नई दिल्ली : गुरुवार को केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि विश्व के स्तर पर औसतन रोजाना केस 93,977 है। भारत में भी कोरोनोवायरस के मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन खतरा अभी बहुत ज्यादा नहीं बढ़ा है क्योंकि अस्पतालों में मरीज भर्ती नहीं हो रहे हैं ना ही मौत के आंकड़े भारत में ज्यादा है। जिन राज्यों में कोरोनोवायरस बढ़ रहे हैं उन्हें कोविड appropriate बिहेवियर अपनाना चाहिए ।
कोरोना की महामारी खत्म नहीं हुई ,,,,,,,
राजेश भूषण ने बताया कि विश्व के स्तर पर औसतन रोजाना केस 93,977 है। अमेरिका से कुल नए मामलों का 19% रिपोर्ट हो रहा है। रूस से 12.9 चीन से 8.3% दक्षिण कोरिया से 7% भारत से कुल ग्लोबल मामलों का औसतन 1% रिपोर्ट हो रहा है। भारत में रोजाना 966 औसत केस दर्ज हो रहे है। अभी भी रोजाना ग्लोबेली 1 लाख के करीब केस हो रहे हैं।देश में फरवरी में रोजाना का औसत 108 केस था। फरवरी में रोजाना 1 लाख से ज्यादा टेस्ट हो रहे थे। मार्च में साप्ताहिक मृत्यु की संख्या बढ़ी है। सबसे ज्यादा मामलों वाले राज्य – महाराष्ट्र, गुजरात केरल, कर्नाटक और वो चार राज्य हैं जहां से सबसे ज्यादा केस आ रहे हैं।
कोरोनावायरस के बढ़ते हुए मामलों की वजह,,,,,,,

देश में इस वक्त Omicron के सब वैरीअंट तेजी के साथ बढ़ रहे हैं । Omicron वेरिएंट के1 हजार से ज्यादा सब वेरिएंट पाए गए हैं। मोटे तौर पर भारत में यही फैले हैं BA 1 BA 2 BA 5 BQ 1 BA 4 BA 2.12.1 XBB BA 2.75 ये सभी ओमिक्रान के ही वेरिएंट हैं। जब कोई वायरस पैंडेमिक से endemic की तरफ बढ़ता है तो उसके वेरिएंट की संख्या बढ़ती हैं। ओमिक्रान के 1000 वेरिएंट में से 100 recombinant version हैं।
भारत में XBB1. 5 और XBB 1.16 के मामले ज्यादा,,,,,,,

इस समय XBB1. 5 और XBB 1.16 वो variant of interest हैं जिन पर वैज्ञानिको़ की नजर है।VOI (variant of interest) वो होते हैं जो फैलते तेजी से हैं, लेकिन जानलेवा नहीं होते।
जनवरी से मार्च तक genome sequencing के हालात जीनोम सीक्वेंसिंग में सबसे ज्यादा XBB 1.16 के 344 केस मिले। ये महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और दिल्ली में मिले हैं। XBB 1.5 के 196 कैस मिले हैं।
एयरपोर्ट्स पर रेंडम सेंपलिंग,,,,,,,

एयरपोर्ट्स पर भी 2% रेंडम सेंपलिंग लंबे समय से जारी है।स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभीRTPCR पॉजिटिव सैंपल को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जाने के निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार जल्द अस्पतालों में मॉक ड्रिल कराएगी जल्द ही mock drill प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में होंगे। ताकि दवाओं, डॉक्टर्स और बेड्स की संख्या सुनिश्चित किए जाने पर बल दिया।

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