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  • परिवहन आयुक्त किस पर चाहते हैं नियंत्रण :- वाहन मालिक या प्रदुषण

    परिवहन आयुक्त किस पर चाहते हैं नियंत्रण :- वाहन मालिक या प्रदुषण

    उच्चतम न्यायालय के आदेश का नाम लेकर पक्षपात पूर्ण डीजल वाहनों के पंजीकरण खोलने के आदेश के खिलाफ़ वाहन मालिकों की बगावत शुरू

    परिवहन विभाग द्वारा दिल्ली में डीजल वाहनों के पंजीकरण को जिन शर्तों के साथ शुरू करने के आदेश पारित किए हैं उससे दिल्ली के अधिकतर परिवहन क्षेत्र से जुड़े मालिको, संस्थाओं, यूनियन, एनजीओ एवम् ट्रस्टों में रोष है।

    बड़ा सवाल:- क्या परिवहन विभाग द्वारा दिल्ली में प्रदुषण पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से डीजल वाहनों का व्यवसायिक गतिविधियों के लिए पंजीकरण बंद किया था ?

    अगर दिल्ली में डीजल वाहनों का पंजीकरण प्रदुषण नियंत्रण के उद्देश्य से लगाया गया था तो यूरो VI डीजल इंजन के वाहनों से निकलने वाला प्रदुषण सीएनजी से चलने वाले वाहनों से भी कम है की रिपोर्ट उजागर होने के साथ ही दिल्ली परिवहन विभाग ने दिल्ली में प्रदुषण नियंत्रण की गंभीरता को समझते हुए तत्काल प्रभाव से दिल्ली में डीजल वाहनों का पंजीकरण क्यो नही शूरू किया ?
    इसके बावजूद दिल्ली परिवहन विभाग के द्वारा कुछ महीनों पहले दिल्ली से अंतरराजकिय बस रूट पर डीजल बसों द्वारा प्रीमियम बस सेवा शुरू करने के उद्देश्य से कानूनी राय ली गई थी और उसमे भी डीजल यूरो VI वाहनों के पंजीकरण को हरी झंडी मिल गई थी,
    अब पिछले महीने एक एसोसिएशन द्वारा उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर डीजल बसों के पंजीकरण शुरू करने के आदेश पारित करवाए गए

    इन सभी बातों को ध्यान में रखकर देखा जाए तो दिल्ली में डीजल वाहनों के पंजीकरण में किसी प्रकार की रुकावट /शर्त नही होनी चाहिए पर दिल्ली के परिवहन आयुक्त द्वारा शर्तो के साथ आदेश पारित करवाना यह सिद्ध करता है की वह नही चाहते की दिल्ली का वाहन मालिक जो दिल्ली की जनता और बाहरी राज्यों / विदेशी पर्यटकों को सुरक्षित और विश्वसनीय सेवा प्रदान करते आ रहे हैं वह दिल्ली में अपना निजी डीजल वाहन पंजीकरण करवा पाए ।

    परिवहन आयुक्त आशीष कुंद्रा को दिल्ली के सभी पर्यटक स्थलों, धार्मिक स्थलों, अन्य सभी घूमने- देखने के स्थलों और व्यवसायिक बाजारों में दिल्ली से बाहर के राज्यो के व्यवसायिक नम्बर के पंजीकृत अनगिनत डीजल वाहनों का खड़ा होना और दिल्ली की सड़को पर 24 घंटे 12 महीनों तक बेखौफ चलते रहना नही दिखता या देखना नही चाहते ?

    क्या परिवहन आयुक्त आशीष कुंद्रा का यह मानना है की दिल्ली से बाहर के राज्यो के यूरो-II और यूरो-IV के पंजीकृत हजारों की तादाद के डीजल वाहन जो बेखौफ दिल्ली की सड़को पर चल रहे हैं से प्रदूषण नही होता ?

    क्या प्रदुषण सिर्फ दिल्ली के पंजीकृत डीजल वाहनों से ही निकलता है इसलिए दिल्ली में डीजल वाहनों का पंजीकरण बंद कर रखा हैं चाहें वह यूरो VI इंजन के डीजल वाहन ही क्यों ना हो जिनका प्रदूषण सीएनजी वाहनों से भी कम है (गूगल सर्च कंपेरिजन रिपोर्ट की कॉपी स्लगन)

    स्पेशल कमिश्नर शिल्पा शिंदे द्वारा हस्ताक्षरित आदेश NO. F.DTO(HQ)/ 2022/11/CD No. 075689410/59404 Dated June, 23, 2023. जारी हुआ। इस आदेश में कहा गया है दिल्ली में बीएस 6 डीजल बसें उन्ही वाहन मालिकों की पंजीकृत होंगी जिनके पास विदेश मंत्रालय, दूतावास या किसी मंत्रालय या अन्य अथॉरिटी द्वारा वाहनों का मांग पत्र (एग्रीमेंट) उपल्ब्ध होगा और पंजीकृत करे गए वाहन G 20 शिखर सम्मेलन में चलेंगे । 7+1 एवम् उससे अधिक सवारी क्षमता के डीजल यूरो 6 वाहनों को दिल्ली परिवहन विभाग द्वारा पंजीकृत करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है । पंजीकरण करने से पहले परिवहन विभाग का शाखा प्रबंधक इस बात की जांच करेगा की यह वाहन G20 शिखर सम्मलेन से जुड़ा है, (आदेश की कापी स्लगन)

    दिल्ली के छोटे बड़े ट्रांसपोर्टर्स को ना तो G20 शिखर सम्मलेन में काम मिला है और ना ही मिलेगा, लेकिन हर साल देश और विदेश से लाखों पर्यटक दिल्ली में आते है और दिल्ली के पंजीकृत वाहनों के ना उपल्ब्ध होने पर अन्य राज्यों के पंजीकृत डीजल वाहनों का प्रयोग करने को मजबूर रहते हैं । दिल्ली के साधन संपन्न ट्रांसपोर्टर्स दुसरे राज्यों में डीजल बसें पंजीकृत करवा कर दिल्ली में चलाते हैं और अन्य ट्रांसपोर्टर अपने रोजगार को बनाए रखने के लिए बाहरी राज्यों के डीजल वाहनों को किराए पर लेने के लिए मजबूर रहते है ।

    अब सवाल यह उठता है बाहरी राज्यों के पंजीकृत डीजल वाहनों के बेखौफ दिल्ली की सड़को पर 24 घंटे चलन के बावजूद कैसे परिवहन विभाग करता है प्रदुषण नियंत्रण? यह बात आज तक दिल्ली की जनता और वाहन क्षेत्र के व्यवसाई नही समझ पाए ।

    यहां एक बात समझ आती है दिल्ली परिवहन विभाग और दिल्ली सरकार ग्रीन टैक्स के नाम पर जो करोड़ों रुपए बटोर रहे हैं अगर दिल्ली में डीजल वाहनो का पंजीकरण शुरू कर देंगे तो बटोरे जाने वाले करोड़ों रुपए में गिरावट आ जाएगी जो किसी भी क़ीमत पर परिवहन आयुक्त आशीष कुंद्रा को गवारा नहीं होगा, प्रदूषण नियत्रण का नाम लेकर डीजल वाहनों का पंजीकरण रोकना तो सिर्फ एक दिखावा है।

    दिल्ली परिवहन विभाग की जब इच्छा होती है वायु गुणवता पर्यावरण के नाम पर दिल्ली के पंजीकृत बीएस 4 डीजल टैक्सियों को बंद करने के आदेश पारित कर बीएस 6 डीजल टैक्सी को चलने की इजाजत दे देता हैं। जब दिल्ली में यूरो 6 डीजल वाहनों का पंजीकरण ही बंद हैं तो बाहरी राज्यों के पंजीकृत वाहनों के लिए दिल्ली में चलने के लिए छूट क्यों?

    कुछ महीनों पहले स्वयं दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने यह स्वीकार किया और बयान दिया था बीएस 6 डीजल वाहन पर्यावरण के अनूकूल है और पर्यावरण के लिए सीएनजी वाहनों से बेहतर है.

    सबसे बड़ा सवाल G 20 शिखर सम्मेलन अक्टूबर 2023 में खत्म हो जायेगा क्या दिल्ली परिवहन विभाग जिन वाहनों को जी20 के लिए पंजीकृत कर रहा है उनका पंजीकरण अक्टूबर में रद्द करेगा?

    दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग अगर दिल्ली के छोटे ट्रांसपोर्टर्स के साथ भेद भाव करेगें तो G20 शिखर सम्मेलन पर विरोध प्रदर्शन होगा और इस विरोध प्रदर्शन के लिए जिम्मेदार होगें दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग दिल्ली

    दूसरा बड़ा सवाल:- दिल्ली की जनता और ट्रांसपोर्टर्स के हित के सारे फैसलो को करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट जाना ही जरूरी है तो फिर लोकतंत्र या दिल्ली में चुनाव से बनी सरकार और सरकारी विभाग खास तौर से परिवहन विभाग दिल्ली की क्या है जरुरत ?

    तीसरा सवाल:- दिल्ली बॉर्डर से अंदाजन आधा किलोमीटर की दूरी पर लाखों डीजल वाहन पंजीकरण करवाकर लोग दिल्ली में चलाते है, फिर दिल्ली में पंजीकरण पर रोक क्यों ?

    परिवहन आयुक्त आशीष कुंद्रा जवाब दें क्या हमारा दिल्ली का नागरिक होना और वाहन क्षेत्र मे काम करना ही सबसे बड़ा कसूर और जुर्म है?

  • सीएम योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे, काशी विश्वनाथ मंदिर और काल भैरव मंदिर में किए दर्शन,,।

    सीएम योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे, काशी विश्वनाथ मंदिर और काल भैरव मंदिर में किए दर्शन,,।

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर गुरुवार को देर शाम वाराणसी पहुंचे। राजकीय वायुयान से लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, बाबतपुर पहुंचने के बाद उन्होंने सड़क मार्ग द्वारा सीधे काशी के कोतवाल काल भैरव मंदिर एवं उसके बाद श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विधिवत दर्शन पूजन किया।
     

     

    तत्पश्चात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लहुराबीर स्थित सरोजा पैलेस में पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी के छोटे भाई की शादी के प्रीतिभोज में सम्मिलित हुए। उन्होंने पुष्पगुच्छ देकर दंपत्ति को आशीर्वाद दिया। प्रीतिभोज कार्यक्रम में एक छोटी बच्ची को देख मुख्यमंत्री ने उसे पुचकारते हुए आशीर्वाद दिया।
     
    श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन करने के बाद मुख्यमंत्री ने कॉरिडोर को भी देखा। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि भीषण गर्मी पड़ रहा है। ऐसे में बाबा दरबार में आने वाले उनके भक्तों को प्रकार की परेशानी न होने पाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। मंदिर परिसर में ठंडा पेयजल की समुचित व्यवस्था के साथ ही साथ हवा की भी व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए।
     
    इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, आयुष एवं खाद्य सुरक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी, कमिश्नर कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी एस. राजलिंगम सहित पुलिस के अधिकारी एवं अन्य लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
  • कानपुर : लव मैरिज के खिलाफ थे दोनों परिवार, पति के जेल जाते ही देवर ने की भाभी की हत्या,,,।

    कानपुर : लव मैरिज के खिलाफ थे दोनों परिवार, पति के जेल जाते ही देवर ने की भाभी की हत्या,,,।

    कानपुर,क्राइम न्यूज :: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां एक महिला का शव कब्रिस्तान में पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।वहीं, मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है। पुलिस ने मृतक महिला मां की तहरीर पर देवर के खिलाफ FIR दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
     
    यह मामला कानपुर जिले के कर्नलगंज थाना क्षेत्र के बिसाती कब्रिस्तान का है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ग्वालटोली की रहने वाली 25 वर्षीय सिमरन ने 2021 में कर्नलगंज बिसाती कब्रिस्तान निवासी फैजान से लव मैरिज की थी। ससुराल और मायके वाले दोनों ही इस शादी के खिलाफ थे।
    शादी के कुछ दिन बाद ही सिमरन का पति फैजान एक दरगाह में चोरी करने के आरोप में जेल चला गया। पति के जेल जाने के बाद ससुरालियों ने सिमरन को घर से भगा दिया। तो वहीं, मायके वालों ने भी घर में पनाह नहीं दी। इसके चलते वह कर्नलगंज की दरगाह में ही रहती थी।
     
    एसीपी कर्नलगंज अकमल खान ने बताया कि गुरुवार सुबह खून से लथपथ सिमरन का शव कब्रिस्तान में पड़ा मिला। शव मिलने की सूचना पर पुलिस और फॉरेंसिक विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। फॉरेंसिक विभाग ने मौका-ए-वारदात से साक्ष्यों को कब्जे में लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
     
    वहीं, पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि देवर पप्पू ने ईंट से सिर कूचकर हत्या की है। हत्या के बाद से पप्पू फरार है। मृतक की मां जमीना बानो और पिता सकूर अली ने मौके पर पहुंचकर शिनाख्त की। मां की तहरीर पर कर्नलगंज थाने की पुलिस ने देवर पप्पू के खिलाफ हत्या की FIR दर्ज की है।
     
    एसीपी ने बताया कि हत्याकांड के बाद ससुराल के लोग मौके पर नहीं पहुंचे। मायके वालों ने भी शिनाख्त करके एफआईआर भले दर्ज करा दी हो, लेकिन कोई भी पोस्टमार्टम हाउस नहीं पहुंचा। इसके चलते पंचायतनामा भी नहीं हो सका। पुलिस ने ससुराल और मायके वालों को सख्ती से फोन करके बुलाया है।
  • प्रतिबंधित प्लास्टिक एवं कचरा फैलाने वालों पर लगातार कार्यवाही

    प्रतिबंधित प्लास्टिक एवं कचरा फैलाने वालों पर लगातार कार्यवाही

    भिलाईनगर/ नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र में प्लास्टिक मुक्त अभियान को लेकर कार्रवाई निरंतर जारी है, निगम के सभी जोन कार्यालयों में स्वास्थ्य विभाग की टीम शहर में प्लास्टिक एवं झिल्ली पन्नी के कचरों के रोकथाम के लिए बाजार व व्यवसायिक क्षेत्र में कार्रवाई कर रहे है। टीम के द्वारा निरीक्षण के दौरान कहीं भी प्लास्टिक या अन्य कचरा फैलाते हुए पाए जाने पर उनसे जुर्माना भी लिया जा रहा है। बाजार क्षेत्र में प्रतिबंधित झिल्ली, पन्नी विक्रय एवं उपयोग करते हुए पाए जाने पर प्रतिबंधित सामग्री को जप्त किया जा रहा है। आज निगम की टीम ने 6300 का जुर्माना वसूल किए। भिलाई शहर को झिल्ली, पन्नी के कचरों को समाप्त कर प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए लगातार बाजार तथा व्यवसायिक क्षेत्रों एवं दुकानों में निरीक्षण कर प्रतिबंधित प्लास्टिक एवं सिंगल यूज प्लास्टिक पर जप्ती बनाने की कार्रवाई की जा रही है, ताकि हमारा शहर साफ सुथरा हो और झिल्ली पन्नी के कचरों से फैलने वाले दुष्प्रभाव की रोकथाम हो सके। इसके लिए निगम प्रशासन द्वारा सभी 5 जोन कार्यालयों में गठित टीम द्वारा अलग-अलग जगहों पर दुकानों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में छापेमार कार्रवाई की जा रही है। जहां भी सिंगल यूज प्लास्टिक व प्रतिबंधित प्लास्टिक, पानी पाउच, गिलास, प्रतिबंधित झिल्ली, पन्नी, प्लास्टिक का दोना, पत्तल व प्लास्टिक अन्य सामग्री जो प्रतिबंधित है उस पर कार्रवाई की जा ही है। महापौर व निगम आयुक्त ने प्रतिबंधित प्लास्टिक एवं सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग तथा विक्रय नहीं करने की अपील शहरवासियों से की है। शहर को स्वच्छ और स्वस्थ रखने के लिए यह आवश्यक है कि प्रतिबंधित प्लास्टिक एवं सिंगल यूज प्लास्टिक का बहिष्कार करें। किसी भी प्रकार की सामग्री लेने के लिए कपड़े से बने थैले इत्यादि का उपयोग करें। भिलाई निगम ने सभी जोन में अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई प्रतिबंधित प्लास्टिक एवं सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ की है। प्लास्टिक से पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचता है जिसको देखते हुए इस पर भिलाई निगम क्षेत्र में कड़ाई से कार्यवाही की जा रही है। रात्रि के समय भी सड़क किनारे ठेला या स्टॉल लगाकर व्यवसाय करते हुए प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग व विक्रय करने वालो पर लगाम लगाया जा रहा है। इसके अलावा कचरे को इधर उधर फेंकते वाले, बिल्डिंग मटेरियल डंप कर सड़क बाधा, सीएनडी वेस्ट इत्यादि पर लगातार कार्यवाही की जा रही है।

  • महमूद कबाड़ी के फरार रहने से मोहन नगर पुलिस पर उठ रही उंगलियां

    महमूद कबाड़ी के फरार रहने से मोहन नगर पुलिस पर उठ रही उंगलियां

    दुर्ग//पिछले दिनों एस पी शलभ कुमार सिन्हा के द्वारा दुर्ग और भिलाई के तमाम बड़े छोटे कबाड़ीयो पर ताबड़तोड़ कार्यवाही की गई इन कबाडियो के पास से लाखों का कबाड़ भी बरामद हुआ वहीं मोहन नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिकोला बस्ती आलू गोदाम के पास कबाड़ का काम करने वाला महमूद कबाड़ी अब तक फरार है आपको बता दें कि जिस स्थान पर महमूद कबाड़ी अपनी दुकान संचालित करता है उससे महज तीन सौ मीटर की दूरी पर मोहन नगर पुलिस थाना है बावजूद इसके पुलिस अन्य कबाड़ी यो को तो पकड़ कर ऊनपर कार्यवाही कर रही है लेकिन यह बात समझ से परे है कि मोहन नगर पुलिस की गिरफ्त से अब तक महमूद कबाड़ी कैसे फरार है महमूद कबाड़ी के इस तरह फरार होने से ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं की कहीं मोहन नगर पुलिस ने महमूद कबाड़ी के साथ सांठगांठ तो नहीं कर ली है जिसके कारण हफ्ते भर पहले कबाड़ीयो पर हुई कार्यवाही के बाद भी महमूद कबाड़ी अब तक सलाखों के पीछे नहीं पहुंचा और महमूद की दुकान संचालित चल रही है और महमूद फरार है यह बात मोहन नगर पुलिस की कार्यवाही पर सवालिया निशान लगा रही है

  • कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता महत्वपूर्ण : डॉ. चोलेश्वर चन्द्राकर; कांग्रेस की सत्ता वापसी के लिए पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ ने कसी कमर

    कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता महत्वपूर्ण : डॉ. चोलेश्वर चन्द्राकर; कांग्रेस की सत्ता वापसी के लिए पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ ने कसी कमर

    छत्तीसगढ़
    कोरबा/स्वराज टुडे: प्रदेश कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. चोलेश्वर चन्द्राकर ने जिला कांग्रेस कार्यालय में जिला कांग्रेस पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ की गुरुवार को अहम बैठक ली। जिले भर के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता इस बैठक में भारी संख्या में उपस्थित होकर संगठन की एकता का परिचय दिया।
    बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. चन्द्राकर ने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने ऐसी ऐसी योजनाएं निकाली, जिससे इन साढ़े 4 सालों में प्रदेश की तरक्की दिखी और आम जनता का विश्वास बढ़ा और सर्वहारा वर्ग खुशहाल हुआ।

    डॉ. चन्द्राकर ने कहा कि हमें फिर से कांग्रेस को जितानी है और दोबारा सत्ता वापसी के लिए सभी कार्यकर्ता कमर कस लें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या सबसे अधिक है और यदि हम एकता का परिचय दें तो कोई भी कांग्रेस को हरा नहीं सकता। उन्होंने कहा कि भूपेश सरकार ने प्रदेश में विकास के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाया जो विलुप्त हो रही थी। उन्होंने सवा करोड़ प्रदेश की जनता का मान बढ़ाया और उसमें आत्मविश्वास जागा। प्रदेश उपाध्यक्ष श्यामसुंदर सोनी ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि हमने प्रदेश में राम की जननी कौशिल्या के मंदिर को भव्यता प्रदान की और हर साल कौशिल्या महोत्सव के माध्यम से नारी शक्ति के मान को बढ़ाया। राम वनपथ गमन परिपथ के माध्यम से प्रदेश के आध्यात्म को नई पहचान दी, वहीं हमारे विधायक एवं राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कोरबा में अद्वितीय रामदरबार का निर्माण कर कोरबा को धार्मिक नगरी बनाने महत्वपूर्ण कार्य किया। भाजपा ने अपने 15 साल के कार्यकाल में ऐसा कुछ नहीं किया, जिससे प्रदेश की पहचान बनी हो। राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, रीपा आदि के माध्यम से किसानों और ग्रामीणों की तरक्की हुई। इन साढ़े 4 सालों में प्रदेश की तस्वीर बदली है और प्रदेश की नई पहचान बनी।

    शहर जिला अध्यक्ष गजानंद प्रसाद साहू ने कहा कि कोरबा में इस बार चारों सीट जितने के लिए सभी कार्यकर्ता एकजुट हो जाएं और भूपेश सरकार की योजना को लेकर जनता के पास जायें। उन्होंने कहा कि कोरबा शहर को ही देख लीजिए, हमारे विधायक एवं राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के नेतृत्व में हर क्षेत्र में विकास झलक रहा है। प्रकोष्ठ के सलाहकार मुकेश राठौर ने कहा कि कांग्रेस ही प्रदेश की सही तरक्की कर सकती है और कांग्रेस किसानों, आदिवासियों, अनुसूचित वर्ग की तरक्की के लिए मार्ग प्रशस्त कर सकती हैं, इसलिए सभी वर्ग की खुशहाली के लिए संगठन को मजबूत करें और चुनाव में फिर से कांग्रेस को जिताने की पूरी कोशिश में लग जायें। ग्रामीण जिलाध्यक्ष राजेश मानिकपुरी ने कहा कि आज गांव गांव की तस्वीर बदली है।

    नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी योजना से किसानों को सिंचाई सुविधा और पशुधन की वृद्धि हुई है और किसानों की रूचि खेती किसानी की ओर बढ़ी हैं। ग्रामीण उपाध्यक्ष चन्द्रकुमार निर्णेजक ने कहा कि भूपेश सरकार ने खेती किसानी और ग्रामीणों को ध्यान में रखकर अर्थ व्यवस्था बनाई, जिससे ग्रामीणों और ग्रामों की तस्वीर बदली। शासकीय विभागों में हजारों भर्तियां निकाली जा रही है और हताश युवाओं में नई उम्मीद जागी है। बेरोजगारी भत्ता भी युवाओं को कैरियर सुधारने के लिए संजीवनी का काम रहा है। प्रदेश महामंत्री गोपाल यादव सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे।

    बैठक में प्रमुख रूप से ग्रामीण उपाध्यक्ष रामकुमार वर्मा, शहर उपाध्यक्ष प्रेमलाल साहू, जिला प्रवक्ता अमरू दास महंत, हाजी एकलाख दयाला, गणेश दास महंत, दुर्गा प्रसाद महतो, निर्मल कुमार साहू, विरेन्द्र राठौर, दिलशाद अली, राजेन्द्र सोनी, छतराम यादव, छोटेलाल पटेल, युवराज धीवर, कन्हैया राठौर, बद्री प्रसाद साहू, हरपाल सिह राठौर, डॉ. एचके राठौर, अनिल यादव, महेन्द्र निर्मलकर, शेखर यादव, द्वास राम साहू, रविकुमार, लक्ष्मी प्रसाद, धनेश्वर निर्मलकर, भरतदास वैष्णव, कृष्णी राठौर, कीर्तन बरेठ, ज्योति कौशिक, आरती सिंह, बबीता दिवान, सविता महंत, रमला महंत, गिरिजा बरेठ, संतोषी बरेठ, चित्ररेखा चन्द्रा, चन्द्रकांत कश्यप, लक्ष्मी विश्वकर्मा, रामगोपाल यादव, कृष्ण कुमार चौकसे, कार्तिक राम कैवर्त, जगेश्वर दास महंत, जितेन्द्र कुमार साहू, प्रदीप जायसवाल, जीवन यादव, श्याम कुमार यादव, शिवा जायसवाल, गंगा प्रसाद टंडन, गजेन्द्र कुमार राठौर, मनहरण यादव, सुखसागर मानिकपुरी, हेमंत कुमार चन्द्रा सहित बड़ी संख्या में जिले भर के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

  • UP बनेगा फार्मा का हब, योगी सरकार ला रही नई पॉलिसी, इतने हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार

    UP बनेगा फार्मा का हब, योगी सरकार ला रही नई पॉलिसी, इतने हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार

    उत्तरप्रदेश
    लखनऊ/स्वराज टुडे: उत्तर प्रदेश को फार्मा के क्षेत्र में हब बनाने के प्रयास में जुटी योगी सरकार जल्द ही नई फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री पॉलिसी-23 लेकर आने वाली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसको लेकर हाल में एक बैठक में 2018 की फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री पॉलिसी में महत्वपूर्ण बदलाव पर चर्चा की।

    वर्ष 2018 में नई फार्मास्युटिकल पॉलिसी लायी गयी थी। यूपी जीआईएस-23 में फार्मा क्षेत्र में आए निवेश प्रस्तावों को देखते हुए योगी सरकार ने पॉलिसी में कुछ अहम बदलावों की आवश्यकता महसूस की है। इसके चलते नई फार्मास्युटिकल पॉलिसी लाने का निर्णय किया गया है। नई पॉलिसी लागू होने के बाद अगले पांच वर्षों तक मान्य होगी। फरवरी में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-23 में 212 कंपनियों ने दवा और चिकित्सा उपकरण क्षेत्र में रुचि दिखायी थी, जिसमें लगभग 28,402 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव मिले थे। इससे 57,000 रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। यानी बड़ी संख्या में युवाओं को नई नौकरियां मिलने वाली है।

    आम लोगों को मिलेगी सस्ती दवाएं

    मुख्यमंत्री के सलाहकार जीएन सिंह ने बताया कि, नई नीति का उद्देश्य स्थानीय उत्पादन को प्रोत्साहित करना, अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देकर नागरिकों को सस्ती दवाओं की उपलब्धता में सुधार करके राज्य के फार्मास्युटिकल और चिकित्सा उपकरण उद्योग में सुधार करना है। नई नीति प्रदेश में फार्मा के विकास के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाने पर केंद्रित है। योगी सरकार प्रदेश में फार्मास्युटिकल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए फार्मा इंडस्ट्री को सब्सिडी, प्रोत्साहन और भूमि आवंटन करने पर फोकस कर रही है।

    जमीन खरीदने पर 50 फीसदी सब्सिडी

    उन्होंने बताया कि, नीति का मुख्य उद्देश्य अत्याधुनिक सुविधाओं की स्थापना और शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग करके अनुसंधान और विकास के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है। नई फार्मा पॉलिसी को स्थानीय अर्थव्यवस्था को अधिक से अधिक बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है, जिसमें फार्मास्युटिकल और मेडिकल डिवाइस सेक्टर को लेकर विशेष तकनीक, गुणवत्तापूर्ण नियंत्रण प्रणाली और विशेष पारिस्थितिकी तंत्र की आवश्यकता पर फोकस किया जा रहा है। नई पॉलिसी के तहत सरकार इंडस्ट्री स्थापित करने के लिए जमीन की खरीदारी करने पर बैंक कर्ज में अधिकतम 7 वर्षों तक 50 प्रतिशत ब्याज पर अनुदान देगी, जो प्रति वर्ष अधिकतम एक करोड़ रुपये से अधिक नहीं होगा। नई पॉलिसी में फार्मा और मेडिकल डिवाइस पार्क पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नीति का उद्देश्य एलोपैथिक, आयुष उत्पादों, चिकित्सा उपकरणों और थोक दवा निर्माण में उपयोग की जाने वाली प्रमुख सामग्री, दवा के बल्क निर्माण के लिए भूखंड की पहचान और पार्क विकसित करना है।

  • सलमान खान और सोनाक्षी ने चुपचाप कर ली शादी, वायरल हो रही शादी की तस्वीरें

    सलमान खान और सोनाक्षी ने चुपचाप कर ली शादी, वायरल हो रही शादी की तस्वीरें

    बॉलीवुड इंडस्ट्री के भाईजान यानी सलमान खान की फैन फॉलोइंग बहुत ज्यादा है। फैंस उनकी एक्टिंग के दीवाने हैं। एक्टर ने एक से बढ़कर एक कलाकारों के साथ काम किया है। आपको बता दें कि सलमान खान आए दिन सुर्खियों में रहते हैं।

    एक्टर कभी अपनी तस्वीरों के चलते चर्चा में रहते हैं तो कभी अपनी फिल्मों के चलते। लेकिन इस बार वो अपनी शादी के चलते सुर्खियों में हैं। दरअसल, बीते दिनों एक्टर सलमान खान की एक तस्वीर वायरल हुई थी। जिसमें वो एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा के साथ नज़र आ रहे थे।

    तस्वीर में साफतौर से देखा जा सकता है कि भाईजान सोनाक्षी सिन्हा को अंगूठी पहनाते नज़र आ रहे हैं। एक तरफ जहां सलमान ने शेरवानी पहन रखी है वहीं सोनाक्षी भी लाल साड़ी में सिंदूर लगाए दिख रही हैं।

    बता दें कि दोनों की ये तस्वीर असली नहीं है। दोनों के चहरों को दूसरी तस्वीर पर फोटोशॉप किया गया है। जिसे देखकर साफ पता लगता है कि ये तस्वीर एडिटेड है।

  • ट्विटर के वैल्यूएशन में भारी कमी, डील के मुकाबले आधी रह गई मार्केट वैल्यू

    ट्विटर के वैल्यूएशन में भारी कमी, डील के मुकाबले आधी रह गई मार्केट वैल्यू

    दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक एलन मस्क ने पिछले साल अक्टूबर में कई महीनों के बातचीत के बाद ट्विटर खरीदा था। यह पिछले साल की सबसे चर्चित डील रही थी। इसके बाद एलन मस्क ने कंपनी को मुनाफे में लाने के लिए कई उपाय किए, लेकिन लगता है कि उनकी कोशिशें कामयाब नहीं हो रही हैं। इसी के चलते कंपनी की वैल्यूएशन में भारी गिरावट आई है और मार्केट वैल्यू डील के मुकाबले आधी रह गई है।

    इतनी रह गई कीमत
    एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्विटर के सीईओ एलन मस्क ने कंपनी के कर्मचारी स्टॉक अनुदान को करीब 20 अरब डॉलर आंका था। यह रिपोर्ट शनिवार को सामने आई। जब एलोन मस्क ने पिछले साल ट्विटर खरीदा था, तो सोशल मीडिया कंपनी का मूल्य उसके मूल्य से दोगुना था। एलोन मस्क ने ट्विटर को खरीदने के लिए 44 अरब डॉलर का भुगतान किया था।

     

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    कितना नुकसान
    रिपोर्ट के मुताबिक, मस्क को उम्मीद है कि इस साल ट्विटर का घाटा 3 अरब डॉलर से कम रहेगा। कंपनी पर करीब 13 अरब डॉलर का कर्ज है। डील के बाद मस्क ने कहा कि ट्विटर को रोजाना 40 लाख डॉलर का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने बड़े पैमाने पर छंटनी और लागत में कटौती के जरिए करीब 70 फीसदी कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

    मस्क द्वारा ट्विटर को खरीदने के बाद से ट्विटर की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। मस्क ने कहा है कि उनके अधिग्रहण के बाद से कई विज्ञापनदाताओं ने खुद को दूर कर लिया है। उन्होंने विज्ञापन लागत कम कर दी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर 2022 तक ट्विटर ने विज्ञापन खर्च में 71 फीसदी की कमी की है। इससे पहले नवंबर 2022 में इसमें पिछले साल के मुकाबले 55 फीसदी की कमी आई थी।