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  • दिल्ली में डीजल वाहनों पर पाबंदी क्यों, जब बाहरी राज्यों के पंजीकृत वाहनों को आने की इजाजत

    दिल्ली में डीजल वाहनों पर पाबंदी क्यों, जब बाहरी राज्यों के पंजीकृत वाहनों को आने की इजाजत

    दिल्ली में व्यवसायिक कार्य के लिए डीजल वाहनों पर पाबन्दी क्यों ?

    दिल्ली में एनजीटी द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के लिए डीजल के वाहनों के पंजीकरण पर रोक लगाने के दिशा निर्देश दिए थे पर क्या यह आज के पेट्रोलियम यूरो VI पर इसको लागू करना न्यायिक है ?

    दिल्ली सरकार, परिवहन विभाग, एनजीटी और माननीय उच्चतम न्यायालय इस दिशा निर्देश को उचित मानते हैं तो दिल्ली की जनता को इसे बंद करने का पूर्ण कारण बताए

    जहां तक हमारी जानकारी हैं यूरो VI पेट्रोलियम पदार्थ (डीजल/पेट्रोल) शीशा रहित है और इनसे निकलने वाला प्रदुषण सीएनजी से निकलने वाले प्रदुषण से ज्यादा नहीं होता।

    अब दिल्ली की जनता दिल्ली सरकार, परिवहन विभाग, एनजीटी और माननीय उच्चतम न्यायालय से जानना चाहते हैं कि क्या दिल्ली में बिकने वाला पेट्रोल/डीजल का मानक क्या यूरो VI नही है या भारत सरकार द्वारा और पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा दिया गया ब्यान की यूरो VI मानक के पेट्रोलियम पदार्थ प्रदुषण मुक्त है।

    भारत सरकार द्वारा मानक यूरो VI के वाहनों के पंजीकरण भी इसी लिए अनिवार्य किए थे क्योंकि इनसे प्रदुषण नियंत्रण होगा।

    आज दिल्ली में नए वाहनों का पंजीकरण सिर्फ यूरो VI मानक का ही हो सकता हैं और दिल्ली में पेट्रोलियम पदार्थ (पेट्रोल/डीजल) भी सिर्फ यूरो VI ही मिलता है।

    दिल्ली से अन्य राज्यो मे आने जाने के लिए सीएनजी / इलैक्ट्रिक / पेट्रोल वाहनों से ज्यादा डीजल वाहनों पर जनता विश्वास करते है और इसी कारण दिल्ली में डीजल वाहनों को उपलब्धता ना होने के कारण अन्य राज्यो के पंजीकृत डीजल वाहनों को मंगवाते हैं ।

    दिल्ली में अन्य राज्यो के वाहनों द्वारा दिल्ली में एंट्री करने के लिए परिवहन विभाग/सरकार अन्य राज्यो की तरह टैक्स नहीं लेती हैं जिस कारण दिल्ली में बाहरी राज्यों के डीजल वाहन सदैव घूमते और सवारी लेते हुए नज़र आते है।

    दिल्ली में डीजल वाहनों के पंजीकरण पर बंदिश लगाने के बावजूद दिल्ली में डीजल वाहनों की आवाजाही और कारोबार चल रहा हैं तो दिल्ली के व्यवसायियों को रोज़गार के लिए और दिल्ली की जनता को दिल्ली के नियमो अनुसार चलने वाले वाहनों की उपलब्धता प्रदान करने में रोक क्यों ?

    ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स एंड लेबर वेलफेयर एसोसिएशन दिल्ली परिवहन विभाग से अनुरोध करता है कि दिल्ली में अवैधानिक वाहनों को रोक लगाने और दिल्ली की जनता को सुरक्षित और दिल्ली के पंजीकृत वाहनों की जरुरत अनुसार उपलब्धता करवाने के लिए दिल्ली में डीजल वाहनों का पंजीकरण शुरु करे।

    जनहित में जारी
    संजय बाटला

  • घर बनाने के लिए फिर से आया मौक़ा. नया सरिया के दाम में भारी गिरावट नया रेट जाने अपने सहर का डिटेल में

    घर बनाने के लिए फिर से आया मौक़ा. नया सरिया के दाम में भारी गिरावट नया रेट जाने अपने सहर का डिटेल में

    घर बनाने के लिए फिर से आया मौक़ा. नया सरिया के दाम में भारी गिरावट नया रेट जाने अपने सहर का डिटेल में – इंडिया टीवी एमपी तक न्यूज़-

    पहले भी सरिया के दाम में गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन त्योहार खत्म होने के बाद इनमें फिर से तेजी देखी गई, लेकिन अब जबकि 2022 खत्म होने वाला है, तो आखिरी महीनों में एक बार फिर सरिया के दाम गिर गए हैं और ये दिवाली के समय से भी नीचे पहुंच गए हैं।

    सरिया के दाम में बड़ी गिरावट

    Steel-Sariya prices fall again: बीते दिनों स्टीलमिंट के हवाले से जारी एक रिपोर्ट में बताया गया था कि Steel की कीमत इस वित्त वर्ष की पहली छमाही में ही 40 फीसदी तक की गिर गई, अक्टूबर में इसका दाम 57,000 रुपये प्रति टन रह गया था, जबकि अप्रैल 2022 की शुरुआत में घरेलू बाजार में स्टील की कीमतें (Steel Price) 78,800 रुपये प्रति टन के हाई पर पहुंच गई थी।

    वहीं स्टील पर लगने वाली 18 फीसदी जीएसटी दर को जोड़कर देखें तो अप्रैल में यह करीब 93,000 रुपये प्रति टन पर थी, बहरहाल, अब फिर से सरिया के दाम में भारी गिरावट आई है, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत तमाम राज्यों के शहरों में यह सस्ता मिल रहा है।

     

    प्रमुख शहरों में TMT Steel Bar के दाम (18% जीएसटी के बिना)

    शहर (राज्य) 19 अक्टूबर 2022 – 12 नवंबर 2022

    रायगढ़ (छत्तीसगढ़) 50,000 रुपये/टन 47,200 रुपये/टन
    राउरकेला (ओडिशा)51,100 रुपये/टन 48,200 रुपये/टन
    नागपुर (महाराष्ट्र) 51,900 रुपये/टन 49,900 रुपये/टन
    हैदराबाद (तेलंगाना) 52,000 रुपये/टन 49,500 रुपये/टन
    जयपुर (राजस्थान) 53,100 रुपये/टन 50,300 रुपये/टन
    भावनगर (गुजरात) 54,500 रुपये/टन 52,500 रुपये/टन
    गाजियाबाद (यूपी) 52,200 रुपये/टन 50,800 रुपये/टन
    इंदौर (मध्य प्रदेश) 54,200 रुपये/टन 52,000 रुपये/टन
    गोवा 53,500 रुपये/टन 52,000 रुपये/टन
    चेन्नई (तमिलनाडु) 54,500 रुपये/टन 52,600 रुपये/टन
    दिल्ली 53,300 रुपये/टन 51,500 रुपये/टन
    मुंबई (महाराष्ट्र) 55,100 रुपये/टन 53,000 रुपये/टन
    कानपुर (उत्तर प्रदेश 55,200 रुपये/टन 54,000 रुपये/टन
    जालना (महाराष्ट्र) 54,000 रुपये/टन 52,700 रुपये/टन

  • जेल से रिहा होने के बाद मीडिया से रूबरू हुई नलिनी श्रीहरन, कही ये बड़ी बात

    जेल से रिहा होने के बाद मीडिया से रूबरू हुई नलिनी श्रीहरन, कही ये बड़ी बात

    जब इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या हुई, तो हमारा परिवार दुखी था

    नलिनी ने मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि कुछ लोग हमारी रिहाई का विरोध करते हैं। हम एक कांग्रेसी परिवार हैं। जब इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या हुई, तो हमारा परिवार दुखी था और खाना नहीं खाया। मैं यह स्वीकार नहीं कर सकता कि राजीव गांधी की हत्या में मेरा नाम लिया गया था। मुझे उस दोष से मुक्त होना चाहिए। हमें नहीं पता कि उनकी हत्या किसने की।

    अपने पति समेत चार श्रीलंकाई नागरिकों को शिविर से रिहा करने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि मैं राज्य और केंद्र सरकार से अपील करती हूं कि वे 4 श्रीलंकाई नागरिकों को रिहा करें, जो त्रिची विशेष शिविर में बंद हैं-जिसमें मेरे पति भी शामिल हैं। यह विशेष कैंप जेल से छूटने के बाद भी फिर से जेल जैसा है।

    सुप्रीम कोर्ट ने दिया था रिहाई का आदेश

    देश की सर्वश्रेष्ठ अदालत सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री के 6 आरोपियों को रिहा करने का आदेश दिया। राजीव गांधी हत्याकांड में उम्रकैद की सज़ा काट रही नलिनी श्रीहरन और आर. पी. रविचंद्रन को समय से पहले रिहा करने की मांग की गयी थी। संविधान के अनुच्छेद-142 के तहत प्रदत्त शक्ति का इस्तेमाल करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने 18 मई को पेरारिवलन को रिहा करने का आदेश दिया था, जिसने 30 साल से अधिक जेल की सज़ा पूरी कर ली थी।

  • राष्ट्पति का स्वागत किया वन मंत्री डॉ कुँवर विजय शाह ने

    राष्ट्पति का स्वागत किया वन मंत्री डॉ कुँवर विजय शाह ने

    आज जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में मध्यप्रदेश पधारी महामहिम राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू का स्वागत वंदन अभिनन्दन किया वन मंत्री डॉ कुँवर विजय शाह ने इस अवसर पर अपने वर्ग के विधायक और मंत्री को देखकर राष्ट्रपति मेडम ने वन मंत्री का हालचाल जाना प्रदेश में सब कुशलता है इस तरह से पूंछा और प्रदेश में खुशहाली आये इसके लिए प्रेरित किया।ज्ञात होवे वन मंत्री डॉ कुँवर विजय शाह के वंशजों ने देश की आजादी में अपना वलिदान दिया इस बात से राष्ट्रपति मेडम भलीभांति परिचित है वही अजेय योद्धा और आदिवासियों के हितार्थ सदैव सेवा में रहने वाले वन मंत्री डॉ कुँवर विजय शाह को राष्ट्रपति मेडम व्यक्तिगत भी स्नेह करती है।

  • गोरखपुर में सामूहिक आत्महत्या! पिता ने दो पुत्रियों के साथ किया सुसाइड, आर्थिक तंगी से जूझ रहा था परिवार।

    गोरखपुर में सामूहिक आत्महत्या! पिता ने दो पुत्रियों के साथ किया सुसाइड, आर्थिक तंगी से जूझ रहा था परिवार।

    गोरखपुर से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक पिता और दो पुत्रियों का शव फंदे से लटका मिला है. कमरे में पंखे पर दोनों बेटियों का दुपट्टे से शव लटका मिला है.वहीं दूसरे पंखे पर पिता का शव लटका मिला है. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई है. साथ ही तीनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुसाइड का कारण आर्थिक तंगी बताया जा रहा है.

    बुजुर्ग पिता ने देखा तीनों का शव

    दरअसल, ये घटना शाहपुर थाना क्षेत्र के गीता वाटिका स्थित घोसीपुरवा की है. यहां एक घर के अंदर पिता और दो बेटियों का शव बरामद हुआ है. मृतक युवक के पिता सुबह जब एक प्राइवेट अस्पताल में सिक्योरिटी की नौकरी करने के बाद वापस लौटे तो घर के अंदर का दृश्य देख उनके होश उड़ गए. आनन-फानन में पुलिस को घटना की जानकारी दी. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. फिलहाल, मामले की जांच जारी है।

    ओम प्रकाश श्रीवास्तव को फंदे से लटके मिले शव,,,,,

    दरअसल, आज मंगलवार की सुबह जब ओम प्रकाश श्रीवास्तव अपनी गार्ड की ड्यूटी पूरी करके घर पहुंचे, तो घर का दरवाजा खुला हुआ था. जब घर में दाखिल हुए तो घर के अंदर उनकी दोनों पोतियां एक कमरे में पंखे पर फंदे से लटकी हुई थीं, और दूसरे कमरे में उनका बेटा जितेंद्र श्रीवास्तव पंखे पर फंदे से लटका हुआ था. जिसकी सूचना उन्होंने बगल में रहने वाले अपने दूसरे बेटे को दी. मृतक के परिवार वालों ने बताया कि, रोज घर का दरवाजा बंद रहता था, लेकिन आज जब ओम प्रकाश श्रीवास्तव ड्यूटी करके घर पर आए तो दरवाजा खुला हुआ था.

    सुसाइड नोट में तोते को छोड़ने का जिक्र,,,,,

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई. जब घर की छानबीन की तो वहां एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें मृतक ने सुसाइड नोट में तोता छोड़ने का जिक्र किया है. बताते चलें मृतक जितेंद्र और उनकी दोनों बेटियां ने घर में 4 साल पहले दो तोतों (पक्षी) को पाली था. घर में दोनों तोते कपड़े से ढके मिले, परिवार वालों ने जब तोते को बाहर निकालकर उड़ाने की कोशिश की तो तोते उड़े नहीं. दोनों तोतों का नाम पैबलों और लिली है।

    मृतक कृत्रिम पैर के सहारे चला रहा था घर,,,,,

    मृतक जितेंद्र अपने घर में ही सिलाई का काम करते थे, एक हादसे के दौरान जितेंद्र का सन 1999 में एक पैर कट गया था. उसके बाद से कृत्रिम पैर के सहारे वह घर पर ही काम करते थे. उनकी दो बेटियां मान्या और मानवी कक्षा नौ और सात की छात्र थीं और पास में ही आवास विकास कॉलोनी में स्थित सेंट्रल एकेडमी स्कूल में पढ़ती थीं.

    परिवार वालों ने बताया कि, सोमवार को बाल दिवस पर दोनों ने संस्कृत कार्यक्रम में हिस्सा भी लिया था. बताया जा रहा है की कुछ साल पहले जितेंद्र और उसकी भाई ने बंटवारा हो गया था. जितेंद्र के पिता गार्ड की नौकरी करते हैं और वह अपने बड़े बेटे जितेंद्र के साथ रहते थे.

    आर्थिक तंगी से जूझ रहा था परिवार,,,,,

    शुरुआती जांच में यह भी बात सामने आई है कि, जितेंद्र करीब 12 लाख रुपए से अधिक के कर्ज में डूबा हुआ था. वहीं इस मामले में गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने बताया कि, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की है. घटना वाली जगह से कुछ चीजें मिली हैं. जिसकी जांच के बाद पता चल सकेगा कि घटना सुसाइड की है या हत्या की? उन्होंने बताया की परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की बात सामने आ रही है. फिलहाल पुलिस पहलुओं पर जांच जारी है.

  • चंदौली में भी जर्जर सड़कों पर चलने को मजबूर लोग, एक्सीडेंट में चोटिल हो रहे हैं लोग।

    चंदौली में भी जर्जर सड़कों पर चलने को मजबूर लोग, एक्सीडेंट में चोटिल हो रहे हैं लोग।

    रिपोर्ट (एस,के,.गुप्ता)यूपी सरकार ने प्रदेश की सभी सड़कों को 15 नवंबर तक गड्ढा मुक्त करने का फरमान जारी किया है. इसको देखते हुए चंदौली का PWD विभाग लगातार सड़कों को गड्ढा मुक्त करने में लगा हुआ है, लेकिन कुछ मार्ग ऐसे भी हैं जो अभी भी गड्ढों से भरे हुए हैं. लोग इन गड्ढों के बीच से गुजरने को मजबूर हैं. आए दिन लोग इन गड्ढों से भरी सड़क पर गिरकर चोटिल हो रहे हैं.

    जनपद में सबसे बुरा हाल पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर मुगलसराय चहनिया मार्ग का है. लगभग 16 किलोमीटर की यह सड़क पंडित दीनदयाल उपाध्याय जक्शन से होते हुए चहनिया जाती है. ये चहनिया से गाजीपुर और वाराणसी जनपद को जोड़ती है।

    ग्रामीणों की मानें तो पिछले कई वर्षों से यह सड़क जर्जर अवस्था में है. जबकि इस मार्ग पर 24 घंटे आवागमन होता है. गड्ढों के कारण लोग आए दिन वाहनों से गिरकर घायल भी हो रहे हैं. जनपद के सुदूर इलाके चाहे धानापुर ब्लाक क्षेत्र हो या बरहनी ब्लॉक क्षेत्र हो ग्रामीण इलाको में सड़कों का यही हाल है।

    पंडित दीनदयाल उपाध्याय जक्शन से होते हुए चहनिया और चहनिया से गाजीपुर वाराणसी जनपद को जोडने वाली इस सड़क पर आए दिन लोग गिरकर चोटिल होते हैं, लेकिन अधिकारियों को लोगों की परेशानी नजर नहीं आती।

    वो कभी भी इसे बनवाने का प्रयास करते हुए दिखाई नहीं देते. इलाके के रहने वाले लोग सड़क को लेकर परेशान हैं।

    15 नवंबर सड़कों को कर दिया जाएगा गड्ढा मुक्त,,,,,

    पीडब्ल्यूडी के एक्स ई एन डी पी सिंह ने कहा शासन द्वारा तय सीमा (15 नवंबर) तक सड़कों को गड्ढा मुक्त कर दिया जाएगा. जनपद में बड़े पैमाने पर गड्ढा मुक्ति का कार्य चल रहा है. वही पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर से चहनिया की सड़क के लिए एस्टीमेट भेजा गया है।

    शासन से मंजूरी मिलते ही इस सड़क का चौड़ीकरण कर नए सिरे से बनाया जाएगा. क्योंकि इस सड़क पर घनत्व बढ़ता जा रहा है,और वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है. इससे यह सड़क क्षतिग्रस्त होती जा रही है. इस सड़क का ज्यादातर हिस्सा गंगा की बाढ़ की चपेट में प्रतिवर्ष आता है. इस कारण भी सड़क क्षतिग्रस्त हो जाती है. विभाग तय समय से सड़कों को गड्ढा मुक्त कर देगा.

  • डाइट कोरबा में बाल दिवस पर आनंद मेला का हुआ आयोजन, दिखा छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की झलकियां

    डाइट कोरबा में बाल दिवस पर आनंद मेला का हुआ आयोजन, दिखा छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की झलकियां

    कोरबा/स्वराज टुडे: डाइट कोरबा में बाल दिवस के उपलक्ष में प्राचार्य श्री राम हरि सराफ सर के कुशल नेतृत्व तथा समस्त अकादमिक सदस्यों के मार्गदर्शन एवं सहयोग से आनंद मेला का आयोजन किया गया, जिसमें डीएलएड प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के छात्र अध्यापकों के द्वारा विभिन्न व्यंजनों का स्टॉल लगाया गया।

    जिसमें छत्तीसगढ़ी व्यंजन,अयिरसा, गुजिहा, चौसेला,चीला -चटनी ,गुलगुला भजिया, फरा सोहारी, के साथ साथ पानी पूरी,भेलपुरी,कटोरी चाट,फ्रूट सलाद, अप्पे,ढोकला,काफी,चाय,पाव भाजी ,वेज बिरयानी,रायता,मटर भेल,गुलाब जामुन,जलेबी,कटलेट, नमकीन सलोनी,मूंगफली,आदि का भी स्टाल लगाया गया।

    सभी अकादमिक सदस्यों छात्राध्यापकों, पालकों,स्काउट गाइड,प्रशिक्षण में आये हुए शिक्षकों द्वारा आनंद मेला का लुत्फ उठाया गया ,प्राचार्य महोदय के द्वारा छात्राध्यापकों को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामना दी गई।

     

  • विशेष आयुक्त के पीएस साहिल सहरावत ने किया बड़ा खुलासा

    विशेष आयुक्त के पीएस साहिल सहरावत ने किया बड़ा खुलासा

    परिवहन विभाग द्वारा परेशान वाहन मालिक को और अधिक परेशानियां

    दिल्ली परिवहन विभाग भारत देश का पहला ऑनलाइन फेस फ्री कार्यशैली लागू करने वाला विभाग,

    दिल्ली परिवहन विभाग भारत में इकलौता विभाग जो जब इच्छा हो
    माननीय उच्चतम न्यायालय, माननीय उच्च न्यायालय एवम् माननीय कैट के आदेशों/ दिशा निर्देशों को दरकिनार करने में सक्षम
    भारत सरकार द्वारा विधि विधान से पारित गैजेट नोटिफिकेशन को दरकिनार करने में सक्षम
    माननीय उपराज्यपाल की जानकारी में डाले बिना और गैजेट नोटिफिकेशन जारी किए बिना कोई भी अपनी इच्छा का कार्य लागू करने में सक्षम

    उद्योगपतियों/ बड़े घरानों/ व्यवसायिक घरानों को कमाई करवाने और दिल्ली के राजस्व में इज़ाफ़ा करवाने के लिए कुछ भी कर सकने में सक्षम

    इन सभी खूबियों के साथ आज सामने आई एक और खासियत जो आप सबकी जानकारी में होना अति आवश्यक है क्योंकि दिल्ली में लाइसेंस होल्डर और वाहन मालिक के लिए मोटर वाहन अधिनियम में दी गई शक्तियों द्वारा अपने साथ हुए अन्याय के लिए प्रयोग करने के लिए भी कर रखा है वंचित,

    जी,
    यह एक बड़ा सच है !!!

    किसी भी लाइसेंस धारक या वाहन का पंजीकरण किसी सजा की तहत अगर डीटीओ या डीटीओ मुख्यालय द्वारा दंड में रद्द कर दिया जाए तो उसके खिलाफ़ मोटर वाहन अधिनियम और नियम के तहत वह सजायाफ्ती अपनी सजा के खिलाफ़ अपील कर सकता है और यह अपील लगती हैं विशेष आयुक्त (प्रचालन) परिवहन विभाग के पास लगाई जाती हैं और उस अपील को लगाने के निर्धारित शुल्क 500 रुपए अपनी अपील के साथ जमा करवाना होता है।

    निर्धारित शुल्क के साथ अपील जमा करने पर विशेष आयुक्त (प्रचालन) द्वारा अपील पर सुनवाई कर अपना फैसला प्रदान करते हैं पर आज की तारीख में परिवहन विभाग के विशेष आयुक्त (प्रचालन) की ब्रांच में आए हुए अपने वाहन के पंजीकरण के रद्द आदेश के खिलाफ अपिल लगाने के लिए शुल्क जमा करने और अपील को जमा करने के लिए कहा तो वहा विराजमान पीएस साहिल सहरावत द्वारा जवाब दिया गया की शुल्क जमा करवाने और अपील जमा करने के लिए पहले विशेष आयुक्त से आज्ञा लेनी होगी, यह कैसा कानून और कैसा फैसला और वह भी उस विभाग में जहां सभी कार्य फेस फ्री आनलाइन कार्यशैली से होने का विश्व में विज्ञापनों द्वारा बताया जा रहा है।

    एक परेशान व्यक्ती को अपने साथ हुए गलत आदेश के लिए भी अपील की इजाजत लेनी अनिवार्य, कैसा जनहित का है ना परिवहन विभाग दिल्ली?

    जनहित में जारी
    संजय बाटला

  • आदर्श राजकीय कन्या इंटर काॅलेज में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन, छात्राओं को दी गई सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी

    आदर्श राजकीय कन्या इंटर काॅलेज में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन, छात्राओं को दी गई सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी

    आदर्श राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के तत्वाधान में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। परियोजना निदेशक पी. एस. गुसांई ने छात्राओं को सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी दी। मंगलवार को सिकरोढ़ा गांव स्थित आदर्श राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में सड़क सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में परियोजना के निदेशक पी. एस गुंसाई ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में जन जागरूकता कार्यक्रमों से ही कमी आ सकती है। अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन हर स्थिति में करना चाहिए। हम सभी का फर्ज बनता है दूसरों को भी नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करें। सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए उन्होंने सडक सुरक्षा के नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई। इस मौके पर प्रधानाचार्य डाॅ श्रीमती अर्चना गुप्ता समेत काॅलेज का समस्त स्टाफ मौजूद रहे ।