Author: cwsadmin

  • वाराणसी की सड़कें बनेंगी मॉडल, पार्कों में भी मिलेगी ओपन जिम की सुविधा,,,।

    वाराणसी की सड़कें बनेंगी मॉडल, पार्कों में भी मिलेगी ओपन जिम की सुविधा,,,।

     

    शहर की मुख्य सड़कों की सूरत बदल जाएगी। इन्हें मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। 

    लखनऊ की तर्ज पर सप्ताह के अंत में एवं विशेष अवसरों पर ट्रैफिकडायवर्ट कर जनभागीदारी के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयो जित किएजाएंगे इसकेअतिरिक्त शहर में लगाए गए साइनेज बोर्ड की मरम्मत की जाएगी। सारनाथ क्षेत्र में ग्रीन स्पेस, ओपन एयर ऑडिटोरियम, सर्फेस पार्किंग आदि की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। पार्कों में ओपन जिम एवं पार्क के लिए आर्किटेक्चरल ले-आउट बनाए जाएंगे।

    यह निर्णय वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) की अवस्थापन बोर्ड की बैठक में लिए गए हैं। इसमें मंडल आयुक्त कौशल राज शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया की उपरोक्तसभी काम प्राथमिकता पर जल्द पूरे कराए जाएं। इसके साथ ही शहर में पौधों में लगे आयरन ट्री-गार्ड के मेंटेनेंस एवं पेंटिंग के लिए जिला वन अधिकारी से समन्वय बनाकर काम करने के लिए निर्देशित किया।

    20 करोड़ रुपए से 30 चौराहे चमकेंगे,,,,,,,

    शहर के 33 चौराहों एवं मार्गों को चमकाया जाएगा। इसके लिए नगर निगम द्वारा 20 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। निगम बहुत जल्द टेंडर निकालेगा। प्रस्तावित कार्यों की थ्रीडी डिजाइन जारी कर दी गई है। वहीं, जिन सड़कों का चौड़ीकरण होना है, उन पर फुटपाथ बनेंगे। बाबतपुर रोड की तर्ज पर नाली से सटाकर रेलिंग लगाकर ट्रैफिक को सुगम बनाया जाएगा, जिससे अतिक्रमण की गुंजाइश नहीं रह जाएगी। फिलहाल लोग फुटपाथ पर ही दुकान खोल देते हैं। इससे ट्रैफिक काफी अधिक प्रभावित होता है। अधिकारियों ने चौड़ीकरण के लिए प्रस्तावित सड़कों का सर्वे शुरू कर दिया है। सर्वे पूरा होने के बाद टेंडर निकाला जाएगा। बहुत जल्द उन सड़कों पर फुटपाथ का निर्माण भी किया जाने लगेगा।

    इन चौराहों-तिराहों को चमकाया जाएगा,,,,,,,

    बाबतपुर तिराहा, संत अतुलानंद चौराहा, कचहरी चौराहा, आंबेडकर चौराहा, माल रोड चौराहा, पुलिस लाइन तिराहा, सर्किट हाउस तिराहा, चौका घाट चौराहा, तेलियाबाग चौराहा, मरी माई तिराहा, मलदहिया चौराहा, साजन तिराहा, रूद्राक्ष चौराहा, हरहुआ चौराहा, तिलक तिराहा, सिगरा चौराहा, रथयात्रा चौराहा, कमच्छा तिराहा, भेलूपुर चौराहा, विजया तिराहा, रविंद्रपुरी चौराहा, लंका चौराहा, बीएचयू चौराहा, लहुराबीर चौराहा, पिपलानी तिराहा, मैदागिन चौराहा, चौका घाट लकड़ी मंडी तिराहा, कज्जाकपुरा चौराहा, नमो घाट चौराहा, गोदौलिया चौराहा, गिरिजाघर, सोनारपुरा चौराहा, आशापुर चौराहा, चौखंडी स्तूप चौराहे को चमकाया जाना है।

  • ठाणे शहर में किशोरी से बलात्कार के आरोप में पड़ोसी पर प्राथमिकी दर्ज…

    ठाणे शहर में किशोरी से बलात्कार के आरोप में पड़ोसी पर प्राथमिकी दर्ज…

    ठाणे शहर में पुलिस ने एक नाबालिग लड़की से एक महीने तक लगातार बलात्कार करने के आरोप में उसके पड़ोसी पर प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि ठाणे शहर में 17 वर्षीय एक लड़की से उसके पड़ोसी ने कथित तौर पर एक महीने तक बार-बार बलात्कार किया।

    ठाणे : ठाणे शहर में पुलिस ने एक नाबालिग लड़की से एक महीने तक लगातार बलात्कार करने के आरोप में उसके पड़ोसी पर प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि ठाणे शहर में 17 वर्षीय एक लड़की से उसके पड़ोसी ने कथित तौर पर एक महीने तक बार-बार बलात्कार किया। आरोपी पड़ोसी को पीड़िता की मां ने उसे घर की चाबी दी थी, जो काम पर बाहर जाने से पहले सुरक्षा के लिए नाबालिग को घर में बंद कर देती थी।

    उन्होंने कहा कि पीड़िता की मां ने काम पर जाने से पहले उसे घर पर बंद करना शुरू कर दिया था क्योंकि नाबालिग के पिता ने तीन महीने पहले उसका यौन उत्पीड़न किया था। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि पीड़िता और आरोपी शहर के डायघर इलाके में रहते हैं और अपराध दिसंबर के मध्य में किया गया था। लड़की ने गुरुवार रात शिकायत दर्ज कराई थी। उसके आधार पर पुलिस ने शुक्रवार तड़के आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।

    शिल-डायघर थाना के अधिकारी ने कहा कि शिकायत के अनुसार, पीड़िता की मां एक स्थानीय मदरसे में रसोइए के रूप में काम करती है। वह शाम को भी कहीं और काम करती है। पीड़िता के पिता ने तीन महीने पहले उसके साथ बलात्कार किया था। इस मामले में शिकायत भी दर्ज की गई थी। हालांकि, घटना के बाद, लड़की की मां शाम को काम के लिए निकलने से पहले उसे घर में बंद कर देती थी। वह अपने घर के सामने रहने वाले दर्जी को चाबी सौंप देती थी।

    पुलिस ने कहा कि पिछले महीने जब पीड़िता अपने कपड़े बदलने के लिए उसके पास गई तो आरोपी ने पहली बार उसका यौन उत्पीड़न किया। उसने किसी को बताने पर पीड़िता को जान से मारने की धमकी भी दी। उसके बाद जब भी पीड़िता की मां दर्जी को चाबी सौंपकर काम के लिए बाहर जाती तो वह बच्ची को जबरन अपने घर ले जाता और उसका बलात्कार करता। चूंकि लड़की डरी हुई थी, इसलिए उसने किसी के सामने अपनी आपबीती नहीं बताई। शिकायत में कहा गया है कि 14 जनवरी को, पीड़िता आरोपी की जानकारी के बिना अपने मोबाइल फोन पर अपराध की वीडियो रिकॉर्ड करने में कामयाब रही।

    पुलिस ने बताया कि 19 जनवरी को जब दर्जी पीड़िता को घसीट कर अपने घर ले जा रहा था तो लड़की की एक परिचित महिला वहां आ गई और उसकी हरकत पर कड़ी आपत्ति जताई। नाबालिग ने हिम्मत जुटाकर महिला को आपबीती सुनाई और वीडियो भी दिखाया।

    इसके बाद पीड़िता ने पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 (2) (एन) (एक ही महिला से बार-बार बलात्कार), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 506 (आपराधिक धमकी) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

  • नवी मुंबई में मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के नाम पर ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़… 5 गिरफ्तार

    नवी मुंबई में मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के नाम पर ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़… 5 गिरफ्तार

    नवी मुंबई पुलिस ने मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के नाम पर छात्रों से 3.30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। नवी मुंबई के पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे ने बताया कि आरोपियों ने ठाणे जिले के नवी मुंबई के अलावा मुंबई, गुजरात और अन्य स्थानों के छात्रों के साथ भी धोखाधड़ी की थी।

    नवी मुंबई : नवी मुंबई पुलिस ने मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के नाम पर छात्रों से 3.30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। नवी मुंबई के पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे ने बताया कि आरोपियों ने ठाणे जिले के नवी मुंबई के अलावा मुंबई, गुजरात और अन्य स्थानों के छात्रों के साथ भी धोखाधड़ी की थी।

    पिछले पांच-सात साल से सक्रिय गिरोह के सदस्य प्री-मेडिकल, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कम अंक पाने वाले छात्रों से संपर्क करते थे और मोटी रकम के एवज में उन्हें मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की पेशकश करते थे। आरोपी मुंबई और नवी मुंबई के सात प्रमुख मेडिकल कॉलेज के प्रबंधन में अपना प्रभाव होने का दावा कर पीड़ित छात्रों का विश्वास हासिल करते थे और उन्हें जाली प्रवेश पत्र उपलब्ध करवाकर उससे नकद या डिजिटल माध्यम से पैसे लेते थे।

    अधिकारी ने बताया कि आरोपी उन वेबसाइटों से छात्रों का विवरण प्राप्त करते थे, जहां उन्होंने प्रवेश के लिए आवेदन किया था। अधिकारी के मुताबिक, आरोपी अपना प्रभाव दिखाने के लिए छात्रों को मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय (डीएमईआर) के कार्यालय ले जाते थे और फिर उन्हें फर्जी प्रवेश पत्र देते थे।