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  • गणेश चतुर्थी पर पहनना है कुर्ता तो देखें इन अभिनेताओं के लुक

    गणेश चतुर्थी पर पहनना है कुर्ता तो देखें इन अभिनेताओं के लुक

    गणेश चतुर्थी पर पहनना है कुर्ता तो देखें इन अभिनेताओं के लुक
    गणेश चतुर्थी का इंतजार हर कोई सालभर करता है। इस बार गणेश चतुर्थी यानि बप्पा का जन्मदिन 19 सितंबर को मनाया जाएगा। गणपति चतुर्थी पर कई बॉलीवुड और टीवी सेलेब्स से लेकर आम आदमी तक अपने घर बप्पा को लेकर आते हैं, जिसके बाद दस दिन के लिए बप्पा की स्थापना की जाती है।

    अनंत चतुदर्शी के दिन बप्पा को लोग नम आंखों से विदा करते हैं। इन दस दिनों तक जहां भी बप्पा स्थापित किए जाते हैं, वहां कई तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऐसे में लोग दस दिनों तक पांरपरिक रूप से तैयार होकर कार्यक्रमों में जाते हैं।

    महिलाओं के लिए तो कपड़ों का चयन करना आसान होता है लेकिन पुरुषों को ये समझ नहीं आता कि वो किस तरह के कपड़े पहनें। अगर आप इस गणेश चतुर्थी कुछ एथनिक पहनने का सोच रहे हैं तो कुर्ता पायजामा आपके लिए सही विकल्प है। आज के लेख में हम आपको कुछ अभिनेताओं के कुर्ता लुक्स दिखाने जा रहे हैं।

    वरुण धवन

    गणपति स्थापना के दिन आप वरुण धवन की तरह धोती कुर्ता पहन सकते हैं। ये देखने में काफी क्लासी लगता है और पूजा के लिए ये आउटफिट काफी कमाल का लगता है।

    कार्तिक आर्यन

    कार्तिक आर्यन के पास कुर्ते का काफी खूबसूरत कलेक्शन है। अगर आप कुछ एथनिक पहनने का सोच रहे हैं तो कार्तिक के कलेक्शन पर नजर डाल सकते हैं।

    सिद्धार्थ मल्होत्रा

    बॉलीवुड के हैंडसम हंक कहे जाने सिद्धार्थ के जैसा कुर्ता आप गणपति स्थापना के दिन पहन सकते हैं। ऐसा कुर्ता जींस के साथ भी काफी स्टाइलिश लगता है।

     

    शाहिद कपूर

    शाहिद कपूर का ऐसा एथनिक लुक काफी कमाल का होता है। ऐसे में आप अगर चाहें तो शाहिद की तरह ही इस पैंट के साथ कुर्ता पहन सकते हैं और उसके साथ दुपट्टा कैरी कर सकते हैं।

    सलमान खान

    इस तरह का फ्लोरल प्रिंट का कुर्ता देखने में काफी प्यारा लगता है। आप गणपति स्थापना दिवस के दिन आप फ्लोरल कुर्ता भी ट्राई कर सकते हैं।

    शोएब इब्राहिम

    इस तरह का कॉलर वाला कुर्ता देखने में काफी परफेक्ट लगता है। अगर आप कुछ अलग कलर ट्राई करना चाह रहे हैं तो ये एक बेहतर विकल्प है।

  • रूखे हाथों से हैं परेशान तो घर पर तैयार करें ये हैंड क्रीम, कुछ ही दिन में दिखेगा असर

    रूखे हाथों से हैं परेशान तो घर पर तैयार करें ये हैंड क्रीम, कुछ ही दिन में दिखेगा असर

    रूखे हाथों से हैं परेशान तो घर पर तैयार करें ये हैंड क्रीम, कुछ ही दिन में दिखेगा असर
    नई दिल्ली जब भी मौसम बदलता है तो लोग अपनी त्वचा का काफी ध्यान रखते हैं। खासतौर पर अगर बात करें महिलाओं की तो बदलते मौसम की वजह से हर महिला अपनी त्वचा पर ध्यान देने लगती है। चेहरे पर फोकस करते-करते कई बार वो हाथ और पैरों पर ध्यान देना तो भूल ही जाती हैं। ऐसे में सही देखभाल ना होने की वजह से हाथों की त्वचा काफी डल होने लगती है।

    हाथों को मुलायम बनाने के लिए कई तरह की क्रीम बाजार में मिलती हैं, जिनसे आपको राहत मिल सकती है लेकिन ये कई बार त्वचा को नुकसान भी पहुंचा देती हैं। बाजार में मिलने वाली हैंड क्रीम्स में ढेरों केमिकल्स पाए जाते हैं। ये त्वचा को खराब कर सकते हैं। ऐसे में लोग घरेलू नुस्खों पर ज्यादा भरोसा करते हैं। आज के लेख में हम आपको घर पर ही दो तरह की हैंड क्रीम बनाना सिखाएंगे, ताकि आपके हाथ मुलायम हो सकें।

    पहली हैंड क्रीम बनाने का सामान

    ग्लिसरीन
    शिया बटर
    नारियल तेल
    लैवेंडर ऑयल
    लेमन ऑयल

    विधि

    इस हैंड क्रीम को बनाने के लिए सबसे पहले गैस पर पानी उबालें। इस पानी में शिया बटर दो चम्मच, ग्लिसरीन और नारियल का तेल अच्छे से मिलाएं। इसके बाद इसमें लैवेंडर ऑयल और लेमन ऑयल को मिलाएं। जब ये अच्छे से मिल जाए तो इसे ठंडा होने के लिए फ्रिज में रख दें। आप इसे प्लास्टिक के कंटेनर में मिलाकर रख सकते हैं। अब रोज रात को इस क्रीम को हाथों पर लगाएं। इसे हमेशा फ्रिज में ही रखें।

    दूसरी क्रीम बनाने के लिए सामान
    एलोवेरा जेल
    शिया बटर
    कोको बटर
    अलसी का तेल
    एसेंशियल ऑयल

    इस दूसरी क्रीम को बनाने के लिए सबसे पहले एक बॉयलर में शिया और कोको बटर को अच्छे से पिघला लें। इसके बाद इसे हल्का ठंडा करें। अब इसमें जरूरत के हिसाब से ही दोनों तरह के तेल और एलोवेरा जेल मिलाएं।

    आप इसे मिक्सी की मदद से सही से मिला सकती हैं। इसे कांच में डिब्बे में बंद करके फ्रिज में रख लें। आप 6 महीने तक इसे स्टोर करके रख सकती हैं।

  • केंद्रीय मंत्री के रिश्तेदार ने की थी BJP कार्यकर्ता विनय की हत्या, ‘थार’ और जमीन…

    केंद्रीय मंत्री के रिश्तेदार ने की थी BJP कार्यकर्ता विनय की हत्या, ‘थार’ और जमीन…

    केंद्रीय मंत्री के रिश्तेदार ने की थी BJP कार्यकर्ता विनय की हत्या, ‘थार’ और जमीन…

    लखनऊ
    भाजपा कार्यकर्ता विनय श्रीवास्तव हत्याकांड में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। केंद्रीय मंत्री के रिश्तेदार ने भाजपा कार्यकर्ता विनय श्रीवास्तव की हत्या की थी। अब ऐसी आशंका बढ़ रही है कि विनय की हत्या के पीछे कोई बड़ी व निजी वजह है। फिलहाल पुलिस की विवेचना जारी है।

    भाजपा कार्यकर्ता विनय श्रीवास्तव हत्याकांड में एक बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने जिसको मुख्य आरोपी अंकित वर्मा बता विनय को गोली मारने का दावा किया था वह केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर का रिश्तेदार है। वह मंत्री की भाभी की बहन का बेटा है। मतलब विकास किशोर का मौसेरा भाई।

    अब ऐसी आशंका बढ़ रही है कि विनय की हत्या के पीछे कोई बड़ी व निजी वजह है। फिलहाल पुलिस की विवेचना जारी है। मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल, संदिग्धों की लोकेशन आदि खंगाली जा रही है। क्योंकि, तमाम सवाल अभी भी अनसुलझे हैं।

    ठाकुरगंज के फरीदीपुर इलाके में मंत्री कौशल किशोर के आवास पर 31 अगस्त को भाजपा कार्यकर्ता विनय श्रीवास्तव व उसके दोस्त मौजूद थे। एक सितंबर को तड़के विनय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने वारदात का खुलासा कर तीन आरोपियों अंकित वर्मा, अजय रावत और शमीम को गिरफ्तार किया था।

    दावा किया था कि जुए के विवाद में वारदात को अंजाम दिया गया। गोली अंकित वर्मा ने मारी थी। दो सितंबर को आरोपी कोर्ट में पेश किए गए थे। जहां से जेल भेजे गए थे। अब एक बड़ी जानकारी सामने आई।

    दरअसल आरोपी अंकित वर्मा मंत्री की भाभी की बहन का लड़का है। वह अपने मौसेरे भाई व मंत्री पुत्र विकास के साथ ही अधिकतर रहता था। वारदात की रात भी वह उसी आवास पर था। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उस पर कार्रवाई की थी।

    कहीं कोई निजी रंजिश तो नहीं
    विनय लंबे समय से मंत्री का करीबी था। विकास किशोर के साथ साए की तरह रहता था। उस पर मंत्री व विकास दोनों आंख बंद कर भरोसा करते थे। यही वजह है कि थार कार तक उसकी मां के नाम ली थी। अन्य कुछ जमीन उसके नाम पर खरीदने की भी बात सामने आ रही है।

    चूंकि आरोपी अंकित मंत्री का रिश्तेदार निकला है। ऐसे में अंदेशा ये भी हो गया है कि कहीं कोई उससे निजी रंजिश तो नहीं थी। जिसकी वजह से उसका कत्ल किया गया। पुलिस भले ही आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा कर चुकी है लेकिन अभी भी कई ऐसे पहलू हैं, जिन पर तफ्तीश हो रही है।

    दोस्तों के पास रहती थी पिस्टल
    सूत्रों के जरिये एक और अहम जानकारी सामने आई है। दरअसल विकास लाइसेंसी पिस्टल को लेकर पहले से ही लापरवाही बरतता रहा है। वह अपने दोस्तों को भी पिस्टल रखने को दे देता था। इसमें विनय भी शामिल है। उस दिन भी जब विकास दिल्ली गया तो दोस्तों को ही पिस्टल देकर गया था। हालांकि पुलिस का कहना था कि बेड पर तकिये के नीचे पिस्टल रखी थी। ये पिस्टल उसी में से किसी ने रखी थी।
    केंद्रीय मंत्री के घर कत्ल
    केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर के राजधानी के ठाकुरगंज स्थित आवास पर बृहस्पतिवार रात उनके बेटे विकास किशोर की लाइसेंसी पिस्टल से भाजपा कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई। शुक्रवार देर शाम पुलिस ने कार्यकर्ता के तीन दोस्तों को गिरफ्तार कर दावा किया कि नशेबाजी के बाद जुआ खेलने के विवाद में वारदात को अंजाम दिया गया।

    कौशल किशोर का बेटा विकास किशोर भाजपा में अनुसूचित मोर्चा में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष है। विकास के साथ फरीदीपुर निवासी विनय श्रीवास्तव (24) पिछले आठ साल से रह रहा था। वह बतौर भाजपा कार्यकर्ता काम करता था।

    ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर (जेसीपी) क्राइम आकाश कुलहरि के मुताबिक, बृहस्पतिवार रात मंत्री के ठाकुरगंज के बेगरिया रोड वाले नए आवास पर विनय अपने दोस्तों अंकित वर्मा, अजय रावत, शमीम वर्मा, सौरभ रावत व अरुण प्रताप सिंह के साथ था। देर रात तक सभी ने शराब पी और जुआ खेला।

    इस दौरान विनय से अंकित ने 12 हजार रुपये जीत लिए। उसके बाद सौरभ व अरुण वहां से चले गए। अंकित व अन्य दोनों ने जुआ खेलने से मना कर दिया। इस पर विनय भड़क गया और उन पर जुआ खेलने का दबाव बनाने लगा। जब वे नहीं माने तो दोस्तों में विवाद होने लगा। मारपीट भी हुई। इसी दौरान अंकित ने घर में रखी विकास की पिस्टल से विनय के माथे पर गोली मार दी। मौके पर ही विनय की मौत हो गई।

  • ग्राम प्रधान सहित नौ पदों पर हो रहा चुनाव, 11 बजे तक 24 फीसदी वोटिंग

    ग्राम प्रधान सहित नौ पदों पर हो रहा चुनाव, 11 बजे तक 24 फीसदी वोटिंग

    ग्राम प्रधान सहित नौ पदों पर हो रहा चुनाव, 11 बजे तक 24 फीसदी वोटिंग

    लखनऊ
    गोंडा जिले में आठ ग्राम पंचायतों के छह प्रधानों, दो क्षेत्र पंचायत सदस्यों को मिलाकर नौ पदों पर चुनाव हो रहा है जिसके लिए सुबह से मतदान जारी है।

    गोंडा जिले के चारों तहसीलों के आठ ग्राम पंचायतों में प्रधानों, क्षेत्र पंचायत व ग्राम पंचायत पद के लिए वोटिंग बुधवार सुबह सात बजे से हो रही है। 11 बजे तक कुल 24 फीसद वोटिंग हुई है। आठ ग्राम पंचायतों के छह प्रधानों, दो क्षेत्र पंचायत सदस्यों को मिलाकर नौ पदों पर चुनाव कराया जा रहा है।

     

    जिले के पंडरीकृपाल, झंझरी, कटराबाजार, वजीरगंज, मनकापुर और बभनजोत ब्लॉकों के दत्तनगर विसेन, फिरोजपुर, बरुई गोंदहा, रामपुर खरखटा, परसिया, करनूपु, कुड़वा जंगली और पिपरा माहिम में मतदान चल रहा है।

     

    सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नारायण ने बताया कि सुबह 11 बजे तक 24 फीसदी मतदान हो चुका है। शांतिपूर्ण मतदान चल रहा है। अपने तय समय पर मतदान शुरू कराया गया है। शाम पांच बजे तक मतदान कराया जाएगा। यहां बताना जरूरी है कि त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव के दौरान जिले में एक जिला पंचायत सदस्य, एक ग्राम प्रधान और तीन क्षेत्र पंचायत सदस्यों का पहले ही निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है।

     

     

  • घर-घर से मुट्ठी भर मिट्टी, चुटकी भर अक्षत का होगा संग्रह, कलश यात्रा की तैयारियों की हुई समीक्षा

    घर-घर से मुट्ठी भर मिट्टी, चुटकी भर अक्षत का होगा संग्रह, कलश यात्रा की तैयारियों की हुई समीक्षा

    घर-घर से मुट्ठी भर मिट्टी, चुटकी भर अक्षत का होगा संग्रह, कलश यात्रा की तैयारियों की हुई समीक्षा

    लखनऊ
    मुख्य सचिव ने ‘मेरी माटी मेरा देश’ के तहत कलश यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की। इसके तहत 11 सितंबर से 30 अक्तूबर तक देश व प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

    ‘मेरी माटी मेरा देश’ कार्यक्रम के तहत 11 सितंबर से 30 अक्तूबर तक देश व प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके तहत नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर मुट्ठी भर मिट्टी, चुटकी भर अक्षत (चावल) संग्रह किया जाएगा। कार्यक्रम में युवक मंगल दल, महिला मंगल दल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एनसीसी, एनएसएस, एनवाईके, स्काउट्स एंड गाईड, नागरिक सुरक्षा संगठन आदि का भी सहयोग लिया जाएगा।

     

     

    मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कार्यक्रम के तहत कलश यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सभी तैयारियों को समय से पूरा कराते हुये प्रदेश भर में भव्य आयोजन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर घर में उत्सव का माहौल पैदा किया जाए। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को स्वतंत्रता आंदोलन की प्रमुख घटनाओं एवं नायकों से परिचित कराया जाये।

     

    वहीं, अमृत कलश यात्रा 13 अक्तूबर से शुरू होगी। यात्रा के निर्धारित रास्ते पर लोगों का स्वागत पुष्प वर्षा से होगी। 27 अक्तूबर को लखनऊ स्थित झूलेलाल वाटिका में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। विशेष रेलगाड़ी से अमृत कलश यात्रा 28 अक्तूबर को दिल्ली जाएगी। 30 अक्तूबर को कर्तव्य पथ नई दिल्ली में कार्यक्रम का समापन समारोह का आयोजन होगा।

  • संसद के विशेष सत्र में आएगा महिला आरक्षण विधेयक!, मोदी सरकार का चुनाव से पहले राजनीतिक पैंतरा मान…

    संसद के विशेष सत्र में आएगा महिला आरक्षण विधेयक!, मोदी सरकार का चुनाव से पहले राजनीतिक पैंतरा मान…

    संसद के विशेष सत्र में आएगा महिला आरक्षण विधेयक!, मोदी सरकार का चुनाव से पहले राजनीतिक पैंतरा मान…

    लखनऊ
    केंद्र सरकार ने 18-22 सितंबर के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाया है। इसका विस्तृत कार्यक्रम अब तक जारी नहीं किया गया है। लेकिन, विपक्षी दलों का मानना है कि लोकसभा चुनाव में अपना पलड़ा भारी करने के लिए भाजपा एक से अधिक विधेयक ला सकती है।

    मोदी सरकार संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण विधेयक ला सकती है। विपक्षी गठबंधन इंडिया के घटक दलों को इसकी आहट है और इस पर अपनी सार्वजनिक प्रतिक्रिया देने से पहले उन्हें आरक्षण के फॉर्मूले को सामने रखे जाने का इंतजार है।

    हालांकि, उनका मानना है कि सत्ताधारी दल ने अपेक्षाकृत अधिक मतदाता संख्या वाले लोकसभा क्षेत्र में दो सदस्य (एक महिला व एक पुरुष) चुनने की व्यवस्था कर इस आरक्षण को लागू करने की पूरी तैयारी कर ली है।

    केंद्र सरकार ने 18-22 सितंबर के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाया है। इसका विस्तृत कार्यक्रम अब तक जारी नहीं किया गया है। लेकिन, विपक्षी दलों का मानना है कि लोकसभा चुनाव में अपना पलड़ा भारी करने के लिए भाजपा एक से अधिक विधेयक ला सकती है।

    इनमें सबसे ज्यादा लोकलुभावन महिला आरक्षण विधेयक माना जा रहा है। इस बारे में इंडिया के घटक दलों के शीर्ष नेताओं ने मंथन शुरू कर दिया है। विपक्षी नेताओं को आशंका है कि सत्ताधारी दल सियासी लाभ के लिए अपने मुफीद कोई फॉर्मूला ला सकता है।
    उपराष्ट्रपति के बयान से मिला बल
    उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के उस बयान से विशेष सत्र में महिला आरक्षण विधेयक लाए जाने की चर्चा को और बल मिला है, जिसमें उन्होंने कहा है कि वो दिन बहुत नजदीक है, जब संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को बराबर प्रतिनिधित्व मिलेगा।
    केसीआर की बेटी ने सपा समेत 47 दलों से की समर्थन की अपील
    बीआरएस नेता और तेलंगाना के सीएम केसी राव की बेटी कविता ने सपा समेत 47 राजनीतिक दलों को पत्र भेजकर अपील की है कि विशेष सत्र में लंबे समय से अटके महिला आरक्षण विधेयक को पारित कराने में मदद करें।
    बता दें, यह बिल वर्ष 2010 में यूपीए सरकार ने राज्यसभा से पास करा लिया था, लेकिन क्षेत्रीय दलों के विरोध से लोकसभा में पास नहीं हो सका था। सपा, राजद समेत कई दलों का तर्क था कि महिला आरक्षण में भी ओबीसी व एससी-एसटी की महिलाओं को आरक्षण मिले, वरना इन सीटों पर सामान्य वर्ग ही काबिज हो जाएगा।
    इंडिया के घटक दलों में सामने आ सकते हैं मतभेद
    महिला आरक्षण के मुद्दे पर इंडिया के घटक दलों में मतभेद सामने आ सकते हैं। क्योंकि, कांग्रेस जहां महिला आरक्षण का पहले ही समर्थन कर चुकी है, वहीं इंडिया में शामिल कई क्षेत्रीय दलों की मांग है कि महिला आरक्षण के भीतर जातिगत आरक्षण मिलना चाहिए।
    संसद के विशेष सत्र में महिला विधेयक लाए जाने की संभावना है। हम इस मामले में सरकार की ओर से आधिकारिक स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद ही अपना मत देंगे। चोर दरवाजे से अधिक सीटें हासिल करने की सत्ताधारी दल की किसी भी जुगत को सफल नहीं होने दिया जाएगा। – संजय लाठर, सपा नेता व पूर्व नेता प्रतिपक्ष, विधान परिषद

  • भारत बनाम इंडिया पर विवाद: मायावती बोलीं, देश के नाम पर बने संगठनों पर रोक लगाए सुप्रीम कोर्ट

    भारत बनाम इंडिया पर विवाद: मायावती बोलीं, देश के नाम पर बने संगठनों पर रोक लगाए सुप्रीम कोर्ट

    भारत बनाम इंडिया पर विवाद: मायावती बोलीं, देश के नाम पर बने संगठनों पर रोक लगाए सुप्रीम कोर्ट

    लखनऊ
    बसपा सुप्रीमो मायावती ने बुधवार को देश के नाम इंडिया को लेकर चल रहे विवाद पर बयान दिया है। उन्होंन कहा कि यह सत्ता पक्ष व विपक्ष की मिलीभगत है।

    बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि अब भारत बनाम इंडिया के मामले पर पक्ष और विपक्ष दोनों ही घिनौनी राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को देश का नाम बदलने की स्थिति से पहले करना यह चाहिए था कि जब विपक्ष ने अपने संगठन का नाम इंडिया रखा था तभी उसे पर रोक लगनी चाहिए थी। इसके विरोध में सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए था या फिर कानून लाकर इस पर प्रतिबंध लगाना चाहिए था। अब दोनों ही इस पर राजनीति कर रहे हैं।

     

    उन्होंने कहा कि देश के नाम पर इस तरह की राजनीति बिल्कुल ठीक नहीं है। सुप्रीम कोर्ट को इसका संज्ञान लेना चाहिए और इस पर कार्रवाई करनी चाहिए। कोई भी गठबंधन देश के नाम पर अपना नाम न रखें। इससे देश की छवि प्रभावित होती है।उन्होंने कहा कि संविधान से छेड़छाड़ ठीक नहीं। यह जो भी कुछ हो रहा है वह सत्ता और विपक्ष जानबूझकर कर रहे हैं।

     

    बता दें कि केंद्र सरकार ने देश के नाम इंडिया की जगह भारत को प्रचलन में लाने की शुरुआत कर दी है। इसे लोकसभा चुनाव 2024 के लिए विपक्षी गठबंधन के नाम इंडिया से भी जोड़कर देखा जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि मोदी सरकार विपक्षी गठबंधन से इतना डर गई है कि अब देश का ही नाम बदल देना चाहती है। जबकि संविधान के पहले ही अनुच्छेद में लिखा है कि इंडिया दैट इज भारत…।

    कयास लगाए जा रहे थे कि मायावती विपक्षी गठबंधन इंडिया में शामिल हो सकती हैं पर उन्होंने अभी तक इससे खुद को दूर रखा है और सभी विधानसभा चुनाव व लोकसभा चुनाव 2024 अकेले लड़ने का एलान किया है।

  • CM योगी ने की PM मोदी से मुलाकात, राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने का दिया न्योता

    CM योगी ने की PM मोदी से मुलाकात, राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने का दिया न्योता

    CM योगी ने की PM मोदी से मुलाकात, राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने का दिया न्योता

    लखनऊ
    श्रीराम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां तेज हो गई हैं। सीएम योगी ने प्रधानमंत्री को अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर बन रहे भव्य राम मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए आमंत्रित किया।

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    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। सीएम योगी ने प्रधानमंत्री को अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर बन रहे भव्य राम मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए आमंत्रित किया। दोनों के बीच प्रदेश सरकार के कामकाज सहित अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई। श्रीराम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा 15 से 24 जनवरी 2024 के बीच प्रस्तावित है।

     

    50 एकड़ में संजोया जाएगा मंदिरों का इतिहास
    देशभर के प्रसिद्ध मंदिरों के इतिहास को प्रदर्शित करने के लिए अयोध्या में एक विश्व स्तरीय टेंपल म्यूजियम बनाने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। मंदिरों का यह अनूठा संग्रहालय 50 एकड़ में बनाया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने चार स्थानों पर जमीन तलाशी है। दिल्ली में हुई बैठक में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा पर भी चर्चा की गयी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पीएम मोदी ने अयोध्या विजन के कार्यों की भी जानकारी ली। अयोध्या में चल रहे विकास कार्यों को लेकर कमिश्नर व डीएम ने एक रिपोर्ट प्रस्तुत की।

    मंगलवार को दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी टेंपल म्यूजियम के निर्माण की अनुमति मिल गई है। प्रदेश सरकार की तरफ से इस बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नगर विकास मंत्री अरविंद शर्मा भी मौजूद थे। इनके अलावा जिले से कमिश्नर गौरव दयाल, डीएम नितीश कुमार बैठक में शामिल हुए थे। प्रधानमंत्री आवास पर शाम छह बजे शुरू हुई ये बैठक एक घंटा 10 मिनट चली।

    अधिकारियों ने अयोध्या में चल रहे कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी पीएम के समक्ष प्रस्तुत की। बैठक में अयोध्या में टेंपल म्यूजियम बनाने के प्रस्ताव पर पीएम व सीएम दोनों ने मुहर लगा दी है। डीएम नितीश कुमार ने बताया कि मंदिर संग्रहालय बनाने के लिए नयाघाट से गुप्तारघाट के बीच जमीन देखी गई है। ब्रह्मकुंड गुरूद्वारा के पास भी एक जमीन चिन्हित की गई है। साथ ही नव्य अयोध्या योजना में भी जमीन देखी जा रही है। जहां जमीन चिन्हित की जाएगी वहां की मिट्टी की क्षमता जांचने के बाद काम शुरू होगा।

    जिलाधिकारी ने बताया कि संग्रहालय में मंदिर के विभिन्न पहलुओं जैसे उसके डिजाइन, निर्माण आदि को प्रदर्शित करने वाली अलग-अलग दीर्घाएं होंगी। इनमें देश के प्रसिद्ध मंदिरों की विशिष्टताओं और वास्तुकला को चित्रों और भित्ति चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें लाइट एंड साउंड शो भी आयोजित किया जाएगा। संग्रहालय में मंदिरों के प्राचीन मॉडल भी होंगे। डीएम ने कहा कि इस संग्रहालय का मुख्य उद्देश्य हिंदू धर्म और इसकी विरासत के बारे में जागरूकता लाना है।

     

  • शहर में चलाने के लिए लॉन्च हुआ नया इलेक्ट्रिक स्कूटर, कितनी है रेंज और कैसे हैं फीचर्स

    शहर में चलाने के लिए लॉन्च हुआ नया इलेक्ट्रिक स्कूटर, कितनी है रेंज और कैसे हैं फीचर्स

    शहर में चलाने के लिए लॉन्च हुआ नया इलेक्ट्रिक स्कूटर, कितनी है रेंज और कैसे हैं फीचर्स
    नई दिल्ली
    शहर में चलाने के लिए एक और नया इलेक्ट्रिक स्कूटर भारतीय बाजार में लॉन्च हो गया है। नए स्कूटर में कैसे फीचर्स हैं और कितनी रेंज है। आइए जानते हैं।

    इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट में लगातार नए उत्पाद लॉन्च हो रहे हैं। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि कम कीमत वाले एक और नए इलेक्ट्रिक स्कूटर को किस कंपनी ने भारतीय बाजार में लॉन्च किया गया है। इस स्कूटर में कितनी रेंज और कैसे फीचर्स मिलते हैं। इसकी जानकारी भी हम आपको इस खबर में दे रहे हैं।

     

     

     

     

    लॉन्च हुआ नया स्कूटर
    भारतीय बाजार में एक और नए इलेक्ट्रिक स्कूटर को लॉन्च कर दिया गया है। BGAUSS की ओर से लॉन्च किए गए इस नए इलेक्ट्रिक स्कूटर को शहर में चलाने के मुताबिक डिजाइन किया गया है। कंपनी की ओर से इसे कुल दो वैरिएंट्स में लॉन्च किया गया है।

     

    कितनी दमदार मोटर और बैटरी
    कंपनी की ओर से नए स्कूटर में सी12आई लिथियम आयन एलएफपी बैटरी के साथ लाया गया है। इसे फुल चार्ज करने में तीन घंटे का समय लगता है और एक बार फुल चार्ज के बाद इस स्कूटर को 85 किलोमीटर तक चलाया जा सकता है। इसमें 2500 वाट की मोटर को पिछले पहिए में लगाया गया है।

     

    कैसे हैं फीचर्स
    कंपनी की ओर से इस स्कूटर में 23 लीटर का बूट स्पेस दिया गया है। इसके अलावा इसमें एलईडी लाइट्स, फ्रंट स्टोरेज, यूएसबी चार्जर, सीबीएस ब्रेकिंग, ईको और स्पोर्ट्स मोड, 155 एमएम की ग्राउंड क्लियरेंस, साइड स्टैंड सेंसर जैसे कई फीचर्स को दिया गया है।

     

    कितनी है वारंटी
    कंपनी की ओर से सी12 इलेक्ट्रिक स्कूटर पर तीन साल या 36 हजार किलोमीटर की वारंटी दी गई है। इसके साथ ही ग्राहक वारंटी को पांच साल और 50 हजार किलोमीटर तक बढ़ा सकते हैं। बाजार में इस स्कूटर का मुकाबला ओला, एथर, जॉय इलेक्ट्रिक, ओकिनावा, हीरो इलेक्ट्रिक जैसी कंपनियों के इलेक्ट्रिक स्कूटर के साथ होगा।

  • इस विटामिन की कमी बढ़ा रही है गंभीर मस्तिष्क रोग का जोखिम, 60 साल की उम्र तक जा सकती है याददाश्त

    इस विटामिन की कमी बढ़ा रही है गंभीर मस्तिष्क रोग का जोखिम, 60 साल की उम्र तक जा सकती है याददाश्त

    इस विटामिन की कमी बढ़ा रही है गंभीर मस्तिष्क रोग का जोखिम, 60 साल की उम्र तक जा सकती है याददाश्त
    हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Tue,
    अल्जाइमर रोग और डिमेंशिया, तेजी से बढ़ती मस्तिष्क से संबंधित समस्याएं है, 60 साल की उम्र आते-आते इन रोगों का जोखिम काफी बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण इस रोग का खतरा अधिक देखा जा रहा है। यह बीमारी आपके सोचने-समझने और तर्क करने की क्षमता को प्रभावित करने वाली मानी जाती है, यही कारण है कि कम उम्र से ही इससे बचाव के लिए प्रयास करते रहने की आवश्यकता है।

    अध्ययनकर्ताओं ने बताया, कुछ विटामिन्स की कमी भी आपमें डिमेंशिया रोग के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती है, इसपर ध्यान देना बहुत आवश्यक हो जाता है।

    विटामिन बी-12 और डिमेंशिया का खतरा

    स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डिमेंशिया मानसिक स्वास्थ्य की उन जटिलताओं को संदर्भित करता है जिसमें सोच या स्मृति प्रभावित हो जाती है। अध्ययनकर्ताओं की टीम ने पाया कि विटामिन-बी12 की कमी डिमेंशिया के प्रमुख कारणों में से एक है, यह अल्जाइमर रोग और नार्मल प्रेशर हाइड्रोसिफ़लस (एनपीएच) का भी कारण बन सकती है। यानी कि अगर आहार में विटामिन-बी12 वाली चीजों की मात्रा को बढ़ाया जाए तो इससे इस गंभीर मानसिक रोग के जोखिम को कम किया जा सकता है।

    शोधकर्ताओं का कहना है कि कम उम्र से ही आहार में इस विटामिन की मात्रा को बढ़ाना सेहत के लिए कई प्रकार से लाभकारी है, ये बुढ़ापे में आपके मस्तिष्क को भी स्वस्थ रखने में सहायक होगी।

    विटामिन-बी12 को आहार में करें शामिल –
    विटामिन-बी12 को आहार में शामिल करना बहुत आवश्यक

    अमेरिकन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी के मेडिकल जर्नल में प्रकाशित शोध में वैज्ञानिकों ने बताया कि हमारे निष्कर्ष अल्जाइमर रोग के बढ़ते जोखिम वाले लोगों की पहचान करने के लिए विटामिन-बी12 की कमी को एक मार्कर के तौर पर भी देखने की तरफ संकेत देते हैं। बड़ी संख्या में बुजुर्गों में विटामिन-बी12 का निम्न स्तर देखा जा रहा है। हालांकि, याददाश्त की कमी के जोखिमों को कम करने के लिए विटामिन-बी12 सप्लीमेंट्स की उपयोगिता के लिए जो परिणाम देखे गए हैं वो काफी मिले-जुले से हैं।

    अल्जाइमर रोग के मार्करों के बारे में जानिए
    अध्ययन में क्या पता चला?

    सात साल के अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने 65-79 वर्ष की आयु के 271 लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए, अध्ययन की शुरुआत में किसी भी प्रतिभागी को डिमेंशिया की समस्या नहीं थी। समय के साथ अध्ययन के दौरान 17 लोगों को अल्जाइमर रोग विकसित हुआ। ऐसे लोगों की जांच में होमोसिस्टीन के बढ़े स्तर के बारे में पता चला जो विटामिन-बी12 से जुड़ा एक अमीनो एसिड है।

    रक्त में होमोसिस्टीन के बढ़े हुए स्तर के कारण मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव हो सकता है जो स्ट्रोक जैसी समस्याओं के जोखिम को बढ़ा देती है। शोधकर्ताओं ने पाया कि विटामिन-बी12, होमोसिस्टीन को कम कर सकता है।

     

    आहार में शामिल करें विटामिन बी वाली चीजें
    क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?

    अध्ययनकर्ता कहते हैं, उम्र, लिंग, शिक्षा, धूम्रपान की स्थिति, रक्तचाप और बॉडी मास इंडेक्स जैसे अन्य कारक भी मस्तिष्क से संबंधित इस विकार को बढ़ाने वाले हो सकते हैं, इनपर भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण हो जाता है। अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसे रोगों के खतरे को कम करने के लिए आहार में सुधार करना बहुत जरूरी है, विशेषतौर पर विटामिन बी-12। इसे आप आसानी से आहार के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।

    हालांकि इस विटामिन का सप्लीमेंट क्या इस रोग के खतरे को भी कम कर सकता है, यह अध्ययन का विषय है।

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