतम 310 रुपये

    लखनऊ

    296 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर रफ्तार भरने के लिए दोपहिया वाहनों को भी टोल टैक्स देना पड़ेगा। टोल शुल्क न्यूनतम पांच रुपये और अधिकतम 310 रुपये है। चौबीस घंटे में वापसी पर टोल शुल्क में 25 फीसदी की छूट दी जाएगी।

    दोपहिया वाहनों पर टोल टैक्स की दरें यूपीडा ने तय कर दी हैं। एक्सप्रेस वे पर पहला प्रमुख और अंतिम टोल के बीच छोटे-बड़े 13 टोल प्लाजा हैं। इसमें न्यूनतम 5 रुपये का टोल तय किया गया है। अधिकतम 310 रुपये अदा करने होंगे।

    ये दरें 25 रुपये, 40 रुपये, 50 रुपये, 55 रुपये, 90 रुपये 125 रुपये, 175 रुपये, 185 रुपये, 210 रुपये, 260 रुपये, 295 रुपये और 310 रुपये है। दोपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग प्वाइंट से गुजरने पर टोल की दरें अलग-अलग रहेंगी।

  • कमेड़ा में हाईवे खोलने में जुटी जेसीबी

    कमेड़ा में हाईवे खोलने में जुटी जेसीबी

    तीन दिनों से कमेड़ा में बंद ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे खोलने का काम जारी है। यहां सड़क निर्माण के लिए पहाड़ी कटिंग के लिए दोनों ओर से जेसीबी लगी है। बुधवार को बारिश के बाद भी हाईवे निर्माण का काम जारी रहा। वहीं जखेड़ गदेरे में पानी अधिक होने से एनएच की ओर से यहां पुलिया बनाने की भी तैयारी है। एनएचआईडीसीएल के डीजीएम शैलेंद्र कुमार ने कहा कि हाईवे शुक्रवार सुबह तक बहाल कर दिया जाएगा। गदेरे में ज्यादा पानी होने के कारण अभी यहां अस्थायी पुलिया बनाई जाएगी ताकि पैदल आवाजाही हो सके।

    देवाल- बुरकोट गदेरे में मलबा आने से लोहाजंग-वाण सड़क बंद हो गई है जिससे वाण गांव तक वाहन नहीं जा सकेंगे। इस गदेरे पर बना मोटर पुल वर्ष 2018 की आपदा में बह गया था। पांच साल बाद भी यहां मोटर पुल नहीं बना है। वाण के हीरा पहाड़ी ने कहा कि सरकार से कई बार पुल बनाने की मांग कर चुके हैं लेकिन अभी तक निर्माण नहीं हुआ। उन्होंने डीएम से मोटर पुल स्वीकृत करने की मांग की। संवाद

    कर्णप्रयाग/थराली- ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे कर्णप्रयाग में उमा माहेश्वर आश्रम के पास करीब 10 घंटे बाद वाहनों की आवाजाही के लिए खुल गया। मंगलवार रात को 12 बजे हाईवे पहाड़ी से मलबा व पत्थर गिरने से बंद हो गया था। इस दौरान वहां कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग, श्रीनगर, देहरादून सहित गोपेशवर, जोशीमठ और बदरीनाथ जाने वाले कई यात्री वाहन फंसे रहे। लोगों ने होटलों व अपने वाहनों में रात गुजारी। बुधवार सुबह करीब 10 बजे तक एनएच ने जेसीबी से हाईवे से मलबा हटाया और यातायात बहाल किया। उसके बाद यात्री व स्थानीय वाहन अपने गंतव्यों को रवाना हुए। दूसरी ओर थराली में बारिश से कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाइवे नारायणबगड़, हरमनी, मल्योपहाड़, बुसेड़ी और बैनोली बैंड में 5 घंटे तक बंद रहा। संवाद

    जोशीमठ-  हाईवे से मलबा हटाने के दौरान पहाड़ी से जेसीबी पर बोल्डर गिर गए। तभी जेसीबी ऑपरेटर ने जेसीबी से कूद मार दी और वह बाल-बाल बच गया। हालांकि बाद में अन्य जेसीबी लगाकर हाईवे सुचारु कर दिया गया।

    बुधवार सुबह पांच बजे बदरीनाथ हाईवे जोशीमठ से एक किमी पहले कूड़ा निस्तारण केंद्र के पास मलबा आने से बंद हो गया। हाईवे जेसीबी से खोल दिया गया, लेकिन कुछ देर बाद फिर मलबा आ गया। मलबा हटाने के लिए फिर जेसीबी लगाई गई लेकिन इसी दौरान पहाड़ी से बोल्डर जेसीबी पर गिर गए। तभी ऑपरेटर ने जेसीबी से कूद मार दी और बाल-बाल बच गया। बाद में यहां तीन जेसीबी लगाकर हाईवे खोला गया। सुबह कुछ घंटे क्षेत्र में संचार सेवा भी ठप रही।

    गोपेश्वर- बरसात शुरू होने के दौरान प्रशासन की ओर से कई बैठकों का दौर चला जिसमें हाईवे के साथ ही ग्रामीण सड़कों को तुरंत खोलने के निर्देश दिए गए लेकिन प्रशासन के निर्देश और दावे बरसात में हवाई साबित हो रहे हैं। बरसात से चमोली जिले में 49 सड़कें बंद हैं जिससे 150 से अधिक गांव के लोगों की आवाजाही ठप हो गई है। ऐसे में ग्रामीण पैदल ही कई किमी चलने के लिए मजबूर हैं।
    -जिले में विरही-निजमुला मार्ग काली चट्टान के समीप कई दिनों से मलबा आने से लगातार बंद हो रहा है। कभी स्थानीय लोग तो कभी विभाग की ओर से मार्ग खोला जा रहा है। वहीं नंदप्रयाग-नंदानगर, नंदानगर-भेंटी, सेरा-मोख और नंदानगर-सुतोल सहित अन्य सड़कें बंद पड़ी हैं।
    खतरे की जद में सरतोली मार्ग का पुल

    – चमोली-सरतोली मार्ग पर मजोठी गांव के पास बने पुल पर कभी भी हादसा हो सकता है। नालियां नहीं होने से बारिश का पानी पुल पर बह रहा है जिससे पुल की एप्रोच रोड को खतरा बना हुआ है। इस सड़क पर हर दिन कई वाहनों की आवाजाही होती है। ऐसे में यदि पुल खतरे की जद में आता है तो यहां बड़ा हादसा हो सकता है।

  • सड़क की मरम्मत नहीं करने पर कंपनी की 22 लाख की राशि होगी जब्त

    सड़क की मरम्मत नहीं करने पर कंपनी की 22 लाख की राशि होगी जब्त

    हल्द्वानी। सड़क दुरुस्त नहीं करने पर लोक निर्माण विभाग सड़क निर्माणकर्ता कंपनी एएस कंस्ट्रक्शन गाजियाबाद पर बड़ी कार्रवाई करने जा रहा है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता ने मुख्य अभियंता को पत्र भेजकर कंपनी की 22 लाख रुपये की जमानत राशि जब्त करने की संस्तुति की है।

    लोक निर्माण विभाग को एनएचएआई ने 2019 में तीनपानी से लेकर मंडी तक सड़क हस्तांतरित की थी। इस एवज में सड़क बनाने के लिए एकमुश्त 1.90 करोड़ रुपया जारी किए थे। सड़क का ठेका गजियाबाद की कंपनी एएस कंट्रक्शन को मिला था। एसएस कंस्ट्रक्शन ने नवंबर 2021 में सड़क का काम किया। नियम के अनुसार कंपनी को नवंबर 2023 तक सड़क की देखरेख और मरम्मत करनी थी लेकिन कंपनी ने सड़क को लावारिस छोड़ दिया। दोष दायित्व अवधि में सड़क नहीं बनाने पर लोनिवि के अधिशासी अभियंता ने कंपनी को कई नोटिस भेजे। इसके बाद भी कंपनी ने सड़क सही करना तो दूर नोटिस तक का जवाब नहीं दिया। अब खराब सड़क की मरम्मत लोनिवि करा रहा है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार ने मुख्य अभियंता को पत्र लिखा है। पत्र में कंपनी की जमानत राशि 22 लाख जब्त करने की संस्तुति की गई है।

  • कब्जे से मुक्त हुई जमीन पर बन सकती है एलिवेटेड रोड और पार्किंग

    कब्जे से मुक्त हुई जमीन पर बन सकती है एलिवेटेड रोड और पार्किंग

    नैनीताल। मेट्रोपोल स्थित शत्रु संपत्ति में वर्षों पुराने और अवैध रूप से बनाए गए मकानों को ध्वस्त करने के बाद यदि शासन-प्रशासन चाहे तो नैनीताल शहर को एलिवेटड रोड और एक पार्किंग स्थल का तोहफा मिल सकता है। इससे यहां आने वाले सैलानियों के साथ स्थानीय लोगों को भी लाभ मिलेगा, साथ ही पर्यटक सीजन में जिला और पुलिस प्रशासन के सामने यातायात संबंधी समस्याएं भी हल हो सकेंगी। दरअसल पूर्व के वर्षों में जिला प्रशासन अतिक्रमण हटाने से पहले इस क्षेत्र को विकसित करने के लिए होमवर्क कर चुका है जिसे धरातल पर उतारना बाकी है।

    जिला प्रशासन ने शत्रु संपत्ति को अतिक्रमणकारियों से तो मुक्त कर दिया है लेकिन अब इस भूमि का उपयोग किस तरह से किया जाएगा इस पर शासन और प्रशासन स्तर से फैसला होना। अतिक्रमण हटाने के बाद यहां इतनी जमीन उपलब्ध हो जाएगी कि शहर की सबसे प्रमुख यातायात संबंधी समस्या को हल कराया जा सकता है।

    मेट्रोपोल कंपाउंड से अतिक्रमण हटाने का मामला वर्षों पुराना है। सूत्रों के मुताबिक अधिकारियों को उम्मीद थी कि एक न एक दिन जरूर यह अतिक्रमण हटेगा। इसे देखते हुए पिछले वर्षों के दौरान जिला प्रशासन के निर्देश पर लोनिवि के प्रांतीय खंड ने शत्रु संपत्ति में अतिक्रमणकारियों के कब्जे वाली जमीन का सर्वे किया था।

    सर्वे के बाद साफ हुआ कि यदि यह क्षेत्र अतिक्रमण मुक्त हो जाए तो यहां अंडा मार्केट के पास से चीना बाबा चौराहे तक एलिवेटड रोड बनाई जा सकती है। एलिवेटेड रोड बनने से मस्जिद तिराहे से हाईकोर्ट की ओर आने जाने वाले वाहन इसी डबल रोड से आ जा सकेंगे और इससे बीडी पांडे और मोहन-को चौराहे वाली रोड को वन से मुक्त किया जा सकेगा। इसका सीधा लाभ शहर के कारोबारियों, स्थानीय लोगों और सैलानियों को होगा और वह मोहन-को चौराहे वाली सड़क में आसानी से आवाजाही कर सकेंगे। अब देखना है कि शासन प्रशासन इस योजना को कैसे अंजाम दिलाता है।

    मेट्रोपोल कंपाउंड को संवारने की योजना

    जिला विकास प्राधिकरण के सचिव पंकज उपाध्याय का कहना है कि समूचे मेट्रोपोल कंपाउंड को संवारने की दिशा में जिला प्रशासन कवायद कर रहा है। अतक्रमणकारियों के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन और मेट्रोपोल कंपाउंड क्षेत्र में स्थित वर्षों पुराने होटल के जीर्णोद्धार की भी योजना है। इस योजना पर लगभग सात करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही इस प्रस्ताव को शासन को भेजा जाएगा ताकि धनराशि उपलब्ध होने के बाद योजना को अमली जामा पहनाया जा सके।

  • निर्माण सामग्री हटने पर पार्किंग का संचालन शुरू

    निर्माण सामग्री हटने पर पार्किंग का संचालन शुरू

    अल्मोड़ा। नगर के जीआईसी के पास चार पहिया पार्किंग दो दिन बाद फिर संचालित हुई। यहां बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण होने से इसका संचालन बंद किया गया था। निर्माण सामग्री रखने से यहां वाहन पार्क नहीं हो रहे थे। अब सामग्री हटने से फिर से 20 वाहन क्षमता की इस पार्किंग को संचालित किया गया है जिससे वाहन चालकों में राहत है।