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  • फिल्मी स्टाइल में लाखों की लूट कर यूपी भागे बदमाश… पुलिस ने यूं जाल बिछाकर किया गिरफ्तार

    फिल्मी स्टाइल में लाखों की लूट कर यूपी भागे बदमाश… पुलिस ने यूं जाल बिछाकर किया गिरफ्तार

    मुंबई पुलिस ने पिछ्ले महीने भिवंडी के भीड़-भाड़ वाली सड़क पर दिन-दहाड़े 12 लाख की लूट करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. भिवंडी पुलिस ने 2 बैंक कर्मचारियों से लूट करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने इन आरोपियों को ट्रैक करके उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है.

    मुंबई: मुंबई पुलिस ने पिछ्ले महीने भिवंडी के भीड़-भाड़ वाली सड़क पर दिन-दहाड़े 12 लाख की लूट करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. भिवंडी पुलिस ने 2 बैंक कर्मचारियों से लूट करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने इन आरोपियों को ट्रैक करके उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है.

    पुलिस के अधिकारियों ने शानिवार को आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने फिल्मी स्टाइल में योजनाबद्ध तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम दिया.

    आरोपियों ने फूड डिलीवरी ऐप कर्मी की वर्दी पहनकर पुलिस को धोखा देने की योजना बनाई थी. लेकिन आरोपियों के ड्रेस कोड ने ही इनकी गिरफ्तारी में मदद की. इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज को स्कैन कर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया.

    पूरे मामले को लेकर पुलिस ने बताया कि घटना पिछले महीने यानी अक्टूबर के अंत की है. जब एक स्थानीय सहकारी बैंक शाखा का कैशियर और सुरक्षा गार्ड पैसे जमा करने के लिए आसपास के दूसरे बैंक जा रहे थे. तभी आरोपियों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया. बताया गया कि घटना का मास्टरमाइंड उत्तर प्रदेश का रहने वाला है, जो मुंबई में एक श्रमिक के रूप में काम करता है. उसी ने अपने 2 साथियों के साथ लूट की योजना बनाई.

    बताया गया कि बैंककर्मी रोजाना आसपास के दूसरे बैंकों में पैसा जमा करने जाते थे. जिसकी भनक आरोपी मास्टरमाइंड को लगी. इसके बाद उसने अपने दो साथियों के साथ लूट की योजना बनाई. तीनों आरोपियों ने उस मार्ग की रेकी की जिस रास्ते बैंककर्मी पैसा जमा करने जाते थे.

    घटना वाले दिन अन्य दो आरोपियों ने बाइक पर बैंककर्मियों का पीछा किया, जबकि मास्टरमाइंड बैंक के पास से उनके संपर्क में था. बैंककर्मियों का पीछा कर रहे दो आरोपियों ने मौका देखकर बैंककर्मी के हाथों से पैसों से भरा बैग छीना और फरार हो गए. पहचान छिपाने के लिए दोनों ने हेलमेट और फूड डिलीवरी ब्वॉय के कपड़े पहने हुए थे.

    पूरे मामले को लेकर सहायक आयुक्त ‘किशोर खैरनार’ ने बताया कि पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपी आपस में डेटा कॉल के माध्यम से जुड़े थे. लेकिन सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की आवाजाही को ट्रैक करने में मदद मिली.

    पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को ट्रैक किया तो उसके माध्यम से कल्याण के दर्जी को गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद एक विशेष टीम यूपी के लिए रवाना हुई. जहां पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की मदद से मास्टरमाइंड को भी गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपियों के पास से लूट के 8 लाख रुपए बरामद कर तीनों को जेल भेज दिया है.

     

  • इस तरह खुला सेल्फी के दौरान मौत के मामले का रहस्य, पत्नी के चरित्र पर था संदेह, पति पहले मंदिर ले गया फिर पहाड़ के ऊपर ………..

    इस तरह खुला सेल्फी के दौरान मौत के मामले का रहस्य, पत्नी के चरित्र पर था संदेह, पति पहले मंदिर ले गया फिर पहाड़ के ऊपर ………..

    पहाड़ के खाई में मिली लाश के मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पहले इसे सेल्फी लेने के दौरान पहाड़ से फिसलकर मौत होने की घटना बताया गया था लेकिन जब पुलिस ने छानबीन की तब पता चला कि महिला के पति ने ही उसे पहाड़ से धक्का दे दिया था जिससे उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

    07 नवंबर को प्रार्थी विरेन्द्र चक्रधारी पिता विष्णु चक्रधारी उम्र 30 वर्ष जाति कुम्हार साकिन कुम्हार पारा महासमुन्द ने थाना खल्लारी में रिर्पोट दर्ज कराया कि 07 नवंबर के करीब 11 बजे इसकी बहन चित्ररेखा अपने पति सोनूराम चक्रधारी एवं भांजी के साथ मोटर सायकल से खल्लारी दर्शन एवं घूमने के लिए खल्लारी मंदिर गये थे । करीबन दोपहर 3 बजे सोनूराम चक्रधारी ने मोबाइल फोन से बताया कि चित्ररेखा चक्रधारी खल्लारी मंदिर के पहाडी से गिर गई हैं एवं नही मिल रही है। इसके बाद विरेन्द्र अपने साथी रतन चक्रधारी के साथ खल्लारी मंदिर पहाडी जाकर देखा कि पहाडी के चटटान के पास खाई में इसकी बहन चित्ररेेेेेखा मृत अवस्था में पडी हुई थी। प्रार्थी के रिपोर्ट  पर थाना खल्लारी जिला महासमुन्द मे मर्ग कं्र 49/22 पंजीबद्ध कर मर्ग जांच की गई थी।

    पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (IPS) के द्वारा उक्त सूचना को गंभीरता से लेते हुये मर्ग संदेहास्पाद प्रतीत होने से अति0 पुलिस अधीक्षक आकाश राव एवं अनु0 अधिकारी पुलिस श्रीमति मंजूलता बाज तथा थाना खल्लारी व सायबर सेल की टीम को घटनास्थल पहंुचकर बारिकी से जॉच करने हेतु निर्देशित किया।

    जिसमें उक्त टीम के द्वारा घटना स्थल की बारिकी से निरीक्षण किया गया घटना स्थल एवं शव निरीक्षण करने पर घटना संदेहास्पद प्रतीत होने लगा। जिससे उपरोक्त पुलिस टीम के द्वारा मृतिका के मौत के संबंध में प्रार्थी मृतिका के पति व मृतिका के परिजनों से छोटी छोटी जानकारी एकत्र कर जॉच करना प्रारंभ की गई साथ ही साथ जिला अस्पताल से मृतिका के मृत्यु का संक्षिप्त पोस्ट मार्टम रिपोर्ट प्राप्त किया गया जिसमें डाक्टर के द्वारा मृतिका के मौत गिरने से एवं पसलियोें व हड्डी टुटने से मौत होना लेख किया गया जिस पर से दिनांक 10.11.2022 को थाना खल्लारी में अज्ञात आरोपियों के विरूध्द अपराध क्रमांक 184/22 धारा 302 भादवि पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया।

    सायबर सेल की टीम व थाना खल्लारी पुलिस की टीम घटना स्थल मौका पहुच कर घटना निरीक्षण कर मृतक के बारे में अलग-अलग टीम गठित कर छोटी सी छोटी जानकारी, प्रेम प्रसंग एवं मृतक के निजी जीवन के संबंध में जानकारी एकत्र किया गया। जॉच के दौरान पता चला कि 07 नवंबर को मृतिका चित्ररेखा, पति सोनूराम चक्रधारी तथा भांजी के साथ भीमखोज स्थित खल्लारी मंदिर में दर्शन करने गया था।

    उक्त घटना के संबंध में मृतिका के पति एवं उसकी भांजी व एक अन्य व्यक्ति से पृथक पृथक पूछताछ करने पर दोनो के पूछताछ में विभिन्नता पाई गई जिस पर मृतिका के पति द्वारा मंदिर दर्शन कर कुछ सीढ़ी नीचे उतरना तथा भीम पाव पहाडी तरफ जाना मृतिका सेल्फी फोटो खिचते समय पैर फिसल जाने से खाई में गिरकर मृतिका के मृत्यु हो जाना बताया गया तथा मृतिका के भांजी के कथन में खल्लारी मंदिर पहाड के उपर मंदिर दर्शन कर कुछ सीढ़ी नीचे आना बताई तथा मृतिका के पति द्वारा पुनः मंदिर पहाड़ के उपर भीम पाव पहाडी तरफ घुमने जाना बताया। मृतिका द्वारा पैर में दर्द होना तथा दुबारा सीढ़ी उपर जाना से इंकार करने पर मृतिका को उसके पति द्वारा जबरस्ती हाथ खिचकर उपर ले जाना बताई। पूछताछ पर दोनो के कथनों में विरोधाभाष होने से पुलिस द्वारा मृतिका के पति पर संदेह होने लगा। टीम के द्वारा मृतिका के पति सोनूराम चक्रधारी से बारिकी से पूछताछ किया गया जो संदेही सोनूराम द्वारा पुलिस टीम को गोलमोल जवाब दिया गया। बाद में सख्ती पूछताछ करने पर बताया कि वह मृतिका चित्ररेखा के चरित्र पर संदेह करता था इसलिए  06 नवंबर 2022 को मृतिका के मायका कुम्हारपारा महासमुन्द में छठ्ठी कार्यक्रम होने से पति/पत्नि दोनो सम्मिलित हुये तथा दुसरे दिन सुबह मृतिका को अपने रास्ते से हटाने पूर्व नियोजित अनुसार 07 नवंबर 2022 को भीमखोज स्थित खल्लारी मंदिर दर्शन करने घुमाने ले जाना मंदिर दर्शन करने पश्चात् सेल्फी फोटो खिचवाने के बहाने भीम पाव पहाडी खाई तरफ ले जाना। सेल्फी फोटो खिचते समय मौका पाकर अपनी पत्नि चित्ररेखा को पहाड उपर से जोर से धक्का देकर खाई में ढकेल देना बताया। जिससे चित्ररेखा की खाई में गिरने से मृत्यु हो जाना अपराध करना स्वीकार किया। आरोपी सोनूराम चक्रधारी पिता हेमलाल चक्रधारी उम्र 23 वर्ष सा. परसदाखुर्द थाना छुरा जिला गरियाबंद के विरूध्द थाना खल्लारी में अपराध क्रमांक 184/22 धारा 302 भादवि के तहत् गिरफ्तार किया गया।

     

    यह सम्पूर्ण कार्यवाही पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (IPS) के मार्गदर्शन में अति0 पुलिस अधीक्षक श्री आकाश राव एवं अनु0अधिकारी (पु) महासमुन्द श्रीमति मंजूलता बाज के निर्देशन मे थाना प्रभारी खल्लारी निरीक्षक अशोक वैष्णव, सायबर सेल प्रभारी संजय सिंह राजपूत, सउनि. प्रकाश नंद, प्रआर. हरीप सोना आर. कामता आवडे, सौरभ तोमर, छत्रपाल सिन्हा, महेन्द्र यादव, विजय साहू, गणेशु बंजारे तथा थाना खल्लारी व सायबर सेल की टीम द्वारा की गई।

  • इंस्टीट्यूट ऑफ़ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च द्वारा दिल्ली की जनता से लुट करने के लिए दिल्ली परिवहन विभाग का पूर्ण समर्थन

    इंस्टीट्यूट ऑफ़ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च द्वारा दिल्ली की जनता से लुट करने के लिए दिल्ली परिवहन विभाग का पूर्ण समर्थन

    इंस्टीट्यूट ऑफ़ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च द्वारा दिल्ली की जनता से लुट करने में दिल्ली परिवहन विभाग का पूर्ण समर्थन

    दिल्ली में किसी को भी अगर हैवी ड्राइविंग लाइसेंस ट्रैनिंग लेनी हो तो दिल्ली परिवहन विभाग द्वारा अधिकृत ड्राइविंग ट्रेनिग इंस्टीट्यूट से ही लेनी अनिवार्य है और उसके लिए दिल्ली में सिर्फ दो ही ड्राइविंग ट्रैनिंग इंस्टिट्यूट है जो अधिकृत है और यह दोनो ही परिवहन विभाग की सरकारी ज़मीन पर है।

    दिल्ली परिवहन विभाग ने नाम के लिए तो जनहित में इन दोनों ड्राइविंग ट्रेनिग इंस्टीट्यूट वालो को अरबों रुपए की जमीन सिर्फ 100 से 150 रुपए महीने में इसलिए दी की जनता को अच्छा और सस्ती ट्रेनिग मिल सके ।

    जनहित में ये देखने में अच्छा फैसला हैं पर सच कुछ और ही है। परिवहन विभाग द्वारा मारुति उद्योग लिमिटेड और अशोका लेलैंड नाम के दो उद्योगपति घरानों को जनता के हित के लिए नही कमाई करवाने के लिए अधिकृत किया है और इसी कारण से दिल्ली में और किसी भी सस्था, ट्रस्ट को हेवी ड्राइविंग ट्रेनिग सर्टिफिकेट की इजाजत नहीं दी ।

    आप की जानकारी के लिए बता दे जनता को यहां से हेवी ड्राइविंग ट्रैनिंग सर्टिफिकेट कोर्स करने के लिए फीस जमा करवाने के बाद भी 2 से 6 महीने तक का इंतजार करना पड़ता है ।

    इतनी अधिक जनता की मांग होने के बावजूद दिल्ली परिवहन विभाग ने अपनी हिटलर शाही चलाते हुए इन दोनो उद्योगपतियों के घरानों को कमाई करवाने का अपना वायदा पूरा करने में लगा हुआ है।

    आपकी जानकारी के लिए एक और बात आपकों बता दें यह ड्राइविंग ट्रैनिंग इंस्टिट्यूट से अगर बीच में जनता का कोई व्यक्ति किसी भी कारण से ट्रेनिंग नही करना चाहता या चाहती तो यह ड्राइविंग इंस्टीट्यूट वाले उसके द्वारा एडवांस में जमा करवाई हुई फीस के पैसे वापिस नहीं करते यह बोलकर यह हमारी पालिसी है की जमा किया हुआ पैसा वापिस नहीं होगा।

    पूरे भारत देश में मारुति उद्योग लिमिटेड का इंस्टिट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च नाम से संचालित ड्राइविंग स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट है जिसके मैनेजर तुषार जोहरी के नियम और कानून अपनी इच्छा से बनाए हुए हैं और परिवहन विभाग इसके खिलाफ़ कार्यवाही करने की जगह इन्हे स्पोर्ट करने में जुटा है, आख़िर क्यों ? बड़ा सवाल!!!

    जनहित में जारी
    *संजय बाटला

  • जिसकी हत्या के आरोप में ससुराल के 8 लोग थे जेल में ,वह निकला जिन्दा ,पुलिस सकते में। आखिर कहा,क्यों और कैसे ?

    जिसकी हत्या के आरोप में ससुराल के 8 लोग थे जेल में ,वह निकला जिन्दा ,पुलिस सकते में। आखिर कहा,क्यों और कैसे ?

    झारखंड से एकदम फिल्मी स्टाइल वाला क्राइम का चौंकने वाला मामला सामने आया है। जहां युवक की हत्या के आरोप में उसकी ससुराल के 8 लोग जेल में सजा काट रहे थे, लेकिन वो युवक जिंदा निकला। दामाद जिंदा निकलने की खबर के बाद पूरे इलाक में हड़कंप मच गया। पुलिस ने जब जांच-पड़ताल की तो पता चला कि आरोपी ने खुद अपनी अपहरण और हत्या की झूठी साजिश रची जिसके बाद वो गायब हो गया। उसके परिजनों ने ससुरालवलों के खिलाफ मामला दर्ज कराकर उन्हें जेल भिजवा दिया।

     

    पुलिस भी उसकी साजिश को नहीं समझ सकी

    दरअसल, गुमला जिले की सतबरवा पुलिस ने खुद के अपहरण और हत्या की फर्जी साजिश रचने वाले आरोपी राम मिलन चौधरी उर्फ चुनिया को छतरपुर पुलिस की मदद से सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है। जहां सतबरवा थाना प्रभारी ऋषिकेश कुमार राय ने आरोपी को गिरफ्तार किए जाने की पुष्टि की है। बताया तो यह भी जा रहा है कि आरोपी इन छह सालों में अपने घर भी आता-जाता रहा। वह रात को आता था और सुबह होने से पहले निकल जाता था।

    आरोपी इतना शातिर की अपनी पत्नी तक को भिजवा दिया जेल

    मामले की जांच कर रहे पलामू एसपी चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि आरोपी दामाद राम मिलन चौधरी 6 साल अपनी मर्जी से गायब हो गया था। जिसके बाद उसके भाई दिलीप चौधरी ने  तीन सितंबर 2016 को सतबरवा के पोंची गांव में उसके ससुराल के आठ लोगों पर भाई का अपहरण कर हत्या कर देने का आरोप लगाया था। पुलिस ने इस मामले में ससुराल के सभी लोगों को जेल भिजवा दिया था। इन लोगों में राममिलन की पत्नी सरिता, सास कलावती, ससुर राधा चौधरी, लड़की की बहन, चाचा के साथ, कुदरत अंसारी, ललन मिस्त्री और दानिश अंसारी शामिल थे।

    जानिए क्या है पूरा यह फिल्मी स्टाइल वाला मामला

    वहीं लड़की के भाई दीपक चौधरी यानि आरोपी के साले ने थाने में शिकायत की थी कि उसका जीजा अभी जिंदा है और उसको मैंने देखा है। जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी। लड़की के भाई ने बताया कि 2009 में उसकी बहन सरिता का विवाह राममिलन चौधरी के साथ हुआ था। शादी के कुछ दिन तक तो सब ठीक-ठाक चला, लेकिन फिर ससुराल वाले बहन को दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। जब हमने इनकी शिकायत पुलिस में की तो इसी का बदला लेने के लिए राममिलन ने यह फर्जी साजिश रची। दीपक ने बताया कि उसकी इस फर्जी साजिश और मेरे पिताजी जेल जाने के सदमे को बर्दाश्त नहीं कर सके और उनकी मौत हो गई।

  • मुफ्तखोरी की पराकाष्ठा और आज के राजनेता

    मुफ्तखोरी की पराकाष्ठा और आज के राजनेता

    *भारतवासी क्या अपनी आने वाली पीढ़ी को नक्सली, उग्रवादी या कमजोर बनाना चाहते हैं ?…… मुफ़्तख़ोरी की पराकाष्ठा!*

    आज भारत देश में अपना राजनीतिक वर्चस्व कायम करने के लिए सभी राजनीतिक दलों द्वारा मुफ़्त दवा, मुफ़्त जाँच, मुफ्त बस यात्रा, मुफ्त मैट्रो रेल यात्रा, मुफ़्त राशन, मुफ़्त शिक्षा, मुफ्त विवाह, मुफ्त जमीन के पट्टे, मुफ्त मकान बनाने के पैसे, बच्चा पैदा करने पर पैसे, बच्चा पैदा नहीं (नसबंदी) करने पर पैसे, स्कूल में खाना मुफ़्त, बिजली मुफ्त, मुफ्त तीर्थ यात्रा आदि के प्रलोभन देकर सत्ता पर अपना कब्जा बनाने में लगी है।

    *”जन्म से मृत्यु तक सब मुफ्त”* मुफ़्त बाँटने की होड़ सिर्फ और सिर्फ सत्ता हथियाने के लिए । ऐसे में देश का विकास कैसे होगा जब राजनेता और राजनीतिक दल देश की जनता का हित भुलकर अपना हित पूरा करने में लगे है ।

    *यह तो वहीं बात हुई – अंधी पीसे, कुत्ते खायें।*

    पिछले दस सालों से लेकर आगे आने वाले बीस सालों में एक ऐसी पीढ़ी तैयार हो रही है जो कुर्सी के पिस्सू, अस्थिर दिमाग वाले और निखथू के अलावा कुछ नहीं होंगे और इस कार्य को सम्पन्न करने में लगे हैं हमारे वह नेता और दल जो राजसत्ता पाने के लालच में घोषणा कर रहे हैं फ्री और सभी जो इनको सत्ता में काबिज करवाने में लगे हैं वह सब बनेंगे और कहलाएंगे पूर्णतया मुफ़्तखोर !

    जब मां – बाप, बड़े बुजुर्ग या कोई और पारिवारिक सदस्य उनको काम करने को कहेंगे तो वो गाली दे कर कहेंगे कि सरकार क्या कर रही है?

    आप सभी जानते हैं कि यह मुफ़्तखोरी की ख़ैरात कोई भी नेता / राजनीतिक दल अपनी जेब या पार्टी फ़ंड से नही देती बल्कि टैक्स दाताओं के पैसो से जो राष्ट्रहित में खर्च होने चाहिए से लुभावने वादों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल करती है!

    हम अपने बच्चो और आने वाली पीढ़ी को मेहनतकश सभ्य नागरिक नहीं बल्कि “परजीवी” बनाने में लगे हैं वह भी उस लालच में जो पैसा वैसे भी हमारी प्रगति के लिए ही खर्च होना है!

    *देश का हाडतोड़ मेहनत और अक्ल लगाकर ईमानदारी से कमाने और टैक्स भरने वाला टैक्सदाता बहुसंख्यक मुफ़्तखोर समाज को कब तक और क्यों पालेगा* ?

    बीस – तीस सालों बाद आर्थिक समीकरण फ़ेल हो जाएगा उस समय मुफ़्तखोर पीढ़ी का क्या होगा ? जिस ने जीवन में कभी मेहनत की रोटी नही खाई होगी, हमेशा मुफ़्तखोरी में समय बिताया होगा और उन्हे फ्री नहीं मिलने पर हम सबकी पीढ़ी नक्सली बन जाऐगी, उग्रवादी बन जाएगी या आत्महत्या कर लेगी, परन्तु काम नही कर पायेगी!

    सोचने की बात है कि यह राजनीतिक दल और ऐसे नेता कैसे समाज का और देश का निर्माण कर रही हैं?

    *झूठा फ्री का लोभ मोह छोड़ कर गम्भीरता से चिंतन करिये, क्या हम सही रास्ते पर हैं?*

    जनहित में जारी
    *संजय बाटला*

  • कत्ल करने वाले लिव इन LOVER को मिली ऐसी सजा ! पुलिस ने खोले एक एक राज ! राज खुलने के बाद जो हुआ उसे जानने के लिए पढ़िए हमारी खास रिपोर्ट

    कत्ल करने वाले लिव इन LOVER को मिली ऐसी सजा ! पुलिस ने खोले एक एक राज ! राज खुलने के बाद जो हुआ उसे जानने के लिए पढ़िए हमारी खास रिपोर्ट

    आखिर कुनकुरी पुलिस की मेहनत अब रंग लाई है, जहां हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास एवं 1000 के अर्थदंड से निरोपित किया गया है। सबसे अहम बात किसी अपराध को लेकर यह होती है कि, पुलिस अपराधी को सजा दिलवा पाती है या नही, जो पुलिस के जुटाए साक्ष्य और गवाह के बिनाह पर होती है, और जब पुलिस आरोपी सजा की चौखट तक पहुंचा पाती है तो वह उसकी सफलता होती है।

    हम आपको यह बतादें की एक साल पूर्व अगस्त के महीने में कुनकुरी के थाना प्रभारी को एक फोन ग्रामीणों के द्वारा आया, जिसमे बदहवाश से कुछ लोग आधी अधूरी बात कहते यह बता रहे थे कि, भंडारी चौक स्थित एक कुएं के पास शव के सड़ने के मानिंद बदबू आ रही है। उनकी आशंका थी कि कुछ दिनों पहले अपने घर से गायब “सुशीला कीरो” का शव जमीन में दफन है।

    जिस सूचना पर थाना प्रभारी भाष्कर शर्मा तत्काल मौके पर पहुंचे, पर रात काफी होने के कारण खुदाई नही हो सकी, अगले दिन कुनकुरी तहसीलदार की उपस्थिति में जब खुदाई शुरू हुई तो लोग आवाक थे, क्योंकि शव की पहचान उसके कपड़ो के माध्यम और परिजनों के माध्यम से शिनाख्त यह कह रही थी कि उनकी शंका सच निकली है, और शव शुशीला कीरो का ही है।

    दरअसल हुआ यह था कि पिछले वर्ष 9-8-21 को मृतिका शुशीला कीरो के बेटे ने कुनकुरी थाने में मृतिका के बेटे ने गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस गुमशुदगी पर अपनी जांच जारी ही रखी थी, कि थाना प्रभारी भाष्कर शर्मा को आये इस फोन ने सारी कहानी को हत्या में तब्दील कर दिया, जब पुलिस ने कार्यवाही शुरू की, और एक एक कड़ी को जोड़ना शुरू किया तो जो बात सामने आई, की मृतिका जिसके साथ लिव इन मे थी, उसी पर जाकर जांच का हर बिंदु टिक गया।

    जहां पुलिस को मालूम हुआ कि मृतिका का पति कुछ समय पहले ही बीमारी से मर चुका है, इस बीच मृतिका फ्रांसिस कुल्लू नाम के शख्स के संपर्क में आई, और उसके साथ ही रहने लगी, पर घटना में तथ्य भी था कि मृतिका शुशीला कीरो कुछ समय से अलग हो गयी थी, जिसके बाद 4 अगस्त दो हजार इक्कीस को दोनो मिले, तो दोनों में जमकर मारपीट और विवाद हुआ और शुशीला कीरो गम हो गयी।

    इस संदेह पर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो ना नुकुर के बाद घटना कबूल किया, कि विवाद में डंडे से पीटा जिसमे मृतिका के सर में चोट लगने से उसकी मृत्यु हो गयी, और उसके बाद उसने कुएं के पास मृतिका को दफन कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोपी को प्रस्तुत किया।

    अब पुलिस की मेहनत रंग लाई,  पुलिस के द्वारा जुटाए गए एक-एक  साक्ष्य, गवाह को सुनने के बाद प्रथम अपर सत्र न्यायालय कुनकुरी ने आरोपी को आजीवन कारावास सहित 1000 के अर्थदंड से आरोपी को दंडित किया गया है।साथ ही साथ धारा 201 के तहत आरोपी को  10 वर्ष की सजा और 1000 का अलग से अर्थदंड दिया गया है

  • महापौर /विधायक बनने का सब्जबाग दिखा रहे एवं स्वयं भी पाल रहे दुर्ग के ये नेता

    महापौर /विधायक बनने का सब्जबाग दिखा रहे एवं स्वयं भी पाल रहे दुर्ग के ये नेता

    दुर्ग । पिछलग्गू टीवी चैनल में पैसे के दम पर डिबेट में भाग लेकर अपनी राजनीतिक रोटी सेक कर तथ्यहीन आंकड़ों को पेश कर पार्टी संगठन में आगे बढ़ने की जुगत लगा रहे दुर्ग के एक नेता इन दिनों निजी चैनल का सहारा ले रहे है । चर्चा यहां तक है कि यह नेता छोटे-छोटे चैनलों में बड़ी-बड़ी ज्ञान की बातें कर चंद निजी चैनलों यूट्यूब चैनल के सहारे सोशल मीडिया में खुद प्रचार कर संगठन में अपने पैर जमाने की कोशिश में लगा हुआ है नेता के इस कदम से विपक्षी पार्टी तो दूर कई समर्थक भी दबी जुबान में व्यंग करते हुए नजर आते हैं ।

    बता दे कि दुर्ग से जुड़े हुए नेता डिबेट में बैठकर बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं जो कि कुछ चैनलों के पिछलग्गू बन गए हैं और सीधे तौर पर अपनी अपने मन की भड़ास टीवी चैनलों के माध्यम से जो कि प्रायोजित उन्हीं के नेताओं द्वारा की जाती है बैठकर मन की भड़ास निकालते नजर आ रहे हैं जिनका सपना था कि वह महापौर या विधायक तक पहुंच जाएंगे । हालांकि संगठन में पद तो मिल गया किंतु अभी फिलहाल पार्टी संगठन से जुड़ कर काम करने पर कुछ खास उपलब्धि दिख नहीं रहा है जिससे नेताजी काफी हताश बताए जा रहे हैं और तथाकथित दीदी से जुड़कर अपनी राजनीतिक रोटी सेकने में लगे हुए हैं जो कि दुर्ग छत्तीसगढ़ से बाहर रहकर बिल्डिंग बनाते हैं वह अपने सपनों का महल दुर्ग महापौर और विधायक बनने का सपना लेकर चल रहे हैं जो खुद खास लोकल चैनलों के पिछले बनकर ही डिबेट किंग बन गए हैं । अब देखना यह है कि आने वाले समय में उनका यह डिबेट उन्हें खास मुकाम तक पहुंचाता है या कोशिश नाकाम होती है ।

  • बड़हरिया में बदमाशों ने रंगदारी को लेकर व्यवसायी को मारी दो गोलियां

    बड़हरिया में बदमाशों ने रंगदारी को लेकर व्यवसायी को मारी दो गोलियां

    बड़हरिया में बदमाशों ने रंगदारी को लेकर व्यवसायी को मारी दो गोलियां

    *पूर्व में कपड़ा व्यवसायी से मांगी जा चुकी है 10 लाख रुपये की रंगदारी

    सीवान जिला के बड़हरिया थाना क्षेत्र के बड़हरिया मुख्य बाजार के गुप्ता वस्त्रालय के मालिक व बड़हरिया थाना क्षेत्र के मननपुरा गांव के स्व हरिचरण साह के पुत्र मोहन प्रसाद गुप्ता को दो बाइक पर हथियारों से लैस सवार चार बदमाशों ने बड़हरिया बाजार के जामो रोड में गोली मारकर घायल कर दिया।

    बताया जाता है कि बड़हरिया थाना क्षेत्र के मननपुरा गांव निवासी और गुप्ता वस्त्रालय के मालिक को बदमाशों ने शुक्रवार की देर शाम सात बजे दो गोलियां चला दी।कपड़ा व्यवसायी मोहन गुप्ता को एक गोली छाती मारी और जबकि दूसरी गोली दाहिने कंधे पर मारी। जिससे मोहन गुप्ता गंभीर रुप से घायल हो गये। बाजारवासियों और परिजनों ने घायल मोहन गुप्ता को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़हरिया में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल, सीवान रेफर कर दिया।

    बताया जाता है कि कपड़ा व्यवसायी मोहन गुप्ता अपनी बाइक जामो रोड स्थित अपने निर्माणाधीन मकान के पास बाइक खड़ी कर दुकान पर आ जाते थे और शाम को वहां जाकर अपनी बाइक से अपने गांव मननपुरा जाते थे। शुक्रवार की शाम को भी व्यवसायी मोहन गुप्ता अपने भाईयों के साथ पैदल अपने निर्माणाधीन मकान पर जा रहे थे कि जामो रोड के युवराज मैरिज पैलेस के समीप अपराधियों ने उनपर गोलियां चला दीं। और अपराधी अपनी बाइकों ने जामो की ओर फरार हो गये। इस घटना को लेकर व्यवसासियों में आक्रोश और दहशत व्याप्त है। बताया जाता है कि 17 अक्तूबर को बदमाशों ने उनके मोबाइल पर फोन कर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी।उन्होंने बड़हरिया थाने में आवेदन देकर सुरक्षा की गुहार लगायी थी।

    उन्होंने अपने आवेदन में कहा था कि 17 अक्तूबर की शाम 3.23 बजे उनके मोबाइल पर आया था और फोन करने वाले ने फोन पर बताया कि वह सावना से बोल रहा है। बदमाश ने मोबाइल पर बतौर रंगदारी दस लाख रूपये की मांग की थी।उसके बाद मोहन प्रसाद गुप्ता सहित उनके तमाम परिजन दहशत में थे।

    विदित हो कि कपड़ा व्यवसायी से 10 लाख रुपये रंगदारी मांगने से दो दिनों पूर्व यानी 15 अक्तूबर को बदमाशों ने बड़हरिया थाना क्षेत्र के खानपुर गांव के निवासी और खानपुर मोड़ स्थित मार्बल दुकानदार धर्मनाथ सिंह की दुकान पर 25 लाख रुपये रंगदारी को दर्जनों राउंड फायरिंग कर दी थी। इस फायरिंग मामले में पुलिस ने माधोपुर गांव के तीन युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसी बीच कपड़ा व्यवसायी से रंगदारी मांगने का मामला ठंडा पड़ गया था। इसी का लाभ उठाकर अपराधियों ने गुप्ता वस्त्रालय के मालिक मोहन गुप्ता पर दो राउंड गोली चलाकर उन्हें गंभीर रुप से घायल कर दिया।

  • क्यों फ्री की राजनीति करने वाले देश के दुश्मन हैं।

    क्यों फ्री की राजनीति करने वाले देश के दुश्मन हैं।

    *लेनिन का इतिहास पढ़ना और जानना राष्ट्र की रक्षा हेतू हम सबके लिए जरूरी है।*

    लेनिन रूस का था और भगवान ने रूस को संभलने का कोई मौका नही दिया लेकिन भारत को दिया है।*

    जैसे आज रूस का नाम रशियन फेडरेशन है , वैसे ही 1917 तक रशियन एम्पायर हुआ करता था यहाँ राजा था रानी थी।

    मंत्रियों के निकम्मेंपन और रानी के एक गलत सलाहकार के चक्कर मे 300 सालो से चला आ रहा यह साम्राज्य नष्ट हो गया।

    *रूस में गरीबी बढ़ रही थी और उसका फायदा उठाया व्लादिमीर लेनिन ने। लेनिन ने फेक्ट्री वर्कर्स और किसानों को भरोसा दिलाया कि फ्री पानी, फ्री बिजली, फ्री ट्रांसपोर्ट सब दूंगा बस राजा को मार दो और मुझे सत्ता दे दो*

    लोगो ने लेनिन की बातो में आकर 1917 में तख्तापलट कर दिया जिसे यहां के लोग क्रांति कहते है।

    लेनिन सत्ता में आया, देखा तो राजकोष खाली है, 2 महीने हो गए लोग वास्तव में भूखे थे तो प्रदर्शन करने लगे लेनिन ने लोगो को देशद्रोह के नाम पर मरवाना शुरू कर दिया बाद में सफाई दी कि उसमें कुछ राजा के नोबल थे।

    *आज तक लादेन और बगदादी ने अपनी किसी हरकत को आतंकवाद का नाम नही दिया लेकिन लेनिन ने रेड टेरर की थ्योरी दी। लेनिन ने कहा की आतंकवाद से ही गरीबो का उत्थान हो सकेगा इसलिए अमीरों को मारो और लूटो*

    लूटमार होती रही बीच बीच मे कुछ समझदार लोग लेनिन पर हमले कर देते थे तो कम्युनिस्टों को मौका मिल जाता था आतंकवाद करने का।

    आखिरकार लेनिन ने भूमि बांटनी शुरू कर दी, सभी रूसियो के पास जमीन थी, अनाज था, लेकिन बिजली अब नही थी और पानी की किल्लत भी यथावत थी।

    *1924 में लेनिन मर गया, आज 2022 चल रहा है रूस के लोगो के पास आज तक मुफ्त की बिजली और पानी नही है हालांकि उसी के चक्कर मे वो अपने राजा को मार चुके थे और अब तक 7 करोड़ से ज्यादा लोग आपस मे मर चुके है। रूस की आबादी 14 करोड़ है अर्थात फ्री के चक्कर मे आधा देश साफ कर दिया लेकिन हाथ चुहिया ही लगी।*

    अलेक्जेंडर केरेन्सकी जो कि बाद में लेनिन ने मौत का सौदागर कहा उन पर जानलेवा हमले करवाये और केरेन्सकी को देश छोड़कर भागना पड़ा।

    जो तबका कमजोर है उसे लेनिन बहुत अच्छा लगता है, उसे इससे कोई मतलब नही की संसाधन प्राकृतिक है या कृत्रिम। उसे तो *बस फ्री में मिल जाये तो मानो समुद्र मंथन हो गया।*

    जैसे लेनिन ने 100 साल पहले रूस को बर्बाद किया था वैसे ही हमारे भारत मे अब ऐसे राजनीतिक दल आ गए हैं जो टैक्स कट्स, फ्री का लालच देकर सत्ता पर अपना वर्चस्व कायम करने में लगे हैं और हमारे फ्री के लालच से कायम भी हो रहे हैं ।

    रूस के पास संभलने का मौका नही था लेकिन हमारे पास बहुत मौके है।

    *मातृभूमि की रक्षा कीजिये, आपको सशस्त्र संघर्ष नही करना है बस इन्हें वोट देना बंद कर दीजिए* । 6.2 प्रतिशत की रफ्तार से दौड़ रही जीडीपी के रास्ते मे खड़े सभी राजनीतिक दल और उनके नेता स्वतः ही हट जाएगा ।

  • उत्तराखण्ड में नामी कंपनी का नकली डिटर्जेंट पाउडर बेचते दो गिरफ़्तार ,वाहन सीज। आखिर कहा ?

    उत्तराखण्ड में नामी कंपनी का नकली डिटर्जेंट पाउडर बेचते दो गिरफ़्तार ,वाहन सीज। आखिर कहा ?

    ( ब्यूरो ,न्यूज़ 1 हिन्दुस्तान )
    ऋषिकेश। Tied कंपनी के नाम पर नकली डिटर्जेंट पाउडर बेच कर धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता पाई पुलिस ने दोनों के कब्जे से 306 पैकेट नकली डिटर्जेंट पाउडर एवं एक छोटा हाथी वाहन भी बरामद किया है।
    प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रवि कुमार सैनी ने बताया कि विजय सिंह बिष्ट पुत्र अर्जुन सिंह बिष्ट निवासी मनसा देवी गुमानीवाला ऋषिकेश एवं अन्य व्यक्तियों के द्वारा कोतवाली ऋषिकेश को सूचना दी कि दो व्यक्ति एक छोटा हाथी में नकली डिटर्जेंट पाउडर बेचकर लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं। जिस पर श्यामपुर पुलिस चौकी से पहुंची टीम ने दो व्यक्ति को एक छोटा हाथी रजिस्ट्रेशन नंबर UP15ET9638 मे नामी कंपनी टाइड के नाम से नकली डिटर्जेंट पाउडर घूम घूम कर गुमानीवाला क्षेत्र में बेचते पकड़ा वे दोनो स्थानीय लोगों को बेवकूफ बनाते हुए कह रहे थे कि यह नामी कंपनी का माल है। जिससे ऑफर के लिए सस्ता बेचा जा रहा है। कई लोगों को यह नामी कंपनी का टाइड डिटर्जेंट पाउडर बता रहे थे।

    जब उन्होंने एक पैकेट डिटर्जेंट लिया व उसका अवलोकन किया तो उस पर Tied two plus अंकित होना पाया गया, वजन 4 किलो कीमत ₹360 लिखा है। लेकिन ये लोग पाउडर को केवल ₹100 में बेच रहे थे, तो उन्हें संदेह होने पर एक बाल्टी में पानी लेकर उसका मौके पर ही परीक्षण किया गया। तो उसमें कोई झाग नहीं बना केवल नीले रंग का पानी बन रहा था व कोई दानेदार बारीक चीज बाल्टी की तलहटी पर बैठ रही थी। जब उन्होंने इस बारिक दानेदार चीज को चेक किया तो नमक होना पाया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने थानी लोगो की तहरीर के आधार पर दोनों व्यक्तियों को धारा- 420,34 आईपीसी के अंतर्गत मौके से गिरफ्तार कर कुल 306 पैकेट नकली डिटर्जेंट पाउडर व एक छोटा हाथी रजिस्ट्रेशन नंबर UP15ET9638 बरामद किया गया।
    पुलिस की पूछताछ में उन्होंने अपना नाम शोएब पुत्र अब्दुल कादिर निवासी ग्राम सापला रोड देवबंद थाना देवबंद जिला सहारनपुर उत्तर प्रदेश उम्र 22 वर्ष उस्मान पुत्र रईस निवासी ग्राम सापला रोड देवबंद थाना देवबंद जिला सहारनपुर उत्तर प्रदेश उम्र 26 वर्ष बताया।  उन्होंने कहा कि हम दोनों देवबंद में फ्रूट बेचने का काम करते थे। लेकिन काम नहीं चल पाने के कारण उनका किसी लड़के ने जस्सी नाम के व्यक्ति से संपर्क कराया व बताया कि नकली डिटर्जेंट पाउडर बेचने पर उन्हें काफी मुनाफा होगा। तो वह मान गए तथा 18 अक्टूबर को जस्सी से यह डिटर्जेंट पाउडर खरीद कर लाए व दूर स्थान को बेचने के मद्देनजर ऋषिकेश आए व गुमानीवाला क्षेत्र में बेचते रहे तथा उन्होंने 20 लोगों को बेचकर 2000 कमाए है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनका चालान कर दिया। पुलिस टीम में उप निरीक्षक जगदंबा प्रसाद.कांस्टेबल नंदकिशोर
    कॉन्स्टेबल शशीकांत लखेडा आदि थे ।