Author: News Editor

  • मुरझा रही हैं प्लांट्स की पत्तियां तो ऐसे करें उनकी देखभाल, फिर से हो जाएंगे हरे-भरे

    मुरझा रही हैं प्लांट्स की पत्तियां तो ऐसे करें उनकी देखभाल, फिर से हो जाएंगे हरे-भरे

    मुरझा रही हैं प्लांट्स की पत्तियां तो ऐसे करें उनकी देखभाल, फिर से हो जाएंगे हरे-भरे

    प्लांट्स की पत्तियों के पीले पड़ने और प्लांट्स के मुरझाने का कारण पता चल जाए तो इनको मरने से बचाया जा सकता है। ऐसे में अगर आपने भी अपने घरों में प्लांट्स लगा रहे हैं और उनकी पत्तियां पीली पड़ रही हैं। तो सबसे पहले ऐसा होने का कारण जानना जरूरी है।
    हमारे घरों के आसपास मौजूद हरे-भरे पौधे कितने ज्यादा खूबसूरत लगते हैं। लेकिन जब इनकी पत्तियां मुरझाने लगती हैं और प्लांट्स पीले पड़ने लगते हैं। तो यह अच्छे नहीं लगते हैं। लेकिन अगर इनकी पत्तियों के पीले पड़ने और प्लांट्स के मुरझाने का कारण पता चल जाए तो इनको मरने से बचाया जा सकता है। हालांकि कई बार हमें इसका कारण नहीं पता होता है कि ऐसा क्यों हो रहा है। अगर प्लांट की पत्तियां पीली हो रही हैं, तो इन्हें प्लांट से अलग कर दें। पत्तों के पीले होने का मतलब है कि वह अपना क्लोरोफिल यानि पिग्मेंट खो चुके हैं।

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    बता दें कि एक बार पत्तियों का पिग्मेंट चला जाए तो उसे वापस नहीं पाया जा सकता है। ऐसे में अगर आपने भी अपने घरों में प्लांट्स लगा रहे हैं और उनकी पत्तियां पीली पड़ रही हैं। तो सबसे पहले ऐसा होने का कारण जानना जरूरी है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप प्लांट की हेल्थ के लिए क्या-क्या कर सकते हैं।
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    कीट की वजह से पीली होती हैं पत्तियां

    पौधे की हेल्थ पर घर के अंदर की हवा भी प्रभाव डालता है। क्योंकि हवा ड्राई होती है तो पौधे में कीट काफी जल्दी लगते हैं। जिसके कारण पौधों में स्पाइडर माइट्स लगने लगते हैं। यह पत्तों के रस को चूसकर डिस्कलरेशन करता है। इसलिए सबसे पहले यह देख लें कि पत्तियों के नीचे महीन जाले तो नहीं लगे हैं। कीटनाशक सोप की मदद से एफिड्स और माइट्स को खत्म किया जा सकता है। इसके बाद घर के पौधों के आसपास नमी के स्तर को भी ह्यूमिडिफायर की मदद से बढ़ाया जा सकता है।

    न्यूट्रिएंट्स की कमी से पीली होती हैं पत्तियां

    मिट्टी से पौधों को सभी आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं। यही वजह है कि पौधे को खाद और पानी देने की सलाह दी जाती है। लेकिन अगर इसके बाद भी प्लांट्स की पत्तियां पीली पड़ रही हैं, तो यह पौधे में पोषक तत्व की संकेत की कमी की तरफ इशारा करते हैं। पौधे की पुरानी पत्तियां पीली होने के साथ नई पत्तियां हल्की हरी हैं, तो यह नाइट्रोजन की कमी का संकेत हो सकता है। इसलिए पौधे को पर्याप्त मात्रा में नाइट्रोजन दें और प्लांट्स को खराब होने से बचाएं।

    धूप की कमी

    कुछ पौधों को धूप की ज्यादा आवश्यकता नहीं होती है। लेकिन इसके बाद भी उन प्लांट्स को थोड़ी देर धूप में रखना चाहिए। क्योंकि धूप पौधों को बढ़ाने में मदद करती हैं। ज्यादातर शेड में रहने वाले पौधों की पत्तियां पीली पड़ जाती हैं। इसलिए हर दिन 4-5 घंटे के लिए पौधों को धूप में जरूर रखें। पौधे को कई बार अचानक धूप में रखने से एडजस्ट होने में परेशानी हो सकती है। इसलिए थोड़ा सा वक्त लेने के बाद पौधा हेल्दी हो जाता है।

    एजिंग की वजह से पीली हो सकती है पत्तियां

    जिस तरह से उम्र बढ़ने पर हमारी स्किन पर इसका असर देखने को मिलता है। ऐसा ही प्लांट्स के साथ भी होता है। कई पौधों का एजिंग के कारण क्लोरोफिल खत्म होने लगता है, साथ ही उनकी पत्तियां भी पीली दिखने लगती है। इस कारण पौधों की पत्तियां खुद गिरने लगती हैं। हालांकि यह एक सामान्य प्रक्रिया भी होती है। लेकिन अगर आपका प्लांट मुरझाया हुआ है, तो इसके विकास के लिए मुख्य तने को थोड़ा- थोड़ा ट्रिम करके देखें।

    ज्यादा या कम पानी

    भले ही आपका पौधा हाई मेंटेनेंस वाला होता है, तो उसे ज्यादा पानी नहीं देना चाहिए। क्योंकि ज्यादा पानी मिट्टी के न्यूट्रिएंट्स भी खराब करता है। इसके कारण पौधों को नुकसान भी होता है। ऐसे में अगर आपके प्लांट्स की पत्तियां पीली हो रही हैं, तो प्लांट थेरेपिस्ट की भूमिका से आपको पता चलेगा कि पौधे को बहुत अधिक या बहुत कम पानी के कारण भी तनाव होता है। पौधे की नमी को देखने के लिए मिट्टी को उंगली से एक इंच तक दबाकर देखें। मिट्टी के आसानी से दबने का मतलब है कि मिट्टी नम है। ऐसे में पौधे को पानी की जरूरत नहीं है।

    रीपॉटिंग भी हो सकती है वजह

    कई बार पौधे की पत्तियां रीपॉटिंग के दौरान भी पीली पड़ सकती हैं। जब आप नर्सरी से नए पौधे घर रोपते हैं, तो हो सकता है इसकी पत्तियां पीली पड़ जाती हैं। क्योंकि पौधा नए परिवेश में एडजस्ट होने के लिए समय लेते हैं। ऐसे में आप पौधे को उसकी जड़ों को जमने और पोषक तत्वों का स्रोत नई मिट्टी में खोजने का समय दें। इस दौरान पौधे को खाद नहीं देनी चाहिए। नए पौधे को एडजस्ट का समय देने के साथ ही रीपॉटिंग के लिए लगभग एक सप्ताह तक प्रतीक्षा करें।

  • बाराबंकी में हाहाकार: मोहल्ले बने टापू, हर तरफ पानी ही पानी, लोग भूख प्यास से बेहाल, रेस्क्यू हुआ मुश्किल

    बाराबंकी में हाहाकार: मोहल्ले बने टापू, हर तरफ पानी ही पानी, लोग भूख प्यास से बेहाल, रेस्क्यू हुआ मुश्किल

    बाराबंकी में हाहाकार: मोहल्ले बने टापू, हर तरफ पानी ही पानी, लोग भूख प्यास से बेहाल, रेस्क्यू हुआ मुश्किल

    चौबीस घंटे की बारिश के बाद बाराबंकी शहर के हालात बेकाबू हो गए हैं। शहर के हजारों घरों में जहां पानी भर गया है वहीं सैकड़ों परिवार सड़क पर आ गए हैं। लोग दुकान के बरामदों, ओवरब्रिज के नीचे आश्रय लिए हुए हैं। मुख्य सड़क समेत आधा दर्जन सड़कों पर आवागमन बंद कर दिया गया है जबकि अधिकतर सड़कें पहले से जलमग्न है। रेल और बस सेवाएं भी प्रभावित हैं। पूरी रात रेस्क्यू चलता रहा। ढाई सौ से अधिक लोगों को जवानों द्वारा निकाला गया।

    बारिश थमने के बाद भी बाहरी क्षेत्र से आए पानी से शहर में हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। सोमवार को रात और फिर पूरा दिन ही बारिश के बाद पूरे शहर में जलभराव हो गया था। जमुरिया नाला के किनारे बसे 500 घरों में पानी भर गया था। सोमवार को दिन भर 600 लोगों को स्टीमर से रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया लेकिन रात में हालात और बिगड़ते चले गए।

    सोमवार शाम तेज बारिश बंद होने के बाद हालात सुधरने की बजाय बिगड़ते चले गए। रात में शहर के बीच से गुजरा जमुरिया नाले का पानी पुलों के ऊपर से बहने लगा। कमरियाबाग, अभयनगर, हड्डीगंज, नईबस्ती, सत्य प्रेमी नगर समेत शहर के आधे से अधिक मोहल्ले टापू बन गए हैं।
    पानी लगातार बढ़ता ही जा रहा है। सभी सड़के पानी में डूबी हुई है। शहर के बीच से गुजरे लखनऊ अयोध्या हाईवे पर पानी भरने से आवागमन पर रोक लगा दी गई है। देवा रोड खुला है मगर इस रोड से शहर के अंदर जाने वाली सभी सड़कों पर आवागमन रोक दिया गया है।
    छाया चौराहा, राजकमल रोड, कमरियाबाग, सत्यप्रेमीनगर, पीरबटावन, दशहराबाग खलारिया, श्रीनगर जैसी कॉलोनी में जाने वाली सड़कों पर बैरियर लगाकर आवागमन बंद कर दिया गया है। पुलिस तैनात कर दी गई है। शहर के सभी स्कूलों में पानी भरा है और स्कूल पहले से ही बंद है। भीषण जलप्लावन के कारण सुबह शहर के मुख्य बाजार की इक्का दुक्का दुकानें खुली है। लोग दूध और अन्य जरूरी सामान के लिए भटकते रहे। शहर का कमरियाबाग का मुख्य कब्रिस्तान जलमग्न हो गया है।

    राहत और बचाव कार्य भी मुश्किल हो रहे हैं। वहीं, बाढ़ से ज्यादा प्रभावित हुए मोहल्ले के लोग सड़क पर आ गए हैं। तमाम लोग देवा रोड पर ओवर ब्रिज के नीचे मकान के बरामदों और दुकानों में शरण लिए हैं।
  •  पुलिस कर्मियों को मिलेगा 500 रुपये मोटरसाइकिल भत्ता, बुंदेलखंड में बनेगा औद्योगिक विकास प्राधिकरण

     पुलिस कर्मियों को मिलेगा 500 रुपये मोटरसाइकिल भत्ता, बुंदेलखंड में बनेगा औद्योगिक विकास प्राधिकरण

     पुलिस कर्मियों को मिलेगा 500 रुपये मोटरसाइकिल भत्ता, बुंदेलखंड में बनेगा औद्योगिक विकास प्राधिकरण

    यूपी कैबिनेट की मंगलवार को हुई बैठक में 19 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में आरक्षी एवं मुख्य आरक्षी को 500 रुपये मोटरसाइकिल भत्ता देने के निर्णय को मंजूरी दी गई है।

    उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात आरक्षी एवं मुख्य आरक्षी को 500 रुपये मोटरसाइकिल भत्ता दिया जाएगा। मंगलवार को कैबिनेट ने इसके प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी। बता दें कि पहले आरक्षी एवं मुख्य आरक्षी को 200 रुपये साइकिल भत्ता दिया जाता था, जिसे मोटरसाइकिल भत्ते में परिवर्तित करने के साथ 500 रुपये प्रतिमाह की धनराशि देने की मंजूरी प्रदान की गई है। इससे राज्य सरकार पर 6.78 करोड़ रुपये अतिरिक्त वार्षिक व्ययभार आने का अनुमान है। बैठक में बुंदेलखंड में औद्योगिक विकास प्राधिकरण के गठन का निर्णय भी लिया गया।

    वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कैबिनेट में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वित्त विभाग के वर्ष 2018 के शासनादेश के मुताबिक प्रदेश के समस्त विभागों के साइकिल भत्ता के लिए पात्र कर्मियों के लिए 200 रुपये की धनराशि का प्राविधान किया गया था। अन्य राजकीय विभागों के समकक्ष कर्मियों, जिन्हें साइकिल भत्ता अनुमन्य है, से पुलिस विभाग के आरक्षी एवं मुख्य आरक्षी के पृथक कार्यदायित्व के दृष्टिगत अल्प समय में घटनास्थल, विभिन्न प्रकार की अति महत्वपूर्ण ड्यूटी पर पहुंचना होता है, जो वर्तमान हालात में साइकिल से संभव नहीं है। लिहाजा, कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए साइकिल के स्थान पर मोटरसाइकिल के प्रयोग व इसके लिए उन्हें साइकिल भत्ते के स्थान पर मोटरसाइकिल भत्ता देने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है। 

     

    बैठक में इन प्रस्तावों को मिली मंजूरी:
    – 
    बैठक में बुंदेलखंड में औद्योगिक विकास प्राधिकरण के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके लिए 33 राजस्व गांवों की जमीन खरीदी जाएगी। इसका निर्माण 14 हजार एकड़ भूमि पर किया जाएगा जिसमें से 8 हजार एकड़ भूमि ग्राम समाज की है। प्राधिकरण का निर्माण झांसी ग्वालियर मार्ग पर किया जाएगा।
    – अयोध्या में टूरिस्ट फैसिलेशन सेंटर के लिए मंजूरी दी गईं है।
    – धान खरीद नीति को मंजूरी दी गई।
    – आकांक्षी विकास खण्ड की तर्ज पर 100 नगर निकाय में आकांक्षी नगर निकाय योजना लागू होगी। इन नगर निकायों को 2026 तक विकसित किया जाएगा। इसके बाद फिर 100 निकायों का चयन होगा। इसके तहत 32 मानकों पर कार्य किया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन के लिए 100 सीएम फैलो नियुक्त किए जाएंगे।
    – योजना के तहत 20 हजार से एक लाख आबादी वाले निकाय का चयन किया गया है।
    – पुलिस के आरक्षी और हेड कांस्टेबल का साइकिल भत्ता 200 से बढ़ाकर 500 रुपये किया गया।
    – संभल, औरैया में पुलिस लाइन बनाई जाएगी।
    – पुलिस लाइन में शहीद स्मारक, म्यूजियम, ट्रैफिक पार्क भी बनवाया जाएगा।
    – वीरांगना उधादेवी बटालियन का गठन होगा। 351 करोड़ का बजट की व्यवस्था की गई है। 

  • केले से चेहरे को मिलेगा इंस्टेंट ग्लो, जानें इसे इस्तेमाल करने का तरीका

    केले से चेहरे को मिलेगा इंस्टेंट ग्लो, जानें इसे इस्तेमाल करने का तरीका

    केले से चेहरे को मिलेगा इंस्टेंट ग्लो, जानें इसे इस्तेमाल करने का तरीका

    Skin Care: लगातार बदल रहे मौसम का सीधा असर लोगों की त्वचा पर पड़ रहा है। ऐसे में लोग अपनी त्वचा का खास ध्यान रख रहे हैं। इसके लिए बहुत से लोग स्किन ट्रीटमेंट के लिए पार्लर भी जाते हैं। पार्लर में मिलने वाले स्किन ट्रीटमेंट से ग्लो तो आ जाता है लेकिन इसका असर कुछ लिमिटेड समय के लिए ही होता है।

    ऐसे में आज के लेख में हम आपको एक ऐसी चीज के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके इस्तेमाल से आपका चेहरा खिल उठेगा। दरअसल, आज के लेख में हम आपको केले से स्किन केयर करना सिखाएंगे, ताकि आपके ज्यादा पैसे भी खर्च ना हों और आपको दमकता चेहरा भी मिल जाए।

    आपको बता दें कि केले को पोटैशियम से भरपूर और विटामिन-जिंक का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। इसी वजह से ये त्वचा संबंधी कई परेशानियों का खात्मा करने में मददगार होता है। केले की मदद से इन फेसपैक को बनाना बेहद आसान है।

    केला और नीम

    इस पैक को बनाने के लिए सबसे पहले से पहले ½ केले को मैश कर लें। इसके बाद इसमें 1 चम्मच नीम का पाउडर या पेस्ट डालें। साथ ही 1 छोटा चम्मच हल्दी भी मिक्स कर लें। अब इस पैक को चेहरे और गर्दन पर लगाएं।

    बीस मिनट तक इस पैक को त्वचा पर लगाएं और फिर धो दें। इससे आपको इंस्टेंट ग्लो मिलेगा।
    केला, खीरा और पपीता

    इस पैक को बनाने के लिए ½ केले को मैश कर लें, फिर इसमें ¼ खीरा और ¼ पपीता भी मैश करके डालें। अब इस पैक को अपने चेहरे पर लगाएं और कुछ देर के लिए ऐसे ही छोड़ दें।

    इस पैक को 15 मिनट लगाने के बाद गुनगुने पानी से ही चेहरा धोएं। जहां केला त्वचा को पोषण देने का काम करेगा, वहीं पपीता लगाने से त्वचा पर पिगमेंटेशन की परेशानी नहीं होती है। चेहरे के रूखेपन को दूर करने के लिए खीरा मदद करता है।
  • हरतालिका तीज की पूजा में दिखना है सबसे खूबसूरत तो पहनें इस तरह के लहंगे

    हरतालिका तीज की पूजा में दिखना है सबसे खूबसूरत तो पहनें इस तरह के लहंगे

    हरतालिका तीज की पूजा में दिखना है सबसे खूबसूरत तो पहनें इस तरह के लहंगे

     हरतालिका तीज का त्योहार हर सुहागिन महिला के लिए काफी अहम होता है। इस दिन महिलाएं करवाचौथ की तरह ही निर्जला व्रत रखकर अपने पति की लंबी उम्र के साथ-साथ उनकी तरक्की की कामना करती हैं। मान्यताओं के अनुसार हरतालिका तीज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है।

    इसी क्रम में इस बार हरतालिका तीज 18 सितंबर यानी कि सोमवार को मनाई जाएगी। इस दिन महिलाएं पूरे दिन व्रत रखकर शाम में महादेव और माता गौरी की पूजा करती हैं। इस पूजा में वो 16 श्रृंगार करके तैयार होती हैं। महिलाएं इस दिन एथनिक वियर पहनती हैं।

    अगर आप भी इस बार हरतालिका की पूजा में लहंगा पहनने का सोच रही हैं तो आज के लेख में हम आपको लहंगे के कुछ लेटेस्ट लुक दिखाने जा रहे हैं। इन्हें देखकर आप भी अलग तरीके के स्टाइलिश लहंगे अपने लिए बनवा सकती हैं और त्योहार के दिन अपना जलवा दिखा सकती हैं।

    लहंगे में कैरी करें स्टाइलिश लुक

    लहंगा लेने से पहले ये जरूर तय कर लें कि आप उसे किस तरह के कैरी करना चाहती हैं। अगर आप इस तरह से लहंगे को पहनना चाहती हैं तो इसका दुपट्टा काफी लंबा होना चाहिए।

    सिल्क लहंगा

    आजकल इस तरह के सिल्क के लहंगे काफी चलन में हैं। ये आपको ऑनलाइन के साथ-साथ आसानी से बाजार तक में भी मिल जाते हैं। तीज के दिन ऐसा लहंगा पहनकर आप जलवा दिखा सकती हैं।

    नेट वाला लहंगा

    स्लीवलेस ब्लाउज के साथ इस तरह का नेट वाला लहंगा देखने में काफी प्यारा लगता है। इस तरह के लहंगे के साथ ब्लाउज हमेशा अलग रंग का लेना चाहिए। ये आपके लुक को और खूबसूरत बनाता है।

    हैवी वर्क सिल्क लहंगा

    अगर आपको सिल्क के फैब्रिक का लहंगा पसंद है लेकिन आप तीज पर कुछ हैवी पहनना चाह रही हैं तो इस तरह का लहंगा आपके लिए परफेक्ट है। इसे पहनकर आपका लुक काफी ग्लैमरस दिखेगा।

     

  • कहीं बेस्ट फ्रेंड को हमसफर तो नहीं समझते? इन संकेतों से करें सोलमेट की पहचान

    कहीं बेस्ट फ्रेंड को हमसफर तो नहीं समझते? इन संकेतों से करें सोलमेट की पहचान

    कहीं बेस्ट फ्रेंड को हमसफर तो नहीं समझते? इन संकेतों से करें सोलमेट की पहचान

    :अक्सर लोग बेस्ट फ्रेंड को ही सोलमेट मानने लगते हैं, लेकिन क्या वास्तव में ये दोनों एक ही होते हैं, या फिर दोनों के बीच कोई अंतर भी होता है?
    सोलमेट का शाब्दिक अर्थ होता है, आत्मा से साथी। इस रिश्ते का कोई नाम होने से ज्यादा आपको दिल से फीलिंग आती है। आप दोनों एक-दूसरे के साथ खुश रहते हैं और ज्यादा से ज्यादा समय बिताना पसंद करते हैं। आप दोनों भावनात्मक रूप से एक-दूसरे के साथ अत्यधिक जुड़े होते हैं। बिना कंडीशन वाला प्यार आपको आपके सोलमेट तक पहुंचाता है। इस तरह के प्यार में आपके सामने कोई कंडीशन नहीं होती है और यहीं से आपके सोलमेट की तलाश धीरे-धीरे खत्म हो जाती है, क्योंकि यही वह शख्स होता है, जो पूरी जिंदगी आपका साथ देता है। वैसे तो सच्ची दोस्ती में भी कंडीशन नहीं होती है, मगर फिर भी उससे कुछ अपेक्षाएं तो होती ही हैं। सोलमेट के साथ ऐसा नहीं होता है।
    कैसे करें पहचान

    एक तरफ दोस्त जहां आपको आपकी पूर्व की घटनाओं के साथ जज करते हुए स्वीकारते हैं, वहीं आपका सोलमेट आपकी हर कमजोरी, अक्षमता और डर, सबके साथ आपको स्वीकार करता है। सोलमेट कभी भी आपको जज नहीं करता, बल्कि आपकी सारी कमजोरियों में आपकी ताकत बन कर आपके साथ खड़ा होता है।

    दोस्त बनने में कई बार कई दिन या कई महीने या तो कई साल लग जाते हैं। लेकिन सोलमेट के आते ही जीवन में कई घंटों में ही आपकी आत्मा को एक अलग-सा जुड़ाव महसूस होने लगता है। एक भावनात्मक-सा जुड़ाव, जो आपने इतनी जल्दी कभी किसी के लिए महसूस न किया हो। जिसके साथ सहजता से बिना कोई आवरण ओढ़े आप जैसी हैं, वैसी ही खुद को उसके सामने प्रस्तुत कर पाती हैं।

    कुल मिलाकर हम यह मान सकते हैं कि सोलमेट वह व्यक्ति होता है, जो हमारे जीवन में हमारा व्यक्तित्व निखारने का कार्य करता है और सुख हो या दुख, तटस्थ होकर आपके जीवन में सदा आपके साथ रहता है। कई बार लड़ाइयों के बाद दोस्त आपको सदा के लिए छोड़ जाते हैं, लेकिन सोलमेट लाख लड़ाइयों के बाद भी सदा आपके साथ बना रहता है।

    कुछ संकेत करेंगे मदद
    • पहला संकेत यह है कि जब आप उनसे बात करते हैं तो कभी लगता ही नहीं कि आप उनसे अभी-अभी ही मिले हैं। यूँ लगता है जैसे काफी वक्त पहले से आप एक-दूसरे को जानते हैं।
    • आपको बहुत सुकून और शांति मिलती है सिर्फ उनसे बात करके नहीं, बिना बात किए भी बस उनके आस-पास रहने पर।
    • आप दोनों एक-दूसरे को बहुत अच्छी तरह समझ पाते हैं। जैसे इसके पूर्व आपकी बातों और स्थिति को शायद किसी ने इतना समझा नहीं होगा। वो भी बिना जजमेंटल हुए।
    • आप उनकी ग्रोथ में वो आपकी ग्रोथ में बहुत ज्यादा मदद करते हैं। भावनात्मक ही नहीं हर प्रकार से वो आपकी मदद के लिए हमेशा खड़े होते हैं। किसी भी चीज से अपना रिश्ता प्रभावित होने नहीं देते हैं।
    • आप दोनों एक-दूसरे की कमजोरी और दुर्गुणों को स्वीकारते हुए अपने रिश्ते में एक संतुलन बनाए रखते हो हमेशा।
    • कोई शख्स जिस के साथ आप कंफर्टेबल, ओरिजिनल, पीसफुल और सिक्योर महसूस करते हैं। आप खुश रहते हैं। उसके आते ही आप के मन की बेचैनी दूर हो जाती है और हर तरह के काम में आपका मन लगने लगता है तो समझिए वही है आपका सोलमेट।

  • टैनिंग दूर करने से लेकर स्किन को ब्राइटन करने में मदद करेगा चुकंदर

    टैनिंग दूर करने से लेकर स्किन को ब्राइटन करने में मदद करेगा चुकंदर

    टैनिंग दूर करने से लेकर स्किन को ब्राइटन करने में मदद करेगा चुकंदर

    चुकंदर की मदद से स्किन को बेहद आसानी से ब्राइटन बनाया जा सकता है। आप इसे संतरे के छिलके के पाउडर के मिक्स करके अप्लाई कर सकते हैं। अगर आपको इन दिनों टैनिंग की समस्या का सामना करना पड़ रहा है तो ऐसे में चुकंदर का इस्तेमाल करना यकीनन काफी अच्छा माना जाता है।

    अपनी स्किन को नेचुरली ग्लोइंग बनाने की चाहत तो हम सभी की होती है और इसके लिए हम कई सारे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल भी करते हैं। लेकिन वास्तव में आपकी किचन में ही ऐसी कई चीजें होती हैं जो आपकी स्किन के लिए किसी जादू की तरह काम करती हैं। इन्हीं में से एक है चुकंदर। इसका सेवन करना सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है। लेकिन यह आपकी स्किन के लिए भी उतना ही लाभकारी है। इसे स्किन पर लगाने से ना केवल आपको ग्लोइंग स्किन मिलती है, बल्कि एजिंग के साइन्स यहां तक कि टैनिंग से भी छुटकारा मिलता है। आप चुकंदर को अपनी स्किन पर कई अलग-अलग तरीकों से इस्तेमाल कर सकते हैं-

     

    ब्राइटन स्किन के लिए चुकंदर

    चुकंदर की मदद से स्किन को बेहद आसानी से ब्राइटन बनाया जा सकता है। आप इसे संतरे के छिलके के पाउडर के मिक्स करके अप्लाई कर सकते हैं।

     

    आवश्यक सामग्री-

    – दो चम्मच संतरे के छिलके का पाउडर

    – एक चम्मच चुकंदर का रस

    इस्तेमाल का तरीका-

    – सबसे पहले आप एक बाउल में संतरे के छिलके के पाउडर और चुकंदर का रस डालें।

    – इसे अच्छी तरह मिक्स करके स्मूद पेस्ट बना लें।

    – अब आप अपने फेस को क्लीन करके चेहरे पर लगाएं।

    – करीबन 15 मिनट बाद आप चेहरे को क्लीन कर लें।

     

    टैनिंग दूर करने के लिए चुकंदर

    अगर आपको इन दिनों टैनिंग की समस्या का सामना करना पड़ रहा है तो ऐसे में चुकंदर का इस्तेमाल करना यकीनन काफी अच्छा माना जाता है।

     

    आवश्यक सामग्री-

    – एक चम्मच चुकंदर का रस

    – एक चम्मच खट्टी क्रीम

     

    इस्तेमाल का तरीका-

    – फेस पैक बनाने के लिए सबसे पहले चुकंदर का रस और खट्टी क्रीम डालकर मिक्स करें।

    – जब स्मूद पेस्ट बन जाए तो आप अपने फेस को क्लीन करके इसे लगाएं।

    – इसे आप लगभग 20-25 मिनट तक लगा रहने दें।

    – अंत में, फेस को अच्छी तरह क्लीन करके मॉइश्चराइजर लगाएं।

     

    स्मूथ स्किन के लिए चुकंदर

    अगर आप एक स्मूथ और ब्यूटीफुल स्किन पाना चाहती हैं तो इसमें भी चुकंदर आपकी काफी मदद कर सकता है।

     

    आवश्यक सामग्री-

    – तीन चम्मच दही

    – दो चम्मच चुकंदर का रस

     

     

  • यात्रा के दौरान भी चाहिए ग्लोइंग त्वचा तो रखें इन बातों का ध्यान, वरना स्किन भी करेगी ‘सफर’

    यात्रा के दौरान भी चाहिए ग्लोइंग त्वचा तो रखें इन बातों का ध्यान, वरना स्किन भी करेगी ‘सफर’

    यात्रा के दौरान भी चाहिए ग्लोइंग त्वचा तो रखें इन बातों का ध्यान, वरना स्किन भी करेगी ‘सफर’

     नई दिल्ली
    Skin Care: शायद ही कोई व्यक्ति ऐसा होगा, जिसे घूमना-फिरना पसंद नहीं होगा। आज के समय में तो जैसे ही लोगों को अपने व्यस्त जीवन से थोड़ी सी राहत मिलती है तो वो अपने परिवार संग घूमने निकल जाते हैं। ठीक इसी तरह बैचलर्स भी अपने दोस्तों के साथ घूमने का मौका तलाशते रहते हैं। घूमने का प्लान बनाना तो बेहद आसान है लेकिन ट्रिप के दौरान अपनी त्वचा का ध्यान रखना बेहद मुश्किल हो जाता है।

    दरअसल, सफर के दौरान मिलने वाली  धूप, धूल, मिट्टी और बदलते मौसम का सीधा असर लोगों की त्वचा पर पड़ता है। ऐसे में एक्ने, ब्रेक आउट, सन बर्न, डार्क स्पॉट का सामना करना पड़ता है। इसी के चलते आज के लेख में हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताने जा रहे हैं, जिनको अपनाने के बाद ट्रैवलिंग के दौरान आपकी स्किन सफर नहीं करेगी। इसके लिए आपको सिर्फ कुछ चीजों की जरूरत पड़ेगी और कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ेगा।

    अगर आप कहीं घूमने जा रहे हैं तो भी उन स्किन केयर प्रोडक्ट्स को हमेशा अपने साथ ही रखें। अगर आपके स्किन केयर प्रोडक्ट के ट्रैवल साइज पैकेट नहीं आते तो आपको इसके लिए बाजार में पैकेट्स मिल जाएंगे, जिनमें आप अपने प्रोडक्ट कैरी कर सकते हैं।

    अपने साथ हर हालत में मॉइस्चराइजर जरूर रखें। दरअसल, बदलते मौसम की वजह से त्वचा की नमी खो जाती है। ऐसे में मॉइस्चराइजर आपकी स्किन को सही रखने में मदद करेगा।
    इस्तेमाल करते रहें सनस्क्रीन

    भले ही आप रोड ट्रिप पर हों लेकिन तब भी सनस्क्रीन का इस्तेमाल जरूर करें। ये आपको सूरज की हानिकारक किरणों से बचाएगी।

    शीट मास्क को रखें पास

    अपने साथ हमेशा शीट मास्क रखें। ये स्किन को हाइड्रेट तो करता ही है और साथ में चेहरे को इंस्टेंट ग्लो देता है।

     

  • वित्त विहीन शिक्षकों के मानदेय के लिए आंदोलन करेगी कांग्रेस

    वित्त विहीन शिक्षकों के मानदेय के लिए आंदोलन करेगी कांग्रेस

    वित्त विहीन शिक्षकों के मानदेय के लिए आंदोलन करेगी कांग्रेस

    यूपी कांग्रेस ने कहा है कि सरकार शिक्षा का निजीकरण करना चाहती है। इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। भाजपा शिक्षकों के भविष्य को खतरे में डालना चाहती है।

    कांग्रेस के प्रदेश महासचिव एवं प्रभारी प्रशासन दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि पार्टी वित्त विहीन शिक्षकों के मानदेय को लेकर आंदोलन करेगी और शिक्षकों के हितों के लिए संघर्ष करेगी। वे पार्टी कार्यालय में शिक्षक कांग्रेस की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

    उन्होंने कहा कि उप्र. सेवा शिक्षा चयन आयोग का गठन कर भाजपा सरकार संविधान की अवहेलना कर रही है। सरकार सेवा सुरक्षा को समाप्त कर शिक्षकों की नौकरी खत्म करना चाहती है। शिक्षक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि भाजपा शिक्षकों के भविष्य को खतरे में डाल रही है। सरकार की नीतियां सिर्फ और सिर्फ निजीकरण की तरफ है। इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।

    इस दौरान शिक्षकों के बीच में कांग्रेस के संगठन विस्तार पर भी रणनीति बनी। पुरानी पेंशन बहाली को लेकर भी बात रखी गई। बैठक का संचालन डॉ. प्रमोद कुमार ने किया। बैठक में यशपाल सिंह, डॉ मार्तंड सिंह डा. पीके पचौरी, संजीव कुमार, प्रमोद कुमार सिंह समेत कई शामिल हुए। 

  • PDA की आवाज बन, अगड़ों का साथ ले आगे बढ़ेगी सपा, घोसी उपचुनाव के प्रयोग होंगे INDIA की रणनीति का अहम पार्ट

    PDA की आवाज बन, अगड़ों का साथ ले आगे बढ़ेगी सपा, घोसी उपचुनाव के प्रयोग होंगे INDIA की रणनीति का अहम पार्ट

    PDA की आवाज बन, अगड़ों का साथ ले आगे बढ़ेगी सपा, घोसी उपचुनाव के प्रयोग होंगे INDIA की रणनीति का अहम पार्ट

    सपा ने घोसी में न सिर्फ क्षत्रिय समाज का प्रत्याशी दिया, जो स्थानीय होने के नाते मतदाताओं के बीच जाना-पहचाना चेहरा था, बल्कि चुनाव प्रचार के दौरान भी पीडीए का राग नहीं अलापा। स्थानीय मुद्दों, दारा सिंह के दलबदल, आम मतदाताओं से उनकी दूरी और सरकार के कामकाज पर अपने नजरिये पर ही अखिलेश समेत सभी प्रमुख नेताओं ने खुद को केंद्रित रखा।

    घोसी उपचुनाव ने जश्न के साथ सपा को नए सिरे से रणनीति तय करने का मौका दिया है। माना जा रहा है कि सपा पिछड़े, दलित व अल्पसंख्यक यानी पीडीए के मुद्दे तो प्रमुखता से उठाएगी, साथ ही अगड़ों को साथ लेने में भी कसर नहीं छोड़ेगी। सपा मुखिया अखिलेश यादव घोसी के इस सबक के मुताबिक आगे की रणनीति तय करेंगे।

    रामपुर का गढ़ गंवाने के बाद सपा नेतृत्व ने राजनीतिक रणनीति के लिहाज से फूंक-फूंककर कदम आगे बढ़ाने शुरू किए। अखिलेश ने घोसी में टिकट फाइनल करने से पहले मऊ और आजमगढ़ के प्रमुख नेताओं व कार्यकर्ताओं को पार्टी कार्यालय पर बुलाया था। साथ ही टिकट के दोनों दावेदार सुधाकर सिंह और रामजतन राजभर भी उसी दिन पार्टी मुख्यालय पर आए थे।

    अखिलेश ने पहले हॉल में कार्यकर्ताओं के साथ मंथन किया। फिर सुधाकर व रामजतन और उनके प्रमुख समर्थकों को अपने साथ अलग कमरे में बैठाया। गुणा-गणित ऐसे समझाया कि सर्वसम्मति से सुधाकर का नाम तय हो गया, जिसकी सूचना कुछ ही मिनटों के बाद पार्टी ने आधिकारिक तौर से सार्वजनिक कर दी।

    जिस तरह से टिकट देने से पहले क्षेत्र के लोगों से रायशुमारी की गई, उसने एक तरह से विजय की नींव रख दी। हालांकि, बताते हैं कि अखिलेश अपने चाचा शिवपाल सिंह के साथ वहां के समीकरणों पर होमवर्क पहले ही कर चुके थे।

    खास रणनीति के साथ जंग में उतरे
    समाजवादी खास रणनीति के साथ जंग में उतरे। उनके समर्थक मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में होना सुनिश्चित हो, इसके लिए एक टीम लगा दी गई। सपा मुख्यालय से घोसी के कार्यकर्ताओं और प्रमुख नेताओं को फोन करके चुनाव में जुटने के लिए प्रेरित करने के लिए भी एक टीम लगाई गई, जिसकी जिम्मेदारी मुख्य रूप से सपा नेतृत्व के भरोसेमंद व पूर्व राज्यसभा सांसद अरविंद सिंह को सौंपी गई।

    स्वामी प्रसाद का न जाना भी सोचा-समझा फैसला
    सपा ने घोसी में न सिर्फ क्षत्रिय समाज का प्रत्याशी दिया, जो स्थानीय होने के नाते मतदाताओं के बीच जाना-पहचाना चेहरा था, बल्कि चुनाव प्रचार के दौरान भी पीडीए का राग नहीं अलापा। स्थानीय मुद्दों, दारा सिंह के दलबदल, आम मतदाताओं से उनकी दूरी और सरकार के कामकाज पर अपने नजरिये पर ही अखिलेश समेत सभी प्रमुख नेताओं ने खुद को केंद्रित रखा।

    यह यूं ही नहीं था कि घोसी में प्रचार से सपा के फायर ब्रांड नेता स्वामी प्रसाद मौर्य को दूर रखा गया। इसकी एक वजह यह भी मानी जाती है कि चुनाव का प्रबंधन संभाल रहे शिवपाल सिंह, मौर्य को लेकर ज्यादा सहज नहीं रहते। दूसरे, सपा नेतृत्व अच्छी तरह से समझ गया था कि स्वामी प्रसाद के जाने का मतलब है कि चुनाव ”सनातन बनाम गैर सनातन” हो जाएगा और यह समीकरण उसके मुफीद नहीं रहेगा।

    सर्वसमाज को लेकर भावी रणनीति की ओर इशारा
    पीडीए का नारा बुलंद करने वाले अखिलेश यादव ने भी जीत के बाद श्रेय न्यूनाधिक रूप में सर्वसमाज को देने से परहेज नहीं किया। कहा, यह उस अच्छी सोच वाले सर्वसमाज और पीडीए के साथ आने की जीत है, जो समाज के हर वर्ग को बराबर का हक देकर हर किसी की तरक्की को मकसद मानकर चलती है। यह सपा की भावी रणनीति की ओर इशारा कर रही है।

    यहां करना होगा पुनर्विचार
    सपा ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए जारी घोषणापत्र में कहा था कि देश के 10 फीसदी सामान्य वर्ग के लोग 60 फीसदी राष्ट्रीय संपत्ति पर काबिज हैं। राजनीतिक विश्लेषक प्रो. संजय गुप्ता मानते हैं कि इसे लेकर भाजपा को सामान्य वर्ग को सपा के खिलाफ खड़ा करने में मदद मिली। उनके बीच यह संदेश गया कि सपा सर्वसमाज की बात नहीं करती है और परिणाम सपा के विपरीत आए। जबकि, वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में सपा को सर्वसमाज का समर्थन मिला था, जिसके दम पर वो सत्ता तक पहुंची।

    नाम में शामिल समावेशी शब्द को करना होगा चरितार्थ
    यूपी के राजनीतिक मामलों के जानकार प्रो. रवि श्रीवास्तव भी मानते हैं कि घोसी में इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में सपा के सुधाकर सिंह की ऐतिहासिक जीत के कारणों पर मंथन की सबसे ज्यादा जरूरत एकसूत्र में बंधने का प्रयास कर रहे विपक्षी दलों के लिए ही है। घोसी की जीत से प्रेरणा ले अति उत्साह के साथ आगे बढ़े तो भाजपा विरोधी धारा के लिए यह घातक साबित हो सकता है।

    प्रो. श्रीवास्तव कहते हैं कि घोसी में सपा प्रत्याशी की ऐतिहासिक जीत बिना सर्वसमाज के समर्थन के मुमकिन नहीं थी। इसलिए जिस तरह से इंडिया गठबंधन के पूरे नाम में समावेशी शब्द है, उसे चरितार्थ करते हुए सर्व समाज को लेकर आगे बढ़ना होगा, तभी लोकसभा चुनाव में वे अपने लिए स्थान बना पाएंगे।