Author: News Editor

  • आशारोड़ी-मोहंड के बीच सड़क धंसी, सहारनपुर रोड पर घंटों जाम

    आशारोड़ी-मोहंड के बीच सड़क धंसी, सहारनपुर रोड पर घंटों जाम

    पहाड़ी इलाके में भारी बारिश के कारण आशारोड़ी और मोहंड के बीच सड़क का एक हिस्सा धंस गया। इससे वाहनों का आवागमन बंद हो गया। कई घंटे तक सहारनपुर रोड पर जाम लगा रहा। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद सड़क को ठीक कराकर यातायात को सुचारू कराया। दोनों तरफ से आने वाले वाहन दोपहर करीब 12 बजे तक डायवर्ट कर निकाले गए।

    पहाड़ियों में हुई तेज बारिश के कारण सहारनपुर रोड पर मोहंड और डाट काली मंदिर के मध्य सड़क का आधा हिस्सा धंस गया। इस कारण देहरादून-सहारनपुर रोड पर लंबा जाम लग गया और देहरादून से सहारनपुर, शामली, मेरठ, दिल्ली, अंबाला और पानीपत जाने वाली बसें फंस गईं। दोनों ओर वाहनों की कतारें लगी रहीं। यात्री काफी देर तक जाम में फंसे रहे। इस दौरान पुलिस ने सड़क की एक लाइन चलवाकर छोटे वाहनों को निकाला। बाॅर्डर पर दोनों तरफ से वाहनों को डायवर्ट कराया गया। इसके चलते सहारनपुर से देहरादून आने वाले यात्रियों को घंटो इंतजार करना पड़ा। यूपी की ओर से आने वाले वाहनों को रूट डायवर्ट कराकर रोशनाबाद हरिद्वार होते हुए देहरादून के लिए भेजा गया। एनएचएआई की मदद से सड़क को सही कराकर यातायात सुचारू कराया गया।

  •  भूस्खलन हादसे में लापता दो लोगों के शव और बरामद, 16 की तलाश में रेस्क्यू अभियान जारी

     भूस्खलन हादसे में लापता दो लोगों के शव और बरामद, 16 की तलाश में रेस्क्यू अभियान जारी

    रुद्रप्रयाग

    गौरीकुंड भूस्खलन हादसे में लापता 18 लोगों में से आज शनिवार को सुबह दो शव बरामद हुए हैं। इनमें से एक शव महिला का और एक युवती का है, जिनकी शिनाख्त की जा रही है। बीते 3 अगस्त की रात्रि लगभग 11.30 बजे गौरीकुंड डाटपुल के समीप भारी भूस्खलन से हाईवे किनारे बनी तीन दुकानें भी बह गई थीं, जिसमें 23 लोग बह गए थे। जिनकी तलाश में गौरीकुंड में रेस्क्यू अभियान जारी है।

    वहीं गौरीकुंड भूस्खलन हादसे में लापता नेपाली मूल के 14 लोगों के बारे में जिला प्रशासन ने नेपाल दूतावास से भी उनके बारे में जानकारी मांगी है। साथ ही पुलिस से भी यात्रा के दौरान बाहरी लोगों के सत्यापन के बारे में रिपोर्ट मांगी गई है। भूस्खलन हादसे के छह दिन बाद भी नेपाली मूल व अन्य सहित कुल 20 लोगों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया।

    मलबे में दबी कारपांच की मौत
    वहीं रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर बृहस्पतिवार को आए मलबे में दबी कार में पांच लोगों की मौत हो गई। शुक्रवार को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त वाहन के अंदर से पांचों के शव बरामद किए गए हैं। राजमार्ग का 80 मीटर से अधिक हिस्सा पूरी तरह से ध्वस्त है। इस कारण दूसरे दिन भी यातायात बहाल नहीं हो पाया है।

    सुबह छह बजे से ही राजमार्ग पर भूस्खलन प्रभावित हिस्से में मलबा सफाई का काम शुरू हो गया था। दोनों तरफ से जेसीबी मशीनों से मलबे के साथ भारी बोल्डरों को तोड़कर साफ किया जा रहा था। शाम पांच बजे मलबा हटाते समय एक वाहन भी दिखाई दिया। एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस और होमगार्ड के जवानों ने प्रभावित हिस्से में रेस्क्यू शुरू करते हुए मलबे की सफाई कर वाहन को निकाला। बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कार के अंदर से पांच शव बरामद किए गए।

  • भाकियू के ट्रैक्टर मार्च में उमड़ा किसानों का सैलाब

    भाकियू के ट्रैक्टर मार्च में उमड़ा किसानों का सैलाब

     मुजफ्फरनगर/मेरठ

    भारतीय किसान यूनियन की ओर से किसानों की समस्याओं को लेकरआज ट्रैक्टर तिरंगा मार्च निकाला जा रहा है। मुजफ्फरनगर शहर से भाकियू का ट्रैक्टर मार्च शुरू हुआ जो मेरठ के उर्जा भवन तक पहुंचा है। यहां पंचायत कर किसानों की विभिन्न समस्याएं किसान उठाएंगे।

    राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान से ट्रैक्टर की कतार शहर में आर्य समाज रोड से मीनाक्षी की चौक की तरफ रवान हुई। किसान बाढ़ क्षेत्र के लिए मुआवजा मांग रहे हैं। भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों की हालत दयनीय है। बाढ़ से फसलें चौपट हो गई है। किसानों को बड़ी राहत दी जानी चाहिए।

    तिरंगा मार्च देहात क्षेत्रों से शुरू हुआ जो मेरठ के ऊर्जा भवन पर समाप्त होगा, उसके बाद यहां पंचायत होगी। इस दौरान बिजली, गन्ना, आवारा पशु समेत किसानों की सभी समस्याओं को उठाया जाएगा।

    भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने बताया कि ट्रैक्टर तिरंगा मार्च मेरठ की सभी तहसील से होकर ऊर्जा भवन पहुंचा। इस दौरान हजारों की संख्या में किसान शामिल हुए।

    बिजनौर में कलक्ट्रेट पर दिया धरनाउठाई गुलदारमुक्त बिजनौर की मांग
    बिजनौर जनपद में भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के बैनर तले सैकड़ो किसानों ने बिजनौर शहर में ट्रैक्टर रैली निकाली। इसके बाद किसान कलेक्ट्रेट में एकत्रित हुए और धरने पर बैठ गए। किसान गुलदार मुक्त बिजनौर की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा बिलाई शुगर मिल से किसानों का पूर्ण गन्ना भुगतान कराने की मांग भी मुख्य रूप से रही।

    मेरठ में  सैंकड़ो ट्रैक्टर लेकर ऊर्जा भवन पहुंचे किसानपंचायत में हुए शामिल
    मेरठ में किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन की ओर से शुक्रवार को तिरंगा ट्रैक्टर मार्च निकाला गया। मेरठ में सरधना, मवाना तहसील समेत कई गांवों से भाकियू कार्यकर्ता और किसान ट्रेक्टर में सवार होकर ऊर्जा भवन पहुंचे। इस दौरान साकेत चौराहे पर जाम की स्थिति बनी रही। किसान ऊर्जा भवन पहुंच कर यहां धरने पर बैठ गए।

    जिला अध्यक्ष अनुराग ने किसानों की बिजली से संबंधित समस्याओं को उठाया। उन्होंने कहा कि बिजली बिल के नाम पर किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। अनाप शनाप बिल बनाकर भेजे जा रहे है। उन्होंने खाद गोदामो पर खाद न होने की समस्या, गन्ना भुगतान न होने, आवारा पशु आदि समस्याओं को उठाया। किसान प्रशाशनिक अधिकारोयो को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे।

    राकेश टिकैत के बेटे चरण सिंह टिकैत भी पंचायत में पहुंचे। चौधरी चरण सिंह ने कहा कि गन्ना भुगतान न होना, गन्ने के दाम में वृद्धि न होना, बिजली फ्री न होना किसानों की मुख्य समस्या है।

  •  रोडवेज ई-बसों से कराएगा धार्मिक स्थलों की यात्रा

     रोडवेज ई-बसों से कराएगा धार्मिक स्थलों की यात्रा

    वाराणसी

    उत्तर प्रदेश में पहली बार परिवहन निगम वाराणसी से बाहर 250 किलोमीटर की परिधि में ई-बसों का संचालन करेगा। योजना के पहले चरण में धार्मिक स्थलों और परिक्षेत्र के जिलों को जोड़ा जाएगा। परिवहन निगम ई-बसों से धार्मिक स्थलों को जोड़ने से संबंधित प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय भेजा दिया है। इसके लिए परिवहन निगम 50 ई-बसों को अपने बेड़े में शामिल करेगा।

    परिवहन निगम वाराणसी क्षेत्र के प्रबंधक गौरव वर्मा के मुताबिक, दो चरणों के पहले भाग में प्रयागराज, चित्रकूट और अयोध्या आदि जिलों को जोड़ने की योजना है। इसके बाद दूसरे भाग की योजना बाद में घोषित की जाएगी। शहर के साथ पूरे परिवहन को प्रदूषण मुक्त करने के लिए यह योजना लागू की जा रही है। इसमें 42 सीटर बसों का संचालन होगा।

  • नदी में गिरी बोलेरो गाड़ी, छह पुलिस कर्मचारियों समेत सात की मौत; चार घायल

    नदी में गिरी बोलेरो गाड़ी, छह पुलिस कर्मचारियों समेत सात की मौत; चार घायल

    चंबा

    हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में छह पुलिस कर्मचारियों समेत सात लोगों की मौत हो गई।  तीसा-बैरागढ़ मार्ग पर तरवाई पुल के पास बोलेरो गाड़ी सड़क से लुढ़क कर बैरा नदी में जा गिरी। हादसे में सात लोगों की जान चली गई। चार लोग घायल हैं। बोलेरो गाड़ी मंगली से तीसा की ओर रही थी कि अचानक चालक ने नियंत्रण खो दिया।

    एसडीएम जोगिंद्र पटियाल ने बताया कि 6 पुलिस कर्मचारियों समेत 7 लोगों की मौत हुई है। तीन घायलों को मेडिकल कालेज चंबा रैफर किया गया है। एक सिविल अस्पताल तीसा में उपचाराधीन है। हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

  • उड़ान भरते समय गिरा पैराग्लाइडर, इजरायल की महिला पर्यटक समेत दो घायल

    उड़ान भरते समय गिरा पैराग्लाइडर, इजरायल की महिला पर्यटक समेत दो घायल

     कुल्लू

    लाहौल के गोंधला के टिलिंग टॉप पर एक पैराग्लाइडर हादसे का शिकार हो गया। उड़ान भरते समय गिरे पैराग्लाइडर में सवार दो लोग घायल हो गए हैं। इसमें पायलट कुलदीप तथा इजरायल की महिला पर्यटक शिरल (28) घायल हुए हैं। दोनों को उपचार के लिए केलांग अस्पताल लाया जा रहा है।

    वहीं, इन दिनों बरसात के चलते 15 जुलाई से 15 सितंबर तक तक पैराग्लाइडिंग के साथ सभी तरह की साहसिक गतिविधियां बंद है। बावजूद लाहौल में नियमों को ताक पर रखते हुए पैराग्लाइडिंग की जा रही है।

  • बारिश ने मचाई तबाही, मकान गिरे; बाल-बाल बचा दंपती, कई सड़कें बंद

    बारिश ने मचाई तबाही, मकान गिरे; बाल-बाल बचा दंपती, कई सड़कें बंद

    बिलासपुर

    बिलासपुर में वीरवार देर रात से हो रही बारिश ने भारी तबाही मचाई है। मंगरोट के पास पहाड़ से बड़ी चट्टान गिरने से शिमला-धर्मशाला हाईवे बंद हो गया है। यातायात को बिलासपुर शहर से डायवर्ट किया गया है। वहीं, पुराने चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर भी बिलासपुर से लेकर घागस तक करीब आधा दर्जन जगहों पर भूस्खलन हुआ है। हालांकि हाईवे पर यातायात चल रहा है। उधर, कुहमझवाड़ सड़क नाले में तबदील हो गई। बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए पानी के बीच से गुजरना पड़ा।

    भूस्खलन से करीब दर्जन भर संपर्क मार्ग भी बंद हो गए हैं। घुमारवीं-बिलासपुर मार्ग कंदरौर के पास एक तरफ से धंस गया है, जिससे इसके पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है। बारिश ने निजी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया है। कुहमझवाड़ पंचायत के रोपा गुलाजर में एक कच्चा मकान गिर गया।

    दधोल कलां में भी मकान गिर गया। घटना के समय मकान में पति-पत्नी मौजूद थे, जो बाल-बाल बच गए। भदरोग में भी एक कच्चा मकान गिर गया। इसके अलावा उपरली सलोह, लेहड़ी सरेल, पडयालग सहित कई स्थानों पर गोशाला गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। घटटू धारस में मकान के नीचे से जमीन खिसक गई, जिससे मकान को खतरा बना हुआ है।

  • दो नेशनल हाईवे समेत 242 सड़कें अवरुद्ध, दलदल में फंसी छात्रा

    दो नेशनल हाईवे समेत 242 सड़कें अवरुद्ध, दलदल में फंसी छात्रा

    शिमला

    हिमाचल प्रदेश में येलो अलर्ट के बीच शुक्रवार को भारी बारिश हुई है।  प्रदेशभर में दो नेशनल हाईवे समेत 242 सड़कें अवरुद्ध हैं। वहीं 989 बिजली ट्रांसफॉर्मर ठप और 19 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। कालका शिमला नेशनल हाईवे-5 चक्कीमोड़ के पास भूस्खलन होने से बाधित हो गया है।

    चक्कीमोड़ के समीप दत्यार में भी भूस्खलन हुआ है। मंडी कुल्लू नेशनल हाईवे 6 मील और 9 मील के पास अवरुद्ध है। मंडी पठानकोठ रोड 32 मील के पास बाधित है। वहीं पांवटा शिलाई हाईवे भी बंद है।  प्रदेश में 14 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है।

    घागस-ब्रह्मपुखर रोड मगरोट के पास भूस्खलन होने से बाधित है। वाहनों को वाया बिलासपुर बाजार रूट से भेजा जा रहा है। सोलन-बिलासपुर रोड सबाठू के पास भूस्खलन होने से बाधित है। सुबाथू कुनिहार मार्ग सुबाथू के समीप बंद है। लोग पैदल अवाजाही कर रहे हैं।

    रामशहर-नालागढ़ रोड बाधित है। रामशहर से स्वारघाट घाट क्वारनी के पास क्षतिग्रस्त होने से से आवाजाही के लिए अवरुद्ध है। रामशहर से गंभारखड़ रोड जगह जगह भूस्खलन होने से बाधित है।  रामशहर से शिमला रोड दिग्गल के पास चट्टानें गिरने से अवरुद्ध है।
    दलदल में फंसी छात्रा
    जिला शिमला के चौपाल में एक स्कूली छात्रा दलदल में फंस गई। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत से छात्रा को बाहर निकाला। चौपाल की लिंगजार पंचायत में यह घटना उस वक्त हुई जब छात्रा स्कूल जा रही थी।

  • किंक्रेग में तीन मंजिला भवन के नीचे हुआ भूस्खलन, एक झुग्गी तबाह

    किंक्रेग में तीन मंजिला भवन के नीचे हुआ भूस्खलन, एक झुग्गी तबाह

     मसूरी

    मसूरी शहर में भारी बारिश से तीन मंजिला भवन के नीचे भूस्खलन हो गया। इससे एक झुग्गी तबाह हो गई। वहीं, दूसरी झुग्गी में सो रहा परिवार बाल-बाल बच गया। प्रशासन ने भवन में रह रहे पांच परिवारों को दूसरी जगह पर शिफ्ट किया है।

    किंक्रेग में भारी बारिश से तीन मंजिला भवन के नीचे पुश्ता ढह गया। मलबा नीचे बनी झुग्गियों पर गिरा, इससे एक झुग्गी तबाह हो गई। गनीमत रही कि उस वक्त झुग्गी में कोई नहीं था। वहीं, दूसरी झुग्गी में सो रहा नेपाली परिवार आवाज सुनकर बाहर की ओर दौड़ा। झुग्गी में रहने वाले प्रमोद थापा ने बताया कि वह पत्नी और दो बच्चाें साथ सो रहे थे। अचानक मलबा आने की आवाज से नींद खुली और बाहर भागकर जान बचाई।

    भवन में रहने वाला दिनेश उनियाल की पत्नी रेनू उनियाल ने बताया कि जैसे ही पुश्ता गिरा उसी समय घर से बाहर आ गए। भवन को खतरा बना हुआ है। पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने क्षेत्र का दौरा कर स्थिति जानी।

    एसडीएम ने निरीक्षण कर सुनीं समस्याएं

    एसडीएम नंदन कुमार ने भूस्खलन प्रभावित किंक्रेग का निरीक्षण किया और परिवारों से समस्याएं जानीं। उन्होंने भवन में रहने वाले पांच परिवारों को अन्य स्थान पर शिफ्ट करने के लिए नगर पालिका के ईओ को निर्देश दिए।
    साथ ही पुश्ते की मरम्मत करने के लिए कहा। एसडीएम नंदन कुमार ने कहा कि प्रभावित परिवारों की हर संभव सहायता की जाएगी। वहीं, देर शाम तक दो परिवारों को शिफ्ट कर दिया गया था। बाकी तीन को भी दूसरी जगह भेजा जा रहा है।

  • धाम में निर्माण सामग्री पहुंचाने के लिए सितंबर में उपलब्ध होगा चिनूक हेलिकॉप्टर

    धाम में निर्माण सामग्री पहुंचाने के लिए सितंबर में उपलब्ध होगा चिनूक हेलिकॉप्टर

    देहरादून

    केदारनाथ पुनर्निर्माण योजना के तहत चल रहे कार्यों के लिए निर्माण सामग्री पहुंचाने को सितंबर माह के सप्ताह तक सेना का चिनूक हेलिकॉप्टर उपलब्ध होगा। निर्माण कार्य की सामग्री इसी के जरिये पहुंचाई जाएगी। मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने केदारनाथ धाम में श्रमिकों के लिए अलाव और हीटर की व्यवस्था करने का ठेकेदारों को निर्देश दिए।

    बृहस्पतिवार को सचिवालय स्थित सभागार में मुख्य सचिव ने केदारनाथ पुनर्निर्माण और बदरीनाथ मास्टर प्लान के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों के अधिकारियों समेत बदरीनाथ व केदारनाथ में कार्य कर रहे ठेकेदारों के साथ प्रत्येक कार्य के संबंध में विस्तार से चर्चा की।

    उन्होंने कहा कि भौगोलिक परिस्थितियों व मौसम के खराब होने के कारण कार्य किया जाना आसान नहीं है, लेकिन जो काम किए जा सकते हैं उन्हें जरूर किया जाए। तैयार भवनों के भीतर शेष कार्यों को समय से शुरू किया जाए। बैठक में सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे, सचिव लोक निर्माण विभाग डॉ. पंकज कुमार पांडेय समेत चमोली व रुद्रप्रयाग जिले के डीएम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।