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  • बाघिन को अब पूरा जीवन पेट में धंसे तार के साथ जीना होगा, सर्जरी से जान को खतरा

    बाघिन को अब पूरा जीवन पेट में धंसे तार के साथ जीना होगा, सर्जरी से जान को खतरा

    बाघिन को अब पूरा जीवन पेट में धंसे तार के साथ जीना होगा, सर्जरी से जान को खतरा

    बीते मई माह में एक बाघिन के शिकारियों के चंगुल में फंसने की बात सामने आने के बाद वन महकमे में हड़कंप मच गया था। बाघिन पेट में धंसे फंदे के साथ कैमरे में कैद हुई थी। इसके बाद कॉर्बेट प्रशासन बाघिन को ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू सेंटर लाया, जहां वह अब तक चिकित्सकों की निगरानी में है।

    विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ रेंज में शिकारियों के फंदे में फंसी बाघिन को अब ताउम्र शरीर में धंस चुके तार (स्नेयर) के साथ ही जीना होगा। विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों के पैनल ने जांच के बाद सर्जरी से बाघिन के जीवन को खतरा बताया है। इस संबंध में चिकित्सकों के पैनल ने अपनी रिपोर्ट मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक कार्यालय को सौंप दी है।

    नैनीताल के रामनगर में स्थित कॉर्बेट टाइगर रिजर्व दुनिया में बाघों के स्वच्छंद विचरण के लिए जाना जाता है। बीते मई माह में एक बाघिन के शिकारियों के चंगुल में फंसने की बात सामने आने के बाद वन महकमे में हड़कंप मच गया था। बाघिन पेट में धंसे फंदे के साथ कैमरे में कैद हुई थी। इसके बाद कॉर्बेट प्रशासन बाघिन को ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू सेंटर लाया, जहां वह अब तक चिकित्सकों की निगरानी में है।

    बाघिन के पेट में धंसे तार को निकालने के लिए वन विभाग की ओर से विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों का पैनल बनाया गया था। इसमें भारतीय वन्यजीव संस्थान के पूर्व वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. प्रदीप मलिक, जीबी पंत विवि के डिपार्टमेंट ऑफ सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. केके दास, भारतीय वन्यजीव संस्थान के डिपार्टमेंट ऑफ वाइल्डलाइफ हेल्थ मैनेजमेंट के एचओडी डॉ. पराग निगम और एनटीसीए की समिति के सदस्य डॉ. मलिक को शामिल किया गया था। 

    बाघिन के जीवन को खतरा
    पैनल ने बाघिन के स्वास्थ्य की कई दिनों तक निग रानी की। कई तरह की जांचों के बाद चिकित्सकों के पैनल ने पाया कि तार (स्नेयर) बाघिन के पेट में भीतर तक धंस चुका है। यदि उसे निकालने के लिए सर्जरी की जाती है तो बाघिन के जीवन को खतरा हो सकता है। इस संबंध में पैनल ने सीडब्ल्यूएलडब्ल्यू कार्यालय को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। संभव है कि अब पूरा जीवन बाघिन को ऐसे ही जीना होगा।

    फिलहाल रेस्क्यू सेंटर में ही रहेगी बाघिन

    कॉर्बेट के निदेशक डॉ. धीरज पांडेय ने बताया कि बाघिन को चिकित्सकों की देखरेख में ढेला स्थित रेस्क्यू सेंटर में रखा गया है। बाघिन की उम्र करीब सात से आठ वर्ष है। बाघिन को अपने प्राकृतिक वास में छोड़ा जाएगा या नहीं, इस संबंध में उच्च स्तर पर फैसला लिया जाएगा।

    अपने तीन शावकों को खा गई थी बाघिन

    रेस्क्यू सेंटर में ही बाघिन ने जुलाई माह में तीन शावकों को जन्म दिया था। लेकिन जन्म देने के बाद पांचवें दिन ही बाघिन ने खुद तीनों शावकों को निवाला बना लिया था। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के इतिहास में इस तरह की दुर्लभ घटना पहली बार दर्ज की गई थी।

    बाघिन की सर्जरी के संबंध में देश के नामी पशु चिकित्सकों का एक पैनल गठित किया गया था। चिकित्सकों की रिपोर्ट मुख्यालय को मिल गई है। इसके अनुसार फिलहाल बाघिन की सर्जरी करने पर उसके जीवन को खतरा बताया गया है। बाघिन को रेस्क्यू सेंटर से जंगल में कब छोड़ा जाएगा, इस संबंध में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। वैसे बाघिन पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य जीवन जी रही है।

  • स्वास्थ्य और शिक्षा में निवेश पर 25 % सब्सिडी देने की तैयारी, पहली सेवा क्षेत्र नीति को जल्द मंजूरी

    स्वास्थ्य और शिक्षा में निवेश पर 25 % सब्सिडी देने की तैयारी, पहली सेवा क्षेत्र नीति को जल्द मंजूरी

    स्वास्थ्य और शिक्षा में निवेश पर 25 % सब्सिडी देने की तैयारी, पहली सेवा क्षेत्र नीति को जल्द मंजूरी

    रोजगार के नये अवसर सृजित करने के लिए सरकार ने वैश्विक निवेशक सम्मेलन में 2.50 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा है। सम्मेलन के लिए सरकार ने पर्यटन, उद्योग, आयुष एवं वेलनेस, हेल्थ केयर, ऊर्जा, शिक्षा, लॉजिस्टिक, कृषि एवं बागवानी, आईटी एवं स्टार्टअप, नागरिक उड्डयन, इंफ्रास्टेक्चर, हाउसिंग क्षेत्र में ज्यादा निवेश की रणनीति बनाई है।

    सेवा क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने पर प्रदेश सरकार का विशेष फोकस है। इसके लिए स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में निवेश करने पर 25 प्रतिशत सब्सिडी देने की तैयारी है। दिसंबर माह में प्रस्तावित वैश्विक निवेशक सम्मेलन को देखते हुए सरकार जल्द ही पहली सेवा क्षेत्र नीति को मंजूरी दे सकती है।

    प्रदेश की जीडीपी को दोगुनी करने और रोजगार के नये अवसर सृजित करने के लिए सरकार ने वैश्विक निवेशक सम्मेलन में 2.50 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा है। खास बात यह है कि सम्मेलन के लिए सरकार ने पर्यटन, उद्योग, आयुष एवं वेलनेस, हेल्थ केयर, ऊर्जा, शिक्षा, लॉजिस्टिक, कृषि एवं बागवानी, आईटी एवं स्टार्टअप, नागरिक उड्डयन, इंफ्रास्टेक्चर, हाउसिंग क्षेत्र में ज्यादा निवेश की रणनीति बनाई है।

    सेवा क्षेत्र में निवेश आने से सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में 40 प्रतिशत सेवा क्षेत्र का योगदान है। इसके लिए सेवा क्षेत्र नीति में शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में नये अस्पताल और उच्च शिक्षण व प्रशिक्षण संस्थान में निवेश पर 25 प्रतिशत सब्सिडी देने का प्रावधान किया जा रहा है। 

    ये हैं निवेश के लिए फोकस क्षेत्र

    पर्यटन, उद्योग, आयुष एवं वेलनेस, हेल्थ केयर, ऊर्जा, शिक्षा, लॉजिस्टिक, कृषि एवं बागवानी, आईटी एवं स्टार्टअप, नागरिक उड्डयन, इंफ्रास्ट्रक्चर, हाउसिंग।

     

    राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए अब तक 27 नीतियां लागू की है। जल्द ही सेवा क्षेत्र नीति को मंजूरी दी जाएगी। -विनय शंकर पांडे, सचिव उद्योग

  • धीरेंद्र शास्त्री को मारने की धमकी: बरेली के युवक ने इंस्टाग्राम पर लिखा- बाबा की मौत मंडरा रही है; गिरफ्तार

    धीरेंद्र शास्त्री को मारने की धमकी: बरेली के युवक ने इंस्टाग्राम पर लिखा- बाबा की मौत मंडरा रही है; गिरफ्तार

    धीरेंद्र शास्त्री को मारने की धमकी: बरेली के युवक ने इंस्टाग्राम पर लिखा- बाबा की मौत मंडरा रही है; गिरफ्तार

    आरोपी अनस अंसारी ने इंस्टाग्राम पर धमकी भरे मैसेज भेजे। उसने लिखा कि बाबा की मौत मंडरा रही है। उसके मैसेज के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हुए। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसने धीरेंद्र शास्त्री को धमकी देने की बात कबूल की है।

    बरेली के हाफिजगंज थाना क्षेत्र के खाता गांव निवासी युवक अनस अंसारी ने सोशल मीडिया पर बागेश्वर धाम के बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को जान से मारने की धमकी दी है। आरोपी ने इंस्टाग्राम पर धमकी भरे मैसेज किए। उसके मैसेज के स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद रविवार को हिंदूवादी संगठनों ने कार्रवाई की मांग की। इस पर रिठौरा चौकी के प्रभारी नवीन कुमार की ओर से आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने आरोपी अनस अंसारी को हिरासत में लिया है।

    हाफिजगंज थाने के इंस्पेक्टर चेतराम वर्मा ने बताया कि आरोपी की चैट के स्क्रीनशॉट वायरल हो रहे हैं। इसमें उसने किसी बाबा के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए हत्या की बात कही है। आरोपी ने लिखा है कि बाबा की मौत मंडरा रही है। आरोपी के मैसेज के स्क्रीनशॉट कई लोगों ने ट्वीट कर इसकी शिकायत की थी। शिकायत पर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हत्या करने की धमकी देने की बात कबूल की। 

    ट्वीट में मुख्यमंत्री को धमकी देने का आरोप

    आरोपी युवक की चैट के स्क्रीनशॉट को कई लोगों ने ट्वीट किया है। कई लोगों ने बाबा शब्द को लेकर मुख्यमंत्री की हत्या करने की धमकी देने का आरोप लगाया। इंस्पेक्टर ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने मुख्यमंत्री को धमकी देने की बात से इनकार किया।
  • मंत्री सतीश शर्मा ने शिवलिंग के अर्घ्य में धोए हाथ, पास में खड़े रहे जितिन प्रसाद, सपा-कांग्रेस ने घेरा

    मंत्री सतीश शर्मा ने शिवलिंग के अर्घ्य में धोए हाथ, पास में खड़े रहे जितिन प्रसाद, सपा-कांग्रेस ने घेरा

     

    मंत्री सतीश शर्मा ने शिवलिंग के अर्घ्य में धोए हाथ, पास में खड़े रहे जितिन प्रसाद, सपा-कांग्रेस ने घेरा

    यूपी के खाद्य एवं रसद मंत्री सतीश शर्मा का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें वह बाराबंकी के पौराणिक मंदिर में शिवलिंग के अर्घ्य में हाथ धोते नजर आ रहे हैं।

    यूपी के खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री सतीश शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिस पर अलग-अलग लोग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। मंत्री जी जिले के रामपुर स्थित पौराणिक लोधेश्वर महादेवा मंदिर में शिवलिंग के अर्घ्य में हाथ धोते नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने उनकी इस हरकत पर नाराजगी जताई है। वीडियो में जिले के प्रभारी मंत्री जितिन प्रसाद भी हाथ जोड़े खड़े नजर आ रहे हैं।

    वीडियो में मंत्री पुजारी से इशारे में कुछ कहते हैं जिसके बाद पुजारी लोटे से पानी डालते हैं और मंत्री शिवलिंग के अर्घ्य में ही हाथ धो देते हैं। यह वीडियो 27 अगस्त का बताया जा रहा है।

    बताया जा रहा है कि सतीश शर्मा और जितिन प्रसाद रामनगर तहसील में बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित करने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने मंदिर में पूजा की थी।

    कांग्रेस ने साधा निशाना, कहा- इन्हें इतना भी पता नहीं कि शिवलिंग के समीप हाथ नहीं धोते
    उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री सतीश शर्मा शिवालय में शिवलिंग के अर्घ्य से सटाकर ही हाथ धो रहे हैं। बगल में एक और मंत्री जितिन प्रसाद खड़े होकर टकटकी निगाह से देख रहे हैं। धर्म के नाम पर, देवी-देवताओं के नाम पर राजनीति करने वाले और कुर्सी पर बैठने वाले इन नीचों के पास इतनी सामान्य सी बुद्धि भी नहीं कि शिवलिंग के समीप हाथ नहीं धोया जाता।

    इन दुर्बुद्धि वालों के लिए हमारी आस्था, हमारा विश्वास, हमारे देवी-देवता केवल राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के साधन मात्र हैं। उससे अधिक ना इन्हें ईश्वर में आस्था है, ना ही जनता की आस्था में विश्वास।

  • भारत-इंग्लैंड विश्व कप मैच के टिकट 40 हजार तक, 29 अक्तूबर को इकाना स्टेडियम में मुकाबला

    भारत-इंग्लैंड विश्व कप मैच के टिकट 40 हजार तक, 29 अक्तूबर को इकाना स्टेडियम में मुकाबला

    रत-इंग्लैंड विश्व कप मैच के टिकट 40 हजार तक, 29 अक्तूबर को इकाना स्टेडियम में मुकाबला

    भारत-इंग्लैंड के बीच विश्वकप के मैच के टिकट की कीमत 40 हजार रुपये तक होगी। टिकट दर 1500 रुपये से शुरू होगी।

     

    जैसी उम्मीद थी, ठीक वैसा ही हुआ। 50 हजार की क्षमता वाले शहर के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 29 अक्तूबर को भारत और इंग्लैंड के बीच विश्व कप का मुकाबला देखने के लिए जेब काफी ढीली करनी होगी। इस मैच की टिकट दर 1500 से लेकर 40,000 रुपये के बीच होगी। इकाना में अब तक हुए किसी भी मुकाबले के लिए यह टिकट दर सबसे महंगी है। हालांकि, इसके बावजूद शुक्रवार को सिर्फ सवा घंटे में ही जनरल स्टैंड के 25 और हॉस्पिटेलिटी के दस फीसदी टिकट ऑनलाइन बिक गए। इसके बाद साइट पर टिकट बिकने बंद भी हो गए।

    अन्य मैचों की टिकट बिक्री भी जोरों पर

    भारत वाले मैच को छोड़ अन्य मुकाबलों के टिकट पिछले सप्ताह ही बिकने शुरू हो गए थे। इनमें 12 अक्तूबर को आस्ट्रेलिया बनाम दक्षिण अफ्रीका, 16 अक्तूबर को आस्ट्रेलिया बनाम श्रीलंका, 21 अक्तूबर को नीदरलैंड बनाम श्रीलंका, 03 नवंबर को नीदरलैंड बनाम अफगानिस्तान के बीच होने वाले मैचों की टिकट बिक्री तेजी से जारी है।

    भारत-इंग्लैंड मैच की टिकट दरें
    जनरल स्टैंड : 1500, 2100, 2750, 3250
    नॉर्थ प्रेसीडेंशियल गैलरी – 6500
    साउथ प्रेसीडेंशियल गैलरी – 8000
    नॉर्थ प्लेटिनम लॉन- 15,000
    साउथ डायरेक्टर लॉन- 18,000
    नॉर्थ कॉरपोरेट बॉक्स- 25,000
    साउथ कॉरपोरेट बॉक्स- 40,000

    जल्द शुरू होगा दूसरा चरण
    यूपीसीए के सीईओ अंकित चटर्जी का कहना है कि बीसीसीआई की ओर से भारत-इंग्लैंड मुकाबले के लिए टिकट ब्रिकी का पहला चरण पूरा हो चुका है। जल्द दूसरा चरण शुरू होगा। लखनऊ में होने वाले अन्य चार मुकाबलों के लिए भी टिकटों की बिक्री जारी है। उम्मीद है कि सभी मुकाबले हाउसफुल रहेंगे।

  • पांच दिवसीय काशी सांसद संस्कृत महोत्सव कार्यक्रम के द्वितीय दिन भी प्रतिभागियों में दिखा उत्साह

    पांच दिवसीय काशी सांसद संस्कृत महोत्सव कार्यक्रम के द्वितीय दिन भी प्रतिभागियों में दिखा उत्साह

    पांच दिवसीय काशी सांसद संस्कृत महोत्सव कार्यक्रम के द्वितीय दिन भी प्रतिभागियों में दिखा उत्साह
    एस के श्रीवास्तव विकास:पहल टुडे
    वाराणसी/-रोहनिया में पांच दिवसीय काशी सांसद सांस्कृतिक महोत्सव कार्यक्रम के द्वितीय दिन भी प्रतिभागियों ने बढ़कर हिस्सा लिया।इस सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर प्रतिभागियों में उत्साह देखने को मिला।ज्ञात हो कि आराजी लाइन ब्लाक अंतर्गत न्याय पंचायत काशीपुर के तत्वाधान में ग्राम निदिउरा स्थित सुशीला श्रीवास्तव इंटर कॉलेज में सांस्कृतिक महोत्सव चल रहा है।इस सांस्कृतिक महोत्सव में सभी बढ़-चढ़कर बच्चों से लेकर महिला,पुरुष भागीदार होकर अपनी प्रतिभा को दिखा रहे है और जिसमें गायन,वादन,नृत्य और नुक्कड़ नाटक शामिल है।कार्यक्रम प्रभारी रामदुलार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पांच दिवसीय महोत्सव का आज द्वितीय दिन है।जिसमे प्रथम पाली में दस से अठारह वर्ष तथा द्वितीय पाली में चालीस से ऊपर के लोगों का कार्यक्रम होना है।जिसमे ऑनलाइन पंजीकरण दस से अठारह के प्रतिभागियों का सडसठ और चालीस से ऊपर वालो का चौरानवे रहा।कार्यक्रम में महिलाओं और पुरषों के बीच दो गुटों को जज करने के लिए सुशीला देवी,सत्यप्रकाश पाल,रूबी सेन द्वारा किया गया।उक्त कार्यक्रम में मुख्य रूप से काशीपुर ग्राम प्रधान विजय कुमार श्रीवास्तव,रामदुलार प्रधानाचार्य ढोलापुर,रवि श्रीवास्तव रामपुर बी विद्यालय,मनमोहन यादव जगरदेवपुर,जितेंद्र सिंह,चंदन सिंह,सतीश चन्द्र चौधरी,रविकेश,इंदु देवी के अलावा आदि लोग मौजूद रहे।
  • सावन में करोड़ो श्रद्धालुओं ने किया काशी विश्वनाथ का जलाभिषेक मंदिर के खजाने में भी हुई बढ़ोतरी  एस के श्रीवास्तव विकास:पहल टुडे  वाराणसी।महादेव की नगरी काशी में श्रावण मास में रिकॉर्ड भक्तों ने बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक किया है।विश्वनाथ धाम में सुविधाओं के बढ़ने के साथ ही इस बार भक्तों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।मंदिर प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार दो माह के सावन और इसमें आठ सोमवार को करीब एक करोड़ तिरसठ लाख भक्तों ने बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ का दर्शन-पूजन कर जलाभिषेक किया है।वहीं मंदिर में भक्तों की संख्या के साथ ही बाबा विश्वनाथ के खजाने में भी वृद्धि हुई है।बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में श्रावण मास में हुए भक्तों के रिकॉर्ड वृद्धि को लेकर मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा ने बताया कि इस बार अधिक मास होने के कारण सावन दो महीनों का हुआ।सावन के दो माह में आठ सोमवार हुए और प्रत्येक सोमवार को बड़ी संख्या में भक्त बाबा विश्वनाथ का दर्शन के लिए पहुंचे।मंदिर प्रशासन के अनुमान से ज्यादा सावन माह में भक्तों ने दर्शन किया।इसके पीछे मंदिर प्रशासन विश्वनाथ धाम में बढ़ी सुविधाओं को मान रही है।मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा का कहना है कि विश्वनाथ मंदिर के कॉरिडोर बनने के बाद से ही मंदिर में भक्तों की संख्या में लगातार वृद्धि देखने को मिल रहा है।विश्वनाथ धाम में बढ़ी सुविधाओं के पश्चात इस बार सावन के महीने के प्रत्येक सोमवार को पाँच लाख से अधिक भक्तों ने जलाभिषेक किया।वहीं आखिरी सावन के सोमवार को सात लाख से अधिक भक्तों ने मंदिर में दर्शन-पूजन किया।सुनील वर्मा का कहना है,कि आगे भी भक्तों के लिए ज्यादा सुविधा मुहैया करवाया जाएगा।

    सावन में करोड़ो श्रद्धालुओं ने किया काशी विश्वनाथ का जलाभिषेक मंदिर के खजाने में भी हुई बढ़ोतरी एस के श्रीवास्तव विकास:पहल टुडे वाराणसी।महादेव की नगरी काशी में श्रावण मास में रिकॉर्ड भक्तों ने बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक किया है।विश्वनाथ धाम में सुविधाओं के बढ़ने के साथ ही इस बार भक्तों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।मंदिर प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार दो माह के सावन और इसमें आठ सोमवार को करीब एक करोड़ तिरसठ लाख भक्तों ने बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ का दर्शन-पूजन कर जलाभिषेक किया है।वहीं मंदिर में भक्तों की संख्या के साथ ही बाबा विश्वनाथ के खजाने में भी वृद्धि हुई है।बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में श्रावण मास में हुए भक्तों के रिकॉर्ड वृद्धि को लेकर मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा ने बताया कि इस बार अधिक मास होने के कारण सावन दो महीनों का हुआ।सावन के दो माह में आठ सोमवार हुए और प्रत्येक सोमवार को बड़ी संख्या में भक्त बाबा विश्वनाथ का दर्शन के लिए पहुंचे।मंदिर प्रशासन के अनुमान से ज्यादा सावन माह में भक्तों ने दर्शन किया।इसके पीछे मंदिर प्रशासन विश्वनाथ धाम में बढ़ी सुविधाओं को मान रही है।मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा का कहना है कि विश्वनाथ मंदिर के कॉरिडोर बनने के बाद से ही मंदिर में भक्तों की संख्या में लगातार वृद्धि देखने को मिल रहा है।विश्वनाथ धाम में बढ़ी सुविधाओं के पश्चात इस बार सावन के महीने के प्रत्येक सोमवार को पाँच लाख से अधिक भक्तों ने जलाभिषेक किया।वहीं आखिरी सावन के सोमवार को सात लाख से अधिक भक्तों ने मंदिर में दर्शन-पूजन किया।सुनील वर्मा का कहना है,कि आगे भी भक्तों के लिए ज्यादा सुविधा मुहैया करवाया जाएगा।

    सावन में करोड़ो श्रद्धालुओं ने किया काशी विश्वनाथ का जलाभिषेक मंदिर के खजाने में भी हुई बढ़ोतरी
    एस के श्रीवास्तव विकास:पहल टुडे
    वाराणसी।महादेव की नगरी काशी में श्रावण मास में रिकॉर्ड भक्तों ने बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक किया है।विश्वनाथ धाम में सुविधाओं के बढ़ने के साथ ही इस बार भक्तों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।मंदिर प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार दो माह के सावन और इसमें आठ सोमवार को करीब एक करोड़ तिरसठ लाख भक्तों ने बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ का दर्शन-पूजन कर जलाभिषेक किया है।वहीं मंदिर में भक्तों की संख्या के साथ ही बाबा विश्वनाथ के खजाने में भी वृद्धि हुई है।बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में श्रावण मास में हुए भक्तों के रिकॉर्ड वृद्धि को लेकर मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा ने बताया कि इस बार अधिक मास होने के कारण सावन दो महीनों का हुआ।सावन के दो माह में आठ सोमवार हुए और प्रत्येक सोमवार को बड़ी संख्या में भक्त बाबा विश्वनाथ का दर्शन के लिए पहुंचे।मंदिर प्रशासन के अनुमान से ज्यादा सावन माह में भक्तों ने दर्शन किया।इसके पीछे मंदिर प्रशासन विश्वनाथ धाम में बढ़ी सुविधाओं को मान रही है।मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा का कहना है कि विश्वनाथ मंदिर के कॉरिडोर बनने के बाद से ही मंदिर में भक्तों की संख्या में लगातार वृद्धि देखने को मिल रहा है।विश्वनाथ धाम में बढ़ी सुविधाओं के पश्चात इस बार सावन के महीने के प्रत्येक सोमवार को पाँच लाख से अधिक भक्तों ने जलाभिषेक किया।वहीं आखिरी सावन के सोमवार को सात लाख से अधिक भक्तों ने मंदिर में दर्शन-पूजन किया।सुनील वर्मा का कहना है,कि आगे भी भक्तों के लिए ज्यादा सुविधा मुहैया करवाया जाएगा।
  • रामलला के दर्शन का बना रिकॉर्ड: सावन में 10 लाख भक्तों ने दरबार में लगाई हाजिरी, हर रोज हजारों लोग पहुंचे

    रामलला के दर्शन का बना रिकॉर्ड: सावन में 10 लाख भक्तों ने दरबार में लगाई हाजिरी, हर रोज हजारों लोग पहुंचे

    रामलला के दर्शन का बना रिकॉर्ड: सावन में 10 लाख भक्तों ने दरबार में लगाई हाजिरी, हर रोज हजारों लोग पहुंचे

    सावन के महीने में रामभक्तों ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाने का रिकॉर्ड ही बना दिया। हर रोज करीब 20 हजार श्रद्घालु अयोध्या पहुंचे। यह दर्शनार्थियों की संख्या का नया कीर्तिमान है।

    सावन मास में इस बार रामलला के दर्शन का रिकॉर्ड बना। इस सावन में मलमास के दुर्लभ संयोग के चलते सावन का माह 58 दिनों का रहा तो वहीं, भक्तों को आठ सोमवार मिले। सावन मास के 58 दिनों में करीब 10 लाख भक्तों ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। दर्शनार्थियों की संख्या का नया कीर्तिमान बना।

    सावन मास का शुभारंभ चार जुलाई को हुआ था जबकि समापन 31 अगस्त को हुआ। इस हिसाब से 58 दिनों के दौरान औसतन करीब 20 हजार भक्तों ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। सावन मास की प्रमुख तिथियों पर अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा भीड़ रही। सावन के सोमवार, तृतीया, एकादशी व पूर्णिमा तिथि पर बड़ी संख्या में भक्तों ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई।

    रामजन्मभूमि के मुख्य अर्चक सत्येंद्र दास ने बताया कि वैसे तो रामलला के दरबार में हर रोज बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं लेकिन, सावन मास में भक्तों में अधिक उत्साह रहा। औसतन 20 हजार भक्तों ने रोज दर्शन किया, प्रमुख तिथियों पर यह संख्या दो से तीन गुना तक बढ़ गयी। इस अवसर पर श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से भक्तों के लिए निशुल्क भोजन की भी व्यवस्था श्रीरामजन्मभूमि पथ पर की गयी थी।

    सत्येंद्र दास ने बताया कि भक्तों में राममंदिर निर्माण का साक्षी बनने की उत्सुकता भी नजर आ रही थी। बताया कि हर रोज शाम को रामलला के गर्भगृह में सांस्कृतिक आयोजनों ने भी आकर्षण बढ़ाया। सावन मेले में कई विशिष्ट हस्तियों ने भी अयोध्या पहुंचकर रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई थी।

    सावन की प्रमुख तिथियों पर भक्तों की संख्या
    पहला सोमवार-10 जुलाई-21542
    दूसरा सोमवार-17 जुलाई-22544
    तीसरा सोमवार- 24 जुलाई-28212
    चौथा सोमवार-31 जुलाई-27210
    पांचवा सोमवार-07 अगस्त-15400
    छठवां सोमवार-14 अगस्त-21230
    सातवां सोमवार-21 अगस्त-22540
    आठवां सोमवार-28 अगस्त-24575
    सावन तृतीया-19 अगस्त-29225
    नाग पंचमी-23 अगस्त-24655
    सावन एकादशी-26 अगस्त-32000
    सावन पूर्णिमा-30 अगस्त-42000

  • सदस्यता महा अभियान का हुआ आगाज , किसानों ने दर्ज कराई अपनी उपस्थिति  ।

    सदस्यता महा अभियान का हुआ आगाज , किसानों ने दर्ज कराई अपनी उपस्थिति  ।

    सदस्यता महा अभियान का हुआ आगाज , किसानों ने दर्ज कराई अपनी उपस्थिति  ।
    कमलेश यादव
    जखनियां गाजीपुर । भुडकुडा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा बारोड़ीह में सहकार से समृद्ध के सपने को साकार करने हेतु आज बी पैक्स सदस्यता महा अभियान आयोजन किया गया । इस अभियान की अध्यक्षता दयाशंकर सिंह ने किया , वहीं मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि सत्येंद्र प्रताप उर्फ मसाला सिंह और विशिष्ट अतिथि ए डी सी ओ  तहसील जखनिया रहे। वही नई सदस्यता लेने के लिए कई गांव से सदस्यता के लिए लोग इस अभियान में मौजूद रहे । वही ए डी ओ निरंकार मौर्य ने बताया कि इस समय सरकार का ध्यान सरकारी समितियां पर काफी जोरों पर है । इसमें कर्मचारियों की नियुक्ति बढ़ाई गई है , सभी समितियां को कंप्यूटराइज किया गया है किसानों से संबंधित जितना भी प्रोजेक्ट है उसे सरकारी सीमित से उचित मूल्य पर  प्राप्त कराया जाएगा । और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के संकल्प को पूर्ण करने में सहकारिता आंदोलन की महत्वपूर्ण भूमिका है । यह अभियान 1 सितंबर से 30 सितंबर तक महोत्सव के रूप में चलाया जाएगा । इस मौके पर सीमित अध्यक्ष भूलन सिंह और संचालक सदस्य प्रदीप सिंह अवधेश गिरी शीला देवी अवधेश गिरी अनिल सिंह टुनटुन सिंह सच्चिदानंद सिंह संजय यादव विजय जायसवाल ने अपना-अपना विचार प्रकट किया और किसने की उपस्थिति सम्मानजनक रही  ।
  • राजस्थान में महिलाओं पर बढ़ती हिंसा का जवाबदार कौन ?

    राजस्थान में महिलाओं पर बढ़ती हिंसा का जवाबदार कौन ?

    राजस्थान में महिलाओं पर बढ़ती हिंसा का जवाबदार कौन ?

    हाल ही में राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के धरियावाद में एक महिला को निर्वस्त्र कर घुमाने का मामला सामने आया है। पीड़िता के पति ने ही गांव वालों के सामने महिला को 1 किमी तक दौड़ाया। घटना 31 अगस्त की है। शुक्रवार को वीडियो  वायरल होने के बाद मामले का खुलासा हुआ। जानकारी के अनुसार, शादी के छह महीने बाद महिला पड़ोस के गांव ऊपला कोटा के एक युवक के साथ चली गई थी। महिला साल भर बाद 30 अगस्त को जब युवक के साथ वापस लौटी, तो उसके ससुराल वाले उसे जबरन अपने गांव पहाड़ा ले आए।
    इसके बाद पति ने गांव वालों के सामने ही उसके कपड़े उतारे और निर्वस्त्र कर घुमाया। जो वीडियो वायरल हुआ, उसमें वह जोर-जोर से चीख रही है और छोड़ देने की गुहार लगा रही है। इस दौरान गांव के कई लोग सिर्फ देखते रहे और वीडियो बनाते रहे, लेकिन किसी ने पति को नहीं रोका। महिला छह महीने की गर्भवती है।अभी तक के समाचारों के अनुसार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हस्तक्षेप के बाद पुलिसिया कार्यवाही चालू है व नामजद अपराधियों को पकड़ा भी गया है पर सवाल यह उठता है कि वहशी दरिंदों को ऐसी दरिंदगी करने की हिम्मत कहाँ से आती है ।

    हाल के कुछ दिनों की घटनाओं पर गौर करें तो राजस्थान में दिनों – दिन दिल को दहलाने वाली घटनाए घटती रहती है जिन्हें देख या सुन कर किसी भी सभ्य का दिल दहक सकता है । घटनाए कई है पर कुछ एक का वर्णनन जरुरी है जैसे क्या कोई कल्पना कर सकता है कि एक बच्ची को सामूहिक बलात्कार के बाद कोयला भट्टी में जला दिया जाए और मीडिया में, स्त्री विमर्श में सन्नाटा बना रहे? इस कदर सन्नाटा उन लेखकों के की बोर्ड में सहम कर बैठ जाए कि वह कुछ कह ही न पाएं। उनके पास विरोध के स्वर ही न रहें। इस कदर मौन धारण है कि जैसे कुछ हुआ ही नहीं। और वास्तव में उन लोगों के लिए तब तक कुछ नहीं होता है, जब तक आरोपी राज्य की सरकार उनके अपने एजेंडे वाली सरकार हो ।दिल को दहला देने वाली यह घटना हुई थी  कांग्रेस शासित राज्य राजस्थान में, जहां पर अभी हाल ही में मणिपुर में हुई घटनाओं के आधार पर मणिपुर में महिला सुरक्षा को लेकर केंद्र और मणिपुर राज्य सरकार की आलोचना हुई थी। और जब उन्हीं के मंत्री ने यह याद दिलाया था कि महिला सुरक्षा पर तो दरअसल राजस्थान को अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए तो उन्हें ही बर्खास्त कर दिया गया। सत्य की जीत कहने वाले कांग्रेस के नेताओं को सत्य ऐसा चुभा कि राजेन्द्र गुढ़ा मंत्रिमंडल से ही हटा दिया। उन्होंने एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा था कि राजस्थान महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों में सबसे ऊपर है। परन्तु राजस्थान की सरकार को यह सत्य बहुत चुभा था। फिर भी उसके बाद कई घटनाएं ऐसी हुईं जिन्होनें राजेन्द्र गुढ़ा की दावे पर अपनी दावे पर अपनी मोहर लगाई।

    और जो घटना प्रकाश में आई , वह भयानक है। वह वीभत्स भी है। वह ऐसी है जो हर कल्पना और हर शब्दों से परे है। इस घटना में एक चौदह वर्षीय बच्ची का सामूहिक बलात्कार किया गया और फिर जब यह लगा कि आरोपियों की पोल खुल जाएगी तो उन्होंने उसे जिंदा ही कोयले की भट्टी में डाल दिया। यह घटना इसलिए और भयावह है कि इसमें आरोपियों की पत्नियों ने ही उस बच्ची को जिंदा भट्टी में डाल दिया।

    इस घटना में बताया जा रहा है कि इस बच्ची पर आरोपियों की नजर पिछले 2 महीनों से थी और वह मौक़ा तलाश रहे थे। घटना वाले दिन जब उन्होंने उस बच्ची को अकेले मवेशी चराते हुए देखा तो उसे पकड़ लिया और उसके साथ बलात्कर किया । दोपहर में उसे बेहोश किया और जब उन्हें पता चल गया कि अब वह नहीं बचेंगे तो फिर उसे ठिकाने लगाने के लिए उनकी बीवीयां भी आगे आईं और उन्होंने ही भट्टी का दरवाजा खोलकर उस बच्ची को फेंक दिया। अधजला शव टुकड़े टुकड़े बरामद हुआ। यह घटना दिल को दहलाती है।

    राजस्थान में एक और ऐसी घटना हाल ही में हुई है, जो महिलाओं की आजादी और सुरक्षा पर एक बहुत बड़ा प्रश्न चिह्न लगाती है। परन्तु दुर्भाग्य से यह घटना तो एकदम ही विमर्श से बाहर रह गयी। इस घटना में कहा जा रहा है कि एक मुस्लिम महिला ने अपने घर के बाहर भाजपा का नाम लिखना और उसका चुनाव चिह्न लगाना भारी पड़ गया और भीड़ ने उसके घर पर हमला कर दिया। पहले घर का मुख्य दरवाजा खोला और फिर ऊपरी मंजिल पर बने कमरे का दरवाजा खोला और घसीट कर बाहर ले गयी और फिरकीचड़ में फेंककर लात घूंसों से मारा!

    परन्तु मणिपुर की घटना पर भाजपा को घेरने वाले या हमेशा सत्ता के विपक्ष में रहने का दावा करने वाले एक भी कथित रचनाकार ने इस घटना पर मुंह नहीं खोला है, वैसे भी भाजपा समर्थक महिलाओं के साथ की गयी हिंसा इनके लिए हिंसा नहीं होती है। यह याद रखा जाना चाहिए कि जब नुपुर शर्मा के खिलाफ सर तन से जुदा के नारे लग रहे थे, उस समय यह कथित महिला विमर्श करने वाले लोग कुछ भी नहीं बोले थे। उनके लिए बंगाल की वह एक भी महिला पीड़ित नहीं है, जो तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा चुनावी हिंसा का शिकार हुई थीं। उनके लिए किसी भी उस महिला की पीड़ा पीड़ा नहीं है जो उनके एजेंडे में नहीं आती है।

    एक बात  और राजस्थान की। जहां पर एक पंद्रह वर्ष की बच्ची के साथ बाड़मेर में बलात्कार होता है और बलात्कार के बाद राणा खान उसकी अश्लील तस्वीरें सोशल मीडिया पर जारी कर देता है। जब बच्ची के माता-पिता इसे देखते हैं तो चौंक जाते हैं और फिर बच्ची के द्वारा यह बताया जाता है कि राणा खान ने उसके साथ बलात्कार किया था। यह घटना भी अधिक पुरानी नहींहै, तभी की है, जब पूरे देश में मणिपुर के बहाने महिला सुरक्षा की बात की जा रही है। परन्तु इन घटनाओं पर बात नहीं होती। विमर्श नहीं होता। यहाँ तक कि राजस्थान के रचनाकार भी इन घटनाओं पर चुप रहते हैं। चुप रहने का सिलसिला 18 जुलाई को तो टूट ही नहीं सकता था जब यह समाचार आया था कि जोधपुर के एक स्कूल में एक चपरासी ने 7 साल की बच्ची के साथ लगभग 6 महीने तक बलात्कार किया था।

    ये हाल ही के मामले हैं। मगर ये मामले यहां पर थमते नहीं हैं। स्वयं को विमर्श का ठेकदार बताए जाने वालों की सोशल मीडिया पर इन घटनाओं पर चुप्पी साध लेते है । यह बात  कहीं न कहीं परेशान करती है कि आखिर क्या बात है कि पीड़ा को दलीय समर्थन के आधार पर आंका जा रहा है? आखिर क्या कारण है कि जिन दलों का कथित निष्पक्ष लोग समर्थन करते हैं, उनके नेताओं के शासन वाले राज्यों में महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों पर सभी  बुद्धिजीवी  मौन रहते हैं? ऐसा क्यों है?

    क्या हिन्दी का कथित प्रगतिशील वर्ग जो स्वयं को मात्र भाजपा विरोध या कहें हिन्दू विरोध की क्रान्ति तक सीमित रखता है , वह बंगाल में महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों पर मौन रहता है, बिहार में उसे दिखता नहीं है और राजस्थान में तो भट्टी वाली घटना पर मौन रहना ही सारी कहानी बयान कर रहा है! राजस्थान की महिलाओं का दर्द राजेन्द्र गुढ़ा को दिख सकता है, जब उनकी ही अपनी सरकार उन पर हमलावर हो गयी है तो कथित निष्पक्षता के ठेकेदारों की देहरी पर दर्द क्यों नहीं पहुंच रहा? या कहा जाए कि उन्होंने अपने दरवाजे बंद कर रखे हैं गैर भाजपा शासित राज्य की महिलाओं के प्रति? काश कि यह दायरे कथित निष्पक्षता में न होते, काश कि वह लोग उन महिलाओं की पीड़ा विमर्श में लाते, जो दिनों दिन दम तोड़ रही हैं! परन्तु यह काश काश ही बन कर रह जाएगा, यही प्रतीत होता है।