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  • महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में प्रशासनिक भवन का गेट बंद कर रिजल्‍ट से असंतुष्‍ट छात्र धरने पर बैठे

    महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में प्रशासनिक भवन का गेट बंद कर रिजल्‍ट से असंतुष्‍ट छात्र धरने पर बैठे

    वाराणसी,,,महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के बहुत से छात्र स्नातक द्वितीय वर्ष के रिजल्ट से असंतुष्ट हैं। दोबारा मूल्यांकन की मांग को लेकर छात्र सोमवार को पंत प्रशासनिक भवन का गेट बंद कर धरने पर बैठ गए हैं।इस दौरान छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। जानकारी होने के बाद पहुंचीं चीफ प्राक्टर प्रो. अमिता सिंह ने छात्रों को समझाने का भी प्रयास किया।

    छात्रों के आंदोलन से प्रशासनिक भवन में 100 से अधिक कर्मचारी फंसे हुए हैं। वहीं बाहर से आने वाले छात्र भी प्रशासनिक भवन के गेट खुलने का इंतजार कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि रिजल्ट में तमाम त्रुटियां हैं। सभी पेपर की परीक्षा देने के बावजूद परीक्षार्थी काे एक पेपर में अनुपस्थित दर्शा दिया गया है। बीए प्रथम खंड में राष्ट्रगौरव के जिस परीक्षार्थी को 100 में से 76 अंक मिले हैं। उसी परीक्षार्थी को द्वितीय खंड में राष्ट्रगौरव में अनुपस्थित (एबीएस) दर्शाया दिया गया है।

     

    इसी प्रकार प्रथम के विभिन्न पेपरों में 50 से 60 अंक मिले हैं। वहीं द्वितीय खंड में उसी छात्र को 10 से 30 अंक तक दिया गया है। यही नहीं कुछ परीक्षार्थी को शून्य भी मिला है। रिजल्ट में व्याप्त त्रुटियों को दूर कराने के लिए विश्वविद्यालय ने छात्रों से आवेदन मांगा था। इसके साथ ही 15 अक्टूबर तक समाधान कराने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद अब तक कोई समाधान नही हुआ।

    ऐसे में छात्र आंदोलन के लिए बाध्य है। छात्रों ने तीन दिनों के भीतर समाधान न होने पर व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी है। दूसरी ओर विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा है कि आवेदन करने वाले छात्रों की कापियों का परीक्षण कराया जा रहा है। 5000 से अधिक आवेदन होने के कारण समय लगाना स्वभाविक है। धरना- प्रदर्शन में मुख्य रुप से रविंद्र सिंह पटेल, अखिलेश यादव, बादल सिंह, गौरव सिंह, प्रियांशु वर्मा, राजन सिंह, अंकित जायसवाल सहित अन्य छात्र शामिल रहे।

  • CM धामी ने किया ISBT का औचक निरिक्षण ,इन कारणों से हुए नाराज़। आखिर क्यों ?

    CM धामी ने किया ISBT का औचक निरिक्षण ,इन कारणों से हुए नाराज़। आखिर क्यों ?

    देहरादून राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज दोपहर अचानक देहरादून स्थित ISBT बस अड्डे औचक निरिक्षण करने पहुंच गए। वहां गंदगी देखे संचालन करने वाली कंपनी पर सीएम नाराज़ हुए। सीएम ने अपनी नाराजगी दर्शाते हुए अधिकारियो से कहा कि एक माह पश्चात् फिर आऊंगा। तब तक सब कुछ ठीक हो जाना चाहिए।

     

    इस दौरान वह ISBT में लगे वाटर ATM खुद सिक्का डालकर इस्तेमाल किया। सीएम धामी ने अधिकारियो को ISBT की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए है।

    वही सीएम धामी ने देहरादून से अन्य राज्यों में जाने वाले यात्रियों से भी बात की साथ ही तमाम व्यवस्था का पूरा जायजा लिया।

  • तीन हज़ार की रिश्वत ले रहा था राजस्व अधिकारी,ACB को देखते बाइक ले हुआ रफ़ू चक्कर। आखिर कहा और क्या है मामला ?

    तीन हज़ार की रिश्वत ले रहा था राजस्व अधिकारी,ACB को देखते बाइक ले हुआ रफ़ू चक्कर। आखिर कहा और क्या है मामला ?

    ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के एक गांव में रिश्वतखोर राजस्व अधिकारी, एसीबी अधिकारी को देखते ही बाइक से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि राजस्व अधिकारी ने जमीन मामले को सुलझाने के लिए रिश्वत की मांग की थी जिसकी शिकायत एसीबी के पास पहुंची थी। जिसके बाद से भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने दबिश डालनी शुरू कर दी थी।

     जमीन ट्रांसफर के लिए 13 हजार रुपये की मांग की थी

    अधिकारियों के अनुसार घटना बुधवार को जिले के शाहपुर तालुका के खुटघर शाहपुर गांव की है। आरोपी ने शिकायतकर्ता से एक हाउसिंग सोसाइटी के नाम पर भूमि के हस्तांतरण के लिए 13,000 रुपये की मांग की थी। बातचीत के बाद, राशि को 5,000 रुपये पर अंतिम रूप दिया गया था। आरोपी ने शिकायतकर्ता से 3,000 रुपये स्वीकार भी किए। इसके बाद शिकायतकर्ता ने इस मुद्दे को उठाने के लिए एसीबी की ठाणे इकाई से संपर्क किया। इसके बाद राजस्व अधिकारी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया।

    ऐसे फरार हुआ आरोपी

    फिर शिकायतकर्ता और पांच गवाह के साथ एसीबी की टीम आरोपी राजस्व अधिकारी के दफ्तर पहुंची। वहां शिकायतकर्ता को राजस्व अधिकारी को तीन हजार रुपये देने के लिए कहा गया लेकिन इसकी भनक राजस्व अधिकारी को लग गई थी और वह सभी को धक्का देकर फरार हो गया। एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है और बाद में शाहपुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था।

    बहु को प्रताड़ित करने के आरोप में  परिवार के सात सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज  

    वहीं एक अन्य मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने एक लड़की को जन्म देने के लिए अपनी पत्नी को प्रताड़ित करने के आरोप में नवी मुंबई के तलोजा में एक व्यक्ति और उसके परिवार के सात सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारी ने कहा कि आरोपी इस बात से भी नाखुश थे कि बच्ची का रंग सांवला है। फरवरी 2019 में मुख्य आरोपी से शादी करने वाली 29 वर्षीय महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर तलोजा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था।

    जानें क्या है पूरा मामला

    दंपति अपने ससुराल वालों के साथ कामोठे इलाके में रहता था। नवंबर 2019 में, पीड़िता ने एक बच्ची को जन्म दिया, जिसके बाद उसके ससुराल वालों ने उसे ताना मारना और परेशान करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि वे एक लड़का चाहते हैं, लेकिन उसने एक लड़की को जन्म दिया, जो कि काले रंग की है। वे उसे मानसिक रूप और शारीरिक रूप से से परेशान करते रहे।  उन्होंने कार खरीदने के लिए 10 लाख रुपये की भी मांग की और जब उसने असमर्थता जताई तो उसे नवजात के साथ घर से निकाल दिया गया। उसके बाद, वह अपने माता-पिता के साथ रहती थी।
    शिकायत में कहा गया है कि उसके ससुराल वाले भी चाहते थे कि उसका पति दूसरी महिला से शादी करे और उसने उनकी बेटी को जान से मारने की धमकी भी दी। दहेज प्रताड़ना और धमकी देने के आरोप में उस व्यक्ति के भाई और बहन सहित आठ आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

  • नैनीताल नगर पालिका के ईओ से हाथापाई, अभद्रता, मोबाइल फेंका, कोट उतारने का भी प्रयास

    नैनीताल नगर पालिका के ईओ से हाथापाई, अभद्रता, मोबाइल फेंका, कोट उतारने का भी प्रयास

    नैनीताल नगर पालिका में गुरुवार को जबर्दस्त विवाद हो गया। आरोप है कि यहां रंगकर्मियों के एक वर्ग ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार वर्मा पर बीएम शाह ओपन एयर थियेटर में होने जा रही नाटकों की प्रस्तुति के पोस्टर फाड़ने का आरोप लगाते हुए हाथापाई, धक्कामुक्की व अभद्रता की। उनका मोबाइल फेंक दिया, कोट उतारने का प्रयास भी किया और उनके कक्ष में रखी नगर पालिका की फाइलें फेंक दीं।

     

    अधिशासी अधिकारी से इस तरह की अभद्रता होने पर कार्य बहिष्कार पर चल रहे नगर पालिका कर्मी अधिशासी अधिकारी के पक्ष में आए और उन्हें सुरक्षित किया। इस बीच नगर पालिका के अध्यक्ष सचिन नेगी व मल्लीताल कोतवाली के एसएसआई दीपक बिष्ट भी मौके पर पहुंचे और मामले को शांत कराया। अधिशासी अधिकारी वर्मा का कहना था कि संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत नियमानुसार ही पोस्टर हटाए गए। पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी ने बताया कि पालिका की फाइलें भी फेंकी गईं।

  • परिवहन विभाग द्वारा क्यों नही की गईं कार्यवाही, आखिर क्या है कारण ?

    परिवहन विभाग द्वारा क्यों नही की गईं कार्यवाही, आखिर क्या है कारण ?

    परिवहन विभाग द्वारा कार्यवाही क्यों नहीं, आखिर क्या है कारण ?

    दिल्ली की जनता को ड्राईविंग स्किल प्राप्त करवाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा कई एकड़ जमीन फ्री में मारूति उद्योग लिमिटेड को दे रखी है जो इंस्टीयूट ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च (आई डी टी आर) के नाम से प्रसिद्ध है।

    दिल्ली परिवहन विभाग की मेहरबानी इस पर कुछ हद से ज्यादा ही है क्योंकी इनके द्वारा जनता से ली जाने वाली फीस अन्य अपनी जमीन पर खोले हुए मान्यता प्राप्त ड्राइविंग स्कूल से ज्यादा है ऊपर से इन्हे ही सिर्फ हैवी ड्राईविंग स्किल प्रदान करने की आज्ञा देकर कारोबार और कमाई का दर्जा दिया हुआ है।

    इतनी सब छूट मिलने के बाबजूद यहां ट्रैनिंग प्राप्त करने आने वालो को जिन परेशानियों से जूझना पड़ रहा है उसके प्रति ना तो यहां का मैनेजमेंट कुछ कर रहा है और ना ही परिवहन विभाग उसके लिए इनके खिलाफ़ कोई कार्यवाही कर रहा है।

    कारण क्या है यह तो परिवहन विभाग ही जानता होगा पर परिवहन विभाग की इस मेहरबानी के कारण आज यहां ड्राइविंग स्किल प्राप्त करने आने वालो को बीमारी होने और चोट लगने की आशंका जताई जा रही हैं। नीचे दिए गए लिंक द्वारा विडियो क्लिप में देखें वहा का पूरा हाल

    [embedyt] https://www.youtube.com/watch?v=LYF3t8eLbw8[/embedyt]

    कारण आप स्वयं इस ख़बर के साथ स्लगन विडियो क्लिप और फोटो देखकर समझ जाएंगे।

    इस ट्रैनिंग सैंटर के बाहर और अंदर गंदगी और पानी का भराव इसकी पुष्टि कर रहा है।

    दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग के आला अधिकारियों से हाथ जोड़ कर प्रार्थना है आई.डी.टी.आर. वजीराबाद रोड़ पर लोगों को कार और स्कूटर परमानेनट लाईसेंस के लिए टैस्ट देने के लिए जाना एक टेढ़ी खीर है । अन्दर बाहर कीचड़ और पानी भरा हुआ है डेंगू के मच्छर पनप रहे हैं इस और ध्यान देने का कष्ट करें और जनता के हित को ध्यान में रखते हुए जल्दी से जल्दी ठीक करवाने की तरफ ध्यान देने की कृपा करें ।

    जनहित में जारी
    संजय बाटला l

     

  • दिल्ली परिवहन विभाग का आदेश, सुरक्षा हेतु या ?

    दिल्ली परिवहन विभाग का आदेश, सुरक्षा हेतु या ?

    दिल्ली सरकार द्वारा समाचारों और डिजिटल तरीकों से जनता को अवगत करवाया की दिल्ली में सड़क सुरक्षा को लेकर हम पूर्ण रूप से प्रयासरत हैं और उसके लिए किसी भी गलती करने वाले को बिना दंड के नही छोड़ा जाएगा।

    दंड के रूप में सरकार ने जनता को बताया की बस लेन का तीन बार उल्लघंन करने वाले ड्राईवर का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा,
    सड़क सुरक्षा के प्रति सुनने में यह एक अच्छा फैसला हैं पर
    १. क्या दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग सड़कों पर चलने वाले वाहनों को उनकी लेन खाली दिलवाने की ज़िम्मेदारी निभाएंगे, यह बहुत बड़ा सवाल ?
    २. क्या दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग सड़कों पर खड़े होने वाले अनाधिकृत वाहनों को हटवाने की ज़िम्मेदारी निभाएंगे, दूसरा बड़ा सवाल ?
    ३. क्या दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग दिल्ली की सड़को पर अवैध रूप से रेहड़ी, खोमचे, और खोखों को सड़को से हटवाने की ज़िम्मेदारी निभाएंगे, तीसरा बड़ा सवाल ?
    ४. क्या दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग दिल्ली में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा आदेश के अंतर्गत ई रिक्शे, रिक्शे को बाधित सड़को पर बेखौफ खड़े होने और चलने से रुकवाएगा, सबसे महत्वपूर्ण सवाल ?

    जब किसी ड्राईवर को उसकी लेन ही उपल्ब्ध नही होगी और ऊपर से दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग की सबसे बेहतरीन सवारी सेवा कलस्टर बसों को लेफ्ट लाईन में चलने की आदत ही नहीं होगी तो किसके लाइसेंस रद्द होंगे , किसको सजा मिलेगी ओर उससे होगा क्या ?
    A. सरकारी खजाने में इजाफा,
    B. सड़को पर सरकार द्वारा छोड़े गए व्यक्तियों की ऊपरी कमाई

    या कुछ और, बड़ा सवाल ?

    जनहित में जारी
    *संजय बाटला*

  • दिल्ली परिवहन विभाग 16 सितंबर 2022 को जारी गैजेट नोटिफिकेशन को पूर्ण रूप से लागू करने में क्यों कर रहा आनाकानी,

    दिल्ली परिवहन विभाग 16 सितंबर 2022 को जारी गैजेट नोटिफिकेशन को पूर्ण रूप से लागू करने में क्यों कर रहा आनाकानी,

    सड़क एवम् राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 16 सितम्बर 2022 को जारी गैजेट नोटिफिकेशन के एक हिस्से को दिल्ली परिवहन विभाग के आला अधिकारियों द्वारा दरकिनार करना क्या न्याय संगत ? (गैजेट नोटिफिकेशन की फोटो कॉपी स्लगन)

    यह सच है कि दिल्ली भारत देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने गैजेट नोटिफिकेशन जारी होने से पूर्व ही दिल्ली में अपनी हठधर्मी से सभी सेवाएं ऑनलाईन फेस फ्री कार्यशैली से लागु कर रखी थी, लेकिन विधि विधान से आए गैजेट नोटिफिकेशन के जारी होने के बाद उस हिस्से को लागू नहीं करना जिसे परिवहन विभाग के आला अधिकारी लागू करना पसन्द नहीं करते क्या न्यायिक प्रक्रिया मानी जा सकती हैं।

    यहां इसका एक सरल सा तरीका है जिससे परिवहन विभाग के आला अधिकारियों की बात भी रह जाएगी और गैजेट नोटिफिकेशन में जारी प्रक्रिया में कार्यशैली भी शुरु हो जाएगी
    ऐसे व्यक्ति जो सीएमवीआर 1989 के अनुसार प्राधिकरण के कार्यालय में अपने सभी दस्तावेज़ लेकर उपस्थित हो कर कार्य करवाना चाहते हैं उन्हें उसी ब्रांच के अधिकारी द्वारा पूरे कागजातो की जांच पड़ताल के बाद अगर उचित लगता हैं तब ऑनलाईन फीस भरने के लिए ब्रांच द्वारा लिंक जारी कर दिया जाए जिससे सभी कार्य विधि विधान से संपन्न हो जाएंगे और परिवहन विभाग के आला अधिकारियों की बात भी पूरी हो जाएगी और गैजेट नोटिफिकेशन पर भी अमल हो जाएगा।

    संजय बाटला

     

  • बस में आग लगने से 11 जिंदा जले, 38 जख्मी : मृतकों के परिजन को पांच लाख रुपए देने का ऐलान

    बस में आग लगने से 11 जिंदा जले, 38 जख्मी : मृतकों के परिजन को पांच लाख रुपए देने का ऐलान

    नासिक : महाराष्ट्र के नासिक में शनिवार सुबह एक भीषण हादसा हो गया। बस और आयशर ट्रक के बीच टक्कर हुई, जिससे बस के डीजल टैंक में ब्लास्ट हुआ और उसके अगले हिस्से में आग लग गई। देखते ही देखते 20 मिनट में बस धू-धूकर जल गई।

    हादसे में बस में सवार 11 लोग जिंदा जल गए। इनके अलावा, 38 यात्री जख्मी हुए हैं। बस यवतमाल से मुंबई जा रही थी। दुर्घटना सुबह 4:30 बजे की है। कुछ यात्रियों ने बस से कूदकर जान बचाई। महाराष्ट्र के CM एकनाथ शिंदे ने मृतकों के परिजन को पांच-पांच लाख रुपए देने का ऐलान किया है। घायलों को फ्री में इलाज करवाया जाएगा।

    हादसा नासिक-औरंगाबाद रूट पर नंदूरनाका के पास हुआ। बस चिंतामणि ट्रेवल्स की थी। इसमें 45-50 लोग सवार थे। पुलिस उपायुक्त अमोल तांबे ने हादसे की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि 10 लोगों की मौत हुई है। महाराष्ट्र के CM एकनाथ शिंदे ने कहा है कि घायलों के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी।

    बस ने कंटेनर को मारी टक्कर

    सड़क हादसे को लेकर नासिक पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, दुर्घटना औरंगाबाद रोड पर शनिवार सुबह करीब 5 बजे हुई है। एक प्राइवेट बस ने कंटेनर को टक्कर मार दी, जिसके तुरंत बाद बस में आग लग गई। हादसे में घायल हुए लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया है। साथ ही उन्‍होंने बताया कि मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है, क्‍योंकि कई लोग गंभीर रूप से भी घायल हुए हैं।

    हादसे को लेकर पुलिस कर रही है जांच

    हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं है कि नासिक में हुई सड़क दुर्घटना में मारे गए और घायल हुए लोग बस सवार थे या कंटेनर में बैठे लोग। वहीं, उत्तर प्रदेश के गजरौला में दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रक और रोडवेज बस में टक्कर हो गई। बताया जा रहा है कि यह हादसा हाईवे पर गांव कांकाठेर के नजदीक हुआ है। हादसे में बस में सवार करीब 20 यात्रियों के घायल होने की खबर है। घायलों को  इलाज के लिए इलाके के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिनमें से दो की हालत फिलहाल नाजुक है, उन्हें जिला अस्पताल के रेफर किया दिया गया है।

  • बड़ी खबर : यूपी आगरा : लधानी ग्रुप के 40 ठिकानों पर आयकर के छापे, नकदी व हलावा कारोबार का भी पता चला, जारी है सर्च

    बड़ी खबर : यूपी आगरा : लधानी ग्रुप के 40 ठिकानों पर आयकर के छापे, नकदी व हलावा कारोबार का भी पता चला, जारी है सर्च

    एजेंसी डेस्क

    आगरा ,,कोका कोला के डिस्ट्रीब्यूटर, फ्रेंचाइजी, बॉटलिंग प्लांट कारोबारी गुलाब चंद लधानी के चार राज्यों में 40 ठिकानों पर शुक्रवार सुबह आयकर विभाग ने छापे मारे।दिल्ली आयकर कार्यालय ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में लधानी ग्रुप के प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। कार्रवाई में 100 से ज्यादा आयकर अधिकारियों का सहयोग लिया गया। आगरा में लाजपत कुंज स्थित गुलाब चंद लधानी के घर पर सुबह से ही आयकर की टीम ने कार्रवाई शुरू कर दी, जो देर रात तक जारी रही। आयकर अधिकारियों के मुताबिक दो से तीन दिन तक इन ठिकानों पर सर्च चल सकती है।

    वृंदावन बॉटलिंग प्लांट, अमृत बॉटलर्स समेत कोका कोला के बॉटलिंग प्लांट संचालित करने वाले लधानी ग्रुप के आगरा में सात ठिकानों समेत चार राज्यों में 40 ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापे मारे। सुबह 9 बजे पूरे देश में एक साथ इन ठिकानों पर दिल्ली आयकर विभाग ने स्थानीय सहयोग के साथ कार्रवाई शुरू की। आगरा में लाजपत कुंज स्थित घर, संजय प्लेस स्थित ऑफिस, फतेहाबाद रोड स्थित होटल ताज कन्वेंशन, कोसी, हाथरस, अयोध्या, बरेली, नोएडा, उन्नाव केनबावगंज स्थित वृंदावन बॉटलिंग प्लांट समेत जगहों पर छापेमारी की गई। कंपनी के आगरा कार्यालय से मिले कागजातों के आधार पर दोपहर बाद अन्य शहरों में लिंक सर्वे किए गए, जहां कंपनी के प्रतिष्ठान थे।

    1982 में शुरू किया था सॉफ्ट ड्रिंक कारोबार

    लधानी ग्रुप पहले सिविल इंजीनियरिंग कारोबार में था। सरयू पर राम की पैड़ी के निर्माण करने वाली कंपनी ने बाद में सॉफ्ट ड्रिंक बनाना शुरू कर दिया और उसके बाद कोका कोला के साथ बाटलिंग प्लांट और ड्रिंकिंग वाटर का कारोबार किया। कंपनी का लखनऊ में रिवरसाइड मॉल, मल्टीप्लेक्स और आयनक्स आदि शामिल हैं।

    भारी पैमाने पर की गई जमीन की खरीद

    लधानी ग्रुप पर छापे केदौरान विभाग को जमीन की भारी खरीद-फरोख्त के कागजात मिले हैं। कंपनी ने हाल में ही कई शहरों में जमीन की खरीद की है। अयोध्या, नोएडा और आगरा के अलावा देश के कई शहरों में रियल एस्टेट में भारी निवेश की जानकारी विभाग को मिली है। छापे के दौरान सभी प्रतिष्ठानों में बाहरी लोगों का प्रवेश बंद कर दिया गया, वहीं देर रात तक प्रतिष्ठानों में सर्च के कारण सभी कर्मचारी अंदर ही रहे। आयकर अधिकारियों के मुताबिक कंपनी की अघोषित आय करोड़ों में पहुंच सकती है। विभाग के लिए यह बड़ी कार्रवाई साबित हो सकती है

    लैपटॉप, कंप्यूटर को किया जब्त

    कार्रवाई में आयकर अधिकारियों की टीमों ने संजय प्लेस ऑफिस से कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल जब्त कर लिए, जबकि कई कागजात ऐसे मिले हैं, जिनसे बड़े पैमाने पर बिक्री की जानकारी मिली है। आयकर कार्रवाई के साथ सेंट्रल जीएसटी की टीम भी इस कार्रवाई में सहयोग कर रही है। अयोध्या के अमृत बॉटलर्स, रामनगर, बरेली, नोएडा, गुरुग्राम, लखनऊ और आगरा स्थित घर पर कई गाड़ियां भरकर दस्तावेज मिले हैं।

    सुबह अचानक बुलाए आयकर अधिकारी

    दिल्ली आयकर कार्यालय की टीम रात में आ गई, पर आगरा आयकर विभाग के अधिकारियों को सुबह 7 बजे बुलाया गया और उन्हें तब तक ग्रुप पर छापे की भनक भी नहीं लगने दी गई। जब टीमें प्रतिष्ठानों पर पहुंची, तब लधानी ग्रुप पर छापे की जानकारी स्थानीय अधिकारियों को हुई। आठ साल पहले वर्ष 2013 में भी लधानी ग्रुप पर छापा पड़ा था।

  • दिल्ली के ऑटो मालिको को कब मिलेगा परेशानियों से छुटकारा

    दिल्ली के ऑटो मालिको को कब मिलेगा परेशानियों से छुटकारा

    *दिल्ली परिवहन विभाग के ऑटो शाखा से आख़िर क्यों है ऑटो मालिक परेशान*

    सच्चाई तो यह है की ऑटो शाखा में पिछले कई सालों से ऐसे अधिकारियो को मुख्य यानी डीटीओ के पद पर आसीन किया जाता गया है जिनकी छवि काफी अच्छी रही है और जनता के लिए हितकारी कहलाते रहे हैं पर अफसोस की बात फिर भी ऑटो के परमिट चालकों की परेशानियां दूर ही नहीं हो पा रही।

    *आख़िर कौन है इस परेशानी का जिम्मेदार* ?

    प्रथम दृष्टि से ऑटो के मालिको की परेशानियों के जिम्मेदार परिवहन विभाग के आला अधिकारी ही लगते हैं क्योंकि उनकी जानकारी में एक शिकायत आने के बाद उस से संबंधित अन्य सभी समस्याओं का पूरा विवरण मंगा कर सबकी समस्याओं का कारण जांच कर ऑटो मालिको को उनकी परशानियो से मुक्त कर देना चाहिए पर ऐसा हो नहीं रहा और दूसरी सबसे बड़ी सच्चाई यह भी है की आम ऑटो मालिक अपनी परेशानी लेकर आला अधिकारियों तक पहुंच ही नहीं पाते क्योंकि आला अधिकारी तो अपने चारो और जेड प्लस सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर के बैठे हैं।

    आप सभी यह तो जानते ही होंगे कि आम आदमी पार्टी को दिल्ली में सरकार बनवाने में अगर किसी का श्रेय हैं तो वह हैं ऑटो चालक और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी।

    सबसे महत्वपूर्ण बात आज अन्य तो परेशान हैं ही पर यह दोनों (ऑटो मालिक और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी) सबसे ज्यादा परेशान, ऐसा नहीं की आम आदमी पार्टी ने ऑटो चालकों के लिए मदद में कोई कमी नहीं रखी पर फिर भी है परेशान, आख़िर क्यों। बड़ा सवाल ?

    दिल्ली परिवहन विभाग के आला अधिकारियों से टोलवा की और से नरम निवेदन प्रार्थना है
    ऑटो चालको और मालिको को अपने परमिट को नए वाहनों पर आने वाली परेशानियों की जांच करवाएं की आख़िर पिछले 6 सालों से ऑटो मालिक नया वाहन पूर्ण कानूनी कार्यवाही करके खरीद कर वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर के इंतजार में धक्के खा रहे हैं आख़िर क्यों, क्या आला आधिकारी जनता को बताना पसन्द करेगें।
    ऑटो मालिक अपने ही नाम के परमिट को नए ऑटो पर पाने के लिए धक्के खाते रहते हैं क्या आला अधिकारी जनता को बताना पसन्द करेगें क्यों ?

    जनहित में जारी
    संजय बाटला